SIR में गलत तरीके नाम काटने का आरोप:कांग्रेस जिलाध्यक्ष का आरोप RSS लिस्ट बनवाकर कटवा रही नाम




नागौर में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया (SIR) को लेकर नागौर में सियासी गरमाहट बढ़ गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा ने निर्वाचन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि एक षड्यंत्र के तहत पात्र मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा रहे हैं। ​”संघ” की दखलअंदाजी का आरोप ​जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर मीडिया से रूबरू होते हुए हनुमान बांगड़ा ने कहा कि हमें ऐसे कई तथ्य मिले हैं जिनसे स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से प्रशासन को नाम कटवाने के लिए सूचियां दी जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि “जब संघ ही सूचियां बना रहा है और नाम तय कर रहा है, तो निर्वाचन आयोग की क्या भूमिका रह जाती है?” बांगड़ा ने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताया। ​फॉर्म नंबर 7 की प्रतियों की मांग ​कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने जिला कलेक्टर को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने निर्वाचन विभाग से मांग की है कि: ​फॉर्म नंबर 7 (नाम हटाने के लिए आवेदन) के तहत जितने भी आवेदन आए हैं, उनकी सत्यापित प्रतियां कांग्रेस को उपलब्ध कराई जाएं। ​किन लोगों के नाम काटे गए हैं और उनका आधार क्या है, इसकी सबूत सहित जानकारी सार्वजनिक की जाए। बांगड़ा ने आरोप लगाया कि ​कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां मतदाता का स्वयं का मकान होने के बावजूद उसका नाम सूची से हटा दिया गया है। ​बीएलओ की भूमिका पर सवाल ​बांगड़ा ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि एक बीएलओ (BLO) एक बार में 10 से ज्यादा आवेदन नहीं ले सकता, लेकिन कई जगहों पर इस नियम की धज्जियां उड़ाई गई हैं। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इन सभी विसंगतियों पर स्पष्टीकरण और मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो कांग्रेस बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगी। ​दोषियों पर कार्रवाई और नाम बहाली की पुरजोर मांग ​जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन से मांग की है कि हाल के दिनों में फॉर्म संख्या 7 के माध्यम से जितने भी नाम काटे गए हैं, उन सभी मामलों की एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें अविलंब बहाल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, जिला कलेक्टर से यह आग्रह किया गया है कि वे संबंधित अधिकारियों और बीएलओ को सख्त हिदायत दें ताकि भविष्य में किसी भी व्यक्ति का नाम काटने से पहले उसे अपनी आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अवसर मिले और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *