सिविल लाइंस क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जनता खुश




सिविल लाइंस क्षेत्र में प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। यह कार्रवाई विधायक गोपाल शर्मा के मार्गदर्शन और वार्ड 47 की पार्षद एवं जिला महामंत्री रेखा राठौड़ के सक्रिय प्रयासों से की गई। अतिक्रमण ग्रस्त भूमि को विधिवत खाली कराया गया और यह शांतिपूर्ण एवं नियमों के अनुरूप हुआ। स्थानीय नागरिक वर्षों से मांग कर रहे थे कि भूमि का उपयोग पार्क या जनहितकारी भवन के निर्माण हेतु किया जाए। अतिक्रमण हटने से क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं का विस्तार संभव होगा। निवासियों ने निर्णय का स्वागत करते हुए दोनों नेताओं को आभार व्यक्त किया। यह सुशासन और जनसेवा का सशक्त उदाहरण है।



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सॉफ्टवेयर से बनेगी MLC-पोस्टमार्टम रिपोर्ट, लापरवाही पर एसएचओ व एसपी होंगे जिम्मेदार



सीसीटीएनएस से सीधे मिलेगी रिपोर्ट जयपुर | राजस्थान पुलिस अपनी कार्यप्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब प्रदेश में मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट (पीएमआर) हाथ से नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाएंगी। 1 फरवरी से राज्य में हस्तलिखित एमएलसी और पीएमआर पर पूरी तरह रोक रहेगी। यह व्यवस्था राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के 17 नवंबऱ 2025 के आदेशों के क्रम में लागू की जा रही है। इसके तहत सभी पुलिस थानों और सरकारी चिकित्सालयों में केवल MedLEaPR सॉफ्टवेयर और सीसीटीएनएस के माध्यम से ही रिपोर्ट तैयार करना अनिवार्य होगा। महानिरीक्षक पुलिस, अपराध शाखा परम ज्योति ने बताया कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि भविष्य में एमएलसी और पीएमआर की समस्त प्रक्रिया केवल ऑनलाइन माध्यम से ही होगी। इस संबंध में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) और स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत 1 फरवरी के बाद यदि किसी भी प्रकरण में एमएलसी या पीएमआर हाथ से बनाई जाती है या सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं किया जाता है, तो संबंधित थानाधिकारी, अनुसंधान अधिकारी और जिले के पुलिस अधीक्षक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होगी। जयपुर और जोधपुर कमिश्नरेट में यह जिम्मेदारी पुलिस उपायुक्त और पुलिस आयुक्त की होगी। 1 फरवरी से MedLEaPR सॉफ्टवेयर अनिवार्य होगा पुलिस मुख्यालय के अनुसार अब एमएलसी और पीएमआर के सभी रिक्वेस्ट सीसीटीएनएस के जरिए ही जनरेट होंगे। डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई अंतिम रिपोर्ट भी सीसीटीएनएस से ही डाउनलोड की जाएगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि दस्तावेजों में गड़बड़ी और मानवीय हस्तक्षेप की संभावना भी कम होगी। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आईजी अजय पाल लाम्बा ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों व आयुक्तों को आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



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​अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर से मिले ई-रिक्शा चालकों ने समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया



जयपुर | ई-रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल विधायक रफीक खान के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर योगेश दाधीच से मिला। ई-रिक्शा चालक शहीद स्मारक पर कमिश्नर कार्यालय पर अपना पक्ष रखने के लिए एकत्र हुए। इस दौरान ई-रिक्शा संचालन में आ रही परेशानियों के निवारण करने के लिए ज्ञापन सौंपा। प्रशासन ने 22 जनवरी तक समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया।



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श्री गोपाल महाराज मंदिर में पौषबड़ा प्रसादी



जयपुर | अखिल राजस्थान बावन गोती भड़भुजा समाज मंदिर समिति के तत्वावधान में घी वालों का रास्ता स्थित मंदिर श्री गोपालजी महाराज मंदिर में पौषबड़ा महोत्सव मनाया गया। गोपालजी, भुवनेश्वर भोलेनाथ की फूलों से झांकी सजाकर हलवे और बड़े का भोग लगाया। भगवान की महाआरती के बाद भक्तों को प्रसादी वितरित की गई । गायकों ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। मंदिर सेवा समिति के महामंत्री राजकुमार पलड़िया, उपाध्यक्ष किशोर सिंह धनोत्या, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार लोदीका, सचिव कैलाश शेरगड़िया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



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सवालों पर 'अटके' सांसद लुंबाराम:पूर्व MP बोले-'ये किसानों के हनुमान'; 'पुलिस' लिखी काली स्कॉर्पियो में कौन आया थाने?




नमस्कार सिरोही में जिस विषय पर सांसद महोदय प्रेस कॉन्फ्रेंस करके निकले, पत्रकार ने रोक कर उसी की ‘फुल फॉर्म’ पूछ ली। महोदय सकपका गए। नागौर में कांग्रेस के पूर्व सांसद ने RLP सांसद की तुलना भगवान हनुमान से कर डाली और भिवाड़ी में फर्जी IPS ओवर कॉन्फिडेंस में थाने पहुंच गया और होटल में कमरा बुक करने का आदेश दे दिया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. सांसद लुंबाराम का सवालों से सामना सांसद महोदय शिक्षा की अलख का महत्व समझते हैं। यही कारण है कि 51 की उम्र में भी बेझिझक 10वीं का एग्जाम दिया और किसी तरह पास भी हुए। इसका ये अर्थ नहीं कि उन्हें सरेराह पकड़ कर उनके साथ ‘प्रश्नोत्तरी’ या ‘केबीसी’ खेलना शुरू कर दिया जाए। पहले ही सांसद महोदय सीधे-सरल आदमी हैं। सिरोही में वीबी-जी राम जी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सांसद महोदय भवन से बाहर निकलकर कार की तरफ चले तो एक पत्रकार ने पकड़ लिया। एकाध मिनट इधर-उधर की बातें करने के बाद सांसद का ‘फ्री स्टाइल एग्जाम’ लेना शुरू कर दिया। पूछा-भाजपा के नए अध्यक्ष का नाम क्या है? अब हद देखिए कि नए अध्यक्ष से सांसद जी मिलकर आए। बातें हुईं। लेकिन नाम जुबान पर न आए। मोदी जी को ले आए, भजनलाल जी को ले आए, लेकिन नए अध्यक्ष का नाम न ला पाए। नकल-चीटिंग, पेपरलीक की कोई गुंजाइश नहीं। सांसद परेशान। पत्रकार ने दूसरा सवाल दागा-अच्छा, ये बता दीजिए कि वीबी जी-राम-जी की फुल फॉर्म क्या है? दूसरा सवाल पहले से ज्यादा खतरनाक। हालांकि चंद मिनट पहले इसी विषय पर सांसद महोदय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। लेकिन उन्होंने सोचा नहीं था कि बाहर निकलते ही यह ‘अग्निपरीक्षा’ देनी पड़ेगी। उन्होंने इधर-उधर देखा। कोई पोस्टर-बैनर नहीं। साथियों की तरफ आंखें नचाई। लेकिन कोई फायदा नहीं। आखिरकार पास खड़े पीए को माजरा समझ आया। माननीय मुश्किल में हैं। वह बीच में कूदा और सांसद महोदय को कार की तरफ इशारा करके कहा-वहां कोई आपको बुला रहा है। माननीय को और क्या चाहिए था। तुरंत चल पड़े। पत्रकार से मुक्ति मिली। लेकिन तब तक कैमरा बहुत कुछ रिकॉर्ड कर चुका था। 2. बद्रीराम बोले- ये किसानों के ‘हनुमान’ कांग्रेस को RLP से बहुत उम्मीदें हैं। यही कारण है कि कांग्रेस नेता रह-रहकर हनुमान बेनीवाल की शान में कशीदे गढ़ रहे हैं। नागौर में रामकथा हुई। कथा में पाली से कांग्रेस के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ पहुंचे। इधर, आरएलपी से सांसद हनुमान बेनीवाल भी कार्यक्रम में पहुंचे। दोनों नेता गले मिले। चूंकि दोनों पार्टियां सत्ता से बाहर हैं। दोनों का टारगेट एक है। इसलिए गलबाहियों पर कोई ऐतराज भी नहीं। लेकिन जब बद्रीराम मंच पर चढ़े तो हनुमान बेनीवाल की तुलना भगवान हनुमान से करने लगे। जोश में अंगद वाला किस्सा हनुमान जी के नाम से सुना डाला। कहा- एक वो हनुमान थे जिन्होंने राम का साथ दिया। रावण के सामने पैर जमा दिया। कहा-उठा। रावण हिला भी नहीं पाया। एक हमारे हनुमान हैं जो किसानों के हनुमान बन गए हैं। कार्यक्रम में शामिल संत रामदास शास्त्री बयानबाजी में और आगे निकल गए। उन्होंने भी बेनीवाल की बड़ाई की। कहा- बचपन में शैतानी करने पर बच्चों को डराया जाता था। कहा जाता था- हाबू आ जाएगा। आजकल सरकार को यह कहकर डराया जाता है कि हनुमान बेनीवाल आ जाएगा। 3. फर्जी IPS पुलिस से बोला-होटल में कमरा बुक करो लड़का यूपी के बागपत का रहने वाला था। सॉफ्टवेयर इंजीनियरी की पढ़ाई की थी। किसी तरह पुलिस-प्रशासन के प्रोटोकॉल की बारीकियां सीख गया था। उसने मेहनत से नौकरी-धंधा करने की बजाय जल्दी कमाई करने की तरकीब निकाली। IPS का फर्जी कार्ड बनवाया। काली स्कॉर्पियो के शीशे पर लिखवाया-पुलिस। कार के डैशबोर्ड पर फाइलों का ढेर लगा दिया। झूठ बोलने के लिए जिस आत्मविश्वास की जरूरत होती है, वह उसने खुद के दिमाग से कूट-कूट कर जरूरत से ज्यादा भर लिया। इस तरह उसका आत्मविश्वास ओवरकॉन्फिडेंस बन गया। इसी ओवर कॉन्फिडेंस में अंधा होकर उसने स्कॉर्पियो सीधे भिवाड़ी थाने के बाहर टिकाई। रौब में जूते ठकठकाते हुए वह अंदर चला गया। गेट पर खड़े संतरी से रौबीली आवाज में कहा-माई नेम इज फलाना कुमार। मैं ढिमकाना आईपीएस हूं। संतरी ने सैल्यूट मारा। लड़का बोला- मैं खुफिया मिशन पर हूं। रात में रुकने के लिए होटल में कमरा चाहिए। अपने अफसर को कहकर बुक कराओ। संतरी थाना इंचार्ज के पास पहुंचा। थाना इंचार्ज ने लड़के को देखा। उसका हुलिया देखा। कार देखी। थाना इंचार्ज ने चंद्रधर शर्मा की ‘उसने कहा था’ पढ़ी थी। उन्होंने मन ही मन सोचा- कुंदा साहब लहना सिंह को मूर्ख नहीं बना सकते। इसके बाद लड़के को एक केबिन में बैठाकर थाना इंचार्ज ने अपने स्तर पर पड़ताल की। अफसरी की हवा खिसक गई। आवाज कड़क करते ही लड़के के हाथ कानों तक पहुंच गए। बोला- सॉरी सर। साहब बोले-स्कॉर्पियो जब्त करो और इसको बोलेरो में बैठाओ। (इनपुट सहयोग- भरत माली (जालोर), नीरज हरिव्यासी (सिरोही), हनुमान तंवर (नागौर), अनूप कौशिक (भिवाड़ी)।) वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…



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गायत्री सप्त क्रान्ति ट्रस्ट; 36 रक्तदाताओं ने भाग लिया, चिकित्सा शिविर आयोजित



जयपुर | गायत्री सप्त क्रान्ति ट्रस्ट जयपुर की ओर से गायत्री कुंज आर्यनगर मुरलीपुरा में रक्तदान शिविर लगा, इसमें 36 रक्तदाताओं ने भाग लिया। साथ ही होमियोपैथी, दंत, आयुर्वेद चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, फिजियोथेरेपी एवं अन्य चिकित्सा पद्धतियों का निशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगा। अतिथि हनुमान सिंह, जयंत कुमावत, रश्मि राजेन्द्र कारोडिया, रणवीर राजावत, कैलाश चौधरी, सतपाल गजराज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



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जोधपुर: इवेंट, टैंट, डेकोरेशन, कैटरिंग कारोबारियों पर डीजीजीआई की कार्रवाई



जोधपुर| शहर के इवेंट, टैंट, डेकोरेशन, साउंड और कैटरिंग कारोबार में बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी के इनपुट के बाद बुधवार सुबह जीएसटी इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट (डीजीजीआई) की जयपुर से आई टीमों ने एक साथ बड़ी कार्रवाई की। शहर के 8 से अधिक प्रमुख ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की गई है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि इस कार्रवाई में करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी का खुलासा हो सकता है। डीजीजीआई की रडार पर जोधपुर के कई बड़े और चर्चित इवेंट कारोबारियों के नाम हैं। कार्रवाई के दौरान कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, डायरियां और कच्चे बिल जब्त कर खंगाले जा रहे हैं।



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सर्दी बढ़ी, फिर छाने लगा कोहरा…




झुंझुनूं| शेखावाटी के झुंझुनूं व सीकर जिलों में मंगलवार को सुबह घना कोहरा छाया। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही फिर से सर्दी तेज हो गई। 16 जनवरी से ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने से चक्रवाती बादलों की आवाजाही थी। इसके चलते तीन-चार िदन से इलाके में सर्दी का असर कम रहा था। अब सर्दी के साथ नमी बढ़ने से रात का पारा गिर गया है। इससे सुबह सर्दी तेज रही। प्रदेशभर में 22 जनवरी से नए सिरे से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ ही मौसम में बदलाव की संभावना है। 24 जनवरी तक विक्षोभ सक्रिय रहने से कई स्थानों पर मेघगर्जना के साथ बारिश हो सकती है। प्रदेश में पाली के बाद सीकर दूसरा सबसे सर्द रहा। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र पर मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.3 व न्यूनतम 4.9 डिग्री दर्ज किया गया। फोटो झूंझूनुं जिले के मंड्रेला कस्बे की सु​बह के समय की है।



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महापड़ाव की तैयारी:शपथ पत्र उल्लंघन; सोलर कंपनियो को पहली बार अवमानना के नोटिस जारी करने की तैयारी




खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत दो फरवरी को प्रस्तावित महापड़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन भी बचाव की कार्रवाई में जुट गया है। शपथ पत्र का उल्लंघन करने पर सोलर कंपनियों को अवमानना के नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। ये नोटिस तहसील स्तर पर जारी किए जाएंगे। जिले में सोलर प्लांट लगाने की आड़ में पिछले एक साल में खेजड़ी के सात हजार से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत दो फरवरी को कलेक्ट्रेट पर प्रस्तावित महापड़ाव में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी जुटेंगे। पर्यावरण संयुक्त संघर्ष समिति ने खेजड़ी के मुद्दे पर सरकार और प्रशासन को घेरने की रणनीति बनाई है। इसे देखते हुए प्रशासन के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। खेजड़ी को लेकर सुलग रही चिंगारी पर पानी डालने की भरसक कोशिशें की जा रही हैं। इस बीच मंगलवार को पूगल तहसील में सभी हल्का पटवारियों की बैठक हुई। सोलर प्रोजेक्ट पर चर्चा करते हुए बड़ी पांच-छह कंपनियों को शपथ पत्र का उल्लंघन करने पर अवमानना के नोटिस जारी करने का फैसला किया गया है। इसके लिए तहसीलदार अशोक पारिक ने सभी पटवारियों से सोलर कंपनियों की सूची मांगी है। बता दें, पूगल तहसील में सरकार का सोलर पार्क बन रहा है। इसके अलावा बड़ी सोलर कंपनियां वहां प्लांट लगा रही हैं। भास्कर इनसाइटवन्य जीव शिकार का मुद्दा भी उठेगा, एसीएफ ने मांगी रिपोर्ट दो फरवरी को महापड़ाव में खेजड़ी के साथ वन्य जीवों के शिकार और उनकी हत्या का मुद्दा भी उठेगा। लूणकरणसर में सोलर प्लांट की चारदीवारी में 2021 में चिंकारा हिरणों के शिकार का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है। जीव रक्षा संस्था के अध्यक्ष मोखराम बिश्नोई की शिकायत पर एसीएफ ने रेंजर से फैक्चुअल रिपोर्ट मांगी है। इन गांवों में काटे सबसे ज्यादा खेजड़ी के पेड़ पिछले छह-सात महीने में पूगल तहसील के करणीसर भाटियान में 1212, भानीपुरा में 1116, कालासर में 759, लाखूसर में 831 पेड़ काटे जा चुके हैं। इसके अलावा नाथों की ढाणी, छत्तरगढ़ में 34, बीकानेर तहसील के रामसर में 166 तथा पांचू स्थित धरनोक की रोही में 20 पेड़ों को जड़ों में यूरिया और तेजाब डालकर जला डाला गया। धरनोक की रोही में अंजना सन पावर के निदेशक के खिलाफ भू-अभिलेख निरीक्षक ने 17 पेड़ नष्ट करने का परिवाद पिछले पांचू थाने में दिया था, जिस पर अब तक केस दर्ज नहीं हो पाया है। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर खानापूर्ति कर दी। इसी प्रकार भानीपुरा में भी खेजड़ी का कटान रोकने पर ग्रामीणों पर फायरिंग हो चुकी है। इस प्रकरण में भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। “महापड़ाव को लेकर पश्चिमी राजस्थान से बड़ी संख्या में 36 कौम के लोग जुटेंगे। खेजड़ी के साथ वन्य जीवों की हत्या का मामला भी उठेगा।” -मोखराम बिश्नोई, अध्यक्ष, जीव रक्षा संस्था “लूणकरणसर में हिरणों के शिकार का मामला पुराना है। इसकी फैक्चुअल रिपोर्ट मांगी गई है।” — पूजा पंचारिया, एसीएफ, वन विभाग



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Husband & Sister Jailed Life Sentence


राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट 1 में आपने पढ़ा कि 29 अगस्त 2020 को बांसवाड़ा के खमेरा थाना इलाके में गेमन पुल के पास शव मिला था। माही नदी के बैक वाटर में महिला का शव तैर रहा था। उसके (महिला) गले पर गहरे निशान थे। जिस तरह से शव को पानी में ठिकाने लगाय

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पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए महिला की फोटो सर्कुलेट कराए। एक शख्स ने शव की पहचान की। वो शख्स और कोई नहीं महिला (मृतक) के पिता थे। मरने वाली महिला का नाम सोना था। पिता ने अपने दामाद और दूसरी बेटी पर हत्या का आरोप लगाया। आरोप हैरान करने वाला था। पुलिस इस हत्या की असल वजह जानना चाहती थी। महिला के पति शंकर और उसकी (मृतक) सगी बहन केसर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

अब पढ़िए आगे की कहानी…

बांसवाड़ा के गेमन पुल के पास महिला का शव तैरता हुआ मिला था। -एआई इमेज

बांसवाड़ा के गेमन पुल के पास महिला का शव तैरता हुआ मिला था। -एआई इमेज

उस दिन दोपहर तक घर नहीं लौटी महिला महिला के 14 साल के बेटे अभिषेक ने बताया कि उसकी मां (सोना) आंगनबाड़ी में काम करती थी। पिता शंकर किराने की दुकान चलाते हैं। मां हर रोज सुबह 10 बजे काम पर जाती और दोपहर तीन बजे के आसपास वापस घर लौट आती थी।

28 अगस्त की सुबह सात बजे पिता शंकरलाल किराने की दुकान जाने के लिए तैयार हुए। मां सोना को भी उसी वक्त साथ लेकर गए थे। इसी दिन सुबह 10 बजे पिता वापस घर लौटे और मौसी केसर को भी साथ लेकर चले गए।

रात को करीब 9 बजे पिता और मौसी ही घर लौटे। अभिषेक ने मां के बारे में पिता से पूछा तो उन्होंने बताया कि वो नाना के घर गई है। रात को ही नाना को मां के आने के बारे में पूछा तो उन्होंने इनकार कर दिया।

महिला के पिता ने बताया कि बड़ी बेटी सोना की शादी 15 साल पहले शंकरलाल से कराई थी। उन दोनों का 14 साल का बेटा अभिषेक है। इस घटना के 4 महीने पहले उनकी दूसरी बेटी केसर को सोना का पति शंकर नाते लेकर चला गया था।

शंकर सोना की बहन को नाते ले आया था। इसे लेकर अक्सर उनके बीच झगड़े होते। -एआई इमेज

शंकर सोना की बहन को नाते ले आया था। इसे लेकर अक्सर उनके बीच झगड़े होते। -एआई इमेज

बहन से झगड़े होने शुरू हुए इसके बाद शंकर, सोना और केसर साथ में ही रह रहे थे। पति शंकर और उसकी बहन केसर से सोना के झगडे़ होने शुरू हो गए। सोना चाहती थी कि उसका पति शंकर और उसकी छोटी बहन केसर कोई संतान पैदा नहीं करेंगे। केसर उनके बेटे अभिषेक को ही अपना बेटा मानेगी। इसके बावजूद केसर गर्भवती हो गई। इसी कारण से दामाद शंकर और छोटी बेटी केसर ने सोना की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को पानी में फेंक दिया।

इस मामले में सोना (मृतक) के बेटे और उसके मां-बाप के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने शंकर और केसर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

महिला की हत्या कर शव नदी में फेंका:गले पर गहरे निशान थे, पिता के बयान से हैरान रह गई पुलिस, पार्ट-1



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