Husband kills wife because she was not sent to her in-laws’ house | ससुराल नहीं भेजा, इसलिए पति ने की पत्नी की हत्या: पति जंगल से गिरफ्तार, उदयपुर के पानरवा थाना क्षेत्र की घटना जंगल में गला दबाकर की थी हत्या, – Udaipur News


उदयपुर के पानरवा थाना क्षेत्र में शनिवार को केवड़ी के जंगल में मिले एक विवाहिता शव के मामले में पुलिस ने आरोपी पति को जंगल में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। हत्या की वजह पत्नी का ससुराल न आकर बार-बार पीहर में रहना सामने आया है। थानाधिकारी भागीरथ बुंदेल

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ग्रामीणों ने दोपहर में कालीबाई को उसके पति नकालाल के साथ जगल में देखा था। जब पिता ने नकालाल से अपनी बेटी के बारे में पूछा तो वह उन्हें गुमराह करता रहा।

ग्रामीणों ने दोपहर में कालीबाई को उसके पति नकालाल के साथ जगल में देखा था। जब पिता ने नकालाल से अपनी बेटी के बारे में पूछा तो वह उन्हें गुमराह करता रहा।

पत्नी बकरियां चराने गई थी, तभी जंगल में कर दी हत्या मृतका के पिता सुखलाल खराड़ी ने पुलिस को रिपोर्ट दी थी। उसमें बताया कि कालीबाई की शादी गांव के ही नकालाल से हुई थी और उनके दो बच्चे है।। कुछ महीनों से अनबन के कारण कालीबाई अपने पीहर में ही रह रही थी। शुक्रवार सुबह कालीबाई बकरियां चराने जंगल गई थी।

दोपहर में बकरियां घर लौट आई लेकिन कालीबाई नहीं लौटी। ग्रामीणों ने दोपहर में कालीबाई को उसके पति नकालाल के साथ जगल में देखा था। जब पिता ने नकालाल से अपनी बेटी के बारे में पूछा तो वह उन्हें गुमराह करता रहा। शनिवार सुबह कालीबाई का शव मिलने पर पिता ने सीधे पति पर हत्या का आरोप लगाया। घटना के बाद आरोपी पति फरार हो गया था।

पुलिस ने केवड़ी के जंगलों में तलाशी अभियान चलाकर नकालाल को डिटेन किया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और अपना जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि पत्नी के पीहर पक्ष द्वारा उसे ससुराल नहीं भेजन से वह गुस्से में था। इसी रंजिश के चलते उसने जंगल में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।



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The forest department became alert due to the movement of leopard. | लेपर्ड के मूवमेंट से वन विभाग हुआ सचेत: लेपर्ड को पकड़ने के लिए 72 सीढ़ी स्कूल में पिंजरा लगाया – Sawai Madhopur News


वन विभाग की टीम ने लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरा लखिया है‌

सवाई माधोपुर के पुराने शहर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लेपर्ड के मूवमेंट से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बीते कई दिनों से रात के समय विभिन्न इलाकों में लेपर्ड का मूवमेंट देखा गया, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई थी। जिसके चलते लोग लगातार

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पिंजरा लगाती वन विभाग की टीम।

पिंजरा लगाती वन विभाग की टीम।

वन विभाग ने लगाया पिंजरा

जानकारी के अनुसार पुराने शहर के 72 सीढ़ी स्कूल, रामलीला मैदान, चुडैला बालाजी और शहर पुलिस चौकी के आसपास पिछले कुछ दिनों से लेपर्ड की मौजूदगी देखी गई थी। इन घटनाओं के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया था। लोग रात को घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे थे। स्थानीय लोगों की मांग पर रविवार रात आरओपीटी रेंजर अश्वनी प्रताप सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 72 सीढ़ी स्कूल में परिसर में पिंजरा स्थापित किया गया। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी भी बढ़ा दी गई है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। आपको बता दें हाल ही में एक लेपर्ड के हमले में सात वर्षीय बालक की मौत हो गई थी। जिसके बाद वन विभाग ने नीम चौकी इलाके से एक लेपर्ड को पिंजरा लगाकर पकड़ा था। जिसके बाद अब फिर से लेपर्ड का मूवमेंट बना हुआ है‌। जिसकी वजह से वन विभाग ने फिर से पिंजरा लगाया है।



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Banks are underestimating the power of women in loan repayments… 570 out of 2,354 applications approved, while only 298 received loans. | मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना: लोन लौटाने में नारी शक्ति को कम आंक रहे बैंक… 2,354 आवेदन में 570 मंजूर, लोन सिर्फ 298 को ही – Jaipur News



मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में पुरुषों से आगे होने के बावजूद प्रदेश की महिला उद्यमियों को सरकारी योजनाओं के तहत ऋण देने में बैंकों की रुचि बेहद कम है। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत 2025-26 की पहली छमाही में ऋण वितरण के आंकड़ों ने य

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राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) के अनुसार, योजना में शामिल 30 बैंकों को कुल 1,200 महिला उद्यमियों को ऋण देने का लक्ष्य दिया था, लेकिन पहली छमाही तक 33 फीसदी लक्ष्य ही पूरा हुआ है। सरकारी बैंकों की स्थिति और चिंताजनक है।

12 सरकारी बैंकों को एक साल में 777 महिला आवेदकों को ऋण देने का लक्ष्य मिला था, लेकिन छह माह में केवल 23 फीसदी लक्ष्य ही पूरा हो सका। पहली तिमाही में यह आंकड़ा महज 8 फीसदी रहा। निजी क्षेत्र के बैंकों का प्रदर्शन भी बेहद कमजोर रहा और उनका ऋण वितरण 10% से नीचे रहा। पेंडिंग आवेदन लगातार बढ़ रहे : योजना में पहली तिमाही तक 4,521 आवेदन पेंडिंग थे, जो दूसरी तिमाही में 7 फीसदी बढ़कर 4,845 हो गए। इनमें से 4,059 आवेदन 90 दिन से अधिक समय से लंबित हैं।

राजस्थान ग्रामीण बैंक ने 50 फीसदी से अधिक लक्ष्य हासिल किया

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि योजना में शामिल 30 बैंकों में से तीन सरकारी समेत कुल 17 बैंकों ने अब तक एक भी खाता नहीं खोला। पंजाब नेशनल बैंक और राजस्थान ग्रामीण बैंक ही ऐसे हैं, जिन्होंने 50 फीसदी से अधिक लक्ष्य हासिल किया। इसके उलट एसबीआई लक्ष्य का मात्र 0.6 फीसदी ही पूरा कर सका, जबकि एसएलबीसी संयोजक बैंक ऑफ बड़ौदा 25 फीसदी लक्ष्य तक ही पहुंच पाया।

योजना की निगरानी कर रहे महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव एसएलबीसी की बैठकों में बार-बार ऋण वितरण की धीमी गति पर चिंता जता चुके हैं। विभाग ने पहली छमाही तक बैंकों को 2,354 आवेदन भेजे, जिनमें से 570 को मंजूरी मिली, लेकिन केवल 298 महिला उद्यमियों को ही ऋण मिल सका।

सरकारी बैंकों में PNB सबसे आगे 12 सरकारी बैंकों को 1,646 आवेदन भेजे। इनमें से 359 आवेदन मंजूर हुए और 181 को ऋण ​दिया। पीएनबी ने सबसे अधिक ऋण दिए। बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक को कुल 65 ऋण देने थे, लेकिन इन्होंने एक भी ऋण नहीं दिया।

भास्कर एक्सपर्ट- योजना की निगरानी के लिए कमेटी बनाए सरकार

बैंक सुरक्षित लोन को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। सरकारी योजनाओं के तहत ऋण में रुचि नहीं दिखाते। कुछ सरकारी व निजी बैंकों का योजना पर फोकस ही नहीं है। वहीं, रिजर्व बैंक निर्देश देने से आगे नहीं बढ़ पाता। ऐसे में सरकार को प्रभावी निगरानी के लिए कमेटी बनानी चाहिए। यदि 30 दिन में आवेदन का निर्णय नहीं होता है, तो संबंधित बैंक अधिकारी को जवाबदेह बनाया जाए। अन्यथा यह योजना फेल हो जाएगी। बैंकों को ऋण स्वीकृति प्रक्रिया सरल बनानी चाहिए।



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Girl electrocuted by high tension line in Jaipur | जयपुर में हाईटेंशन लाइन से बालिका को लगा करंट: आग लगने पर पानी डाल बुझाया, बर्तन से फेंक रही थी पानी – Jaipur News



जयपुर में हाईटेंशन लाइन से रविवार सुबह एक 12 वर्षीय लड़की को करंट लग गया। वह बालकनी से बर्तन में भरे पानी को फेंक रही थी। करंट से उसके कपड़ों में आग लगने पर पानी डालकर बुझाया गया। एसएमएस हॉस्पिटल के वर्न वार्ड में करंट से 70 प्रतिशत झुलसी बालिका का इला

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पुलिस ने बताया- घटना सुबह करीब 7:30 बजे करणी विहार-ए करणी पैलेस रोड की है। मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले में साडोरा-मोहरी निवासी फूल सिंह अपनी पत्नी पुष्पा, बेटी अनुष्का व 5 साल के बेटे के साथ करणी नगर-ए में रहते हैं। 12 वर्षीय अनुष्का बालकनी पर खड़ी होकर स्टील की भगोनी से पानी नीचे फेंक रही थी। बालकनी से तीन फीट की दूरी से 33 केवी की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है।

पानी फेंकते समय करंट अनुष्का को लग गया। करंट अनुष्का के शरीर से फूट कर निकला, जिससे कपड़ों में आग लग गई और गंभीर रूप से झुलस गई। धमाके की आवाज व चिल्लाने पर परिजन बाहर आए। परिजनों ने तुरंत बालिका पर पानी डालकर आग बुझाई। आसपास के लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी और बालिका को अस्पताल रवाना किया। हादसे के बाद हाईटेंशन लाइन को लेकर स्थानीय लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।



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Businessman dies after being hit by a train | ट्रेन की चपेट में आने से व्यापारी की मौत: हार्डवेयर सामान खरीदने जयपुर जा रहा था, परिजन को सूचना दी – Ajmer News



अजमेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर रविवार को ट्रेन की चपेट में आने से गुजरात के एक व्यापारी की मौत हो गई। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। शिनाख्त के बाद मृतक के परिजन को सूचना दे गई है। परिजन के अजमेर प

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जानकारी के अनुसार पोरबंदर-दिल्ली सराय रोहिल्ला ट्रेन से जामनगर निवासी गोविंद पटेल सफर कर रहा था। वह हार्डवेयर का सामान खरीदने के लिए जयपुर जा रहा थे। अजमेर में ट्रेन रुकी तो गोविंद कुछ सामान लेने प्लेटफॉर्म पर उतरा। जीआरपी के मुताबिक ट्रेन चलने लगी तो गोविंद ने दौड़कर चढ़ने का प्रयास किया लेकिन उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया।

वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरा और पहियों की चपेट में आ गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग जमा हो गए। कई लोग मदद करने की बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे। हादसे के बाद जीआरपी ने मृतक के मोबाइल से पता किया कि उसका कोई परिचित भी ट्रेन में मौजूद है। उसे हादसे की जानकारी देकर अगले स्टेशन से वापस बुलाया जिसने मृतक की पहचान की।



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Due to the mistake of the Agricultural University, the selection of many candidates included in the merit list of Livestock Assistant Recruitment is in danger. | राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड: कृषि विश्वविद्यालय की गलती से पशुधन सहायक भर्ती की मेरिट में शामिल कई अभ्यर्थियों के चयन पर संकट – Jaipur News



राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर की गलती पशुधन सहायक भर्ती के कई चयनितों पर भारी पड़ गई है। इस विश्वविद्यालय ने एनिमल हसबेंडरी डिप्लोमा प्रोग्राम में काउंसलिंग के जरिए अभ्यर्थियों को ऐसे कॉलेज आवंटित किए, जिनको राज्य सरकार से

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विद्यार्थियों ने दो साल का डिप्लोमा भी कर लिया। पशुधन सहायक भर्ती में चयन हुआ और दस्तावेज सत्यापन हुआ तो अभ्यर्थियों का अंतिम परिणाम इसलिए रोक लिया गया कि इन अभ्यर्थियों ने जहां से डिप्लोमा लिया है उनको राज्य सरकार से नियमानुसार एनओसी नहीं मिली हुई है। उनका कहना है कि हमें तो आरएजेयूवीएएस ने कॉलेज आवंटित किया था। एनओसी है या नहीं, यह देखने का काम यूनिवर्सिटी का है। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। हमारा चयन रोकना गलत है।

चयन के बाद भी फंसे 2700 डिप्लोमाधारी, दस्तावेज सत्यापन के दौरान रोका रिजल्ट

एनिमल हसबेंडरी डिप्लोमा प्रोग्राम के प्रवेश के लिए आरएजेयूवीएएस द्वारा काउंसलिंग के जरिए कॉलेज आवंटित किया जाता है। इस दो वर्षीय कोर्स के लिए 85 हजार रुपए प्रति वर्ष फीस ली जाती है। विद्यार्थियों को जो कॉलेज आवंटित होता है, उसके दस्तावेज जांचने का काम यूनिवर्सिटी का है। ना कि विद्यार्थियों का। विद्यार्थियों का कहना है कि ऐसे 9 कॉलेज हैं जिनको लेकर कहा गया है कि इनको राज्य सरकार की एनओसी नहीं है। प्रत्येक कॉलेज में 100 सीटें है। यानी इन कॉलेजों में यूनिवर्सिटी ने प्रतिवर्ष 900 विद्यार्थी आवंटित किए हैं। तीन साल में यहां 2700 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है।

अंतिम परिणाम जारी

कर्मचारी चयन बोर्ड ने पिछले दिनों 2,783 पदों की पशुधन सहायक भर्ती का अंतिम परिणाम जारी किया था। इस भर्ती की परीक्षा 13 जून 2025 को आयोजित की गई थी। प्रारंभिक परिणाम 17 अक्टूबर 2025 को जारी हुआ और फिर दस्तावेज सत्यापन हुए। चयन बोर्ड ने 9 दिसंबर 2025 को पशुधन सहायक भर्ती का अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इसमें कई अभ्यर्थियों को प्रोविजनल रखा है।



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Video of robbery of Rs 46 lakh in Ajmer | अजमेर में 46 लाख की लूट का VIDEO: मारने के लिए डंडा लेकर दौड़े बदमाश, गाड़ी में की तोड़फोड़, ब्रीफकेस लेकर भागे – Ajmer News



अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र में 21 दिसंबर को हुई 46 लाख रुपए की लूट के वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में लूट की वारदात का पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है।

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पीड़ित शक्तिनगर सुभाषनगर निवासी हरसिमरन सोढ़ी ने जैसे ही ब्रीफकेस डिक्की में रखा काले रंग की कार में चार बदमाश पहुंचे और पीड़ित के पीछे डंडा लेकर दौड़े। सोढ़ी के भागते ही बदमाशों ने कार के शीशे तोड़े और रुपयों से भरा ब्रीफकेस लेकर भाग गए पीड़ित सोढ़ी पीछे कार लेकर भागा लेकिन लुटेरे पुष्कर की ओर भाग गए।

वीडियो में नजर आ रहा है कि लुटेरे सोढ़ी का पीछा करते हुए आ रहे थे। पहले आगे निकल गए और जब पीड़ित ने रुपयों से भरा ब्रीफकेस डिक्की में रखे, वैसे ही लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी राशि लेकर नेपाल फरार हो चुके हैं।



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Rajasthan kota 4 to 5 hours power cut due to maintenance of private power company’s power line Kansua, Prem Nagar, Kishorpura Gate, Rampura Bazaar, Deoli Arab, Saraswati Colony, Nanta Garh areas | कोटा के इन इलाकों में 5 घंटे बिजली कटौती: कंसुआ, प्रेम नगर, किशोरपुरा गेट, रामपुरा बाजार, देवली अरब, सरस्वती कॉलोनी,नांता गढ़ इलाकों में लाइनों के मेंटेनेंस के चलते पावर सप्लाई कट – Kota News



कोटा शहर में बिजली की लाइनों के मेंटेनेंस कार्य के चलते आज कई इलाकों में निर्धारित समय तक बिजली कटौती रहेगी। निजी बिजली कंपनी की ओर से यह शटडाउन लिया गया है ताकि लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव किया जा सके। इस दौरान तकनीकी टीमों द्वारा वायरिंग, पो

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इन इलाकों में बिजली कटौती की जाएगी

सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक: जेके पावर हाउस, गत्ता फैक्ट्री रोड, राजपूत कॉलोनी, कंसुआ अर्फोडेबल, एसएसएफ चौराहा, प्रेम नगर पुलिस चौकी, मीट मार्केट, आदर्श स्कूल, गुप्ता होटल, स्टार पब्लिक स्कूल, सब्जी मंडी, सीनियर पब्लिक स्कूल, भदोरिया मैरिज गार्डन, ओरिएंट मोटर्स, खाटू मील, राठी ब्रदर्स, महालक्ष्मी पापड़ उद्योग, आरपीएस कॉलोनी, किशोरपुरा गेट के पास, साबरमती स्टील ब्रिज के पास वाला क्षेत्र, रामपुरा थाने के पास, महात्मा गांधी स्कूल के सामने, महारानी स्कूल के पास, रामपुरा बाजार माताजी इलाकों में 5 घंटे बिजली कटौती रहेगी।

सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक: देवली अरब रोड, मानसरोवर, देवली अरब, गणेश नगर, अमृत धाम, शगुन विला, अश्विनी नगर, गणपति विहार, रिद्धि-सिद्धि, आरके धाम, राधे विहार, लक्ष्मी विहार, मैरी कॉलोनी, धनपत राय कॉलोनी, गायत्री विहार 1,2,3, कौटिल्य नगर, नारायण विहार 1,2,3, कनक विहार, श्रीजी विहार इलाकों में 5 घंटे की बिजली कटौती रहेगी।

सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक: नांता गढ़, गोरूजी की बावड़ी और आसपास का क्षेत्र की 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी।

सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक: सरस्वती कॉलोनी गली नं. 6,7,8 इलाकों में 4 घंटे बिजली कटौती रहेगी।



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The vulture population is increasing in Bikaner. | रूस, आर्मेनिया से पाकिस्तान होते हुए राजस्थान आए 10000 गिद्ध: बीकानेर में डेरा डाला; विशेषज्ञ बोले- 5 साल में दोगुने हुए, किंग वल्चर भी दिखा – Bikaner News


बीकानेर के जोड़बीड़ में 50 बीघा एरिया में वल्चर कंजर्वेशन सेंटर है। यहां हर साल बड़ी संख्या में गिद्ध आते हैं।

बीकानेर शहर के पास इन दिनों दुनियाभर से आए गिद्धों (वल्चर) ने डेरा डाल रखा है। मंगोलिया, कजाकिस्तान और रूस समेत कई देशों से पाकिस्तान होते हुए करीब 5 हजार किलोमीटर का सफर तय कर आए ये पक्षी शहर के पास जोड़बीड़ एरिया में हैं।

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खास बात यह है कि 5 साल के भीतर यहां आने वाले गिद्धों की तादाद दोगुनी हो गई है। कोरोना काल यानी साल 2020 में यहां 4 हजार से ज्यादा गिद्ध आए थे। इस बार इनकी संख्या 10 हजार तक पहुंच गई है।

बीकानेर का जोड़बीड़ वल्चर कंजर्वेशन सेंटर भारत के महत्वपूर्ण गिद्ध संरक्षण क्षेत्रों में गिना जाता है। ऐसे पक्षियों के लिए सुरक्षित होने के कारण इसे ‘गिद्धों का स्वर्ग’ भी कहा जाता है।

सर्दी के मौसम में यहां मध्य एशिया और यूरोप से सिनेरियस वल्चर भी पहुंच गए हैं। इन्हें दुनिया के सबसे बड़े गिद्धों में गिना जाता है। हिमालयन गिफ्रॉन के अलावा लाल सिर वाला किंग वल्चर भी दिखाई दिया है।

पक्षी दिवस (5 जनवरी) पर पढ़िए खास रिपोर्ट

बीकानेर के जोड़बीड़ एरिया के आसमान में गिद्ध कुछ इसी तरह मंडराते रहते हैं।

बीकानेर के जोड़बीड़ एरिया के आसमान में गिद्ध कुछ इसी तरह मंडराते रहते हैं।

50 बीघा में फैला गिद्ध संरक्षण क्षेत्र बीकानेर का जोड़बीड़ भारत के महत्वपूर्ण गिद्ध संरक्षण क्षेत्रों में गिना जाता है। अब तो इसे गिद्धों का स्वर्ग भी कहा जा रहा है, क्योंकि सबसे भरोसेमंद जगह बीकानेर का जोड़बीड़ ही है। इस सीजन में मध्य एशिया और यूरोप से सिनेरियस वल्चर भी यहां पहुंच गए हैं। ये दुनिया के सबसे बड़े गिद्धों में से एक हैं। इसके अलावा पीली चोंच वाला इजिप्शियन वल्चर, लाल सिर वाला किंग वल्चर जैसी प्रजाति भी यहां मेहमान के रूप में आए हैं।

जोड़बीड़ के करीब 50 बीघा एरिया में संरक्षण केंद्र बनाया गया है, जहां गिद्धों को सब कुछ मिल रहा है। शहरभर में मरने वाले आवारा पशुओं को यहीं पर फेंका जाता है। इन गिद्धों के लिए सबसे बेहतर भोजन यही है।

प्रशासन ने मृत पशुओं की चमड़ी उतारने का ठेका भी दिया है। ऐसे में वल्चर को यहां भोजन आसानी से मिलता है और कठोर चमड़ी तोड़नी नहीं पड़ती। इसी कारण ये वल्चर करीब 4 से 5 हजार किलोमीटर की दूरी तय करके बीकानेर आते हैं।

एक्सपट्‌र्स का कहना है- दुनिया में गिद्धों की करीब 23 प्रजातियां है, जिनमें से करीब 15 प्रजातियां इस समय बीकानेर आई हुई हैं।

एक्सपट्‌र्स का कहना है- दुनिया में गिद्धों की करीब 23 प्रजातियां है, जिनमें से करीब 15 प्रजातियां इस समय बीकानेर आई हुई हैं।

आर्मेनिया, रूस सहित 50 देशों से आते हैं विशेषज्ञों के अनुसार- दिसंबर से फरवरी तक यूरो-एशिया जोन के देशों में भारी बर्फबारी होती है। ऐसे में ये पक्षी उड़कर कम ठंड वाले इलाकों में आते हैं।

इन देशों में अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, बहरीन, चाइना, जॉर्जिया, ईरान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, यूनाइटेड अरब अमीरात, मंगोलिया, पाकिस्तान, रशियन फेडरेशन, सऊदी अरब, श्रीलंका, यूनाइटेड किंगडम, उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, इराक, म्यांमार, नेपाल, ओमान, कतर, कुवैत, किर्गिस्तान, मालदीव, यमन सहित अन्य देशों के गिद्ध भी जोड़बीड़ क्षेत्र में देखे गए हैं।

खाने और अनुकूल मौसम की तलाश में यह रूस जैसे देशों से अफगानिस्तान से होते हुए पाकिस्तान के रास्ते भारत में प्रवेश करते हैं, जिन्हें बीकानेर के जोड़बीड़ में भरपूर भोजन मिलता है।

हिमालयन गिफ्रॉन समेत करीब 15 प्रजातियों ने जोड़बीड़ में डेरा जमाया है।

हिमालयन गिफ्रॉन समेत करीब 15 प्रजातियों ने जोड़बीड़ में डेरा जमाया है।

हिमालयन गिफ्रॉन और यूरेशियन हुपो भी पहुंचा दुनियाभर में गिद्धों की करीब 23 प्रजातियां है, जिनमें से जोड़बीड़ पर 15 से अधिक प्रजातियों के गिद्ध पहुंचे हैं। इनमें हिमालयन गिफ्रॉन, इजिप्शियन वल्चर, टोनी ईगल, येलो आइड पिजन, स्टेपी ईगल, यूरेशियन हुपो, लेगर फाल्कन, व्हाइट ईयर्ड बुलबुल, कॉमन बेबलर, ब्लैक रेड स्टार्ट, लिटल आईग्रेट, सिनेरियस वल्चर, रोजी स्टर्लिंग, कॉमन मैना, डेजर्ट व्हीटर, ग्रे फ्रेंकोलिन, लाफिंग डॉ, इंपीरियल ईगल खास तौर पर शामिल है।

गुजरात से स्टडी के लिए आए रिसर्चर मितुल देसाई ने बताया- यहां आने वाली प्रजातियों में यूरोशियन ग्रिफॉन, सिनेरियस वल्चर, इजिप्शियन ग्रिफॉन यहां सबसे ज्यादा आ रहे हैं। यहां इजिप्शियन वल्चर तो स्थानीय है, लेकिन शेष सभी विदेशी हैं।

विदेशी पक्षी फरवरी के बाद वापस अपने देश चले जाएंगे। बीकानेर की व्यवस्था पूरे देश में एक उदाहरण है। ऐसा ही काम पूरे देश में होना चाहिए। ईको सिस्टम की सबसे टॉप चेन ‘वल्चर’ ही हैं।

2008 से जोड़बीड़ कंजर्वेशन एरिया, इसलिए गिद्ध बढ़ रहे पूर्व उपवन संरक्षक और जोड़बीड़ के प्रभारी रह चुके रामनिवास कुमावत के अनुसार- जोड़बीड़ को वन विभाग ने साल 2008 में रिजर्व और कंजर्वेशन एरिया घोषित किया था। इसके बाद से क्षेत्र में गिद्धों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

व्हाइट बैक वल्चर, किंग वल्चर भी देखने को मिल रहे हैं, जो लुप्त होने की कगार पर हैं। इनके अलावा दूसरे वल्चर भी बड़ी संख्या में आते हैं। व्हाइट ईगल भी देखा गया है। सफेद बगुले भी बड़ी संख्या में आते हैं।

बीकानेर के जनसंपर्क अधिकारी और पक्षी प्रेमी सुरेश बिश्नोई ने बताते हैं- इस सेंटर को बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है। आज भी जब यहां सैकड़ों पर्यटक आ रहे हैं। प्रयास किए जाएं तो संख्या बढ़ सकती है। एक साथ इतनी प्रजातियों के वल्चर देखना रोमांचक है।

बीकानेर के जोड़बीड़ कंजर्वेशन एरिया में मृत पशुओं को फेंका जाता है। ऐसे में गिद्धों को यहां भरपूर खाना मिलता है।

बीकानेर के जोड़बीड़ कंजर्वेशन एरिया में मृत पशुओं को फेंका जाता है। ऐसे में गिद्धों को यहां भरपूर खाना मिलता है।

5 जनवरी को मनाते हैं राष्ट्रीय पक्षी दिवस हर साल 5 जनवरी को भी ‘राष्ट्रीय पक्षी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत मुख्य रूप से अमेरिका से 2002 में हुई थी, लेकिन अब भारत सहित दुनिया के कई देशों में प्रकृति प्रेमी इस दिन पक्षियों के अधिकारों और उनके संरक्षण के लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इसमें किसी पक्षी की बजाय सभी पक्षियों के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया जाता है।



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Private bus overturns in Ahor, Jalore, 2 killed | पेड़ से टकराकर पलटी ट्रेवल्स बस, बुजुर्ग दंपती की मौत: पैसेंजर्स को शीशे तोड़कर निकाला, यात्री बोले-ड्राइवर नशे में था – Jalore News


जालोर जिले के आहोर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात सड़क हादसा हो गया। सांचौर से करौली जा रही टीआर जाणी ट्रेवल्स की एक निजी बस बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में बस में सवार एक बुजुर्ग दंपती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 13 यात्री गंभीर रूप से घायल हो

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नीम के पेड़ से टकराकर पलटी बस

जानकारी के अनुसार निजी बस रविवार शाम करीब 6 बजे सांचौर से रवाना हुई थी। बस जालोर, आहोर और जयपुर होते हुए करौली जा रही थी। रात करीब 11.30 बजे आहोर थाना क्षेत्र के अगवरी गांव और गुड़ा बालोतान के बीच बस तेज रफ्तार में नीम के पेड़ से टकरा गई और सड़क किनारे पलट गई।

एक बुजुर्ग का पैर कट कर हुआ अलग, मौत एम्बुलेंस से शव ले जाते हुए।

एक बुजुर्ग का पैर कट कर हुआ अलग, मौत एम्बुलेंस से शव ले जाते हुए।

बुजुर्ग दंपती की मौके पर मौत

हादसे में सांचौर के लियादरा गांव निवासी एक बुजुर्ग दंपती बस के नीचे दब गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला।

तीन क्रेनों से सीधी कराई गई बस

घटना की सूचना मिलते ही थानाधिकारी करण सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। बस को सीधा करने के लिए तीन क्रेनों की मदद ली गई। इसके बाद घायलों को बाहर निकालकर आहोर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।

महिला का सर कट कर अलग होने के साथ शरीर पीसक गया।

महिला का सर कट कर अलग होने के साथ शरीर पीसक गया।

10 यात्री गंभीर, 3 को हल्की चोट

पुलिस के अनुसार हादसे में 3 यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं, जबकि 10 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों का आहोर अस्पताल में इलाज चल रहा है। जरूरत पड़ने पर कुछ घायलों को रेफर भी किया जा सकता है।

ड्राइवर पर नशे में बस चलाने का आरोप

बस में सवार यात्रियों ने बताया कि चालक बस को करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से चला रहा था। यात्रियों ने चालक के शराब के नशे में होने का भी आरोप लगाया है। हादसे से कुछ दूरी पहले एक होटल पर बस को रोकने का इशारा किया गया था, लेकिन तेज स्पीड होने के कारण बस नहीं रुकी।

बस के नीचे से घायल व मृतक बुजुर्ग को निकालते लोग।

बस के नीचे से घायल व मृतक बुजुर्ग को निकालते लोग।

तंबाकू मसाला बनाते समय बेकाबू हुई बस!

एक यात्री ने बताया कि चालक रास्ते में तंबाकू का मसाला बना रहा था। इसी दौरान उसका ध्यान भटक गया और बस बेकाबू होकर पलट गई।

यात्रियों ने शीशे तोड़कर बचाई जान

बस में सवार हरी गुजर ने बताया कि वह सांचौर से जयपुर जा रहे थे और सफर के दौरान सो रहे थे। अचानक तेज झटका लगा और बस पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों ने शीशे तोड़कर किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई।

घटना के बाद मौके पर मौजूद भीड़ व पुलिस जाब्ता जेसीबी की सहायता से घायल को बाहर निकालते हुए।

घटना के बाद मौके पर मौजूद भीड़ व पुलिस जाब्ता जेसीबी की सहायता से घायल को बाहर निकालते हुए।

ये हुए घायल

घायलों में सांचौर निवासी प्रवीण कुमार पुत्र सांवलाराम, मन बिश्नोई पुत्री मालाराम, भावना पुत्र चिमनाराम, भरतपुर निवासी अमृतलाल पुत्र रामखिलेरी, बांसवाड़ा निवासी पूजा पुत्र रामचंद्र, दौसा निवासी हरीश पुत्र हरिगिलास गुर्जर, कुलदीप पुत्र लाखन बंजारा, सांचौर निवासी संदीप पुत्र कैलाश महेश्वरी, अलवर निवासी पवन पुत्र जगदीश प्रसाद, मेडाबागोड़ा निवासी हर्षन पूरी पुत्र इंद्र पूरी गोस्वामी और सांचौर निवासी दिलीप पुत्र बाबूलाल बिश्नोई शामिल हैं।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। चालक की लापरवाही और नशे में वाहन चलाने की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है।



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