अजमेर में बिजली वितरण का जिम्मा संभाल रही टाटा पावर ने मेंटेनेंस काम के लिए बिजली शटडाउन शेड्यूल जारी किया है। आज कई क्षेत्रों में 7 घंटे तक पावर कट होगा। अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह साढे़ 9 से 4 बजे के बीच बिजली कटौती की जाएगी। बिजली संबंधी समस्या के लिए यहां करें कॉल टाटा पावर प्रबंधन ने वरिष्ठ अधिकारियों एवं फील्ड इंजीनियरों के मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं। इन नंबर पर उपभोक्ता अपने सुझाव और शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
दिल्ली में BJP सरकार का एक साल पूरा होने पर आम आदमी पार्टी ने कैंपेन शुरू किया है। इसका नारा है- एक साल, दिल्ली बेहाल, याद आ रहे केजरीवाल। एक मार्च को जंतर-मंतर पर पार्टी BJP के खिलाफ रैली करने वाली थी। इससे दो दिन पहले 27 फरवरी को AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को शराब घोटाले से डिस्चार्ज यानी आरोप तय होने से पहले आरोपमुक्त कर दिया गया। कोर्ट के फैसले के बाद जंतर-मंतर पर होने वाली रैली शक्ति प्रदर्शन की तरह हो गई है। पहले ये सिर्फ दिल्ली तक सीमित थी, अब इसमें देशभर से नेता आ रहे हैं। शराब घोटाले के आरोप की वजह से अरविंद केजरीवाल की ईमानदार वाली छवि पर गहरा दाग लगा और पार्टी विधानसभा चुनाव हार गई थी। ऐसे में तीन सवाल हैं- 1. कोर्ट के फैसले से क्या केजरीवाल की वापसी हो पाएगी?
2. दिल्ली में हार के बाद सभी सीनियर लीडर पंजाब शिफ्ट हो गए थे, क्या वे दिल्ली लौटेंगे?
3. पंजाब के अलावा दिल्ली और गुजरात में पार्टी का आगे का प्लान क्या होगा? पार्टी नेताओं का कहना है कि अब अरविंद केजरीवाल नेशनल पॉलिटिक्स में अपनी मौजूदगी बढ़ाएंगे। अगले साल पंजाब के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में गुजरात में पार्टी के 5 और गोवा में 2 विधायक चुने गए थे। एक साल से चुनाव की तैयारी करा रहे केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज कोर्ट के फैसले को अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी पर मुहर बताते हैं। भविष्य की योजनाओं के बारे में वे कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि अरविंद केजरीवाल की छवि को बड़ा बूस्ट मिला है। पार्टी को एक नई जिंदगी मिली है। 1 मार्च को हम बड़ी रैली कर रहे हैं। गुजरात, गोवा, पंजाब और दिल्ली से हमारे नेता आ रहे हैं। इस रैली में अरविंद जी पार्टी को नई दिशा देंगे।’ आने वाले विधानसभा चुनावों पर सौरभ कहते हैं कि पिछले एक साल से अरविंद केजरीवाल बहुत माइक्रो लेवल पर गुजरात, गोवा और पंजाब में चुनाव की तैयारियां करा रहे थे।’ दिल्ली में चुनावी हार और पार्टी की इमेज बिगड़ने पर सौरभ कहते हैं, ‘अरविंद केजरीवाल ने पूरी जिंदगी सिर्फ ईमानदारी कमाई है। इसलिए BJP ने इसी पर चोट की। झूठे केस और इमेज खराब करने की कोशिश के बावजूद हमारा सिर्फ 10% वोट ही खिसका। ये फैसला आने से पहले ही लोगों को एहसास हो गया था कि गड़बड़ हो गई है। एक साल से रेखा गुप्ता की सरकार सिर्फ झूठ बोल रही है। लोगों को शर्मिंदगी हो रही है।’ पंजाब, गुजरात और गोवा पर फोकस, संजय सिंह यूपी संभालेंगे
लिकर पॉलिसी केस में नाम आने के बाद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। हालांकि, उन्हें मुख्यमंत्री रहते ही 177 दिन जेल में रहना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने शर्त रखी थी कि केजरीवाल CM ऑफिस नहीं जाएंगे और न ही किसी फाइल पर साइन करेंगे। यानी मुख्यमंत्री रहते हुए भी उनके पास पावर नहीं थी। केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी मुख्यमंत्री बनी थीं। तब दिल्ली विधानसभा का सिर्फ 5 महीने का कार्यकाल बचा था। चुनाव में आम आदमी पार्टी बुरी तरह हार गई। 70 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी सिर्फ 22 सीटें जीत पाई। वोट शेयर भी 10% घटकर 43% रह गया। पार्टी को हरियाणा में उम्मीद थी। उसने 88 सीटों पर कैंडिडेट उतारे, लेकिन सभी हार गए। कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ साल से BJP शराब घोटाला-शराब घोटाला कर रही थी। हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी। कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिए। बुराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा कहते हैं, ‘पार्टी इस मुद्दे को देशभर में लेकर जाएगी। हमारे कार्यकर्ता, अलग-अलग राज्यों के नेता लोगों को बताएंगे कि किस तरह प्रधानमंत्री देश की जनतांत्रिक इकाई को खत्म कर रहे हैं।’ आगे की योजनाओं पर वे कहते हैं, ‘दिल्ली के लोग केजरीवाल को मिस कर रहे हैं। कोर्ट के फैसले ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा दिया है। लोगों के बीच फैलाया गया भ्रम खत्म हो गया है। पार्टी के टॉप लीडर आने वाले दिनों में आगे की योजनाओं पर मीटिंग करेंगे। पंजाब, गुजरात और गोवा पर हम ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी संजय सिंह के नेतृत्व में तैयारी चल रही है।’ अरविंद केजरीवाल की रिहाई से BJP को फायदा
सीनियर जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी कहती हैं, ‘अब अरविंद केजरीवाल की छवि पर पॉजिटिव असर होगा। उन्हें लोगों की सहानुभूति मिलेगी। केजरीवाल की छवि ही उनकी राजनीतिक पूंजी थी। AAP के बारे में कहा जाता था कि वह दूसरी पार्टियों से अलग है।’ ‘देश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को जेल जाना पड़ा था। इससे पार्टी की इमेज और कैडर को धक्का लगा था। चुनाव के बाद या उससे पहले भी केजरीवाल पूरी तरह चुप थे। करप्शन के आरोप ने उनकी इमेज पर असर डाला था, अब फिर से उनकी इमेज बहाल होगी।’ नीरजा मानती हैं कि इस फैसले से चुनावों पर भी फर्क पड़ेगा। वे कहती हैं, ‘पंजाब, गुजरात और गोवा जैसे राज्यों में पार्टी का उभार होगा। गुजरात में अगर पार्टी मजबूत होती है, तो कांग्रेस को नुकसान होगा। इससे आखिरकार BJP को फायदा होगा।’ नीरजा आगे कहती हैं, ‘हो सकता है कि केजरीवाल पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी के लिए प्रचार करने जाएं। उनके संबंध अच्छे हैं। केजरीवाल INDIA ब्लॉक में लौटेंगे या नहीं, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। आने वाले समय में अगर कांग्रेस के बिना रीजनल पार्टियां कोई फ्रंट बनाती हैं, तो केजरीवाल की उसमें मजबूत जगह हो सकती है।’ आम आदमी पार्टी को लंबे वक्त से कवर कर रहे जर्नलिस्ट शरद शर्मा कहते हैं कि पार्टी के इतिहास में लिकर पॉलिसी केस सबसे बड़ा कलंक था। इस फैसले से पार्टी का मनोबल जरूर बढ़ेगा। हालांकि, ऐसा नहीं है कि सिर्फ इसी एक वजह से पंजाब या दूसरी जगहों पर पार्टी के लिए सब सही हो जाएगा। ‘पंजाब में आम आदमी पार्टी गवर्नेंस किस तरह दे रही है, ये देखना जरूरी है। गुजरात और गोवा में भी पार्टी ताकत लगा रही है, लेकिन ग्राउंड पर जब तक आप उसे नहीं उतारते, तब तक सब सिर्फ मीडिया की चर्चा बनकर रह जाता है। दिल्ली में भले चर्चा ज्यादा हो, लेकिन अभी यहां चुनाव नहीं हैं।’ शरद कहते हैं कि इस केस का दिल्ली चुनाव में असर तो पड़ा था, लेकिन उसके साथ दूसरे कई मुद्दे भी थे। पंजाब अलग तरह का राज्य है। अगर अरविंद केजरीवाल इस केस में दोषी साबित हो जाते तो पंजाब के लोग ये नहीं कहते कि AAP को वोट नहीं देंगे। वहां अभी AAP की सरकार है। बेशक वहां भी पार्टी का मनोबल बढ़ेगा, लेकिन इसके साथ आपको गवर्नेंस भी देनी पड़ेगी। ‘कोई भी पार्टी 4 साल सरकार में रहती है तो उपलब्धियों के साथ समस्याएं भी रहती हैं। पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की समस्या है। पार्टी ने कहा था कि ड्रग्स की समस्या खत्म कर देगी, लेकिन ये अब भी है। आखिरी साल में पार्टी क्या करेगी, इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा।’ मुश्किल अब भी बाकी
ED हाईकोर्ट में सबूत दे, तो बदल सकता है फैसला
शराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को डिस्चार्ज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया को इस केस में शामिल करने के लिए जांच एजेंसी के पास कोई सबूत नहीं हैं। हालांकि इसी केस के आधार पर ED ने केजरीवाल और सिसोदिया पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील आशीष पांडे कहते हैं कि इस केस में कोर्ट ने साफ कहा कि चार्जशीट में केस को ट्रायल पर भेजने लायक सबूत नहीं हैं। ED दो तरीकों से केस दर्ज करती है, एक खुद से और दूसरा पहले से चल रहे मामले में। शराब घोटाले वाला मामला दूसरा वाला ही है।’ क्या ये केस पलट सकता है? आशीष जवाब देते हैं, ‘डिस्चार्ज होने पर केस की फिर से जांच हो सकती है। फिर से पूरी प्रक्रिया दोहराई जा सकती है। अगर भविष्य में एजेंसी कोई सबूत पेश करती है और चार्जशीट दाखिल करती है, तो केस दोबारा चल सकता है। 90% से ज्यादा केस में सेशंस कोर्ट जांच एजेंसियों की चार्जशीट मंजूर कर लेता है। फिर ट्रायल के बाद फैसला होता है।’ ‘इस केस में ऐसा नहीं हुआ है। कानून कहता है कि अगर डिस्चार्ज का ऑर्डर होता है, तो स्टे नहीं लगाया जाना चाहिए, जब तक कि कुछ अपवाद ना हो। कोई व्यक्ति ट्रायल के बाद बरी होता है, तो उस केस का फिर से ट्रायल नहीं हो सकता। डिस्चार्ज किए जाने के बाद जांच एजेंसी के पास ये ताकत है कि वह फिर मामले की जांच करे, फिर से गिरफ्तारी करे, सबूत जुटाए और चार्जशीट फाइल करे।’
शनिवार को जयपुर में कोचिंग में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने होली मनाई।
राजस्थान में होलिका दहन 2 और 3 मार्च की दरमियानी रात को होगा, जिसके बाद 3 मार्च की सुबह रंगों की होली खेली जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दौरान लगने वाले चंद्रग्रहण के सूतक का होलिका दहन और रंगों की होली पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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जयपुर के प्रसिद्ध श्री गोविंददेवजी मंदिर में होलिका दहन से पहले ही 2 मार्च को रंगों और फूलों की होली खेली जाएंगी। इस अवसर पर श्रीमन चैतन्य महाप्रभु जन्मोत्सव और अभिषेक दर्शन भी होंगे। मंदिर में सुबह से ही विशेष झांकियां सजाई जाएंगी और राजभोग झांकी में ठाकुर श्रीजी को गुलाल अर्पित किया जाएगा।
राजस्थान में इस बार 3 मार्च की सुबह रंगों की होली खेली जाएगी। (फाइल फोटो)
होलिका दहन ओर रंगों की होली की डेट को लेकर भ्रम दूर
राजस्थान ज्योतिष परिषद एवं शोध संस्थान के महासचिव प्रोफेसर विनोद शास्त्री ने होलिका दहन की तिथि को लेकर लोगों में व्याप्त भ्रम को दूर किया है। विनोद शास्त्री ने कहा- कुछ लोग 3 मार्च को होली जलाने की बात कर रहे हैं, जबकि सही तिथि 2 मार्च ही है। फाल्गुन पूर्णिमा जब प्रदोष काल में रहती है, उसी दिन होलिका दहन किया जाता है।
इस साल पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर 3 मार्च को शाम 5 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। चूंकि 3 मार्च को सूर्यास्त से पहले पूर्णिमा समाप्त हो जाएगी, इसलिए उस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा नहीं रहेगी। इसी कारण 2 मार्च को ही होलिका दहन का निर्णय शास्त्र सम्मत है।
2 मार्च की रात भद्रा का प्रभाव रहेगा और भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है। लेकिन भद्रा के मुख को छोड़कर पुच्छ में दहन करना श्रेष्ठ माना गया है। इसलिए 2 मार्च की अर्धरात्रि के बाद यानी 3 मार्च की रात 1 बजकर 26 मिनट से 2 बजकर 38 मिनट के बीच होलिका दहन करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा।
धुलंडी होलिका दहन के ठीक अगले दिन सूर्यास्त से पहले मनाई जाती है। इस बार 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 55 मिनट से सूतक शुरू हो जाएगा, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी है। धुलंडी होलिका दहन के अगले दिन ही मनाई जाएगी। चंद्रग्रहण के सूतक का इस पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
2 और 3 मार्च को होली का अवकाश राजस्थान सरकार ने होली के अवसर पर 2 मार्च को होलिका दहन और 3 मार्च को धुलंडी का अवकाश घोषित किया है। हालांकि, केंद्र सरकार के अवकाश कैलेंडर में 3 मार्च को होलिका दहन (वैकल्पिक अवकाश) और 4 मार्च को होली का राजपत्रित अवकाश दर्शाया गया है।
इजराइल, यूके, यूएसए, लंदन, अमेरिका, जापान समेत कई देशों से पर्यटक होली मनाने राजस्थान आते हैं। (फाइल फोटो)
अब जानिए, रंगों की होली कहां और कब मनाई जाएगी…
गोविंददेवजी में 2 मार्च को खेली जाएगी रंगों की होली
जयपुर के प्रसिद्ध श्री गोविंददेवजी मंदिर में 2 मार्च को रंगों और फूलों की होली हाेगी। मंदिर में 2 मार्च को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से पारंपरिक तरीके से होली उत्सव शुरू होगा।
सबसे पहले ठाकुर जी को मंदिर महंत अंजन गोस्वामी फूलों की होली अर्पित करेंगे। इसके बाद गुलाल अर्पित किया जाएगा। मंदिर परिसर में भक्त चंग की थाप और पारंपरिक गीतों के साथ दिन भर रंगों की होली खेलेंगे।
3 मार्च को सत्यनारायण पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण रहेगा। सूतक सूर्योदय करीब सुबह 6.55 बजे से शुरू हो जाएगा। ग्रहण पर्वकाल दोपहर 3.21 बजे से शाम 6.47 बजे तक रहेगा, कुल अवधि 4 घंटे 26 मिनट रहेगी।
इस दिन मंगला झांकी सुबह 4.00 से 6.30 बजे तक, धूप दर्शन सुबह 7.00 से 8.45 बजे तक, श्रृंगार सुबह 9.30 से 10.15 बजे तक और राजभोग सुबह 10.45 से 11.30 बजे तक होंगे।
ग्रहणकाल विशेष दर्शन दोपहर 3.15 बजे से शाम 6.50 बजे तक रहेंगे। इसके बाद ग्वाल, संध्या और शयन दर्शन ग्रहण के कारण नहीं होंगे।
3 मार्च को भी भीड़ को देखते हुए देवउठनी एकादशी और दीपावली की तरह ही दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी। प्रवेश जलेब चौक से और निकास जय निवास उद्यान से रहेगा।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रहणकाल के विशेष दर्शन के बाद अगले नियमित दर्शन 4 मार्च को सुबह मंगला झांकी में होंगे।
4 मार्च को दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए होली की तरह दर्शन व्यवस्था की गई है। सभी दर्शनार्थियों का प्रवेश जलेब चौक से होते हुए मन्दिर मुख्य द्वार से होगा। दर्शन के बाद सभी दर्शनार्थी जय निवास उद्यान से बाहर निकल सकेंगे।
5 मार्च को होगी विशेष सेवा-पूजा
बाबा खाटूश्यामजी मंदिर में चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च को पूरे दिन दर्शन बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इसके बाद 5 मार्च को बाबा का तिलक और विशेष सेवा-पूजा का आयोजन किया जाएगा।
भक्तों के लिए मंदिर के द्वार 4 मार्च को रात 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे और 5 मार्च को शाम 5 बजे फिर से खोल दिए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से सहयोग की अपील की है।
सांवलिया सेठ का फूलडोल महोत्सव 4 मार्च को चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित भगवान सांवलिया सेठ का प्रसिद्ध फूलडोल महोत्सव 4 मार्च को होगा। चंद्रग्रहण के कारण, जो पहले 3 मार्च को होने वाला था, अब इसे एक दिन बाद किया जा रहा है। 4 मार्च को राजभोग आरती के बाद दोपहर 12:00 बजे भगवान सांवलिया सेठ की बेवाण यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान श्रद्धालु फूलों और गुलाल से होली खेलते हुए फागोत्सव मनाएंगे। सभी भक्तों के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
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3 या 4 मार्च, कब खेली जाएगी होली?:ज्योतिषाचार्यों की अलग-अलग राय, चंद्रग्रहण के कारण हुआ असमंजस; जानिए दहन का समय
होली की तारीख को लेकर लोगों में असमंजस बना हुआ है। होलिका दहन और धुलंडी की तारीख को लेकर ज्योतिषाचार्यों के अलग-अलग मत हैं। कारण है- 3 मार्च को लगने वाले चंद्रग्रहण और पूर्णिमा पर भद्रा का प्रभाव। अब सवाल है कि होलिका दहन कब होगा और रंगों की होली किस दिन खेली जाएगी? पढ़ें पूरी खबर
भरतपुर होली का त्योहार रंग अब जमने लगा है। रंग गुलाल, पिचकारी, टोपी का बाजार सज गया है। यहां से बच्चे और बड़ों ने खरीदारी शुरू कर दी है। इस बार खास तरह की पिचकारियां लाई गई हैं, जिनमें पंप पिचकारी को नया स्वरूप दिया गया है। जिसमें त्रिशूल, गदा, हथौड़ा, कुल्हाड़ी, राइफल, तेग, छतरी, बेलन, चरखी, आईफोन, थम्सअप, लाइटर आदि का डिजाइन दिया गया है, जो आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। इसके अलावा रंग बरसाने वाली एके 47 राइफल सहित गन डिजाइन में कई पिचकारी निर्माताओं ने लांच की हैं। खिलौनों की डिजाइन में भी पिचकारी मार्केट में उपलब्ध हैं। बच्चे ही नहीं बड़ों के बीच गुलाल उड़ाने वाला 10 लीटर का टैंक पॉपुलर हो रहा है। इसकी खरीदारी सेलिब्रेशन के अलावा होली मिलन समारोहों के लिए भी की जा रही है। बता दें कि मार्केट में टैंक वाली बड़ी पिचकारी, गन शेप पिचकारी, कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारी और बैग पैक पिचकारी उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए छोटा बैकपैक टैंक है, जिसे पीठ पर बांधकर पाइप से पानी छोड़ा जाता है। इसमें एक बड़ा छाता होता है, जिसमें से अलग-अलग डंडियों से रंग निकलते हैं। इसमें पिचकारी चलाने वाला छतरी से खुद को बचा ले सकता है, लेकिन दूसरों को रंगों की बौछार से भिगो सकता है। पिचकारी विक्रेता प्रतीक भाया बताया कि इस बार पिचकारियों और रंगों की बेहतरीन वैरायटी लाई गई है। गत वर्ष की तुलना में कीमत भी 20 प्रतिशत अधिक हुई है। पिचकारियों की कीमत 50 से 1500 रुपए तक है। शहर में 200 से ज्यादा फड़ सज गए हैं, जहां रंग-गुलाल और पिचकारी बिक रही हैं। विक्रेता राजेश कुमार ने बताया कि शनिवार से बाजार उठ जाएगा यानी ग्राहकी तेज हो जाएगी। युवाओं के बीच कलर्ड क्लाउड सिलेंडर का क्रेज। ये 2, 4, 6, 8 और 10 किलो में हैं। इनमें सिंगल, डबल और चार नोजल वाले विकल्प उपलब्ध हैं। विक्रेता प्रतीक भाया ने बताया कि इसमें सिंगल और मल्टी कलर दोनों तरह के रंग भरे जा सकते हैं। कीमत लगभग एक से लेकर पांच हजार रुपए तक है। यह चार्जेबल बैटरी से चलती हैं। बटन दबाते ही तेज धार निकलती है। ये 6 इंच से 3 फीट तक की साइज में उपलब्ध हैं। मैजिक टैंक 2 से लेकर 5 लीटर का है। इसे पीठ पर बेल्ट से बांधा जा सकता है। ट्रिगर दबाने पर गन में से रंगीन फुहार निकलती है।
मार्च की शुरुआत होली से हो रही है। इसके बाद T20 वर्ल्ड कप का फाइनल होगा और महीने के आखिर में IPL का 19वां सीजन शुरू होगा।
धुरंधर 2 की रिलीज, आईफोन 17E की लॉन्चिंग संभव है। इसके अलावा 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होंगे। जानिए इस महीने में आपके काम की तारीखें…
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकारी आवास खाली कराने के खिलाफ दायर याचिकाओं को पीआईएल के रूप में लेने और आग्रह से आगे जा निर्देश देने को गलत माना। खंडपीठ ने 24 व 29 अप्रैल के वे आदेश रद्द कर दिए, जिनमें अपीलार्थी को जमानती वारंट से तलब कर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह व जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने यह आदेश उपेन्द्र सिंह की अपील पर दिया। अधिवक्ता सुनील समदड़िया ने बताया कि एकलपीठ के समक्ष सरकारी आवास खाली कराने के नोटिस को चुनौती दी गई थी। प्रार्थी के रिटायर होने पर 24 फरवरी 2025 को विवाद समाप्त माना गया, लेकिन याचिका निस्तारित करने के बजाय राज्य से ऐसे कर्मचारियों का ब्योरा मांगा, जो रिटायर या तबादले के बाद भी आवास में रह रहे थे। जानकारी नहीं देने पर दिव्येश माहेश्वरी को कोर्ट कमिश्नर व योगिता बिश्नोई को समन्वयक नियुक्त किया। निरीक्षण में अपीलार्थी की अनुपस्थिति में घर पहुंचने पर लौटने पर पड़ोसी से विवाद हुआ। एकलपीठ ने 24 अप्रैल को जमानती वारंट और 29 अप्रैल को FIR के आदेश दिए। अपील में कहा- रिट को आपराधिक मामला बना दिया गया, इसलिए आदेश रद्द किए जाएं।
सनथ जयसूर्या की कोचिंग में श्रीलंका ने भारत को 27 साल बाद वनडे सीरीज हराई थी।
श्रीलंका क्रिकेट के दिग्गज और हेड कोच सनथ जयसूर्या ने अपने पद से हटने का फैसला कर लिया है। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंका के खराब प्रदर्शन और सुपर-8 में बगैर जीत से बाहर होने के बाद जयसूर्या ने बड़ा कदम उठाया।
पाकिस्तान के खिलाफ शनिवार को आखिरी वर्ल्ड कप मैच में मिली 5 रन की करीबी हार के बाद जयसूर्या प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे। जहां उन्होंने साफ कर दिया कि वे अब इस जिम्मेदारी को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
जून में खत्म होना था कॉन्ट्रैक्ट जयसूर्या ने बताया कि इस बारे में श्रीलंका क्रिकेट (SLC) को भी जानकारी नहीं दी। वे बोले, “मेरा कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 तक है, लेकिन मुझे लगता है कि अब यह जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का सही समय आ गया है। मैंने दो महीने पहले इंग्लैंड सीरीज के दौरान ही मन बना लिया था कि मैं ज्यादा समय तक इस पद पर नहीं रहूंगा।”
सनथ जयसूर्या ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे अब कोच नहीं रहना चाहते।
होम वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन रहा टी-20 वर्ल्ड कप में सह-मेजबान श्रीलंका से फैंस को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन टीम का ग्राफ लगातार गिरता गया। सुपर-8 राउंड में श्रीलंका को इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान से लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
पल्लेकेले में पाकिस्तान के खिलाफ 213 रनों का पीछा करते हुए टीम जीत के करीब तो पहुंची, लेकिन लाइन क्रॉस नहीं कर सकी। ग्रुप स्टेज में श्रीलंका ने 2021 की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को जरूर हराया, लेकिन टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबला नहीं जीत सकी।
जयसूर्या ने भावुक होते हुए कहा, “मैं वर्ल्ड कप को अच्छे नोट पर खत्म करना चाहता था, लेकिन वैसा नहीं कर पाया जैसा सोचा था। मुझे इस बात का दुख है।”
श्रीलंका सुपर-8 स्टेज के मैच में पाकिस्तान को हराने के करीब पहुंच गया, लेकिन 5 रन से हार गया।
2024 में कमान संभाली थी जयसूर्या का बतौर कोच सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। 2024 वर्ल्ड कप के बाद जब उन्होंने कमान संभाली थी, तब टीम ने भारत के खिलाफ 27 साल बाद वनडे सीरीज जीतकर इतिहास रचा था। न्यूजीलैंड को टेस्ट सीरीज में 2-0 से धोया और टीम रैंकिंग में भी सुधार किया।
जयसूर्या ने बताया, “जब मैं आया था, तब वनडे रैंकिंग में हम 9वें नंबर पर थे, मैंने टीम को नंबर-4 तक पहुंचाया। टेस्ट में भी हम छठे नंबर पर आए, लेकिन इस वर्ल्ड कप की नाकामी ने सब बदल दिया।”
अब आगे क्या? श्रीलंका बोर्ड अब किसी विदेशी कोच की तलाश में है। हालांकि, जयसूर्या 13 मार्च से शारजाह में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली लिमिटेड ओवर सीरीज में टीम के साथ बने रह सकते हैं। हालांकि, जयसूर्या ने साफ कर दिया है कि अगर बोर्ड को कोई बेहतर कोच मिलता है, तो उन्हें जरूर मौका देना चाहिए।
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क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज
क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें
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टी-20 वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…
पाकिस्तान जीतकर भी टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर; श्रीलंका को 5 रन से हराया
पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है। उसने शनिवार को अपने आखिरी सुपर-8 मैच में श्रीलंका को 5 रन से हराया, लेकिन टीम टॉप-4 में जगह नहीं बना सकी। इस नतीजे से न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में पहुंच गई है। पढ़ें पूरी खबर…
जयपुर| जगतपुरा महल रोड पर जाम से राहत देने के लिए जेडीए ने 7 नंबर चौराहे पर लेफ्ट फ्री ट्रैफिक व्यवस्था के पहले फेज का काम शुरू कर दिया है। दो सर्विस लेन के कट बंद कर दिए गए हैं, लेकिन साइन बोर्ड नहीं होने से वाहन चालक असमंजस में हैं और फिलहाल सिग्नल से ही टर्न ले रहे हैं। क्या बदला चौराहे पर? बड़ी बाधा – सर्विस लेन पर कमर्शियल गतिविधि के कारण अवैध पार्किंग। जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉली, थड़ी, ठेले और अस्थायी अतिक्रमण। रॉन्ग साइड ट्रैफिक का आवागमन जारी। चौराहे के चारों तरफ स्थित निर्माण को कर्व शेप करवाना जरूरी।
Over 50 Roadways Buses Were Inspected At Sindhi Camp In Four Hours, With Seats At The Emergency Gate, Fewer Gates In Some, And Rusted Latches Found.
जयपुर3 घंटे पहलेलेखक: नरेश वशिष्ठ
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मानसरोवर में शुक्रवार को रोडवेज में आग की घटना के बाद भास्कर ने शनिवार को सिंधी कैंप बस स्टैंड पर 4 घंटे तक रियलिटी चेक किया। इस दौरान रोडवेज की साधारण, एक्सप्रेस, डीलक्स और एसी-स्लीपर श्रेणी की 50 बसों की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि एक भी बस सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं मिली। अधिकांश बसों में पर्याप्त इमरजेंसी गेट नहीं थे या उनके सामने सीटें लगी हुई थीं।
3300 रोडवेज की कुल बसें
800 बसें अनुबंध पर इनमें से
8 लाख यात्री सफर करीब प्रतिदिन
11 लाख किमी दूरी तय रोजाना लगभग
1200 बसों का संचालन सिंधी कैंप से
“बसों में नियमों के तहत ही इमरजेंसी गेट बने हुए हैं। इमरजेंसी गेट के सामने लगी सीट नहीं हटाई, लेकिन नियमों में जितनी जगह होनी चाहिए, उतनी जगह छोड़ी गई है। स्लीपर बसों में पीछे की जगह साइड में इमरजेंसी गेट बने हुए हैं।”
-पंकज शर्मा, कार्यकारी निदेशक, यांत्रिक
ये मिले हालात
पड़ताल में 12 मीटर वाली सिटिंग बसों में एक ही इमरजेंसी गेट मिला। कई बसों में गेट के सामने सीटें लगी थीं। कई गेट की कुंदियां जंग लगी होने से खुल नहीं रही थीं।
स्लीपर बसों में पीछे गैलरी की सीध में इमरजेंसी गेट की जगह सीटें लगी मिलीं। सुरक्षा इंतजामों के नाम पर खानापूर्ति दिखी।
ये हैं नियम
एआईएस-119 के तहत 12 मीटर तक की स्लीपर बस में 4 इमरजेंसी एक्जिट गेट, इससे अधिक लंबी बस में 5 इमरजेंसी गेट अनिवार्य हैं।
वहीं एआईएस-52 के अनुसार 12 मीटर तक की सिटिंग बस में मुख्य सर्विस गेट के अलावा आपात निकास और कम से कम दो रूफ हैच होना जरूरी है।
यह होना जरूरी निकास मार्ग पूरी तरह अवरोध रहित हो। सीट, हैंडरेल या फिटमेंट से बाधित नहीं। इमरजेंसी डोर अंदर- बाहर संचालित हो सके। निकास पर स्पष्ट रूप से ‘EMERGENCY EXIT’ अंकित हो और खुलने की दिशा का तीर बना हो। आपातकालीन प्रकाश और संचालन निर्देश प्रदर्शित होना जरूरी।
4 डिपो की बसों में एक जैसे हालात: यात्रियों की जान से खेल रहे
धौलपुर डिपो की आरजे 11 पीए 6294 सिंधी कैंप पर खड़ी थी। 4 की जगह 3 गेट थे। पीछे इमरजेंसी गेट के सामने सीटें लगी थीं। गेट की कुंदी जंग लगी होने से खुल नहीं रही थी।
सीकर डिपो की एसी बस संख्या आरजे 13 पीए 9018 में पीछे इमरजेंसी गेट की जगह पांच सीटें लगी थीं। साइड गेट की कुंदी जंग लगी मिली।
उदयपुर डिपो की बस संख्या आरजे 19 पीसी 6707 में ड्राइवर सहित तीन ही गेट थे। साइड में बने इमरजेंसी गेट के सामने सीटों पर यात्री बैठे थे।
हनुमानगढ़ डिपो की बस संख्या आरजे 14 पीएच 0982 में दो की जगह एक ही इमरजेंसी गेट था। उसके सामने भी सीटें लगी थीं और गेट खुल नहीं रहा था।
जिम्मेदारों पर सवाल?
इमरजेंसी निकास की खामियां मिलीं तो नियमित निरीक्षण में ये क्यों नहीं दिखीं?
इमरजेंसी गेट के सामने सीटें, फिर भी बसों को फिटनेस कैसे मिल रही है?
जंग लगी कुंदियों और एक्सपायर अग्निशमन यंत्र, फिर भी अनुमति कैसे?
एआईएस-119 और एआईएस-52 के स्पष्ट प्रावधान के बाद भी उनका पालन कौन सुनिश्चित कर रहा है?
अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस राजकॉप एप के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे निजी कैमरों को अभय कमांड से जोड़ने जा रही है। स्कूल, कॉलेज, घर, संस्थान, होटल, अपार्टमेंट, ऑफिसों के बाहर लगे कैमरों को जोड़ने के लिए अपील लोगों से की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी सर्विलांस बढ़े। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी एसपी को निर्देश दिए हैं।
ऐसे जोड़ सकेंगे सीसीटीवी कैमरों को
डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि राजकॉप पर कैमरा कंसेंट ऑप्शन शुरू किया गया है। इसे ओपन करते ही एप ऑटोमेटिक यूजर की लोकेशन ले लेगी। इसके बाद कैमरे की कैटेगरी का चयन करने पर आईपी एड्रेस अपलोड करना होगा। यूजर की सहमति मिलने के बाद कैमरे का एक्सिस एससीआरबी शाखा के पास पहुंच जाएगी। इसे संबंधित जिले के अभय कमांड सेंटर से जोड़ दिया जाएगा।
बदमाशों का अलर्ट पुलिस को मिलेगा
कैमरों की रिकॉर्डिंग पर एआई से निगरानी रखी जाएगी। जैसे ही कैमरे के सामने पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज बदमाशों का चेहरा आएगा, तत्काल एसएचओ के पास अलर्ट पहुंच जाएगा। अगर कहीं वारदात होती है और पुलिस को सीसीटीवी देखने की जरूरत होगी तो एसएचओ एप के जरिए जान सकेंगे कि एरिया में कहां-कहां कैमरे हैं और कौन-कौन से अभय कमांड से जुड़े हैं? इसके बाद वह संबंधित कैमरे से कम समय में ही रिकॉर्डिंग देख सकेंगे।
अभी 12500 कैमरे अभय कमांड सेंटर से जुड़े हैं। दो माह में 1 लाख कैमरे जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
सीसीटीवी सर्विलांस से अपराध में कमी “प्रदेश में सीसीटीवी सर्विलांस बढ़ाने के उद्देश्य से राजकॉप के जरिए ये सुविधा शुरू की है, इसमें कई लोगों ने पहले से रुचि दिखाई है। पुलिस लोगों को जागरूक करेगी। बाकी लोग अपनी सहमति से कैमरों का एक्सिस जोड़ पाएंगे।” -अजयपाल लांबा, आईजी एससीआरबी