दर्दनाक सड़क हादसा:ओवरटेक करते समय भिड़े तीन वाहन रिक्शा चालक की मौत, 8 गंभीर घायल




डीग कामां सड़क मार्ग पर गांव इंद्रोली के पास बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तीन अलग-अलग वाहनों की आपसी भिड़ंत में मोटरसाइकिल मॉडिफाइड रिक्शा चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो कारों में सवार आठ लोग घायल हो गए। घायलों में से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें आरबीएम अस्पताल भरतपुर रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार डीग से कामां की ओर आ रही ब्रेजा कार ने आगे चल रहे मोटरसाइकिल मॉडिफाइड रिक्शा को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान ब्रेजा कार की रिक्शा से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर कामां की ओर से डीग जा रही बलेनो कार से जा भिड़ी। तीन वाहनों की इस भीषण टक्कर में जुरहरा थाना क्षेत्र के गांव गांवड़ी निवासी 38 वर्षीय आमीन पुत्र अमर सिंह मेव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ब्रेजा कार बलेनो से भिड़ी, रिक्शा टूटा ये हुए घायल… हादसे में ब्रेजा कार सवार कामां निवासी मोहित पुत्र तुलसीराम वैश्य और लक्ष्मी पत्नी हरिओम वैश्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बलेनो सवार भरतपुर के गांव अजान निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र हरभान सिंह जाट दिल्ली में फुटवियर कंपनी में नौकरी करता है। वह अपनी ससुराल खोह में शादी समारोह में जा रहा था। हादसे में उसकी पत्नी श्यामा, पुत्रियां रुचि, प्रज्ञा, गौरी तथा पुत्र युवराज गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को आरबीएम अस्पताल रैफर किया है। वहीं मृतक रिक्शा चालक आमीन रिक्शा चलाकर परिवार का पोषण करता था।



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जिला अस्पताल का मामला:4 साल से मेडिसिन विशेषज्ञ नहीं, रिटायर हो रहे पीडियाट्रिशियन, दो एनेस्थेसियोलॉजिस्ट और चाहिए




जिला अस्पताल को सौ से दो सौ बेड का करने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, लेकिन डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भारी कमी के कारण ज्यादातर मरीजों को पीबीएम हॉस्पिटल ही जाना पड़ रहा है।एसपी मेडिकल कॉलेज शहर की पांच लाख की आबादी को कवर करने वाले जिला अस्पताल में चार साल से मेडिसिन का डॉक्टर नहीं लगा पा रहा है, जबकि अस्पताल में रोज करीब 300 मरीजों का ओपीडी रहता है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को पीबीएम जाना पड़ता है। हालांकि 15-15 दिन के लिए सीनियर रेजिडेंट्स की ड्यूटी रहती है, लेकिन ये बदल-बदल कर भेजे जाते हैं। स्थायी डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों में इलाज को लेकर विश्वास नहीं बन पाता। पीडिया में अगले महीने से कोई डॉक्टर नहीं होगा। पीडियाट्रिक्स में नियोनेटल आईसीयू है और एक ही शिशुरोग विशेषज्ञ है, जो फरवरी में रिटायर हो रहे हैं। इसी प्रकार सर्जरी और ऑर्थो में एक-एक डॉक्टर है, जबकि इनका प्रतिदिन आउटडोर 150 से अधिक है। इन्हें सर्जरी भी करनी पड़ती है। वर्तमान में अस्पताल में दो एनेस्थीसिया के डॉक्टर हैं, जबकि चौबीस घंटे सिजेरियन की सुविधा के लिए दो अतिरिक्त एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चाहिए। गौरतलब है कि राज्य में 930 डॉक्टर एपीओ चल रहे हैं। उनके पास कोई काम नहीं है, जबकि यहां सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। नाम का है मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल जिला अस्पताल केवल नाम का ही मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल रह गया है। मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, पीडिया, नेत्ररोग, ऑर्थो, स्किन, डेंटल, ईएनटी के ओपीडी चलते हैं, लेकिन डॉक्टरों की भारी कमी है। मानसिक रोग और श्वसन रोग विशेषज्ञ शुरू से ही नहीं हैं। स्टाफ के पद 2007 में स्वीकृत हुए थे। उसके बाद बढ़ाए ही नहीं, जबकि काम बढ़ चुका है। हर महीने औसत 50 हजार मरीजों का ओपीडी रहता है। जूनियर रेजिडेंट के पद समाप्त करने से बढ़ी समस्या चिकित्सा विभाग में जूनियर रेजिडेंट के पद खत्म करने से जिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी खलने लगी है। पहले 12 जूनियर रेजिडेंट रहते थे, जिससे मरीजों को मेडिसिन सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज मिलता था। वर्तमान में मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल ज्यूरिस्ट और चेस्ट फिजिशियन की भी जरूरत है। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना और जांच योजना के बाद अस्पताल में काम का स्तर कई गुना बढ़ गया है, लेकिन चिकित्सकों और स्टाफ के पदों में बढ़ोतरी बिल्कुल नहीं हुई है। “अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत है। मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्कलोड भी बढ़ रहा है, जबकि स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है।” -डॉ. सुनील हर्ष, अधीक्षक, जिला अस्पताल



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जिला अस्पताल का मामला:4 साल से मेडिसिन विशेषज्ञ नहीं, रिटायर हो रहे पीडियाट्रिशियन, दो एनेस्थेसियोलॉजिस्ट और चाहिए




जिला अस्पताल को सौ से दो सौ बेड का करने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, लेकिन डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भारी कमी के कारण ज्यादातर मरीजों को पीबीएम हॉस्पिटल ही जाना पड़ रहा है।एसपी मेडिकल कॉलेज शहर की पांच लाख की आबादी को कवर करने वाले जिला अस्पताल में चार साल से मेडिसिन का डॉक्टर नहीं लगा पा रहा है, जबकि अस्पताल में रोज करीब 300 मरीजों का ओपीडी रहता है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को पीबीएम जाना पड़ता है। हालांकि 15-15 दिन के लिए सीनियर रेजिडेंट्स की ड्यूटी रहती है, लेकिन ये बदल-बदल कर भेजे जाते हैं। स्थायी डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों में इलाज को लेकर विश्वास नहीं बन पाता। पीडिया में अगले महीने से कोई डॉक्टर नहीं होगा। पीडियाट्रिक्स में नियोनेटल आईसीयू है और एक ही शिशुरोग विशेषज्ञ है, जो फरवरी में रिटायर हो रहे हैं। इसी प्रकार सर्जरी और ऑर्थो में एक-एक डॉक्टर है, जबकि इनका प्रतिदिन आउटडोर 150 से अधिक है। इन्हें सर्जरी भी करनी पड़ती है। वर्तमान में अस्पताल में दो एनेस्थीसिया के डॉक्टर हैं, जबकि चौबीस घंटे सिजेरियन की सुविधा के लिए दो अतिरिक्त एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चाहिए। गौरतलब है कि राज्य में 930 डॉक्टर एपीओ चल रहे हैं। उनके पास कोई काम नहीं है, जबकि यहां सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। नाम का है मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल जिला अस्पताल केवल नाम का ही मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल रह गया है। मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, पीडिया, नेत्ररोग, ऑर्थो, स्किन, डेंटल, ईएनटी के ओपीडी चलते हैं, लेकिन डॉक्टरों की भारी कमी है। मानसिक रोग और श्वसन रोग विशेषज्ञ शुरू से ही नहीं हैं। स्टाफ के पद 2007 में स्वीकृत हुए थे। उसके बाद बढ़ाए ही नहीं, जबकि काम बढ़ चुका है। हर महीने औसत 50 हजार मरीजों का ओपीडी रहता है। जूनियर रेजिडेंट के पद समाप्त करने से बढ़ी समस्या चिकित्सा विभाग में जूनियर रेजिडेंट के पद खत्म करने से जिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी खलने लगी है। पहले 12 जूनियर रेजिडेंट रहते थे, जिससे मरीजों को मेडिसिन सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज मिलता था। वर्तमान में मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल ज्यूरिस्ट और चेस्ट फिजिशियन की भी जरूरत है। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना और जांच योजना के बाद अस्पताल में काम का स्तर कई गुना बढ़ गया है, लेकिन चिकित्सकों और स्टाफ के पदों में बढ़ोतरी बिल्कुल नहीं हुई है। “अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत है। मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्कलोड भी बढ़ रहा है, जबकि स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है।” -डॉ. सुनील हर्ष, अधीक्षक, जिला अस्पताल



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पानीपत BJP सचिव का रिश्वत लेने का VIDEO:ड्रेन में केमिकल डालने की एवज में लिए 5 हजार; मामला थाने तक पहुंचा तो लौटाई रकम




पानीपत जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला सचिव का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कथित रूप से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि ड्रेन में अवैध रूप से केमिकल वाला पानी डालने की एवज में यह पैसे लिए। वीडियो वायरल होने के बाद सियासी गलियारों में खलबली मच गई। इसके बाद मामले की शिकायत और वीडियो पुलिस तक भी पहुंच गया। बताया जा रहा है कि मामला बढ़ता देख भाजपा सचिव रविंद्र रावल ने पैसे लौटा दिए। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में रविंद्र रावल ने कहा- मेरे खिलाफ साजिश रची गई है। राजनीति में मेरी टांग खिंचाई की जा रही है। उन वीडियो को भी तरोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। असल बात ये है कि इन ट्रैक्टर चालकों से मेरा बहुत पुराना लेन-देन है। उस दिन इन्होंने मुझे कॉल कर पैसे देने के लिए बुलाया था। मैंने इन्हें ड्रेन में केमिकल युक्त पानी डालते पकड़ लिया था। इसी के बाद इन्होंने ये कहानी बना दी है। मैं जल्द ही इनके खिलाफ एक्शन लूंगा। यहां पढ़िए, क्या है पूरा मामला… SHO बोले- थाने तक पहुंचे लोग, लेकिन शिकायत नहीं मिली
बापौली थाना प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि दोनों पक्ष थाने तक जरूर पहुंचे थे, लेकिन मामले की शिकायत नहीं दी गई है। अगर अभी भी हमारे पास कोई शिकायत आ जाए, तो हम निश्चित तौर पर जांच-पड़ताल कर कार्रवाई अमल में लाएंगे। हमें भी मामला वायरल हो रही वीडियो के माध्यम से पता लगा था। ——————-प्रदूषण कैसे और क्यों फल-फूल रहा? स्लाइड—————- गंदे पानी से क्या नुकसान होगा जानिए….. भूजल प्रदूषण, बीमारियों का खतरा
केमिकल ड्रेन के माध्यम से रसायन ज़मीन के अंदर रिस रहे हैं, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों का पीने का पानी जहरीला हो गया है। हैंडपंपों से अब रंगीन और बदबूदार पानी निकल रहा है। ड्रेन के पास बसे गांवों, जैसे भलौर, बापौली और सनौली, में कैंसर, किडनी फेलियर, लीवर की बीमारियां और गंभीर चर्म रोगों के मामले बढ़ने की आशंका बनी हुई है। खेती और पशुओं पर असर
इसी ड्रेन के पानी का अनजाने में सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और जमीन की उपजाऊ शक्ति खत्म हो रही है। जहरीला पानी पीने से ग्रामीणों के मवेशी आए दिन मर रहे हैं।



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जयंती मार्केट चौराहे पर हादसा:किराए की थार से निकले छात्रों ने फूड डिलीवरी बॉय को कुचला, 3 सेकंड में दुनिया छोड़ गया




जयंती मार्केट चौराहे पर हादसे का शिकार हुआ फैजान फूड डिलीवरी का काम करता था। शनिवार दोपहर वह फूड डिलीवरी करने जा रहा था। दोपहर 12:29:28 बजे बेकाबू किराए की थार ने चपेट में लिया और मौके पर ही मौत हो गई। यह पूरा घटनाक्रम महज 3 सेकंड का है। थार ने न सिर्फ फैजान की जान ली, बल्कि परिवार का इकलौता सहारा भी छीन लिया। माता-पिता और 4 बहनों की जिम्मेदारी पूरी करने के लिए जान घर चलाने के लिए फूड डिलीवरी का काम करता था। थी। शनिवार दोपहर 2 बजे भी वह ऑर्डर डिलीवर करने जा रहा था, तभी चौराहे पर सामने से आई कार से बचने में थार सवार ने फैजान को चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शी नंदलाल शर्मा, हनुमानलाल जांगिड़, राम चौधरी के अनुसार थार ने पहले पैदल जा रही छात्रा कुलसुम (19) को टक्कर मारी। इसके बाद बाइक सवार फैजान को कुचल दिया। यह सब पलक झपकते हो गया। टक्कर के बाद फैजान थार के नीचे फंस गया था। मौके पर मौजूद लोगों ने मशक्कत कर उसे निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मां बोली- परिवार की ‘रीढ़’ टूट गई बेटे फैजान की मौत की खबर सुनते ही मां खैरूनिशा बदहवास हो गई। वह बार-बार यही कह रही थी कि ‘मैं अब किसके भरोसे जिऊंगी… वो मुझे छोड़ गया। पांच बेटियों के बाद फैजान हुआ था। कितनी मुश्किलों से पाला था। उस थार वाले ने मेरे बेटे को मार डाला।’ पिता अब्दुल कादिर (62) ने बताया कि एक साल पहले बेटी रुबीना की मौत हुई थी। घर चलाने वाला बेटा चला गया। परिवार सीकर के खंडेला का रहने वाला है और 30 साल से भट्टा बस्ती में किराए से रह रहा है। चार दिन में थार से दूसरा हादसा, मौत भी दूसरी 20 जनवरी- वेस्ट करधनी थाना क्षेत्र में अलसुबह 200 फीट बाइपास एक्सप्रेस-वे शांति बाग पर झुंझुनूं निवासी अनाया (18) की जान ले ली। एयरफोर्स की तैयारी कर रही थी। 3 दिसंबर 25- साउथ ज्योति नगर थाना क्षेत्र में लाल थार चला रही नाबालिग ने स्कूटी सवार को टक्कर मारी। अंडर-19 क्रिकेट टीम की खिलाड़ी चला रही थी गाड़ी। 20 दिसंबर- एक्सीडेंट वेस्ट में बाइक सवार दंपती को टक्कर मारी। दोनों गंभीर घायल हो गए थे। 22 अक्टूबर- चौमूं थाना क्षेत्र में 3 बाइक को टक्कर मारी। परिवार के 4 की मौत।



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7 वर्षीय भाई ने खोला बहन के मर्डर का राज:फरीदाबाद में मां को बताया- गिनती न लिखने पर पापा ने पीटा, जमीन पर पटका




फरीदाबाद में साढ़े 4 साल की वंशिका के मर्डर का राज उसके ही 7 साल के भाई ने खोला। भाई ने अपनी मां को बताया कि बहन 50 तक उल्टी गिनती नहीं लिख पाई, जिसके बाद पिता ने बेलन से उसकी जमकर पिटाई की। सिर जमीन पर पटक कर मारा। इस पिटाई के बाद पति ने पत्नी को कहा था कि बच्ची सीढ़ियों से गिर गई।, जिससे उसकी मौत हो गई। पत्नी सच भी मान बैठी थी, लेकिन 7 साल के बेटे ने सारा राज खोल दिया। उसी के बाद पत्नी ने पति के खिलाफ सेक्टर-58 थाने में शिकायत दी। आरोपी पिता ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने 1 दिन के रिमांड के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है। दूसरी तरफ महिला अपने बेटे को लेकर किराये का मकान छोड़कर चली गई। सिलसिलेवार पढ़ें क्या है पूरा मामला…. पति नाइट तो पत्नी डे शिफ्ट में काम करती थी
सेक्टर 58 थाना पुलिस के अनुसार, यह घटना झाड़सेतली गांव में हुई। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का रहने वाला कृष्ण जयसवाल (31) अपनी पत्नी रंजीता और तीन बच्चों के साथ यहां किराए पर रहता था। कृष्ण और रंजीता दोनों एक निजी कंपनी में हेल्पर के तौर पर काम करते हैं। कृष्ण रात की शिफ्ट में काम करता है, जबकि रंजीता दिन की शिफ्ट में। इस वजह से, जब एक काम पर जाता था, तो दूसरा घर पर रहकर बच्चों की देखभाल करता था। उनके सबसे बड़े बेटे की उम्र लगभग 7 साल है, दूसरी बेटी वंशिका साढ़े 4 साल की थी, और सबसे छोटी बच्ची 2 साल की है। 21 जनवरी को नशे की हालत में पीटा
आरोपी कृष्ण जयसवाल नशे का आदी था। 21 जनवरी को कमरे में उसका बेटा और मंझली बेटी वंशिका घर पर थे, जबकि सबसे छोटी बेटी पड़ोसियों के पास थी। कमरे का दरवाजा बंद था। कृष्ण अपनी बेटी वंशिका से 1 से 50 तक गिनती लिखवा रहा था, और वह भी उल्टी गिनती लिखने के लिए कह रहा था। जब वंशिका गिनती नहीं लिख पाई, तो वह गुस्से में आ गया और उसने बच्ची को बेलन से पीटना शुरू कर दिया। उसने बच्ची को फर्श पर भी पटक दिया। बच्ची के बेहोश होने पर वह उसको गोद में उठाकर बेटे के साथ सरकारी अस्पताल में पहुंचा। इसी दौरान उसने अपनी पत्नी को भी कॉल करके अस्पताल में बुला लिया। अस्पताल में डाक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। पत्नी को झूठ बोला-बेटी सीढ़ियों से गिर गई
कृष्ण की पत्नी रंजीता जब अस्पताल पहुंची तो उसने झूठ बोला। कहा- बच्ची सीढ़ियों से गिर गई। पत्नी इसी को सच मान रही थी। कुछ देर में ही 7 साल के बेटे ने बताया कि पापा ने बहन को बेलन से पीटा और जमीन पर सिर देकर मारा। इसके बाद रंजीता ने बच्ची के शरीर को देखा तो उसको चोट के निशान मिले। जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना देकर कृष्ण को पकड़वा दिया। सख्ती से पूछताछ में जुर्म कबूला
पुलिस ने शिकायत पर कृष्ण को हिरासत में ले लिया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बच्ची को पीटने की बात कबूल की। उसने बताया कि बेटी स्कूल नहीं जाती थी, इसलिए घर पर ही वह उसे पढ़ाता था। गिनती न लिख पाने के कारण गुस्से में उसने बेटी को ज्यादा पीट दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। रिमांड के बाद जेल भेजा पिता
पुलिस के अनुसार बच्ची की मां अपने दोनों बच्चों के साथ वापस यूपी अपने घर जा चुकी है। सेक्टर 58 थाना इंचार्ज आजाद सिंह ने बताया कि आरोपी पिता को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया था। जिसको पूरा करने के बाद उसको जेल भेज दिया गया है।



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पीबीएम हॉस्पिटल का मामला:नई बिड में कंपनी के ब्लैक लिस्ट होने का शपथ पत्र हटाया, इससे 9 डिबार कंपनियों की एंट्री




संभाग के सबसे बड़े पीबीएम हॉस्पिटल में मेडिसिन की खरीद के दस करोड़ रुपए के टेंडर के लिए जारी की गई नई बिड में दवा निर्माता कंपनियों के ब्लैकलिस्टेड होने का शपथ पत्र हटा दिया गया है। इससे डिबार हो चुकी 9 दवा निर्माता कंपनियों की एंट्री गुपचुप तरीके से कराने का मामला सामने आया है। माना जा रहा है कि चहेती फर्मों को काम देने के लिए यह फॉर्मूला अपनाया गया है। मामला संभागीय आयुक्त तक पहुंचा तो जांच कमेटी भी उन्हीं चिकित्साधिकारियों की बना दी, जिन्होंने तकनीकी बिड फाइनल की थी। पीबीएम में मरीजों के लिए दवाओं की खरीद के इस बार पांच-पांच करोड़ के रेट कॉन्ट्रैक्ट किए जा रहे हैं। अब तक कैंसर के पांच और जनरल मेडिसिन के छह फर्मों से पांच-पांच करोड़ के दो रेट कॉन्ट्रैक्ट प्रोडक्ट वाइज किए गए हैं। सभी फर्म स्थानीय हैं। इनमें तीन फर्म ऐसी हैं, जिन्होंने दोनों तरह की मेडिसिन में रेट कॉन्ट्रैक्ट किया है, जबकि बाकी सभी नई हैं। खास बात ये है कि इनमें से 5 फर्मों ने 9 ऐसी दवा निर्माता कंपनियों के ऑथराइजेशन दिए हैं, जिनमें से कुछ की डिबार अवधि पिछले साल खत्म हो गई तो कुछ की इस साल मार्च में खत्म होगी। भास्कर ने ई-प्रोक्योरमेंट साइट पर टेंडर डॉक्यूमेंट खंगाले तो यह मामला सामने आया। संभागीय आयुक्त तक प्रकरण पहुंचने के बाद हॉस्पिटल में खलबली मची है। जल्दबाजी में जांच भी उन्हीं को सौंप दी गई, जिन्होंने तकनीकी बिड पर मुहर लगाई थी। कमेटी में क्रय समिति के स्थायी सदस्य डॉ. शिवशंकर झंवर और डॉ. मनोज माली, विशेषज्ञ सदस्य डॉ. रितिक अग्रवाल, डॉ. विनोद मेघवाल और वरिष्ठ लेखाधिकारी शामिल हैं। डॉक्यूमेंट पर अधीक्षक के भी साइन हैं। प्रोडक्ट विशेष के लिए किस कंपनी को कब किया डिबार इंटास फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थ बायोटेक और एडमेक लाइफ साइंसेज को 2024 में एक-एक साल के लिए। यूनाइटेड बायोटेक को 2022 में तीन साल के लिए। इसके साथ ही जायडस, ओत्सुका, क्वेस्ट, समर्थ और जैक्सन के भी ऑथराइजेशन दिए गए हैं। जायडस को तो पीबीएम हॉस्पिटल से डिबार किया गया था। जैक्सन लैबोरेट्रीज की एक करोड़ की धरोहर राशि पिछले करीब डेढ़ साल से जब्त पड़ी है। यह है जांच के बिंदु इधर, एनेस्थीसिया का टेंडर ही गलत कर दिया एनेस्थीसिया की दवाओं की खरीद के लिए पांच करोड़ का टेंडर किया गया है। इस टेंडर में कुल 104 तरह की दवाएं रखी गई हैं, जिनमें 6 नारकोटिक्स ड्रग्स हैं। इस टेंडर में दो फर्म आई हैं, जिनके पास नारकोटिक्स का सर्टिफिकेट ही नहीं है। नारकोटिक्स ड्रग्स की सरकारी सप्लाई है। आरएमएससीएल से उनकी निशुल्क सप्लाई होती है। केवल शब्दों के हेरफेर ने बदला टेंडर मेडिसिन के टेंडरों में तकनीकी तुलनात्मक विवरण में 10 नंबर बिंदु में लिखा है कि पिछले तीन साल से ब्लैकलिस्ट/डिबार्ड ‘फर्म’ की निविदा पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके लिए लेटरहेड पर शपथ पत्र देना होगा, जबकि आरटीपीपी नियम के तहत डीलर को ऑथराइजेशन देने वाली दवा निर्माता कंपनी/ इंपोर्टर / मार्केटिंग कंपनी को इस बात का शपथ देना होता है कि वह केंद्र और राज्य के संस्थानों में डिबार नहीं है। ना ही तीन साल में उत्पादों को रिकॉल किया गया है। टेंडरों में पिछले कई सालों से यही शपथ पत्र मांगा जाता रहा है। इस बार बड़ी चतुराई से शर्त में केवल फर्म का हवाला देने से पूरा टेंडर ही बदल दिया है। माना जा रहा है कि इसके पीछे कुछ खास फर्मों को लाभ पहुंचाने की मंशा है। “संभागीय आयुक्त के निर्देश पर दोनों टेंडरों की जांच कराई जा रही है। तकनीकी बिड फाइनल करने वाली कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोबारा जांच करवा ली जाएगी। यह टेंडर मेरे ज्वाइन करने से पहले के हैं। गलत टेंडर नहीं होने देंगे।” -डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल



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Golden Temple Muslim Youth CCTV Footage; Nihaang Beating in Ghaziabad


पवित्र सरोवर पर कुल्ला करते वक्त वीडियो शूट करवाता सुब्हान रंगरीज।

अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक सुब्हान रंगरीज की CCTV फुटेज सामने आई हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने यह फुटेज निकाली है। जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि युवक गोल्डन टेंपल में माथा टेकने नहीं आय

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वह सिर्फ इंस्टाग्राम रील के लिए यहां वीडियो शूट करने के लिए आया था। इसी आधार पर SGPC ने माना कि वह गोल्डन टेंपल में बेअदबी की नीयत से आया था। जिस वजह से उसके खिलाफ अमृतसर में पुलिस को शिकायत दे दी गई है। युवक अभी गाजियाबाद पुलिस की हिरासत में है। निहंगों ने धार्मिक भावना आहत करने के आरोप में उसे पकड़ा और पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया था।

हालांकि युवक 2 बार माफी मांग चुका है लेकिन पहली बार जेब में हाथ और दूसरी बार भी उसके तरीके से सिख समुदाय ने माफी को सही नहीं माना और अब उसके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में BNS की धारा 298 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

जानिए, 3 CCTV फुटेज में क्या दिखा… दिल्ली का रहने वाला सुब्हान रंगरीज 13 जनवरी को गोल्डन टेंपल में आया था। इसके बाद उसने सरोवर में बैठकर कुल्ला किया। उसने मुंह में पानी भरा और वहीं थूक दिया। इसके बाद वह गोल्डन टेंपल परिसर में घूमा और दूसरे साथी से वीडियो शूट कराए। SGPC ने टाइम के साथ 13 जनवरी की ये फुटेज निकाली हैं।

पवित्र सरोवर के पास खड़े होकर फोटो खिंचवाता सुब्हान रंगरीज।

पवित्र सरोवर के पास खड़े होकर फोटो खिंचवाता सुब्हान रंगरीज।

पहली फुटेज, टाइम- 11.20 बजे सुब्हान रंगरीज गोल्डन टेंपल परिसर में दाखिल हुआ। इस दौरान उसके सिर पर टोपी पहन रखी है। गोल्डन टेंपल में एंट्री के बाद करीब 10 मिनट तक वह वहां घूमता रहा।

दूसरी फुटेज, 11.30 बजे इसमें सुब्हान रंगरीज सरोवर के पास नजर आया। यहां वह नंगे पैर सरोवर में बैठा। जहां उसने कुल्ला किया। इस दौरान वह अपने एक दोस्त से वीडियो बनवाता हुआ दिख रहा है।

तीसरी फुटेज, टाइम- 11:40 बजे सुब्हान रंगरीज सरोवर क्षेत्र से निकलकर निशान साहिब के पास पहुंचा। जहां उसने दोबारा वीडियो रिकॉर्ड किया। इसके बाद वह गोल्डन टेंपल के बाहर स्थित प्लाजा एरिया में गया। वहां 7 से 8 मिनट तक रुका। वीडियो बनाई और फिर परिसर से बाहर निकल गया।

शनिवार को निहंग संगठनों ने गाजियाबाद में उसकी पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया।

शनिवार को निहंग संगठनों ने गाजियाबाद में उसकी पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया।

युवक के वीडियो को लेकर क्या एतराज हुआ इंस्टाग्राम पर एक्टिव सुब्हान रंगरीज ने गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला किया था। उसने पानी मुंह में लिया। इसके बाद उसने एक बार वहीं थूक दिया। इस दौरान वह वीडियो भी रिकॉर्ड करवाता रहा। इसके बाद उसने गोल्डन टेंपल की तरफ उंगली भी उठाई। फिर उसने ही ये वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर डाल दिया।

जिसमें उसने खुद को मुस्लिम शेर बताया। उसका ये वीडियो वायरल हो गया। जिस पर सिख श्रद्धालुओं ने कड़ा एतराज जताया कि पवित्र सरोवर में थूककर उसने धार्मिक भावना आहत की है। इसके अलावा वह गोल्डन टेंपल की तरफ उंगली भी दिखा रहा है। इसके बाद SGPC ने इस पर कड़ा एतराज जताया।

गोल्डन टेंपल की तरफ उंगली उठाने को लेकर भी सिख समुदाय ने एतराज जताया।

गोल्डन टेंपल की तरफ उंगली उठाने को लेकर भी सिख समुदाय ने एतराज जताया।

2 बार माफी मांगी लेकिन तरीके पर सवाल उठे

पहली बार माफी मांगते वक्त हाथ जेब में डाले हुए थे सुब्हान रंगरीज ने पहली बार वीडियो जारी कर कहा- भाइयों, मैं 3 दिन पहले श्री दरबार साहिब गया था। बचपन से मैं वहां जाना चाहता था। मुझे वहां की मर्यादा के बारे में नहीं पता था। मैंने सरोवर के पानी से वजू किया था, धोखे से मेरे मुंह से पानी निकलकर उसमें गिर गया। मैं सारे पंजाबी भाइयों से सॉरी बोलता हूं। मैं वहां आकर भी सॉरी बाेलूंगा। मैं पूरी सिख कम्युनिटी को सॉरी बोलता हूं। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। हालांकि इस दौरान उसने हाथ जेब में डाले हुए थे। जिसे सिख समुदाय ने सही नहीं माना।

दूसरी बार एक बार ही हाथ जोड़ा इसके बाद युवक सुब्हान रंगरीज ने 17 सेकेंड का नया वीडियो जारी किया। इसमें उसने कहा- जब मैं दरबार साहिब गया था, तब मुझसे एक बड़ी गलती हो गई। यह गलती भूलवश हुई थी। मुझे वहां की मर्यादा की पूरी जानकारी नहीं थी, नहीं तो मैं ऐसी गलती कभी नहीं करता। आप मुझे अपना बेटा समझकर, अपना भाई समझकर माफ कर दीजिए। इस दौरान उसने एक बार हाथ भी जोड़ा। वीडियो के ऊपर भी उसने सॉरी दिल से लिखा हुआ था।

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गोल्डन टेंपल सरोवर में कुल्ला करने वाले की पिटाई:गाजियाबाद में निहंगों ने घेरा, पुलिस ने हिरासत में लिया

अमृतसर में गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक की शनिवार को गाजियाबाद में निहंगों ने पिटाई कर दी। वह निहंग विक्की थॉमस के साथ वीडियो में नजर आया। इस दौरान उसके साथ बैठे ही किसी निहंग ने उसे थप्पड़ जड़ा। इसके बाद कुल्ला करने वाला और उसका वीडियो बनाने वाला यानी दोनों युवक माफी भी मांगते हुए नजर आए। पूरी खबर पढ़ें…



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श्रीराम कथा में पहुंचे सीएम:कोटा में बनाया जाएगा विशाल गौ अभयारण्य, सीएम ने की घोषणा




बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में शनिवार दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे। मंच से उन्होंने सनातन संस्कृति की मजबूती पर जोर दिया। कहा कि कोटा में विशाल गो अभयारण्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री हमारी संस्कृति और सनातन को सशक्त कर रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि यह महोत्सव धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का संचार करने वाला आध्यात्मिक अनुभव है। ऐसे आयोजनों से समाज में धर्म, करुणा और सेवा की भावना सशक्त होती है। व्यासपीठ से पंडित धीरेंद्र ने हनुमान चालीसा की चौपाई के साथ कथा शुरू की। गौ सेवा को राष्ट्र रक्षा से जोड़ते हुए कहा कि गोशाला नहीं उपाय-हर हिंदू अपने घर में रखे एक गाय। सनातन संस्कृति में सपन्नता का आधार गाय है। गाय बचेगी, तभी देश बचेगा। महोत्सव में रविवार काे योग गुरु बाबा रामदेव आएंगे।



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हिमाचल में भारी बर्फबारी-680 से ज्यादा सड़कें बंद, टूरिस्ट फंसे:श्रीनगर में पारा माइनस 1.4°; यूपी के 10 जिलों में बारिश, उत्तराखंड में हिमस्खलन का अलर्ट


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शिमला/श्रीनगर/देहरादून/नई दिल्ली4 मिनट पहले

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देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश के बाद उत्तर भारत में सर्दी अचानक बढ़ गई। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के कारण दो नेशनल हाईवे समेत 680 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीती के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 7.2 डिग्री रहा। यहां 600 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। मनाली के पास 100 से ज्यादा गाड़ियां बर्फ में फंसी हैं।

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में बर्फबारी जारी है। हालांकि श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू हो गईं। गुलमर्ग में तापमान माइनस 12 और श्रीनगर में माइनस 1.4 डिग्री दर्ज किया गया। जम्मू–श्रीनगर हाईवे समेत कई सड़कें दो दिन से बंद हैं। सेना और प्रशासन ने फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालकर खाने व रहने की व्यवस्था की।

शनिवार को मध्य प्रदेश में मौसम बदल गया। सुबह कोहरा और दिन में ठंडी हवाओं से ग्वालियर-चंबल में तापमान गिरा। दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री रहा। शनिवार को यूपी के लखनऊ, कानपुर समेत 10 जिलों में बारिश हुई। हाथरस और इटावा में ओले गिरे। बाराबंकी और एटा में बिजली गिरने से आग लग गई।

रक्षा मंत्रालय के DGRE ने उत्तराखंड में बर्फबारी के कारण पांच जिलों के लिए अगले 24 घंटे में हिमस्खलन का हाई अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई वाले इलाकों में आज शाम 5 बजे तक हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है। राजस्थान में बीकानेर का लूणकरणसर सबसे ठंडा रहा, जहां 0.3 डिग्री दर्ज किया गया। माउंट आबू में तापमान 0.6 और जयपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

दिल्ली में बारिश के बाद तेज सर्दी पड़ी। साथ ही एयर क्वालिटी इंडेक्स 176 रहा, जो मॉडरेट श्रेणी में है। पंजाब के बठिंडा में तापमान 0.8 डिग्री और हरियाणा के हिसार में 1.6 डिग्री दर्ज किया गया। फरीदकोट और फिरोजपुर में भी कड़ाके की ठंड रही। चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री रहा।

देशभर में मौसम की 4 तस्वीरें…

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में 2 दिन से लगातार बर्फबारी हो रही है।

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में 2 दिन से लगातार बर्फबारी हो रही है।

हिमाचल प्रदेश के मनाली में बर्फबारी के कारण रोड बंद हैं।

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उत्तराखंड के पौड़ी में लंबे इंतजार के बाद शनिवार सुबह बर्फबारी हुई है।

उत्तराखंड के पौड़ी में लंबे इंतजार के बाद शनिवार सुबह बर्फबारी हुई है।

यूपी के मेरठ में शनिवार को तेज बारिश हुई साथ में ओले भी गिरे।

यूपी के मेरठ में शनिवार को तेज बारिश हुई साथ में ओले भी गिरे।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल…

26 जनवरी

  • तमिलनाडु के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है।
  • पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में घने कोहरे की संभावना है।

27 जनवरी

  • गुजरात में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
  • केरल में भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है।

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