डूंगरपुर में NH-48 पर चलती कार पर पथराव:बिछीवाड़ा में सलूंबर का परिवार बाल-बाल बचा, अहमदाबाद से लौट रहे थे




बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 48 पर एक चलती कार पर पथराव किया गया। इस घटना में सलूंबर जिले का वरनौती परिवार बाल-बाल बच गया। गुरुवार रात को हुई इस घटना में कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि किसी को चोट नहीं आई। सलूंबर के सालवी मोहल्ला निवासी प्रवीण वरनौती, उनकी पत्नी मीना कुमारी सालवी और उनके दो बेटे प्रतीक व कविस वरनौती मकर संक्रांति की छुट्टियां मनाने अहमदाबाद गए थे। यह परिवार अहमदाबाद से वापस सलूंबर लौट रहा था। परिवार ने बताया कि गुरुवार रात जब वे अपनी कार से लौट रहे थे, तभी बिछीवाड़ा हाईवे के पास अंधेरे का फायदा उठाकर अज्ञात असामाजिक तत्वों ने उनकी चलती गाड़ी पर पथराव शुरू कर दिया। एक पत्थर कार के बोनट पर लगा, जिससे तेज आवाज आई और बोनट पिचक गया। परिवार ने आशंका जताई कि यदि पत्थर विंड स्क्रीन पर लगता तो गंभीर परिणाम हो सकते थे। अचानक हुए इस हमले से गाड़ी में मौजूद बच्चे और महिलाएं सहम गए। प्रवीण वरनौती ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई और सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। पीड़ित परिवार ने पथराव करने वाले बदमाशों पर कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।



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RCB की चिन्नास्वामी स्टेडियम में AI कैमरा लगाने की मांग:350 कैमरे का खर्च खुद देगी फ्रेंचाइजी; बेंगलुरु में 11 लोगों की मौत हुई थी




रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अपने होम ग्राउंड एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच कराने के लिए कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) को एक प्रस्ताव भेजा है। इसमें फ्रेंचाइजी ने स्टेडियम में भीड़ नियंत्रण के लिए 300 से 350 AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैमरे लगाने का प्रस्ताव दिया है। इसकी अनुमानित लागत करीब 4.5 करोड़ रुपये है, जिसे RCB खुद देगी। फ्रेंचाइजी का कहना है कि इन कैमरों की मदद से भीड़ की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी और एंट्री-एग्जिट पर रियल टाइम निगरानी संभव होगी। इससे फैंस की सुरक्षा भी काफी बेहतर होगी। पिछले साल IPL ट्रॉफी सेलिब्रेशन के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद स्टेडियम में सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियां रोक दी गई थीं। जांच में भीड़ प्रबंधन की भारी कमी को हादसे की बड़ी वजह बताया गया था और इसके लिए RCB को भी जिम्मेदार ठहराया गया था। अवैध एंट्री रोकेगा RCB के मुताबिक AI कैमरा सिस्टम वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट डाटा के जरिए काम करेगा और किसी भी तरह की अवैध एंट्री या सुरक्षा खतरे को पहले ही पहचान सकेगा, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस पहल के लिए RCB ने टेक्नोलॉजी कंपनी स्टैक्यू के साथ साझेदारी की है, जो पहले भी ऑटोमेशन और डाटा आधारित तकनीक के जरिए सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाने का काम कर चुकी है। रायपुर या पुणे में हो सकते हैं मैच अगर IPL 2026 के लिए स्टेडियम को सरकारी मंजूरी नहीं मिलती है, तो RCB अपने घरेलू मैच रायपुर या पुणे में कराने पर भी विचार कर रही है। नियम के मुताबिक, IPL शुरू होने से कम से कम एक महीने पहले टीमों को अपने होम स्टेडियम के बारे में जानकारी देनी होती हैं। IPL 2026 के मार्च के आखिर में शुरू होने की संभावना है। टी-20 वर्ल्ड कप के मैच नहीं मिले फरवरी से मार्च के बीच टी-20 वर्ल्ड कप भी खेला जाना है, लेकिन जरूरी NOC न मिलने के कारण चिन्नास्वामी स्टेडियम को उस टूर्नामेंट का भी कोई मैच नहीं मिल पाया है। इससे पहले BCCI को विजय हजारे ट्रॉफी और विमेंस वर्ल्ड कप के कुछ मैच भी बेंगलुरु से बाहर शिफ्ट करने पड़े थे। बेंगलुरु में भगदड़ में 11 लोगों की मौत हुई थी IPL 2025 का खिताब जीतने के बाद RCB ने 4 जून को चिन्नास्वामी स्टेडियम में ट्रॉफी सेलिब्रेशन रखा था, लेकिन खराब प्लानिंग और भीड़ नियंत्रण की कमी के कारण हालात बिगड़ गए थे। इस दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। कर्नाटक सरकार की रिपोर्ट में हादसे का जिम्मेदार RCB को बताया गया था। इसमें कोहली का भी जिक्र था। कर्नाटक सरकार ने कहा कि RCB ने चिन्नास्वामी में आयोजित विक्ट्री परेड के लिए सरकार से कोई अनुमति नहीं ली थी।



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प्रतापगढ़ रिजर्व पुलिस लाइन में पुस्तकालय का शुभारंभ:राजस्थान पुलिस प्राथमिकता-2026 के तहत कर्मचारियों व परिजनों को लाभ




प्रतापगढ़ की रिजर्व पुलिस लाइन में एक नए पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया है। यह पहल राजस्थान पुलिस प्राथमिकता-2026 के तहत पुलिस परिसरों में सामुदायिक सेवाओं के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला कलेक्टर अंजलि राजोरिया और जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। इस पुस्तकालय का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को पढ़ने तथा ज्ञानवर्धन के अवसर प्रदान करना है। यह ज्ञान, विचार और संस्कृति के आदान-प्रदान का केंद्र बनेगा, न कि केवल किताबों का संग्रह। यह पुस्तकालय विशेष रूप से पुलिस लाइन परिसर में रहने वाले बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगा। यहां बच्चे अपने ज्ञान को बढ़ा सकेंगे, नए विचारों को समझ सकेंगे और अपनी शिक्षा के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। पुस्तकालय में आधुनिक तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें वाईफाई कनेक्शन, कानून संबंधी पुस्तकें और अन्य ज्ञानवर्धक सामग्री शामिल है। पुलिस कर्मचारियों के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा के लिए विशेष रूप से वाईफाई कनेक्शन लगाया गया है, जिससे उन्हें अपनी शिक्षा में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।



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खानपुर में टायर चोरी का खुलासा, पांच गिरफ्तार:पुलिस ने 35 ट्रक टायर बरामद किए, ऑटो जब्त




झालावाड़ के खानपुर कस्बे में पुराने टायरों के गोदाम से हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और चोरी किए गए 35 ट्रक टायर बरामद किए गए हैं। कुल 145 टायरों की चोरी हुई थी। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि 29 दिसंबर को झालावाड़ निवासी बबलू सैन और उसके साथियों ने गोदाम से पुराने ट्रक टायर चुराए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए खानपुर थानाधिकारी सीआई रविंद्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी बबलू सैन (33) पुत्र श्यामसुंदर सैन, लोकेश पांचाल (28) पुत्र घनश्याम, चौथमल (24) पुत्र कृपाराम, पप्पू खान (48) पुत्र जुल्फकार और हाफिज साहब उर्फ अकबर खान (52) पुत्र अनवर खान को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी झालावाड़ और कोटा जिले के निवासी हैं। इस संबंध में 11 जनवरी को खानपुर के पुराना बस स्टैंड निवासी राशिद राजा (34) पुत्र ख्वाजा मोहम्मद ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राशिद राजा पुराने टायरों की खरीद-फरोख्त का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने निर्मल रेजीडेंसी के पास एक किराए के प्लॉट में टायरों का गोदाम बना रखा था, जो चारदीवारी और ताले से सुरक्षित था। राशिद राजा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पिछले तीन महीनों से उनके गोदाम से ट्रक टायर चोरी हो रहे थे। 20 दिसंबर को उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगवाए, जिसमें 29 दिसंबर की रात 2-3 लोग एक तिपहिया ऑटो में टायर चुराते हुए कैद हो गए। फुटेज की जांच के बाद मुख्य आरोपी बबलू सैन की पहचान हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की और अब इस चोरी का खुलासा किया है। शेष चोरी हुए टायरों की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।



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जयपुर एयरपोर्ट पर बिगड़ा फ्लाइट शेड्यूल:चंडीगढ़ में मौसम खराब होने की वजह से कैंसिल हुई 2 फ्लाइट, दुबई और मुंबई फ्लाइट हुई लेट




जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बार फिर फ्लाइट्स शेड्यूल गड़बड़ा गया है। जिससे पैसेंजर्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ में मौसम खराब होने की वजह से जहां आज इंडिगो एयरलाइन ने चंडीगढ़ की 2 फ्लाइट को कैंसिल कर दिया है। वहीं मुंबई और दुबई की फ्लाइट अपने निर्धारित वक्त पर उड़ान नहीं भर पाई। दरअसल, इंडिगो की जयपुर से चंडीगढ़ जाने वाली फ्लाइट संख्या 6E – 7742 को लगातार चौथे दिन रद्द कर दिया गया। यह फ्लाइट रोजाना सुबह 5 बजकर 50 मिनट पर जयपुर से चंडीगढ़ के लिए रवाना होती है। फ्लाइट रद्द होने की वजह से सुबह यात्रा करने वाले यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ा। इसके साथ ही इंडिगो की जयपुर से चंडीगढ़ जाने वाली रात 8 बजकर 45 मिनट की फ्लाइट संख्या 6E – 7414 को भी कैंसिल कर दिया गया। एक ही रूट की दो फ्लाइट्स रद्द होने से चंडीगढ़ जाने वाले पैसेंजर्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्पाइसजेट की इंटरनेशनल फ्लाइट SG – 57, जो जयपुर से सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर दुबई के लिए रवाना होनी थी, वह देरी से उड़ान भर सकी। यह फ्लाइट सुबह 10 बजकर 30 मिनट के बाद दुबई के लिए रवाना हुई, जिससे दुबई जाने वाले पैसेंजर्स को भी लंबा इंतजार करना पड़ा। इसी तरह इंडिगो की जयपुर से मुंबई जाने वाली फ्लाइट संख्या 6E – 251 भी लेट रही। यह फ्लाइट सुबह 10 बजकर 55 मिनट पर रवाना होनी थी, लेकिन करीब तीन घंटे की देरी से दोपहर 2 बजे मुंबई के लिए उड़ान भर सकी। मुंबई जाने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा। जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स के कैंसिल और लेट होने से पैसेंजर्स में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। पैसेंजर्स का कहना है कि उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे उनका ट्रैवल प्लान प्रभावित हो रहा हैं। हालांकि एयरलाइंस की ओर से पैसेंजर्स को वैकल्पिक फ्लाइट और रिफंड की सुविधा देने की बात कही जा रही है, लेकिन लगातार हो रही परेशानी से पैसेंजर्स काफी परेशान हैं।



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चुनाव और जनगणना कार्यक्रम के बहिष्कार की चेतावनी:अलाय को पंचायत समिति मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर धरना एक महीने से जारी, परिवार के साथ धरने पर बैठने की बन रही कार्ययोजना




अलाय को पंचायत समिति मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का जिला मुख्यालय स्थित पशु प्रदर्शनी स्थल पर धरना आज एक महीने के पड़ाव पर पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण अपनी मांग पर 17 दिसम्बर से अड़े हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सरकार अलाय में मुख्यालय खोलने की घोषणा नहीं करती, वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने आज फिर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी और आगामी दिनों बड़े विरोध प्रदर्शन के साथ साथ चुनावों और जनगणना कार्यक्रम के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ​एक महीने से जारी है संघर्ष ​धरने पर बैठे किसान नेता अनूप बिश्नोई ने बताया कि आंदोलन को एक महीना हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक मुख्यालय को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा, “हमारी मुख्य मांग अलाय में मुख्यालय खोलने की है। सरकार ने हमारी एक मांग तो मान ली है, लेकिन जब तक मुख्यालय नहीं बनेगा, हम धरने से नहीं उठेंगे।” ​बड़े सम्मेलन और सामूहिक बहिष्कार की तैयारी ​आंदोलनकारियों ने अब अपने विरोध को और तेज करने का निर्णय लिया है। अनूप बिश्नोई के अनुसार, आगामी 4-5 दिनों में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण अपने परिवारों और बच्चों सहित शामिल होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी कि वे इतनी बड़ी भीड़ की क्या व्यवस्था करते हैं। ​वहीं, एक अन्य ग्रामीण प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगामी पंचायत चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार की जनगणना जैसी योजनाओं और सरकार की अन्य किसी भी गतिविधि में हिस्सा न लेने की चेतावनी दी है। ​राजनीतिक मुद्दा नहीं, हक की लड़ाई ​विपक्ष या अन्य लोगों द्वारा इसे ‘राजनीति चमकाने का जरिया’ बताए जाने के आरोपों को ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि धरने पर बैठे लोग उन्हीं पंचायतों से हैं जो मुख्यालय के स्थानांतरण से सीधे प्रभावित हो रही हैं। सभी राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। यह है पुरा मामला गौरतलब है कि नई ग्राम पंचायत और पंचायत समितियों के आदेश में सरकार ने पहले श्रीबालाजी को नई पंचायत समिति बनाया था। लेकिन इस घोषणा के साथ ही अलाय गांव और आसपास के करीब दो दर्जन गांवो ने इसका जमकर विरोध करते हुए अलाय को पंचायत समिति बनाने कि मांग की। सरकार ने भूल सुधार के आदेश में श्रीबालाजी – अलाय नाम से पंचायत समिति की घोषणा की लेकिन उसके बाद भी मुख्यालय को लेकर खिंचतान जारी है। एक तरफ श्रीबालाजी के ग्रामीण अपने यहां मुख्यालय की मांग कर रहे हैं जबकि अलाय के ग्रामीण अलाय में पंचायत समिति मुख्यालय की मांग को लेकर एक महीने से धरने पर बैठे हुए हैं।



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ANTF ने कोलकाता दी दबिश, राजस्थान का टॉप-10 वांटेड पकड़ा:एमडी ड्रग्स फैक्ट्रियां डाल बन गया करोड़पति, ज्योतिर्लिंग-चार धाम यात्रा कर धोए पाप




ANTF की टीम ने राजस्थान के टॉप-10 वांटेड बदमाश को कोलकाता में दबिश देकर पकड़ा है। पिछले 8 साल से फरार बदमाश पर एक लाख रुपए का इनाम रखा है। फरारी के दौरान उसने पश्चिमी राजस्थान में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्रियां डालकर करोड़ों रुपए कमाए। पुलिस पकड़ से बचने और पाप धोने के लिए सभी ज्योतिर्लिंग व चार धाम की यात्राएं तक की। लग्जरी लाइफ जीने के शौकीन वांटेड बदमाश ने महाराष्ट्र जेल में बंद डॉक्टर से एमडी ड्रग्स बनाने का फॉर्मूला सीख करोड़ों की जमीन खरीद डाली। राजस्थान सहित पांच राज्यों में उसके खिलाफ 36 क्रिमिनल केस दर्ज है। आईजी (एटीएस) विकास कुमार ने बताया- एमडी ड्रग्स के मास्टर माइंड रमेश कुमार उर्फ अनिल उर्फ रामलाल (31) निवासी धोरीमन्ना बाड़मेर को अरेस्ट किया है। वह ड्रग्स, चोरी, मारपीट, फिरौती व किडनैपिंग के मामलों में लिप्त है। ANTG की टीम ने कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में स्थित किराए के फ्लैट पर दबिश देकर पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपी रमेश कुमार के खिलाफ राजस्थान सहित पांच राज्य (गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक) में करीब 36 केस दर्ज है। वह पांचों जिलों की जेलों में सजा भी काट चुका है। उसके खिलाफ आसाम और मणिपुर में फेक नाम से क्राइम करने और केस दर्ज होना पता चला है। 8 साल से चल रहा था फरार
बाड़मेर के पुलिस स्टेशन में ड्रग्स तस्करी को लेकर उसके खिलाफ साल-2018 में केस दर्ज है। केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी रमेश कुमार फरार चल रहा है। पिछले 8 सालों से नाम-हुलिया छिपाकर ठिकाने बदल-बदल कर वह फरारी काट रहा था। उसकी गिरफ्तार को लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से 1 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। उसने फरारी के दौरान पश्चिम राजस्थान में एमडी ड्रग्स की कई फैक्ट्रियां डाली। जोधपुर, बाड़मेर और सिरोही में पिछले दिनों उसकी तीन ड्रग्स फैक्ट्री पर छापा मारकर पकड़ा गया। ड्रग्स फैक्ट्री से बन गया करोड़पति
साल-2017 में शराब तस्करी के मामले में वह महाराष्ट्र जेल में बंद हुआ। महाराष्ट्र जेल में उसका कॉन्टैक्ट डॉ. बिरजू से हुआ। जेल में एक साथ बंद होने पर डॉ. बिरजू ने उसे एमडी ड्रग्स के बिजनेस के बारे में बताया। डॉ. बिरजू के कहने पर महाराष्ट्र से खुदरा में एमडी ड्रग्स की राजस्थान में सप्लाई का काम शुरू किया। मुनाफे को देखकर डॉ. बिरजू से एमडी ड्रग्स बनाने का फार्मूला सीखकर पार्टनरशिप में पश्चिमी राजस्थान में ड्रग्स बनाने की कई फैक्ट्रियां डाली। डॉ. बिरजू के जरिए महाराष्ट्र से केमिकल एक्सपर्ट आते थे। मुम्बई की एक महिला के जरिए से मुंबई-पुणे और गुजरात से केमिकल आता था। ड्रग्स फैक्ट्रियां डालकर आरोपी रमेश ने करोड़ों रुपए अवैध व्यापार से कमा लिए। 1 लाख रुपए कीमत में बनती 30 लाख की एमडी
पूछताछ में आरोपी रमेश ने सामने आया है कि फॉर्मूला में ब्रोमा, कास्टिक सोडा, हाइड्रोक्लोरिक एसीड, टार्लबन और एथिल अल्कोहल को मिलाकर केमिकल प्रक्रिया से एमडी ड्रग्स बनाई जाती थी। एमडी ड्रग्स बनाने की प्रक्रिया में 5 से 7 दिन लगते थे। एक किलोग्राम एमडी ड्रग्स बनाने के लिए एक लाख रुपए का खर्चा आता था। जिसको बाजार में करीब 30 लाख रुपए में बेची जाती थी। तैयार माल को गाड़ियों से गुजरात और महाराष्ट्र भेजा जाता। वहां से फुटकर में राजस्थान सप्लाई कराई जाती थी, जिससे किसी को शक नहीं हो। वाहन चोर से बना एमडी ड्रग्स मास्टर माइंड
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी रमेश 12वीं तक पढ़ा हुआ है। साइंस से 12वीं करने के दौरान वह फेल हो गया। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह आवारागर्दी करने लगा। शौक पूरा करने के लिए उसने नाबालिग होने के दौरान वाहन चोरी की वारदात शुरू की। वाहन चोरी का धंधा बढ़ाकर तस्करों को बेचने लगा। सैकड़ों वाहन चोरी कर तस्करों को बेचकर मोटी रकम ली। उसके बाद खुद भी शराब तस्करी के धंधे में कूद पड़ा। सम्पति बनाने के लिए रमेश ने अपना कारोबार बढ़ाकर कई राज्यों में कर लिया। महाराष्ट्र जेल में एमडी ड्रग्स के धंधा करने वाले डॉ. बिरजू से मुलाकात होने पर करोड़पति से अरबपति बनाने की मंशा बना ली। लग्जरी लाइफ जीने का शौकीन
एमडी ड्रग्स फैक्ट्री डालकर करोड़ों कमाने पर उसने एक बड़ी मार्बल फैक्ट्री व कार डेकॉर की दुकान खोली। इसके साथ ही कई प्लाट, फॉर्म हाउस और दुकानें भी खरीदी। ANTF के पीछे पड़ने का पता चलने पर वह कोलकाता भाग गया। लग्जरी लाइफ जीने का शौकीन रमेश दूसरे के नाम पर किराए का फ्लैट लेकर रहता था। एक महीने में दो बार कोलकाता से पुणे एयरलाइंस से सफर करता था। पकड़े जाने से बचने के लिए वह मोबाइल का यूज नहीं करता था। किराए के फ्लैट में रहने के दौरान आरोपी रमेश आस-पड़ोस में खुद को केमिस्ट्री टीचर और हाल केमिकल्स बिजनेसमैन बता रखा था। केमिकल फैक्ट्री लगाने के लिए जगह की तलाश के लिए कोलकाता आना बताता था। अपार्टमेंट में रहने वाले लोग बड़ा बिजनेसमैन समझकर उसकी इज्जत करते थे। कुछ बच्चे उससे मार्गदर्शन लेने के लिए आया करते थे। 12 ज्योतिर्लिंगों और 4 धामों की कर डाली यात्रा
राजस्थान में टॉप-10 वांटेड में नाम आने और ANTF के पीछे पड़ने पर रमेश लगातार फरारी काट रहा था। पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी रमेश ने सभी 12 ज्योतिर्लिंगों और चारों धामों की परिक्रमा कर डाली। कुछ दिन पहले ही वह जगन्नाथपुरी से घूम कर आया था। अभी गंगासागर जाने की तैयारी में था। पूछताछ में उसका कहना है कि धार्मिक यात्राएं कर वह अपने पापों को धो रहा था।



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जमीनी विवाद में हमले के 4 आरोपी गिरफ्तार:कुल्हाड़ी-डंडों से एक परिवार पर किया था हमला, पूर्व में भी 4 पकड़े




अजमेर के हाथीखेड़ा गांव में जमीनी विवाद को लेकर एक परिवार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद परिवार पर कुल्हाड़ी-डंडों से जानलेवा हमला किया था। जिसमें एक ही परिवार के 10 लोग घायल हुए थे। पुलिस गिरफ्तार अन्य चार आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। पुलिस मामले में पहले भी 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने के एएसआई रामसिंह ने बताया कि थाने पर हाथी खेड़ा गांव निवासी दिलखुश की ओर से मामला दर्ज करवाया गया था। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करते हुए फरार सूरज सिंह(32) पुत्र शंकर सिंह, जितेंद्र सिंह रावत उर्फ जीतू(19), शिव सिंह रावत पुत्र भीमा और भीमा उर्फ भीम सिंह पुत्र लादू सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। यह खबरें भी पढ़ें….. कुल्हाड़ी-लाठी और डंडों से परिवार पर जानलेवा हमला,VIDEO:महिलाओं,बच्चों सहित एक दर्जन लोग घायल, जमीन को लेकर हुआ विवाद हाथीखेड़ा हमले के 4 आरोपी गिरफ्तार:जमीन को लेकर परिवार पर कुल्हाड़ी-लाठियों से किया था हमला, 10 लोग अस्पताल में भर्ती



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विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा:जिला परिषद साधारण सभा की बैठक में आमजन से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा




करौली में जिला परिषद साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को राजीव गांधी सेवा केंद्र में हुई। इसकी अध्यक्षता जिला प्रमुख शिमला बैरवा ने की। बैठक में विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, जिला परिषद सीईओ शिवचरण, जिला अधिकारी और जिला परिषद सदस्य मौजूद रहे। बैठक में पिछली साधारण सभा में उठाई गई शिकायतों और लिए गए निर्णयों की अनुपालना की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय विकास, विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन के साथ-साथ आमजन से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नादौती क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य रामसिंह ने रसद विभाग से संबंधित ऑनलाइन केवाईसी प्रक्रिया में आ रही समस्याओं को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डीलर उपभोक्ताओं को धमका रहे हैं। रामसिंह ने खाद्य सुरक्षा योजना के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण की मांग भी की। सदस्यों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि एक सदस्य का केवाईसी न होने पर पूरे परिवार का नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटा दिया जाता है। उन्होंने इसमें सुधार के लिए सामूहिक प्रस्ताव पारित करने की मांग की। पिछली बैठक में सीएमएचओ की अनुपस्थिति पर सदन ने नाराजगी व्यक्त की। उन्हें निर्देश दिए गए कि अगली बैठकों में वे स्वयं या अपना प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से भेजें। विधायक दर्शन सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि कोरोना काल में प्राप्त आवश्यक चिकित्सा उपकरण अभी तक उपयोग में नहीं लाए गए हैं। उन्होंने नादौती क्षेत्र के लिए विधायक कोष से उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस के गैरेज में खड़े रहने का मुद्दा भी उठाया। बैठक में अन्य कई शिकायतें भी सामने आईं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में दवाइयों के छिड़काव में लापरवाही, हिंडौन में बिना सक्षम चिकित्सकों के निजी अस्पतालों का संचालन, कटकड़ सीएचसी को 24 घंटे खोलने की मांग, पशु चिकित्सालयों में पानी की कमी और छाबर गांव में स्वीकृत नलकूप के संचालित न होने जैसे मुद्दे शामिल थे।



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विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा:जिला परिषद साधारण सभा की बैठक में आमजन से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा




करौली में जिला परिषद साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को राजीव गांधी सेवा केंद्र में हुई। इसकी अध्यक्षता जिला प्रमुख शिमला बैरवा ने की। बैठक में विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, जिला परिषद सीईओ शिवचरण, जिला अधिकारी और जिला परिषद सदस्य मौजूद रहे। बैठक में पिछली साधारण सभा में उठाई गई शिकायतों और लिए गए निर्णयों की अनुपालना की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय विकास, विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन के साथ-साथ आमजन से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नादौती क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य रामसिंह ने रसद विभाग से संबंधित ऑनलाइन केवाईसी प्रक्रिया में आ रही समस्याओं को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डीलर उपभोक्ताओं को धमका रहे हैं। रामसिंह ने खाद्य सुरक्षा योजना के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण की मांग भी की। सदस्यों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि एक सदस्य का केवाईसी न होने पर पूरे परिवार का नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटा दिया जाता है। उन्होंने इसमें सुधार के लिए सामूहिक प्रस्ताव पारित करने की मांग की। पिछली बैठक में सीएमएचओ की अनुपस्थिति पर सदन ने नाराजगी व्यक्त की। उन्हें निर्देश दिए गए कि अगली बैठकों में वे स्वयं या अपना प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से भेजें। विधायक दर्शन सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि कोरोना काल में प्राप्त आवश्यक चिकित्सा उपकरण अभी तक उपयोग में नहीं लाए गए हैं। उन्होंने नादौती क्षेत्र के लिए विधायक कोष से उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस के गैरेज में खड़े रहने का मुद्दा भी उठाया। बैठक में अन्य कई शिकायतें भी सामने आईं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में दवाइयों के छिड़काव में लापरवाही, हिंडौन में बिना सक्षम चिकित्सकों के निजी अस्पतालों का संचालन, कटकड़ सीएचसी को 24 घंटे खोलने की मांग, पशु चिकित्सालयों में पानी की कमी और छाबर गांव में स्वीकृत नलकूप के संचालित न होने जैसे मुद्दे शामिल थे।



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