Garbage, Street Lights, Stray Dogs & Sewers Plague Residents
राजधानी जयपुर के अलग-अलग इलाकों से नागरिक सुविधाओं को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। कचरे की नियमित सफाई नहीं होने, पोल लाइटें बंद रहने, कॉलोनियों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और सीवर के चैंबर धंसने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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कई कॉलोनियों में समय पर कचरा नहीं उठाया जा रहा है। सड़कों और खाली जगहों पर कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे बदबू फैल रही है और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। वहीं कई इलाकों में पोल लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय अंधेरा रहता है और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
कॉलोनियों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा कई जगहों पर सीवर का चैंबर अंदर धंस गया है, जिससे सड़क पर गड्ढे बन गए हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
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वार्ड नंबर 81 महारानी फार्म से कृष्ण कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है कि प्लॉट नंबर 69 के पास पिछले छह महीनों से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। रात के समय इलाके में पूरी तरह अंधेरा छा जाता है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में डर बना रहता है, वहीं चोरी और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बढ़ गई है।

वार्ड नंबर 52 हनुमान नगर से हरीश ने शिकायत दर्ज कराई है कि इलाके की मुख्य सड़क पर एक प्लॉट में सूखा कचरा जमा कर रखा गया है। यहां लगातार कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, लेकिन सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। कचरे के ढेर के कारण आसपास बिच्छू और चूहे निकलने लगे हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बढ़ गया है। बदबू और गंदगी के कारण सड़क से गुजरना भी मुश्किल हो गया है।

वार्ड नंबर 59 जयसिंहपुरा से शैलेंद्र शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई है कि जयसिंहपुरा कॉलोनी में करीब 15–20 आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। इसके कारण बच्चों और बुजुर्गों पर हमले का खतरा लगातार बना हुआ है। सुबह-शाम टहलने या स्कूल जाने वाले बच्चों को डर के साये में निकलना पड़ता है। कई बार कुत्तों का झुंड लोगों के पीछे दौड़ पड़ता है, जिससे हादसे की आशंका रहती है।

वार्ड नंबर 13 झोटवाड़ा से अंकित ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके इलाके में सीवर का चैंबर अंदर धंस गया है। इस वजह से सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया है और किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। सड़क पर अचानक बना यह गड्ढा वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक है। खासकर रात के समय दिखाई नहीं देने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के गिरने की आशंका ज्यादा रहती है।
आम जनता ने आरोप लगाया कि इन समस्याओं को लेकर बार-बार संबंधित विभागों में शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से मांग की है कि कचरा, लाइट, आवारा कुत्तों और सीवर से जुड़ी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।
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