राजस्थान के 18 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी:शीतलहर से राजस्थान में कंपकपी छूटी, जयपुर-सीकर समेत कई जिलों में जमी बर्फ




उत्तर भारत से चल रही बर्फीली हवाओं ने राजस्थान में कंपकपी बढ़ा दी। रविवार को राज्य में एक जिले को छोड़कर शेष सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। जयपुर, नागौर, सीकर, हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में तापमान गिरने से बर्फ जम गई। दिनभर प्रदेश में आसमान साफ रहा और तेज धूप भी निकली, लेकिन सर्द हवाओं ने धूप में भी कंपकपी को बरकरार रखा। राज्य में आज (सोमवार) से शीतलहर से थोड़ी राहत रह सकती है। आने वाले दिनों में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जिसके असर से जयपुर सहित 18 जिलों में मौसम बदलेगा। इस दौरान कई जिलों में तेज आंधी चलने के साथ हल्की बारिश और कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। पिछले 24 घंटे में सभी शहरों में आसमान साफ रहा। फतेहपुर (सीकर), नागौर, माउंट आबू (सिरोही) में पारा माइनस में दर्ज हुआ। 13 शहरों का पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। नागौर, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़, जयपुर समेत कई जिलों में रविवार सुबह ग्रामीण इलाकों में बर्फ जम गई। गलनभरी इस सर्दी से राहत नहीं रही। राज्य में भले ही सभी शहरों में आसमान साफ रहा और तेज धूप रही, लेकिन सर्द हवाओं से ठिठुरन रही। 23 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंचा अधिकतम तापमान
सर्द हवाओं का असर ये रहा कि राज्य में कल (रविवार) किसी भी शहर में दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक भी नहीं पहुंचा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 22.8 चित्तौड़गढ़ और 22.2 डूंगरपुर में दर्ज हुआ। अजमेर में अधिकतम तापमान 21.2, जयपुर में 19.6, कोटा में 19.4, उदयपुर में 19.8, बाड़मेर में 20.4, जोधपुर में 20.6, जैसलमेर, बीकानेर में 17.6, चूरू में 19.1, श्रीगंगानगर में 19.3, पाली में 18.6 और अलवर में अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।



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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा:चयन बोर्ड में पकड़े गए लोगों ने कांग्रेस सरकार में किया था फर्जीवाड़ा




मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सांगानेर स्थित कैम्प कार्यालय में नव मतदाताओं का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड में पकड़े गए लोगों में वर्ष 2019 में फर्जीवाड़ा किया था। एक मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पूर्व कांग्रेस सरकार को सूचना भी दी थी, लेकिन वे साढ़े चार साल तक मामले को दबाए बैठे रहे और आज नैतिकता की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पेपरलीक और ओएमआर शीट प्रकरण पर कहा कि पेपरलीक और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति बिलकुल स्पष्ट है। जो कोई भी अपराध करेगा, उसे कानून के अनुसार सख्त सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने एसओजी को भर्तियों में गड़बड़ी की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच करने के निर्देश दिए है। हमने किसी विशेष सरकार, किसी विशेष समय-काल या किसी राजनीतिक उद्देश्य के तहत निर्देश नहीं दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसओजी उन मामलों में बिना किसी भेदभाव के कार्यवाही कर रही है, जहां ठोस साक्ष्य सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने सुनी पीएम के मन की बात मुख्यमंत्री ने आमजन के साथ पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में देशभर में 200 करोड़ पौधे लगाए जाने का जिक्र किया है। राजस्थान में भी हमारी सरकार ने इस अभियान से प्रेरणा लेकर 5 वर्ष में 50 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प किया है। सीएम ने करवाया हेल्थ सिस्टम का चेकअप, 854 अस्पतालों पर छापा सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर रविवार को प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए अब तक का सबसे बड़ा औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चले अभियान में अधिकारियों ने एक ही दिन में 854 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया। इनमें 84 जिला, उप जिला और सैटेलाइट अस्पताल, 200 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 554 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 16 मेडिकल कॉलेज अस्पताल शामिल रहे। अधिकारियों ने अस्पतालों में साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मानव संसाधन और इलाज की गुणवत्ता को परखा। सीएम ने कहा कि जहां भी कमियां मिली हैं, वहां तत्काल सुधार और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।



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PM Modis Kutch Earthquake Visit: Biscuits for Victims


कच्छ (गुजरात)1 मिनट पहले

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26 जनवरी, 2001 के दिन गुजरात के कच्छ और भुज में भीषण भूकंप आया था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.7 थी। करीब 700 किलोमीटर दूर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसका असर गुजरात के 21 जिलों तक हुआ था। कच्छ और भुज शहर में 12,000 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी और करीब 6 लाख लोगों को बेघर होना पड़ा था।

दैनिक भास्कर की विशेष सीरीज ‘कच्छ में भूकंप @25’ के इस एपिसोड में आज जानिए ऐसे दो लोगों की जुबानी पूरी कहानी, जो भूकंप के बाद नरेंद्र मोदी के लिए ‘गाइड’ बने। पहले व्यक्ति ने मोदी को बाइक पर बिठाकर भूकंप की तबाही दिखाई। वहीं, सीएम बनने के बाद जब मोदी चोबारी गांव पहुंचे तो दूसरे शख्स ने उन्हें पूरे गांव के पीड़ितों से मिलवाया।

पहले बात करते हैं चोबारी गांव के रामजी मेरिया की…

फोटो क्लिक किया और अगले ही मिनट भूकंप आ गया चोबारी गांव में पंचायत घर हुआ करता था, जहां बड़े अवसरों पर गांव के लोग एकत्र होते थे। 26 जनवरी 2001 को भी यहां गांव के अगुवा और छात्र ध्वजवंदन के लिए इकट्ठा हुए थे। गांव के ही रामजी मेरिया उस कार्यक्रम में एंकरिंग कर रहे थे। भूकंप आने से दो मिनट पहले उन्होंने बच्चियों की प्रार्थना करते हुए एक फोटो क्लिक की थी। इसके अगले ही मिनट भूकंप आ गया। धरती के कांपते ही इमारतें ढहने लगीं।

शुरुआत में वहां मौजूद लोगों को लगा कि दूर कहीं कोई बड़ा ब्लास्ट हुआ है, लेकिन कुछ ही पल में समझ आ गया कि यह भूकंप है। रामजी मेरिया उस समय तिरंगे को पकड़े हुए थे। खुली जगह पर होने से रामजी और कुछ लोगों की जान बच गई थी।

छोटे से गांव में 550 लोगों की मौत झटकों के थमते ही रामजी और उनके साथी लोगों की मदद के लिए भागे तो देखा कि चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे। मलबे के नीचे कहीं किसी का हाथ दिख रहा था, कहीं सिर तो कहीं पैर। लगभग सभी मकान धराशायी हो चुके थे। भूकंप आने के दो मिनट के भीतर ही पूरा गांव तबाह चुका था। इस गांव में 550 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। भूकंप की तीव्रता इतनी भयानक थी कि घरों के बाहर दालान में बनी 2-2 फुट की दीवारें तक ढह गई थीं।

पंचायत घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर ही रामजी मेरिया का घर था। जब वे मलबे के ऊपर से गुजरते हुए अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी बिजली का तार उनके हाथ में आ गया। हालांकि उस समय बिजली की सप्लाई बंद थी, इसलिए कोई नुकसान नहीं हुआ।

आगे रामजीभाई की बाइक, पीछे मोदी का काफिला चोबारी गांव भूकंप का एपिसेंटर था और भूकंप के बाद पहली दिवाली थी। इसीलिए दिवाली के दिन सीएम नरेंद्र मोदी चोबारी गांव पहुंचे। उस दौरान रामजीभाई उनके साथ रहे और उन्हें यह दिखाया कि किस जगह कितना नुकसान हुआ है। रामजीभाई अपनी बाइक लेकर आगे चलते थे और मोदी की कार उनके पीछे चलती थी।

रामजी मेरिया ने बताया- जब नरेंद्र मोदी ने चोबारी में कदम रखा, तब उनके साथ पुलिस की गाड़ियां बहुत कम थीं। किसी खास सुरक्षा की जरूरत ही नहीं थी। मैं अपनी बाइक से आगे चल रहा था, पीछे उनकी कार और एक पुलिस की गाड़ी थी। चोबारी में मोदी हर उस जगह पर गए, जहां नुकसान हुआ था। नरेंद्र मोदी ने सुबह से लेकर दोपहर तक का समय चोबारी गांव में बिताया। इसके बाद रात को पास के त्रंबो गांव पहुंचे।

नरेंद्र मोदी का गला भर आया

गांव की यात्रा के दौरान जहां-जहां लोग बैठे थे, नरेंद्र मोदी खुद वहां पहुंचे और उनसे बात की। लगभग हर घर में किसी न किसी की मौत हुई थी। इसलिए लोग सदमे में थे। गांव में स्थित शिव मंदिर के पास मलबे के बीच मोदी ने एक सभा को संबोधित कर लोगों को सांत्वना दी थी।

बोलते-बोलते मोदी की आंखों में आंसू आ गए रामजीभाई बताते हैं कि मोदी पूरे गांव का दौरा करने के बाद मंदिर पहुंचे और लोगों को संबोधित किया। वहां कुछ मीडियाकर्मी भी मौजूद थे। उनसे सवाल किया गया कि आज पूरा देश दिवाली मना रहा है, लेकिन आप इस गांव में आए हैं- इसका क्या कारण है?

इस सवाल पर मोदी भावुक हो गए। मीडिया ने फिर वही सवाल किया, तब वे बस इतना ही कह पाए- आज पूरा देश दिवाली के दीये जला रहा है, लेकिन इस गांव के हर घर में जीवन का दीया बुझ गया है। यह कहते ही उनकी आंखों में आंसू आ गए।

चोबारी के लोगों से मोदी का लगातार संपर्क रामजीभाई कहते हैं- एपिसेंटर होने के कारण चोबारी में नुकसान सबसे ज्यादा था। हालात देखकर नरेंद्र मोदी को एहसास हुआ कि कच्छ में कितनी बड़ी तबाही हुई है। उन्होंने सिर्फ दिवाली के दिन गांव का दौरा ही नहीं किया, बल्कि इसके बाद भी वे चोबारी के लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहे।

रामजीभाई के बाद अब बात दिलीप देशमुख की…

एक तस्वीर आज भी इंटरनेट पर देखी जा सकती है, जिसमें नरेंद्र मोदी एक बाइक पर बैठे हुए कच्छ के भूकंपग्रस्त इलाकों का दौरा कर रहे हैं, लेकिन आमतौर पर लोग बाइक चलाने वाले शख्स का नाम नहीं जानते। दरअसल, इस शख्स का नाम है दिलीप देशमुख। दिव्य भास्कर ने दिलीप देशमुख से बातचीत कर उस दिन का पूरा घटनाक्रम जाना।

आज दिलीप देशमुख को लोग ‘दादा’ के नाम से जानते हैं। वे 1982 से RSS के प्रचारक रहे हैं। महाराष्ट्र में कुछ समय काम करने के बाद वे प्रचारक के रूप में गुजरात आए थे। शुरुआती 10 साल उन्होंने दक्षिण गुजरात में प्रचारक की जिम्मेदारी निभाई, इसके बाद 3.5 साल उत्तर गुजरात में प्रचारक के तौर पर काम किया। जून 2000 में वे कच्छ आए थे, तबसे यहीं रह रहे हैं।

साल 2004 से प्रचारक नहीं हैं। अब मंडवी तालुका के बीदड़ा गांव में एक स्कूल के संचालक हैं। फिलहाल वे फुल-टाइम फ्रीलांसर हैं और मुख्य रूप से पर्यावरण, शिक्षा और अंगदान के क्षेत्र में काम करते हैं। 2020 में उनका लिवर ट्रांसप्लांट हुआ था, जिसके बाद उन्होंने अंगदान को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया था।

भास्कर से बातचीत में उन्होंने भूकंप के दिन की रूह कंपा देने वाली यादों को साझा किया। 26 जनवरी 2001 को वे सामखियाली में थे। भूकंप के बाद वे अगले दिन भुज पहुंच गए थे।

नरेंद्र मोदी 27 जनवरी को कच्छ पहुंच गए थे। अगली सुबह भुज के जुबिली ग्राउंड में मेरी नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई थी। मोदी ने मुझसे कहा- हमें हर जगह जाकर हालात देखने हैं। चलिए, किसी कार्यकर्ता या आम लोगों से मिलते हैं।

दिलीप देशमुख बताते हैं- इस बातचीत के बाद मैं मोदी को अपनी बाइक पर बैठाकर भुज की ओर निकल पड़ा। मुझे अच्छी तरह याद है कि हम 3 से 4 घंटे तक पूरे भुज में घूमते रहे। उनके पास कार थी, लेकिन हर जगह कार से जाना संभव नहीं था। जैसे वाणियावाड़ इलाके में आज भी कार ले जाना मुश्किल है।

इसलिए हम बाइक से गए थे। जहां मोटरसाइकिल भी नहीं जा सकती थी, वहां हम पैदल उतरकर निरीक्षण करते थे। सिर्फ बाइक से ही नहीं। जहां जरूरत लगी, वहां हम रुककर लोगों से बात भी करते थे। आज भुज पूरी तरह बदल चुका है, लेकिन उस समय आइना महल क्षेत्र में उतरकर गली-गली पैदल घूमे, लोगों से मिले। यहां चारों ओर तबाही का मंजर था। जिंदा बचे लोग इलाका छोड़कर जा रहे थे।

आफ्टरशॉक के डर के बीच कार्यकर्ता के घर रुके मोदी दिलीप देशमुख कहते हैं- जब हम बाइक से घूम रहे थे, उस समय मोदी भाजपा के महासचिव थे। शाम ढल चुकी थी। भाजपा कार्यालय में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं थी, क्योंकि वहां लोग जमीन पर चादर बिछाकर सो रहे थे। करीब शाम 7:30 बजे मैंने उनसे पूछा कि क्या आप रुकेंगे? उन्होंने कहा- हां, रुकना तो है।

इसके बाद वे भाजपा कार्यकर्ता उषाबेन मंडलकर के घर रुके। वे बताते हैं- उषाबेन का पूरा परिवार और मोहल्ले के लोग घर के बाहर सो रहे थे, लेकिन मोदी अकेले उषाबेन के घर की दूसरी मंजिल पर ठहरे थे, जबकि तब भी आफ्टरशॉक का डर बना हुआ था।

मोदी के एक फोन से कच्छ पहुंच गए 10 लाख कार्टन बिस्किट नरेंद्र मोदी ने नुस्ली वाडिया को फोन कर के भूकंप प्रभावित कच्छवासियों के लिए ब्रिटानिया बिस्किट के 10 लाख कार्टन मंगवाए थे। इस बारे में दिलीप देशमुख बताते हैं- भूकंप के बाद कई वीआईपी लोग यहां आए थे। नानाजी देशमुख के साथ नुस्ली वाडिया भी आए थे।

मुझे उस समय यह तक नहीं पता था कि नुस्ली वाडिया कौन हैं। हम पूरे दिन भर साथ रहे थे। रास्ते में उन्होंने नरेंद्र मोदी के बारे में बात की। नुस्ली वाडिया ने मुझे बताया था कि एक रात नरेंद्र मोदी का उन्हें फोन आया था।

मोदीजी ने कहा- नुस्ली, मुझे बिस्किट चाहिए। मैंने पूछा- कितने चाहिए? मोदीजी ने जवाब दिया- 10 लाख कार्टन बिस्किट चाहिए।

इसके बाद नुस्ली वाडिया ने ब्रिटानिया के बिस्किट भेजे और करीब 6 महीने तक कच्छ के लोगों ने वही बिस्किट खाए।

पुनर्वास और कच्छ के पुनर्निर्माण पर मोदी का विजन नरेंद्र मोदी ने पुनर्वास और कच्छ को फिर से खड़ा करने के लिए जो किया, उसका जिक्र दिलीप देशमुख ने भी किया। उन्होंने बताया कि पुनर्वास को लेकर नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण बिल्कुल साफ था। उनका मानना था कि जो गांव पूरी तरह ढह चुके हैं, उन्हें उसी जगह दोबारा बसाने के बजाय थोड़ी दूरी पर नई योजना और आधुनिक ढांचे के साथ बसाया जाए।

उस समय मेरी समझ इतनी नहीं थी। मैंने उनसे कहा था कि अगर गांव दूर बसाए जाएंगे तो लोगों को आने-जाने में दिक्कत होगी। इस पर मोदी जी ने मुझसे कहा- आज आपको दूरी ज्यादा लग रही है, लेकिन भविष्य में हर व्यक्ति के पास साधन होंगे, तब किसी को कुछ भी दूर नहीं लगेगा।

आज जो रिलोकेशन साइटें हैं, वे नरेंद्र मोदी का विजन हैं वे आगे बताते हैं- आज गांवों के बाहर जो रिलोकेशन साइट्स बनी हैं, वह मूल रूप से नरेंद्र मोदी का ही विजन है। भूकंप आने के करीब 8 महीने बाद नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम बने थे। उनके सीएम बनने के बाद जिस तेजी और जज्बे के साथ यहां विकास का काम हुआ, वह यहां का हरेक व्यक्ति बता सकता है। उस समय कच्छ में कोई यूनिवर्सिटी नहीं थी। बाद में कच्छ यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। ऐसे कई अलग-अलग और दूरगामी काम मोदी के विजन की वजह से संभव हो पाए।

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कच्छ भूकंप से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

कच्छ में हुई थी 185 बच्चों, 20 टीचर्स की मौत:गणतंत्र दिवस की परेड निकाल रहे थे, तभी उन पर ढह गईं इमारतें

घटना 26 जनवरी 2001 की ही है। गुजरात में कच्छ के अंजार शहर में 20 स्कूलों के बच्चों की गणतंत्र दिवस की परेड निकल रही थी। बच्चे यूनिफॉर्म पहने, हाथों में तिरंगे लेकर भारत माता की जय के नारों के साथ आगे बढ़ रहे थे। टीचर्स सभी को लाइन में चलने की हिदायत दे रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…

कलेक्टर के नाम पर भुज में बसा शहर, मलबे से कच्छ को खड़ा करने वाले 6 लोगों की कहानी

26 जनवरी, 2001 के दिन गुजरात के भुज जिले में भीषण भूकंप आया था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.7 थी। करीब 700 किलोमीटर दूर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। कच्छ और भुज शहर में 12,000 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और करीब 6 लाख लोगों को बेघर होना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…

तबाही के बीच पैदा हुआ बेटा, नाम रखा भूकंप; एक बच्चा 3 दिन बाद मलबे से निकला जिंदा

यह 26 जनवरी 2001 की सुबह थी। घड़ी में 8.40 मिनट का समय हुआ था, तभी गुजरात के कच्छ में विनाशकारी भूकंप आया। इसी समय अंजार तालुका की वोहरा कॉलोनी में असगरअली लकड़ावाला घर के बाहर बैठे हुए थे। भूकंप के झटके आते ही वे बाहर भागे। पूरी खबर पढ़ें..

भूकंप के केंद्र बिंदु चोबारी से ग्राउंड रिपोर्ट:6 महीने की बेटी मलबे में दब गई; भगवान राम का सिंहासन पलट गया; मंदिर खड़ा रहा

गुजरात के भुज में 26 जनवरी, 2001 की सुबह विनाशकारी भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र चोबारी गांव था, जो भुज से करीब 100 किमी दूर है। चोबारी को कच्छ का आखिरी छोर भी कहा जाता है। भुज में आए भयानक भूकंप के 25 साल पूरे होने पर भास्कर की टीम चोबारी गांव पहुंची। पूरी खबर पढ़ें…

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प्रगतिशील किसान:बारिश का पानी सहेज धोरों में शुरू की गूगल व ग्वारपाठा की खेती, बकरी के दूध से साबुन बना रहे‎




मरुस्थल में बसे लोगों से ज्यादा पानी का मोल कोई‎ नहीं जान सकता। इन्हीं में से‎ एक हैं बाड़मेर जिले के झाक‎ निवासी किसान देवाराम‎ पंवार। गर्मियों में यहां का‎ तापमान 50 डिग्री तक जाता‎ है। मगर युवा किसान पंवार ने इसका तोड़ निकाल‎ लिया। वे बारिश में न केवल मीठा पानी एकत्र कर रहे‎ हैं बल्कि उसी से गूगल और ग्वारपाठा जैसी औषधीय‎ फसलों की खेती तक कर रहे हैं।‎ भेड़ बकरियों व मकान के लिए बनाई गई 20‎ हजार स्क्वेयर फीट की छत को फार्म पौंड से जोड़ा‎ हुआ है। दो फार्म पौंड में 42 लाख लीटर वर्षा जल‎ सहेज चुके हैं। खेत में 300 खेजड़ी के पौधे लगाए।‎ साथ ही लुप्त होती औषधीय प्रजाति गूगल के 500‎ पौधे भी रोपे। बारिश के दौरान सिंचाई की जरूरत क‎म रहती है, जबकि रबी में उसी पानी से सिंचाई कर‎ रहे हैं। क्षेत्र में पूरे साल में 300 मिमी बारिश ही होती है‎ लेकिन इन्होंने कम पानी में कृषि और पशुपालन का‎ सफल मॉडल बनाया है। कोरोना में औषधि‎ फसलों की खेती करने का विचार आया। स्टेट‎ मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के सहयोग से 1 हेक्टेयर खेत‎ में गूगल के पौधे लगाए। सहजन, एलोवेरा, तुलसी,‎ गिलोय, सनाय का भी पौधरोपण किया। औषधीय खेती के साथ बकरी‎ पालन को आय का स्रोत बनाने का निर्णय लिया। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत 525 ‎बकरियों के लिए आवेदन किया। जिसके‎ परिणामस्वरूप बाड़मेर जिले के प्रथम लाभार्थी बने।‎ हाल ही में राजस्थान‎ सरकार ने डेनमार्क में सात दिवसीय कृषि व पशुपालन‎ प्रशिक्षण के लिए भेजा। बकरी के दूध व एलोवेरा का‎ साबुन भी बना रहे हैं।



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26 जनवरी राष्ट्रपति कलाम के गेस्ट होते थे डॉ. औलख:PAU के पूर्व VC, 87 की उम्र में पहलवानों जैसा शरीर, PM की रैली नहीं होने दी, CM की बात नहीं मानी




लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. किरपाल सिंह औलख डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के राष्ट्रपति रहते हुए हर साल गणतंत्र दिवस समारोह में स्पेशल गेस्ट रहते थे। डॉ. कलाम डॉ. औलख के पहलवानी वाले शरीर के मुरीद थे। उन्होंने डॉ. सिंह से राष्ट्रपति भवन में बाकायदा न्यूट्रीशन गार्डन बनवाया। जिसमें ऐसे फलदार पेड़ लगवाए, जिन पर 12 महीने फल लगते हों। डॉ औलख बताते हैं कि जब न्यूट्रीशन गार्डन का काम पूरा हुआ तो राष्ट्रपति ने आखिरी पौधा लगाने के लिए उन्हें बुलाया और उस गार्डन में आखिरी पौधा उनके हाथ से लगा है। यही नहीं, डॉ. औलख उसूलों और सच्चाई पर अडिग वह VC हैं, जिन्होंने PAU में प्रधानमंत्री की रैली की परमिशन नहीं दी थी। वहीं पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल को डांट दिया था। वहीं मुख्यमंत्री रहते प्रकाश सिंह बादल की बात भी नहीं मानी। डॉ. औलख की उम्र इस वक्त 87 साल है। इसके बावजूद वह डेली जिम करते हैं। उनके शरीर में आज भी युवाओं जैसे मसल्स नजर आते हैं। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम डॉ. औलख के मुरीद कैसे हुए, 87 साल की उम्र में भी डॉ. सिंह की फिटनेस का राज क्या, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए, डॉक्टर कलाम से कैसे हुई ट्यूनिंग… डॉ. औलख के पहलवान और VC बनने की कहानी जानिए… VC रहते हुए PMO और CM तक से टकराए…



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साइबर ठगी का मामला:कोर्ट का फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेज सास-बहू को 3 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा, 48 लाख रुपए की साइबर ठगी



करणीनगर में दो महिलाओं को घर में ही डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपए की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करणीनगर, लालगढ़ निवासी कांता शर्मा और उनकी पुत्रवधू शिखा पांडे को 21, 22, 23 को घर में ही डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इस दौरान आरोपी ने सुप्रीम क

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वीडियो कॉल कर ऑफिस दिखाया, जिसमें दीवार पर एनआईए का लोगो लगा था। तीन-चार अन्य लोग भी खड़े नजर आए। यह देख दोनों इस कदर डर गए कि घर में शिखा के दोनों बच्चों तक को कमरे में नहीं आने दिया। आरोपी के सामने गिड़गिड़ाने लगे तो उसने 40 लाख रुपए मांगे। महिलाओं ने हां कर दी। आरोपी ने हिदायत दी कि घर से सीधे बैंक जाना है और पैसा ट्रांसफर कर वापस आना है। किसी से कोई बात नहीं करनी है।

दोनों महिलाएं केईएम रोड स्थित एसबीआई शाखा पहुंचीं, जहां कांता ने अपनी दो एफडी तुड़वाईं। रकम सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर आरोपी के बताए नंबरों पर 48 लाख रुपए दो अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के जरिए भेज दिए। परिवादी ने साइबर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। साइबर थाना प्रभारी रमेश सर्वटा ने बताया कि हम जांच कर रहे हैं। साइबर और डिजिटल अरेस्ट कर ठगी के मामलों से लोगों को सावधान रहना चाहिए। अनजान कॉल अटेंड ना करें। ठगी के कॉल आने पर साइबर थाने सूचना दें।



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Republic Day Parade 2026 LIVE Video Update; PM Narendra Modi Droupadi Murmu


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नई दिल्ली4 मिनट पहले

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26 जनवरी को भारत 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस बार मुख्य परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित होंगी।

एयरफोर्स के कुल 29 एयर क्राफ्ट फ्लाईपास्ट करेंगे। इनमें 16 फाइटर जेट, चार ट्रांसपोर्ट विमान और नौ हेलिकॉप्टर शामिल होंगे। सभी विमान कुल 8 फॉर्मेशन बनाएंगे। वायुसेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनकर 26 जनवरी को औपचारिक परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी।

कर्तव्य पथ पर एनक्लोजर के बैकग्राउंड में वंदेमातरम् की लाइन्स वाली पुरानी पेंटिंग बनाई जाएगी। मेन स्टेज पर फूलों से वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

सबसे पहले परेड समारोह का रूट मैप देखिए…

परेड में 8 बातें पहली बार होंगी

परेड में 30 झांकियां दिखेंगी

  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 17 और मंत्रालयों से 13 समेत कुल 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर निकलेंगी। 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड हिस्सा लेंगे।
  • ब्रह्मोस से लेकर आकाश, MRSAM, ATAGS, धनुष तोप, शक्तिबान और ड्रोन सिस्टम्स तक का स्टैटिक डिस्प्ले देखने को मिलेगा।
  • ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) सिस्टम, एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), धनुष तोप, शक्तिबान और कुछ ड्रोन का स्टैटिक डिस्प्ले शामिल होगा।
  • फ्लाईपास्ट में राफेल, Su-30, अपाचे और LCH हेलिकॉप्टर जैसे विमान शामिल होंगे। हालांकि इसमें तेजस को नहीं रखा गया है।
  • झांकियों के साथ लगभग 2,500 कलाकार अपना हुनर दिखाएंगे। इसके अलावा अलग-अलग बैकग्राउंड के लगभग 10,000 खास मेहमानों को परेड के लिए आमंत्रित किया गया है।

2 राफेल, 2 सुखोई समेत 7 एयरक्रॉफ्ट बनाएंगे सिदूंर फॉर्मेशन

गणतंत्र दिवस की पहली परेड कर्तव्य पथ पर नहीं हुई थी



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Actress Mouni Roy Harassed at Karnal Wedding Event


स्टेज के पास गुलाब लेकर खड़ा व्यक्ति। मिडिल फिंगर दिखाकर स्टेज छोड़तीं एक्ट्रेस मौनी रॉय।

एक्ट्रेस मौनी रॉय के साथ करनाल में हुई बदसलूकी का एक फोटो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि मौनी जब स्टेज पर डांस परफॉर्मेंस दे रही हैं, तब बिल्कुल आगे खड़ा उम्रदराज व्यक्ति हाथों में गुलाब लिए खड़ा हैं। 24 जनवरी को मौनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी मे

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एक वीडियो में दिख रहा है कि परफॉर्मेंस के बीच ही अचानक मौनी के चेहरे के भाव बदल गए। वो असहज महसूस करती हैं। फिर मिडिल फिंगर दिखाते हुए एग्जिट की तरफ बढ़ती हैं। हालांकि इस दौरान वो एक तरफ फ्लाइंग किस भी करती हैं।

मौनी ने स्टोरी में जिस इवेंट का जिक्र किया था, वो 23 जनवरी को करनाल के नूर महल होटल में था। यहां राइस एक्सपोर्टर के बेटे की शादी थी। इसमें BJP के स्थानीय विधायक जगमोहन आनंद भी पहुंचे थे। मौनी रॉय से पहले मलाइका अरोड़ा ने गुड़ नाल इश्क मीठा…समेत की गानों पर परफॉर्म किया था।

स्टेज छोड़ते हुए मौनी रॉय ने मिडिल फिंगर दिखाते हुए फ्लाइंग किस भी की।

स्टेज छोड़ते हुए मौनी रॉय ने मिडिल फिंगर दिखाते हुए फ्लाइंग किस भी की।

सबसे पहले जानिए ये क्या कार्यक्रम था, जिसमें बदसलूकी हुई

नूर महल में राइस एक्सपोर्टर के बेटे की शादी का फंक्शन करनाल के सेक्टर 32-33 में स्थित होटल नूर महल में 23 जनवरी को राइस एक्सपोर्टर भूषण गोयल के बेटे अक्षत गोयल की शादी थी। समारोह को भव्य बनाने के लिए बॉलीवुड एक्ट्रेस को डांस परफॉर्मेंस देने के लिए बुलाया गया था। मुंबई से डांसरों का एक दल भी पहुंचा था। विधायक जगमोहन आनंद समेत कई हस्तियां नए जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचीं।

शादी समारोह में नए जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए करनाल से भाजपा विधायक जगमोहन आनंद भी पहुंचे थे।

शादी समारोह में नए जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए करनाल से भाजपा विधायक जगमोहन आनंद भी पहुंचे थे।

पहले मलाइका अरोड़ा ने पंजाबी गानों पर परफॉर्म किया मुन्नी बदनाम हुई, अनारकली डिस्को चली, चल छैंया-छैंया समेत बॉलीवुड को कई हिट डांस नंबर दे चुकीं एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने दिलकश अंदाज में प्रस्तुति दी। “गुड़ नाल इश्क मीठा” पर जब उन्होंने परफॉर्म किया, तब कई मेहमान स्टेज के पास तक पहुंच गए। इस दौरान कई मेहमान मोबाइल से वीडियो बनाते और “ओए-होए” करते नजर आए। समारोह में शामिल कुछ मेहमानों ने दैनिक भास्कर एप की टीम को बताया कि कुछ लोग सीमा लांघते दिखे।

शादी में स्टेज पर परफॉर्मेंस देतीं एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा।

शादी में स्टेज पर परफॉर्मेंस देतीं एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा।

मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम स्टोरी लगाकर घटना के बारे में बताया…

  • कमर पर हाथ रखा: मौनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- “पिछले दिनों करनाल में एक इवेंट था और मेहमानों के व्यवहार से मुझे बेहद निराशा हुई, खासकर उन दो अंकल लोगों के व्यवहार से जो दादा की उम्र के थे। इवेंट शुरू होते ही जब मैं स्टेज की ओर चलने लगी तो अंकल और परिवार के सभी पुरुषों सदस्यों ने फोटो क्लिक कराने के लिए मेरी कमर पर हाथ रख दिया। जो मुझे पसंद नहीं आया और जब मैंने कहा कि सर, प्लीज अपना हाथ हटा लें।
  • अश्लील कमेंट किए, गुलाब फेंके: मौनी ने आगे लिखा-स्टेज पर तो और भी दिलचस्प कहानी है। दो अंकल ठीक सामने खड़े होकर अश्लील टिप्पणियां, मुझे अश्लील इशारे दिखा रहे थे, गालियां दे रहे थे। मैंने यह फील किया और पहले तो विनम्रता से उन्हें इशारा किया कि ऐसा मत करो, जिस पर उन्होंने मुझ पर गुलाब फेंकना शुरू कर दिया। मैं परफॉर्मेंस के बीच में ही स्टेज की एग्जिट के तरफ चली गई लेकिन तुरंत वापस आकर अपनी परफॉर्मेंस पूरी की।”
मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी थी।

मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी थी।

अब जानिए सामने आए फोटो और वीडियो क्या कहानी कह रहे

उम्रदराज मेहमान एक्ट्रेस को गुलाब दिखा रहा इस कार्यक्रम में शामिल एक मेहमान ने दैनिक भास्कर ऐप की टीम को एक फोटो दी, जिसमें एक्ट्रेस मौनी रॉय स्टेज पर डांस करती दिख रही हैं। स्टेज के बिल्कुल पास खड़े एक सूटेड-बुटेड उम्रदराज मेहमान हाथ में गुलाब का फूल लेकर मौनी रॉय को दिखा रहे हैं। वहीं, एक वीडियो में दिख रहा है कि परफॉर्मेंस के दौरान एक्ट्रेस मिडिल फिंगर दिखाकर अपनी नाराजगी जता रही हैं। इसके बाद डांस ट्रूप अचानक रुक जाता है।

​आरोप- मना करने के बावजूद फूल फेंके गए मौनी ने बताया कि विरोध के बावजूद उन लोगों ने गुलाब के फूल उनकी ओर फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और आयोजक इस बदतमीजी को रोकने में नाकाम नजर आए। मंच पर मौजूद एक कलाकार के लिए यह स्थिति बेहद असहज और अपमानजनक थी।

लो एंगल वीडियो से डिजिटल हरासमेंट का आरोप मौनी रॉय ने लिखा कि स्टेज ऊंचाई पर होने का फायदा उठाकर नीचे खड़े कुछ लोग जानबूझकर लो एंगल से उनके वीडियो बना रहे थे। उनके मुताबिक यह सिर्फ बदतमीजी नहीं, बल्कि डिजिटल हरासमेंट का भी मामला है।

संस्कृति पर गर्व, लेकिन व्यवहार पर नाराजगी अपनी पोस्ट में मौनी रॉय ने साफ शब्दों में लिखा कि उन्हें अपने देश और संस्कृति से प्यार है, लेकिन मर्द होने के घमंड में किया गया ऐसा व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस सोच को बदलने की जरूरत बताई।

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ये खबर भी पढ़ें :-

हरियाणा इवेंट में मौनी रॉय के साथ बदसलूकी:एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा- लोगों ने अश्लील टिप्पणी की और गालियां दीं

एक्ट्रेस मौनी रॉय ने हरियाणा के करनाल में हुए एक इवेंट के दौरान दर्शकों द्वारा की गई बदसलूकी को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि इवेंट के दौरान कुछ लोगों का व्यवहार बेहद शर्मनाक और असहज करने वाला था। पढ़ें पूरी खबर…



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Actress Mouni Roy Harassed at Karnal Wedding Event


स्टेज के पास गुलाब लेकर खड़ा व्यक्ति। मिडिल फिंगर दिखाकर स्टेज छोड़तीं एक्ट्रेस मौनी रॉय।

एक्ट्रेस मौनी रॉय के साथ करनाल में हुई बदसलूकी का एक फोटो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि मौनी जब स्टेज पर डांस परफॉर्मेंस दे रही हैं, तब बिल्कुल आगे खड़ा उम्रदराज व्यक्ति हाथों में गुलाब लिए खड़ा हैं। 24 जनवरी को मौनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी मे

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एक वीडियो में दिख रहा है कि परफॉर्मेंस के बीच ही अचानक मौनी के चेहरे के भाव बदल गए। वो असहज महसूस करती हैं। फिर मिडिल फिंगर दिखाते हुए एग्जिट की तरफ बढ़ती हैं। हालांकि इस दौरान वो एक तरफ फ्लाइंग किस भी करती हैं।

मौनी ने स्टोरी में जिस इवेंट का जिक्र किया था, वो 23 जनवरी को करनाल के नूर महल होटल में था। यहां राइस एक्सपोर्टर के बेटे की शादी थी। इसमें BJP के स्थानीय विधायक जगमोहन आनंद भी पहुंचे थे। मौनी रॉय से पहले मलाइका अरोड़ा ने गुड़ नाल इश्क मीठा…समेत की गानों पर परफॉर्म किया था।

स्टेज छोड़ते हुए मौनी रॉय ने मिडिल फिंगर दिखाते हुए फ्लाइंग किस भी की।

स्टेज छोड़ते हुए मौनी रॉय ने मिडिल फिंगर दिखाते हुए फ्लाइंग किस भी की।

सबसे पहले जानिए ये क्या कार्यक्रम था, जिसमें बदसलूकी हुई

नूर महल में राइस एक्सपोर्टर के बेटे की शादी का फंक्शन करनाल के सेक्टर 32-33 में स्थित होटल नूर महल में 23 जनवरी को राइस एक्सपोर्टर भूषण गोयल के बेटे अक्षत गोयल की शादी थी। समारोह को भव्य बनाने के लिए बॉलीवुड एक्ट्रेस को डांस परफॉर्मेंस देने के लिए बुलाया गया था। मुंबई से डांसरों का एक दल भी पहुंचा था। विधायक जगमोहन आनंद समेत कई हस्तियां नए जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचीं।

शादी समारोह में नए जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए करनाल से भाजपा विधायक जगमोहन आनंद भी पहुंचे थे।

शादी समारोह में नए जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए करनाल से भाजपा विधायक जगमोहन आनंद भी पहुंचे थे।

पहले मलाइका अरोड़ा ने पंजाबी गानों पर परफॉर्म किया मुन्नी बदनाम हुई, अनारकली डिस्को चली, चल छैंया-छैंया समेत बॉलीवुड को कई हिट डांस नंबर दे चुकीं एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने दिलकश अंदाज में प्रस्तुति दी। “गुड़ नाल इश्क मीठा” पर जब उन्होंने परफॉर्म किया, तब कई मेहमान स्टेज के पास तक पहुंच गए। इस दौरान कई मेहमान मोबाइल से वीडियो बनाते और “ओए-होए” करते नजर आए। समारोह में शामिल कुछ मेहमानों ने दैनिक भास्कर एप की टीम को बताया कि कुछ लोग सीमा लांघते दिखे।

शादी में स्टेज पर परफॉर्मेंस देतीं एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा।

शादी में स्टेज पर परफॉर्मेंस देतीं एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा।

मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम स्टोरी लगाकर घटना के बारे में बताया…

  • कमर पर हाथ रखा: मौनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- “पिछले दिनों करनाल में एक इवेंट था और मेहमानों के व्यवहार से मुझे बेहद निराशा हुई, खासकर उन दो अंकल लोगों के व्यवहार से जो दादा की उम्र के थे। इवेंट शुरू होते ही जब मैं स्टेज की ओर चलने लगी तो अंकल और परिवार के सभी पुरुषों सदस्यों ने फोटो क्लिक कराने के लिए मेरी कमर पर हाथ रख दिया। जो मुझे पसंद नहीं आया और जब मैंने कहा कि सर, प्लीज अपना हाथ हटा लें।
  • अश्लील कमेंट किए, गुलाब फेंके: मौनी ने आगे लिखा-स्टेज पर तो और भी दिलचस्प कहानी है। दो अंकल ठीक सामने खड़े होकर अश्लील टिप्पणियां, मुझे अश्लील इशारे दिखा रहे थे, गालियां दे रहे थे। मैंने यह फील किया और पहले तो विनम्रता से उन्हें इशारा किया कि ऐसा मत करो, जिस पर उन्होंने मुझ पर गुलाब फेंकना शुरू कर दिया। मैं परफॉर्मेंस के बीच में ही स्टेज की एग्जिट के तरफ चली गई लेकिन तुरंत वापस आकर अपनी परफॉर्मेंस पूरी की।”
मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी थी।

मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी थी।

अब जानिए सामने आए फोटो और वीडियो क्या कहानी कह रहे

उम्रदराज मेहमान एक्ट्रेस को गुलाब दिखा रहा इस कार्यक्रम में शामिल एक मेहमान ने दैनिक भास्कर ऐप की टीम को एक फोटो दी, जिसमें एक्ट्रेस मौनी रॉय स्टेज पर डांस करती दिख रही हैं। स्टेज के बिल्कुल पास खड़े एक सूटेड-बुटेड उम्रदराज मेहमान हाथ में गुलाब का फूल लेकर मौनी रॉय को दिखा रहे हैं। वहीं, एक वीडियो में दिख रहा है कि परफॉर्मेंस के दौरान एक्ट्रेस मिडिल फिंगर दिखाकर अपनी नाराजगी जता रही हैं। इसके बाद डांस ट्रूप अचानक रुक जाता है।

​आरोप- मना करने के बावजूद फूल फेंके गए मौनी ने बताया कि विरोध के बावजूद उन लोगों ने गुलाब के फूल उनकी ओर फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और आयोजक इस बदतमीजी को रोकने में नाकाम नजर आए। मंच पर मौजूद एक कलाकार के लिए यह स्थिति बेहद असहज और अपमानजनक थी।

लो एंगल वीडियो से डिजिटल हरासमेंट का आरोप मौनी रॉय ने लिखा कि स्टेज ऊंचाई पर होने का फायदा उठाकर नीचे खड़े कुछ लोग जानबूझकर लो एंगल से उनके वीडियो बना रहे थे। उनके मुताबिक यह सिर्फ बदतमीजी नहीं, बल्कि डिजिटल हरासमेंट का भी मामला है।

संस्कृति पर गर्व, लेकिन व्यवहार पर नाराजगी अपनी पोस्ट में मौनी रॉय ने साफ शब्दों में लिखा कि उन्हें अपने देश और संस्कृति से प्यार है, लेकिन मर्द होने के घमंड में किया गया ऐसा व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस सोच को बदलने की जरूरत बताई।

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ये खबर भी पढ़ें :-

हरियाणा इवेंट में मौनी रॉय के साथ बदसलूकी:एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा- लोगों ने अश्लील टिप्पणी की और गालियां दीं

एक्ट्रेस मौनी रॉय ने हरियाणा के करनाल में हुए एक इवेंट के दौरान दर्शकों द्वारा की गई बदसलूकी को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि इवेंट के दौरान कुछ लोगों का व्यवहार बेहद शर्मनाक और असहज करने वाला था। पढ़ें पूरी खबर…



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देश सेवा जज्बे की पहचान बना बूंदी का उमर गांव:इस गांव में हर घर से सेना में दो जवान, 500 से ज्यादा सैनिक कर चुके देशसेवा




देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा बूंदी जिले के उमर गांव की पहचान बन चुका है। एनएच-52 से करीब 4 किमी दूर हिंडौली उपखंड में स्थित इस गांव में देश सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है। आजादी से लेकर अब तक इस गांव से सैकड़ों सैनिक भारतीय सेना में शामिल हुए और कई जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान भी दिया। इसलिए उमर गांव को इसलिए सैनिक गांव के रूप में जाना जाता है, जहां लगभग हर घर से देश सेवा के लिए दो जवान निकले हैं। तत्कालीन सरपंच खेमराज मीणा ने बताया कि उमर गांव से अब तक करीब 500 से अधिक सैनिक सेना में सेवा दे चुके हैं। गांव के दो सैनिक शहीद हुए, जिनमें 1965 के युद्ध के दौरान रघुनाथ मीणा जम्मू क्षेत्र में मुठभेड़ में शहीद हो गए, जबकि वर्ष 2000 में वीर बहादुर जगदेवराज सिंह मीणा बिहार में चुनाव ड्यूटी के दौरान शहीद हुए। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गांव के करीब 25 सैनिकों ने दुश्मनों से लोहा लिया था। गांव से भारतीय सेना में 12 कैप्टन, 15 सूबेदार, 8 नायब सूबेदार सहित हवलदार और सिपाही स्तर के सैकड़ों सैनिकों ने सेवा दी।



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