
एसआईआर में भाजपा ने निर्वाचन विभाग में करीब 19 हजार नामों पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इनके प्रपत्र भरकर नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग की है। साथ ही, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 291 की पैरवी भी की है। उधर, कांग्रेस ने सिर्फ दो ही लोगों के नाम कटवाने को लेकर आयोग में शिकायत की है, जबकि 185 लोगों के नाम जुड़वाने का पक्ष रखा है। दूसरी ओर, प्रदेशभर में कुल सवा लाख लोगों के नाम काटने को लेकर प्रपत्र भरे गए हैं। गौरतलब है कि आयोग ने शिकायत और आपत्तियों पर विवाद बढ़ने के बाद इसकी अंतिम तिथि 15 जनवरी से 19 जनवरी कर दी है। ऐसे में आपत्ति और दावों की संख्या बढ़ना तय है। बता दें कि एसआईआर के पहले चरण में प्रदेश में 41.85 लाख नाम कट चुके हैं। करीब 6 लाख को दस्तावेज दिखाने हैं प्रदेश में एसआईआर के तहत दस्तावेज दिखाने की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में अभी छह लाख से अधिक लोगों को दस्तावेज दिखाने की प्रक्रिया पूरी करनी है। गौरतलब है कि 11 लाख मतदाता इस कैटेगरी में थे। आयोग का तर्क है कि अभी दस्तावेज दिखाने का प्रोसेस जारी है। ऐसे में यह आंकड़ा बड़ी संख्या में कवर हो जाएगा। वोटरों के खिलाफ हजारों फर्जी शिकायतों पर आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, क्या कहेंगे? शिकायत और नाम काटने में फर्क है। अभी किसी की शिकायत पर नाम नहीं काटे जा रहे हैं। नाम काटने से पहले वोटर को नोटिस देकर पक्ष लिया जाएगा। इसके बाद ईआरओ और इस मामले में बनी संबंधित कमेटी नाम काटने को लेकर निर्णय लेगी। कांग्रेस का आरोप है कि आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है? चुनाव आयोग किसी भी पार्टी या व्यक्ति के दबाव में काम नहीं कर रहा है। नियमों के तहत अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहा है। अलवर, सीकर, चित्तौड़ व अन्य जिलों में विवाद हुए हैं, फार्म-7 से फर्जी शिकायतों से नाम काटे जा रहे हैं? शिकायत तो कोई भी कर सकता है, लेकिन सत्यता जांचने का काम तो सिस्टम का है। सिस्टम जब सभी शिकायतों को अपने लेवल पर फिल्टर करेगा, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इस प्रक्रिया में फर्जीवाड़े से नाम काटना संभव ही नहीं है। सभी को सुनवाई और पक्ष देने का पूरा मौका मिलेगा। दावे के साथ कह सकता हूं कि कोई गड़बड़ी नहीं होगी। शिकायतों की संख्या 5 से 6 दिन में दोगुनी होना शक पैदा करता है? आपत्तियों के पहले दिन ही 15 से 20 हजार केस आ गए थे। उधर, 95 हजार से अधिक केस अभी और हैं। एक रूटीन प्रोसेस की तरह काम हुआ है। कैसे कह सकते हैं कि आगे गड़बड़ी नहीं होगी, फर्जी शिकायतों के मामलों ने तूल पकड़ रखा है? प्रति व्यक्ति के केस में नोटिस, सुनवाई का पूरा पक्ष और उसके बाद अथॉरिटी के निर्णय का प्रोसेस महत्वपूर्ण होगा। मेरा दावा है कि फर्जी शिकायतें इस प्रोसेस के आगे दम तोड़ देंगी। आयोग पर दबाव नहीं, सिर्फ शिकायत पर नाम नहीं कटेंगे “प्रदेश में कांग्रेस ने आरोप लगाए हैं कि फर्जी शिकायतों के आधार पर भाजपा ने बड़ी संख्या में वोटरों के नाम काटने का षड्यंत्र रचा है। इस मामले में पिछले तीन दिन से लगभग सभी कांग्रेस नेता मुखर हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन से इस मामले में सीधे और तीखे सवाल पूछे गए तो उन्होंने बेबाकी से इसके जवाब दिए।” -नवीन महाजन, मुख्य निर्वाचन अधिकारी आदर्श नगर विस में 8 हजार मुस्लिम-दलितों के नाम काटे : रफीक जयपुर | आदर्श नगर विधायक रफीक खान ने अपने विधानसभा क्षेत्र से 8 हजार मुस्लिम व दलितों के नाम मतदाता सूची से काटने का आरोप भाजपा व चुनाव आयोग पर लगाया है। रफीक खान ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर जिनके नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उन्हें बुलाया। साथ ही, जिन लोगों के नाम काटे गए हैं, उनके लिए आपत्ति दर्ज होने के फॉर्म-7 की प्रतिलिपियां दिखाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि विस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रवि नैयर ने एक दिन में 400 से अधिक फॉर्म-7 पर हस्ताक्षर कर मुस्लिमों व दलितों के नामों पर आपत्तियां दर्ज करवाई हैं। पश्चिम बंगाल, यूपी, दिल्ली में कई के नाम मतदाता सूची में मिले हैं, यहां से हटेंगे : नैयर वहीं, रवि नैयर ने कहा है कि उन्होंने 1500 मतदाताओं के नामों पर फॉर्म-7 से आपत्ति दर्ज करवाई थी। कई के नाम पश्चिम बंगाल, यूपी, दिल्ली में जुड़े मिले हैं, वे नाम यहां भी हैं। ऐसे नाम हटाने की तैयारी है।
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