Discussion on strengthening unity and organization in the society | समाज में एकता व संगठन मजबूत करने पर की चर्चा – Baran News

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बारां| शहर में चतुर्भुजनाथजी महाराज मेहर समाज बारां के मीटिंग हॉल में मेहर समाज हाड़ौती संभाग रजिस्टर्ड समितियों व संस्थाओं के संरक्षक अध्यक्ष, सचिव, मंत्री, कोषाध्यक्ष व वरिष्ठ सम्मानित सदस्यों की एक वैचारिक व मंथन बैठक हुई। जिसमें संभाग की 25 समितिय

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समिति सचिव सत्यनारायण सिंधिया ने बताया कि समिति के मुख्य संस्थापक सत्यनारायण मोगदया ने बताया कि बैठक में बीस बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करके प्रस्ताव पारित किए। धर्मराज मेहर ने कहा कि समाज में एकता व संगठन मजबूत होना चाहिए।

नवयुवक मंडल कोटा के अध्यक्ष दिग्वेश मेहर व सुरेश कुमार मेहर बताया कि मदिरापान, मृत्यु भोज, पहरावनी आदि पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई है। इस दौरान डॉ. दुर्गा शंकर मेहर बिजोलिया, धर्मराज भरकुण्डियां, बीरमदेव व्याख्याता, कमलेश मेहर, रामनिवास भगत बून्दी, सुरेश मेहर, दिग्वेश मेहर सुनिल मेहर, ब्रह्मनंद मेहर आदि मौज्ूद रहे।

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Additional Secretary of NITI Aayog will conduct review meeting of Sampoornata Abhiyan | नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव लेंगे संपूर्णता अभियान की समीक्षा बैठक – Baran News

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बारां40 मिनट पहले

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बारां| नीति आयोग नई दिल्ली अतिरिक्त सचिव राजीव सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में 2 जनवरी को सुबह साढ़े 10 बजे नीति आयोग के संपूर्णता अभियान के विभागीय इंडीकेटर्स, स्वीकृत प्रोजेक्ट्स एवं गत बैठक की कार्रवाई विवरण के निर्देशों की समीक्षा बैठक का आयोजन मिनी

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Punjab 2026: Free Treatment up to Rs 10 Lakh, Rs 1100 Monthly for Women, AAP Govt’s Big Plans | पंजाब में 10 लाख तक मुफ्त इलाज: महिलाओं को हर महीने ₹1100, युवाओं को बस परमिट मिलेंगे; IPL का हाई एंटरटेनमेंट दिखेगा – Ludhiana News

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पंजाब में साल 2026 लोगों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी लेकर आएगा। साल के शुरुआत में पंजाब में हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके बाद हर महिला को प्रति महीने 1100 रुपए मिलने शुरू हो जाएंगे। इसके लिए 1 करोड़ से ज्यादा महिलाएं 4 साल से इंतजार

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इसी बीच लोगों को सरकारी बसों का भी आरामदायक सफर मिलेगा, क्योंकि सरकार नई बसें खरीद रही है। युवाओं को भी बस परमिट से रोजगार मिलेगा। इसके साथ फैंस मोहाली और धर्मशाला में IPL के हाई एंटरटेनमेंट मुकाबलों का भी आनंद उठाएंगे।

AAP सरकार का आखिरी बजट आएगा। जिसमें लोगों पर कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। इसके साथ ही शिक्षा-सेहत समेत कई क्षेत्रों में बजट की मोटी राशि मिलेगी।

साल के अंत में पंजाब इलेक्शन मूड में चला जाएगा। सरकार भी इसे लेकर ताबड़तोड़ फैसले लेगी। राजनीति भी गर्माएगी और राजनीतिक दलों में खूब जोड़-तोड़ भी नजर आएगा।

चंडीगढ़ को निगम पार्षदों की इस टर्म का 5वां और आखिरी मेयर मिलेगा। इस बार पार्षद हाथ खड़े कर मेयर का चुनाव करेंगे।

इलाज के खर्चे की टेंशन खत्म, 10 लाख तक सरकार देगी पंजाब के लोगों को 2026 की शुरुआत में ही कैशलेस इलाज का लाभ मिलेगा। इसके लिए पंजाब सरकार मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू करेगी। CM भगवंत मान ने कहा कि इसे जनवरी में ही शुरू कर देंगे। इसमें बिना किसी सालाना इनकम लिमिट के हर परिवार को हर साल ₹10 लाख तक का केसलैस इलाज मिलेगा।

यह योजना सभी के लिए है, चाहे उनकी आय हो या न हो। अभी सरकार 45 लाख परिवारों को 5 लाख रुपए तक का बीमा दे रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं अस्पतालों में मिलेगा जो सरकार की सूची में शामिल हैं। इस योजना में 2000 से अधिक तरह की बीमारियों और क्लिनिकल टेस्टों को शामिल किया गया है।

चंडीगढ़ को पहली बार हाथ खड़े करके मिलेगा मेयर चंडीगढ़ नगर निगम को नए साल में नया मेयर मिल जाएगा। इस बार मेयर सीट रिजर्व नहीं है। ऐसे में 35 पार्षदों में जिस पार्टी के पास बहुमत का आंकड़ा होगा, उसमें से कोई भी पार्षद मेयर चुना जा सकता है। मौजूदा मेयर हरप्रीत कौर बबला का कार्यकाल 29 जनवरी को पूरा होगा।

चंडीगढ़ में भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस तीन प्रमुख पार्टियां हैं। इस बार सीक्रेट बैलेट की जगह चुनाव पार्षदों के हाथ खड़े करवाकर किया जाएगा। चंडीगढ़ में हर साल नया मेयर बनता है। कुछ दिन पहले ही AAP की 2 पार्षद सुमन देवी और पूनम के BJP में आने से वह सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है।

हालांकि अगर AAP व कांग्रेस ने 2025 की तरह साथ मिलकर चुनाव लड़ा तो दोनों तरफ टाई हो जाएगा। ऐसे में मेयर चुनाव के दिन वोटिंग से पहले पार्षदों की दलबदली और वोटिंग के दिन गैरहाजिरी, दोनों पर सबकी नजर है।

भगवंत मान सरकार का आखिरी बजट पंजाब में भगवंत मान सरकार का कार्यकाल अब लगभग सवा साल रह गया है। मार्च 2027 में नई सरकार का गठन हो जाएगा। ऐसे में मार्च 2026 में मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार का आखिरी बजट पेश करेंगे। सरकार इस बजट को इलेक्शन को ध्यान में रखते हुए तैयार करेगी।

जिससे साफ है कि सरकार इस बजट में लोगों को राहत देगी और नई योजनाओं की घोषणा करेगी। आम आदमी पार्टी इस बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य की योजनाओं की घोषणा कर सकती है। सरकार युवाओं के लिए रोजगार को लेकर अहम घोषणा कर सकती है।

जिसमें सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के साथ साथ युवाओं को स्वरोजगार के लिए सहयोग करने जैसी घोषणाएं सरकार के आखिरी बजट में होंगी। इसके अलावा सरकार स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ साथ सरकारी अस्पतालों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को इंप्रूव करने के लिए नई योजना की घोषणा कर सकती है।

पंजाब में किसान वर्ग सरकार से नाराज चल रहा है तो सरकार इस बजट में किसानों के लिए भी कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती है। नशा मुक्त पंजाब के लिए भी सरकार बजट में कोई विशेष प्रावधान लाएगी।

महिलाओं को 11-11 सौ रुपए मिलेंगे पंजाब में 2026 में महिलाओं का 4 साल का इंतजार खत्म होगा। 2022 के चुनाव में घोषणा करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) 2026 में इस वादे को पूरा करेगी। जिसमें मार्च में बजट में व्यवस्था कर महिलाओं को हर महीने 1100 रुपए दिए जाएंगे। AAP लगातार विरोधियों के निशाने पर रही लेकिन आम आदमी पार्टी के नेताओं का यही कहना था कि उन्होंने ऐलान जरूर किया था लेकिन इसके लिए उन्हें पूरे 5 साल का टाइम मिला था।

उन्होंने फ्री बिजली की गारंटी नहीं दी थी लेकिन फिर भी हर परिवार काे 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी। हालांकि 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में महिलाओं के गुस्से का शिकार न होना पड़े, इसलिए सरकार इसे इस साल शुरू कर रही है। विरोधियों का अब भी कहना है कि AAP सरकार पिछले 4 साल का बकाया भी महिलाओं को दे। मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक अप्रैल 2026 से महिलाओं को 1100 रुपए प्रति महीने मिलने शुरू हो जाएंगे।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा मजबूत, 1262 नई बसें आएंगी

पंजाब में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होगा। सरकार इस साल 1,262 नई बसें खरीदेगी। ये बसें पीआरटीसी व पनबस में शामिल की जाएंगी। इसमें कुछ मिनी बसें भी हैं। इसके अलावा पंजाब सरकार सूबे के युवाओं को भी मिनी बस के परमिट देने जा रही है ताकि उनको रोजगार मिल सके। युवाओं को मिनी बस खरीदने के लिए सरकार लोन की व्यवस्था भी करवाएगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में घोषणा की थी कि पंजाब के हर गांव को बस सेवा से जोड़ा जाएगा।

आरामदायक बसें, युवाओं को परमिट- सरकार कुल 1,262 नई बसों की खरीद करेगी।- एक बस की खरीद पर ₹35 से ₹40 लाख खर्च होंगे।- 606 बसें पनबस में शामिल होंगी। इसमें 100 मिनी बसें भी हैं।- 656 नई बसों को सरकार PRTC में शामिल करेगी।-खटारा हो चुकी बसों को बेड़े से बाहर किया जाएगा।

IPL मुकाबलों की मेजबानी करेंगे मोहाली-चंडीगढ़, धर्मशाला IPL- 2026 के मैचों के लिए अभी शेड्यूल तो जारी नहीं हुआ है लेकिन न्यू चंडीगढ़ और हिमाचल के धर्मशाला में मैच होने तय हैं। 2025 में भी न्यू चंडीगढ़ में IPL के क्वालिफायर मुकाबले हो चुके हैं। न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला, दोनों के ही क्रिकेट स्टेडियम इंटरनेशनल लेवल के हैं।

हाल ही में यहां भारत और साउथ अफ्रीका के बीच भी टी–20 मुकाबले खेले जा चुके हैं। IPL में पंजाब किंग्स की टीम पंजाब-चंडीगढ़ की फेवरेट रहेगी। इस टीम के कैप्टन श्रेयस अय्यर हैं जबकि मोहाली के रहने वाले इंडियन स्टार क्रिकेट बॉलर अर्शदीप सिंह भी इसी टीम का हिस्सा हैं।

चुनावी मोड में AAP सरकार, दिसंबर से आचार संहिता की तैयारी

पंजाब में फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में आम आदमी पार्टी की सरकार 2026 में इलेक्शन मोड पर रहेगी। दिसंबर में चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावना है। चुनावी साल में सरकार लोक-लुभावन घोषणाएं करेगी।

सरकार का फोकस विकास कार्यों व योजनाओं के उद्घाटन पर रहेगा और पब्लिक को फील गुड करवाने की कोशिशें की जाएंगी। चुनावी साल में सरकार को अलग-अलग कर्मचारी संगठनों के विरोध का सामना भी करना पड़ेगा क्योंकि इस साल कर्मचारी अपनी मांगें मनवाने के लिए सरकार पर प्रेशर बनाएंगी।

पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को सुनने के लिए बाकायदा एक कमेटी भी बनाई है जो कि कर्मचारियों के साथ बैठक करने लगी है ताकि वो धरने प्रदर्शन न करके सरकार की छवि को खराब न करें। पंजाब सरकार इस आखिरी साल में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल भी करेगी।

वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे साल इलेक्शन की गतिविधियों में व्यस्त नजर आएंगे। मतदाता सूचियों को अपडेट करने, मतदाताओं को जागरूक करने, युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ने जैसे अभियान भी प्रशासन की तरफ से चलाए जाएंगे।

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गुडबाय 2025: पंजाब ने झेला भारत-पाक जंग का माहौल:2 भाईयों की एक दुल्हन; 3 शहरों में मीट-शराब बैन; 2025 की 10 बड़ी घटनाएं

साल 2025 का आज आखिरी दिन है। इस पूरे साल में पंजाब ने जंग का माहौल झेला। 3 रातें आसमान में मंडराते ड्रोन देखे। बाढ़ ने पूरे पंजाब को रुलाया। सैकड़ों लोग घर से बेघर हो गए। दिन और रात बाढ़ के खतरे में गुजारे (पढ़ें पूरी खबर)

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Disturbing the peace of migratory birds | प्रवासी पक्षियों की शांति में खलल: सांभर पहुुंचे 2.5 लाख से ज्यादा फ्लेमिंगो, बैन के बावजूद क्षेत्र में बेखौफ उड़ रहे ड्रोन – Jaipur News

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रामसर-सूचित वेटलैंड सांभर झील में प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध है, इसके बावजूद झील क्षेत्र में खुलेआम ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल सरकारी आदेशों की अवहेलना है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानूनों की प्रभावशी

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वन विभाग के आदेश के अनुसार सांभर वेटलैंड और इसके इको-सेंसिटिव जोन में बिना लिखित अनुमति ड्रोन उड़ाना, एरियल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। आदेश में स्पष्ट है कि उल्लंघन की स्थिति में ड्रोन जब्त करने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

अफसरों की अनदेखी पर सवाल; पक्षियों के लिए खतरे का संकेत है ड्रोन

स्थानीय बर्ड वॉचर और पर्यावरण कार्यकर्ता अभिषेक वैष्णव का कहना है कि ड्रोन की आवाज और उसकी कम ऊंचाई पर उड़ान पक्षियों के लिए खतरे का संकेत होती है। फ्लेमिंगो जैसे संवेदनशील पक्षी ड्रोन को शिकारी समझ लेते हैं, जिससे वे अपने ठहराव स्थल बदलने लगते हैं। हाल के दिनों में कुछ झुंडों को झील के अपेक्षाकृत शांत और अंदरूनी हिस्सों की ओर खिसकते देखा गया है, जो मानवीय गतिविधियों के बढ़ते दबाव को दर्शाता है।

ये है कानून

डीसीएफ (जयपुर साउथ) कार्यालय द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें जुर्माना, उपकरण जब्ती और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

पानी और भोजन की उपलब्धता से बढ़ी पक्षियों की संख्या

“अच्छी बारिश के बाद झील में पानी बढ़ा है और ग्रीन व ब्लू एल्गी के साथ ब्राइन श्रिम्प जैसे खाद्य तत्व भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं। करीब 200 वर्ग किमी में फैली झील में फ्लेमिंगो छोटे हिस्सों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैले हुए हैं।” -गोविंद यादव, बर्ड वॉचर

“झील क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। कुछ लोगों को ड्रोन उड़ाने से रोका गया है, हालांकि अब तक ड्रोन जब्त करने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है। विभाग की लोकल टीमें नियमित मॉनिटरिंग कर रही हैं।” -वी. केतन कुमार, उप वन संरक्षक

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Punjab Police Cyber Cell Alert: Happy New Year Messages Can Hack Your Mobile | HAPPY NEW YEAR मैसेज कर देगा मोबाइल हैक: पंजाब पुलिस का अलर्ट, क्लिक करने से पहले ध्यान दें वर्ना डेटा, बैंक अकाउंट व OTP हैकर्स ले लेंगे – Ludhiana News

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लुधियाना साइबर सेल की तरफ से जारी अलर्ट के बारे में जानकारी देता पुलिस कर्मी।

नए साल पर अगर आपके मोबाइल में HAPPY NEW YEAR का मैसेज आता है तो जरा सावधानी पूर्वक उसे क्लिक करें। ऐसा न हो कि शुभकामनाओं के चक्कर में मोबाइल हैक हो जाए और मोबाइल से सारा डेटा, बैंक अकाउंट, ओटीपी का एक्सेस हैकर्स के पास चला जाए। पंजाब पुलिस की साइबर

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पुलिस के साइबर सेल के अफसरों की मानें तो हैकर्स ऐसे मौके की तलाश में रहते हैं जब लोगों के पास बल्क में मैसेज आते हैं। इसी दौरान वो भी मैसेज भेज देते हैं। मैसेज की भीड़ में आम लोग गलती से हर मैसेज को क्लिक कर देते हैं।

इसी दौरान हैकर्स का मैसेज भी क्लिक हो जाता है और लोगों का फोन हैक हो जाता है। पुलिस ने अपील की है कि बिना वेरिफिकेशन के किसी भी मैसेज को क्लिक न करें। यहां तक कि किसी फोटो को भी डाउनलोड न करें।

लुधियाना साइबर सेल के मुताबिक जब भी कोई फेस्टिवल आता है तो हैकर्स एक्टिव हो जाते हैं। दीवाली के समय भी कई लोगों के पास हैकर्स के मैसेज आए और कई मोबाइल हैक भी हुए हैं। इसीलिए पुलिस ने नए साल पर लोगों को पहले से अलर्ट कर दिया है।

सांकेतिक फोटो।

सांकेतिक फोटो।

हैकर्स क्यों चुनते हैं ऐसे मौके नया साल हो या कोई अन्य त्योहार इस दाैरान लोग मैसेज भेजने के लिए अलग-अलग स्टाइल में डिजीटल कार्ड बनाकर अपने परिचितों को भेजते हैं। कई लोग अपने परिचितों को सरप्राइज देने के लिए डिजिटल लिंक तैयार करवाते हैं और उनके अंदर जश्न वाले वीडियो क्लिप होती हैं। हैकर्स भी उसी तरह के लिंक बनाकर लोगों को भेजते हैं ताकि वो उसे खोल दें।

हैकर्स ऐसे करते हैं मोबाइल हैक..

  • APK फाइल भेजकर: वॉट्सऐप या अन्य मैसेंजर ऐप से मैसेज में भेजी गई APK फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल पर पूरा कंट्रोल मिल सकता है।
  • फर्जी लिंक: लिंक पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुलती है, जहां आपकी ID, पासवर्ड या बैंक डिटेल्स चोरी हो जाती हैं।
  • स्पाईवेयर और मालवेयर: एक बार फोन में इंस्टॉल होने पर ये ऐप्स कॉल, मैसेज, फोटो और OTP तक एक्सेस कर लेते हैं।

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चंडीगढ़ पुलिस का अलर्ट, बिना OTP वॉट्सऐप हैक हो रहे; कैसे फंसा रहे और बचने के तरीके जानें

चंडीगढ़ पुलिस ने वॉट्सऐप घोस्ट पेयरिंग स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी अब बिना OTP और बिना पासवर्ड के WhatsApp अकाउंट हैक कर रहे हैं। यह चेतावनी भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In की गंभीर चेतावनी के बाद जारी की गई है (पढ़ें पूरी खबर)

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Jaipur has the best cancer treatment in the state. | प्रदेश में कैंसर का सबसे बेहतर इलाज जयपुर में: 90 हजार मरीजों की सालाना ओपीडी स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में…800 किलोमीटर दूर से भी आ रहे, कई दिनों का ठहराव भी – Jaipur News

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कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अच्छी सुविधाओं और इलाज को देखते हुए उम्मीद जयपुर से है। स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में सालाना 90 हजार रोगियों की ओपीडी है। बाड़मेर, जैसलमेर, बांसवाड़ा से लेकर पड़ोसी राज्यों के मरीज भी यहां आ रहे। एसएमएस के कैं

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मरीजों के परिजनों का दर्द है कि ज्यादातर रोगी लंबे सफर के चलते ही टूट जाते हैं। कैंसर इंस्टीट्यूट और एसएमएस कैंसर सेंटर पर भास्कर को ऐसे कई रोगी मिले जो 800 किमी दूर से आए थे। उनका कहना है कि सरकार को जिला हास्पिटलों को कैंसर के लिहाज से अपग्रेड करना चाहिए। स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के सुपरिंटेंडेंट डॉ. संदीप जसूजा का कहना है कि यहां मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में प्रदेश में लगातार कैंसर सेंटरों का अपग्रेडेशन होना चाहिए। प्राइवेट हॉस्पिटल का इलाज अफोर्ड करना ज्यादातर के लिए आसान नहीं है।

10 हजार एंबुलेंस किराया, भादरा से पत्नी को लेकर पहुंचे सुरेंद्र कैंसर इंस्टीट्यूट में पत्नी को व्हील चेयर पर ले जा रहे सुरेंद्र भादरा से आए हैं। बोले-10 हजार एंबुलेंस का किराया दिया है। दो साल पहले पत्नी को कैंसर डाइग्नोस हुआ। मरीज का ट्रेन, बस में इतना सफर कराना जानलेवा है। ऐसे में बार-बार एंबुलेंस का इतना किराया देना एक खेतीहर व्यक्ति के लिए बहुत मुश्किल है। सरकार को कैंसर के लिए जिला हॉसपिटल में सुविधाएं बढ़ानी चाहिए।

धंधा बंद हो गया…पिता का डेढ़ महीने से करा रहा इलाज धौलपुर से मरीज पिता को लेकर आए हैं लोकेंद्र। करीब डेढ़ माह से यही पर हैं। रहने-खाने का इंतजात ठीकठाक है,लेकिन मानसिक रूप से परिवार को तोडृ दिया है इस बीमारी ने। बेटे ने बताया कि पिता और वे साथ मिलकर टेलरिंग का काम करते थे। अब धंधा बंद हो गया। पूरा परिवार भी परेशान। दूरी के चलते यहां बार-बार आना जाना भी आसान नहीं रहता जबकि हमारे यहां पर सुविधाएं भी इतनी बेहतर नहीं है।

अपने इलाके में इलाज ऐसा मिले तो रेफर की जरूरत ना पड़े व्हीलचेयर पर ओपीडी कतार में खड़े ताज मोहम्मद भतीजे कालू के साथ एक माह से इलाज करा रहे हैं। नोखा से हैं। कालू ने बताया कि पीबीएम में इलाज चला, लेकिन जिन कैंसर के इस स्टेज पर जिन दवाओं और सुविधाओं की जरूरत है वो यही उपलब्ध है। हमारे जैसे गरीबों के लिए जयपुर में रहकर इलाज कराना आसान नहीं है। ऐसे में सरकारी स्तर पर सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए।

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Himachal Pharma Industry Crisis: Revised Schedule M Threatens 500 Units & 50,000 Jobs | हिमाचल में 500 फार्मा कंपनियां बंद होंगी: 50 हजार लोग बेरोजगार, जुकाम से कैंसर तक दवाओं का संकट होगा; क्यों आई नौबत, सवाल-जवाब में जानिए – Shimla News

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केंद्र सरकार के फैसले से हिमाचल प्रदेश की ‘फार्मा इंडस्ट्री’ पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। लगभग 500 फार्मा यूनिट पर ताला लटकने के आसार बन गए हैं। इससे 50 हजार लोगों का रोजगार छिन जाएगा।

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इससे भी बड़ी चिंता ये है कि अगर इन फार्मा कंपनियों में प्रोडक्शन ठप हुई तो सामान्य दर्द-बुखार से लेकर कैंसर तक की दवाओं का भी संकट खड़ा हो सकता है।

इसकी वजह है फार्मा कंपनी में लागू किया गया रिवाइज्ड शेड्यूल ‘M’ (M फॉर्म), जिसके मानक पूरे करने की डेडलाइन 31 दिसंबर की रात 12 बजे खत्म हो गई है। केंद्र ने अभी अतिरिक्त समय नहीं दिया है।

क्या है केंद्र का रिवाइज्ड M फॉर्म, कंपनियां इसके मानक क्यों पूरे नहीं कर पा रहीं, क्या ये कंपनियां परमानेंट बंद होंगी, सवाल-जवाब में पूरा मामला जानिए…

सवाल: हिमाचल के लिए यह बड़ा संकट क्यों है? जवाब: देश में हिमाचल प्रदेश एक बड़ा फार्मा हब है। यहां के बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, ऊना, सोलन और पांवटा साहिब जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 655 फार्मा यूनिट्स चल रहे हैं। जिनका सालाना टर्नओवर ₹40,000–₹60,000 करोड़ तक है। इसमें से सरकार को भी टैक्स के रूप में कमाई होती है। इसके अलावा हजारों लोगों को इन कंपनियों में रोजगार मिला हुआ है।

सवाल: इन कंपनियों में कौन सी दवाएं बनती हैं? जवाब: इन कंपनियों में सर्दी-जुकाम, बुखार, दर्द और सूजन से जुड़ी दवाइयों के साथ-साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर से लेकर कैंसर और हृदय रोगों की दवाएं बनती हैं। इसके अलावा एंटीबायोटिक, एंटी-एलर्जिक, गैस-एसिडिटी, पाचन रोग, विटामिन-मल्टीविटामिन सप्लीमेंट, त्वचा रोग और मानसिक सेहत से जुड़ी दवाइयों का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है।

सवाल: केंद्र ने रिवाइज्ड M फॉर्म कब लागू किया? जवाब: केंद्र सरकार के अधीन आते केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने करीब डेढ़ साल पहले रिवाइज्ड ‘M’ फॉर्म लागू किया। जिसके बाद इसे लागू करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक का टाइम दिया गया।

सवाल: केंद्र सरकार ने M फॉर्म क्यों लागू किया? जवाब: पिछले कुछ वर्षों में देश में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। कुछ मामलों में घटिया दवाओं और संदिग्ध सिरप से बच्चों की मौत जैसी घटनाओं ने सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया। केंद्र का मानना है कि जब तक दवा निर्माण प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रित और मानकीकृत नहीं होगी, तब तक मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इसी कारण, रिवाइज्ड ‘M’ फॉर्म को अनिवार्य किया गया है।

सवाल: केंद्र का रिवाइज्ड M फॉर्म क्या है? जवाब: रिवाइज्ड शेड्यूल ‘M’ दरअसल ड्रग्स एंड कॉस्मैटिक रूल्स, 1945 के तहत तय किए गए गुड मेन्यूफेक्चरिंग प्रेक्टिस (GMP) का नया और सख्त संस्करण है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में बनने वाली दवाएं इंटरनेशनल स्टेंडर्ड, खासकर WHO-GMP के अनुरूप हों।

सवाल: रिवाइज्ड M फॉर्म की शर्तें क्या हैं? जवाब: इसमें यूनिट के जमीन पर्याप्त जमीन, माइक्रो लैब, एयर होल्डिंग सिस्टम, वाटर सिस्टम, GMP मार्क वाली मशीनरी वगैरह अनिवार्य की गई है, ताकि मिलावट रहित, सुरक्षित और प्रभावी दवाई तैयार की जा सके। इसी तरह, दवा निर्माण से जुड़े हर चरण के लिए स्पष्ट और सख्त नियम तय किए गए हैं। जिनमें उत्पादन क्षेत्र का डिजाइन और स्वच्छता, आधुनिक और प्रमाणित मशीनरी का उपयोग, मॉडर्न लैब, ट्रेंड टेक्निकल स्टाफ होना अनिवार्य है।

सवाल: रिवाइज्ड M फॉर्म का मामला अचानक क्यों बढ़ा? जवाब: केंद्र ने इसके सभी मानकों को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक की डेडलाइन तय की थी। डेडलाइन खत्म होने के बाद केंद्रीय और राज्य ड्रग कंट्रोल विभाग ने हिमाचल की फार्मा यूनिट्स में जॉइंट रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन तेज कर दिया है। अब तक करीब 250 यूनिट्स की जांच पूरी की जा चुकी है। जांच में सामने आया है कि अधिकांश यूनिट्स अभी भी संशोधित मानकों को पूरा नहीं कर रही हैं। जो उद्योग मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। कई फार्मा कंपनियों में प्रोडक्शन भी रोक दी गई है।

सवाल: कंपनियां मानकों को पूरा क्यों नहीं कर रहीं? जवाब: हिमाचल में ज्यादातर फार्मा कंपनियां MSME कैटेगरी की हैं। जिनका नए मानकों पर खरा उतरना आसान नहीं है। इसमें फार्मा यूनिट्स को माइक्रो लैब, एयर हैंडलिंग सिस्टम, वाटर सिस्टम, GMP मार्क वाली आधुनिक मशीनरी और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के निर्देश हैं।

सवाल: कंपनियों के लिए सबसे बड़ी मुश्किल क्या है? जवाब: छोटी और मध्यम श्रेणी की फार्मा यूनिट्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमीन की उपलब्धता और भारी निवेश है। रिवाइज्ड M फॉर्म के तहत हर सेक्शन (सिरप, टैबलेट, कैप्सूल) के लिए कम से कम 300 मीटर अलग-अलग जगह अनिवार्य है, यानी तीनों सेक्शन चलाने के लिए 900 मीटर जमीन जरूरी है। मगर राज्य में ज्यादातर यूनिट 300 से 500 मीटर जमीन पर स्थापित है। ऐसे में फॉर्मा उद्योगों को एक या दो सेक्शन में ही उत्पादन जारी रखना होगा।

सवाल: अगर इसे सख्ती से लागू किया गया तो कंपनियों और उससे जुड़े वर्गों पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: यदि मानक पूरा करने की डेट नहीं बढ़ाई गई तो कई यूनिट बंद हो जाएंगी। इनमें उत्पादन लाइसेंस निलंबन या रद्द किया जा सकता है। फैक्ट्रियों में उत्पादन रोकने के आदेश जारी हो सकते हैं। हजारों कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। हिमाचल की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक छवि को झटका लगेगा। देश में दवाओं की सप्लाई चेन भी प्रभावित हो सकती है। इससे दवाएं महंगी हो सकती हैं।

सवाल: फार्मा कंपनियों का इस सख्ती को लेकर क्या कहना है? जवाब: हिमाचल ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (HDMA) के प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि उद्योगपति मानक पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा- रिवाइज्ड M फॉर्म के मानक पूरे किए जा रहे हैं। इन्हें पूरा करने के लिए करोड़ों रुपए का निवेश करना पड़ रहा है। उद्योग अपनी क्षमता के अनुसार प्लांट अपग्रेड कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए कम से कम एक साल का अतिरिक्त समय जरूरी है। डेडलाइन खत्म होने के बाद उद्योगपतियों में चिंता है। केंद्र से आग्रह है कि मानक पूरा करने के लिए एक साल का समय दिया जाए।

सवाल: क्या मानक न पूरा करने वाली कंपनियां बंद हो जाएंगी? जवाब: नहीं, इस बारे में हिमाचल के ड्रग कंट्रोलर मनीष कुमार ने बताया- ‘उद्योगों की रूटीन जांच जारी हैं। काफी लोगों ने अपने यूनिट अपग्रेड कर दिए है और दूसरे लगे अपग्रेड करने में लगे हैं। जो उद्योग केंद्रीय मानक पूरा नहीं करते, उन्हें नोटिस देकर मानक पूरा करने को कहा जाता है और उत्पादन रोक दिया जाता है। जैसे ही उद्योगों द्वारा मानक पूरा किए जाते है तब उत्पादन दोबारा से शुरू हो जाता है।

सवाल: क्या हिमाचल सरकार इसमें कुछ कर सकती है? जवाब: नहीं, इस बारे में हिमाचल के ड्रग कंट्रोलर मनीष कुमार का कहना है कि अभी हिमाचल के फॉर्मा उद्योगों का क्या करना है, इसके लिए केंद्र की गाइडलाइन का इंतजार करना होगा। जो हिदायत केंद्र की होगी, उसका सभी को पालन करना होगा।

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The heroine became emotional on the martyr’s sacrifice day | शहीद के बलिदान दिवस पर भावुक हुई वीरांगना – Baran News

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बारां24 मिनट पहले

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बारां| शहीद राजमल मीणा के बलिदान दिवस पर बुधवार को वीरांगना कमलेश देवी शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते समय भावुक हो गई। कार्यक्रम में फर्स्ट बटालियन जंगी पलटन व 22 ग्रेनेडियर बटालियन सेना के जवानों ने कर्नल रविंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में शहीद क

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The 79-day DGP remained in the headlines on social media. | 79 दिन के DGP सोशल मीडिया पर सुर्खियों में रहे: थार-बुलेट बयान से चर्चा में आए, दुष्यंत से विवाद पर हटी 72 VIP की सुरक्षा – Panchkula News

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हरियाणा के रिटायर्ड डीजीपी ओपी सिंह। (फाइल फोटो)

हरियाणा में 79 दिन के डीजीपी रहे ओपी सिंह सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियों में रहे। कई ऐसे मुद्दे भी रहे जिनको लेकर वे ट्रोल भी हुए। उन्होंने यह भी माना कि दुर्भाग्यपूर्ण हालात में उन्हें प्रदेश की कमान मिली।उनके सबसे चर्चित फैसलों में VIP सिक्योरिटी में

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उन्होंने 72 वीआईपी की सिक्योरिटी हटाई। जिसमें चौटाला परिवार के सदस्य भी शामिल रहे। कुछ पुलिस का कहना है कि इससे पहले शायद ही कभी एक साथ इतनी संख्या में सिक्योरिटी रिव्यू हुआ होगा। रिटायरमेंट से 3 दिन पहले ही पानीपत में एक वीआईपी द्वारा सिक्योरिटी लेकर विजिटर के साथ फोटो सेशन कराने पर ओपी सिंह नाराज हुए। उन्होंने पानीपत एसपी को पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने के भी आदेश दिए। मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के रहने वाले आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह 14 अक्टूबर को हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी बने थे। सिंह हरियाणा में नशे के खिलाफ राहगीरी कॉन्सेप्ट लाकर चर्चा में आए थे। बाद में राहगीरी को सरकार ने एडॉप्ट किया और ये फॉर्मूला काफी पॉपुलर हुआ। ओपी सिंह तत्कालीन सीएम मनोहरलाल खट्टर के विशेष सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

सिंह दिवंगत फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के बहनोई हैं l सुशांत ने अपनी मां के निधन के बाद ओपी सिंह के घर रह कर ही पढ़ाई-लिखाई की थी। उनकी डेथ के बाद ओपी सिंह ने उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई भी लड़ी।

अब पढ़िए वो 4 विवाद, जिनसे ओपी सिंह चर्चा में आए…

  • गुरुग्राम में थार-बुलेट पर बयान: DGP ओपी सिंह ने 8 नवंबर को गुरुग्राम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था, पुलिस सारी गाड़ियों को नहीं पकड़ेगी। केवल थार और बुलेट वालों को पकड़ेंगे। थार और बुलेट से सारे बदमाश चलते हैं। जिस तरह की गाड़ी का चॉइस है वो माइंड सेट शो करता है। थार लेंगे तो स्टंट करेंगे। जिसके पास भी थार होगी, उसका दिमाग घूमा हुआ होगा। थार गाड़ी ही नहीं, एक स्टेटमेंट है। दोनों मजे थोड़ा ना होंगे, दादागिरी भी हो और फंसे भी ना, दोनों कैसे होगा।
  • चौटाला फैमिली की सुरक्षा वापस ली: दुष्यंत ने DGP को चिढ़ाते हुए थार से जींद रैली में एंट्री ली थी और महिला से थार चलवाई। इस थार को हिसार की सुदेश सिवाच ने चलाया था। थार विवाद के बाद 10 दिसंबर को हरियाणा पुलिस ने दुष्यंत चौटाला के भाई दिग्विजय चौटाला, जीजा देवेंद्र कादियान और दुष्यंत चौटाला के ससुर पूर्व ADGP परमजीत सिंह अहलावत की सिक्योरिटी वापस ले ली है। वहीं रैली के गायक फाजिलपुरिया की सिक्योरिटी भी वापस हुई थी।
  • दलजीत सिहाग की परेड निकलवाई: झज्जर जेल में बंद गैंगस्टर दलजीत पर DGP ओपी सिंह का गुस्सा भड़का था। गैंगस्टर ने हरियाणा दिवस पर सफेद कपड़ों में पोस्ट डाली हुई थी, जिसमें वह हाथ जोड़कर हरियाणा दिवस की बधाई देते हुए दिख रहा था। जिसके बाद प्रोडक्शन वारंट पर लेकर हांसी पुलिस ने एक केस में सिहाग की परेड निकाली। गैंगस्टर का सोशल मीडिया पेज चलाने वाले जींद के रोहताश के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
  • थार मालिक का लीगल नोटिस: गुरुग्राम के सेक्टर-102 निवासी सर्वो मित्र ने अपने एडवोकेट वेदांत वर्मा के जरिए DGP को लीगल नोटिस भेजा। नोटिस में उन्होंने लिखा- मैंने जनवरी 2023 में 30 लाख रुपए से ज्यादा की कीमत देकर थार LX हार्ड टॉप (HR26-EZ-6161) खरीदी थी। थार की मजबूत बॉडी, ऊंचा ग्राउंड क्लियरेंस और परिवार के साथ लॉन्ग ड्राइव के लिए अच्छी रहती है, लेकिन DGP के बयान के बाद मुझे हर जगह ताने सुनने पड़ रहे हैं।
गैंगस्टर दलजीत को हांसी के बाजारों में बेड़िया लगाकर घुमाती पुलिस। (फाइल फोटो)

गैंगस्टर दलजीत को हांसी के बाजारों में बेड़िया लगाकर घुमाती पुलिस। (फाइल फोटो)

अब पढ़िए ओपी सिंह के वो बयान जो सुर्खियों में रहे थार और बुलेट चलाने वालों का दिमाग खराब होता है। सड़क पर स्टंट करने वाले बदमाश हैं, शौक के नाम पर कानून नहीं तोड़ने देंगे। VIP सुरक्षा कोई स्टेटस सिंबल नहीं, खतरा होगा तभी मिलेगी। गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाले गायक भी अपराधी माने जाएंगे। कानून सबके लिए बराबर है, चाहे नेता हो या कलाकार। पुलिस का काम इमेज बनाना नहीं, अपराधियों को पकड़ना है। गन कल्चर गाने में नहीं, थाने में खत्म होगा। फिरौती मांगने वाले बदमाश गिड़गिड़ाते हैं। जेलों में बदमाशों से टॉयलेट साफ करवा रहे।

डीजीपी की रिटायरमेंट उनके कार्यकाल के लिए बधाई देते पुलिस अधिकारी।

डीजीपी की रिटायरमेंट उनके कार्यकाल के लिए बधाई देते पुलिस अधिकारी।

2 पॉइंट में पढ़िए विदाई में क्या कहा…

  • टायर शब्द करता है परेशान: करनाल के मधुबन में हरियाणा पुलिस अकादमी में DGP ओपी सिंह के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह हुआ। जहां उन्होंने कहा कि उन्हें रिटायर्ड शब्द से कोई परहेज नहीं है, लेकिन ‘टायर’ शब्द उन्हें परेशान करता है। जब हम सरकार को सेवाएं दे रहे होते हैं, तो रिटायर नहीं होते, बल्कि जिम्मेदारियां बदलती हैं।
  • बदमाशों के तोते उड़ाए: ओपी सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बदमाशों के तोतो उड़ाए हैं। कोई हवा-हवाई की बात नहीं की। सिक्योरिटी व्यवस्था तय की। जिसे जरूरत नहीं थी, उससे सिक्योरिटी वापस ली। प्रदेश में 70 हजार पुलिसकर्मी हैं और बदमाश मुश्किल से 70 भी नहीं है। ऐसे में पुलिस का दबदबा बनाया।
हरियाणा के डीजीपी रहे ओपी सिंह की अंतिम चिट्‌ठी।

हरियाणा के डीजीपी रहे ओपी सिंह की अंतिम चिट्‌ठी।

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In the story, the context of the sermon to Mother Sita was narrated. | कथा में माता सीता को उपदेश का प्रसंग सुनाया – Baran News

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बारां| शहर स्थित श्रीराम मंदिर खाकी बाबा की बगीची में चल रही श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ में बुधवार को मुख्य यजमान कमलेश विजय ने व्यास पीठ की पूजा अर्चना की। शिवानी अवस्थी ने मधुर एवं मीठी वाणी में सती अनुसूइया द्वारा माता सीता को उपदेश का प्रसंग सुनाया,

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जिसमें भरत के त्याग एवं उनके प्रगाढ़ भ्रातृत्व भाव तथा समर्पण को बहुत ही सरल तरीके समझाया। उन्होंने सभी को धर्म के अनुसार कर्म करने एवं पारिवारिक संस्कारों को पुनर्जीवित करने का संकल्प कराया। व्यास पीठ की आरती एवं प्रसाद वितरण से कथा का विराम हुआ। श्री राम कथा ज्ञान गंगा यज्ञ के सदस्य सीताराम शर्मा ने बताया कि ज्ञान यज्ञ में श्याम शर्मा, मुकुट शर्मा, राधेश्याम शर्मा, निरंजन शर्मा प्रधानाचार्य आदि उपस्थित रहे।

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