टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब; सूर्या नंबर-3 पर कर सकते हैं बल्लेबाजी




टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोश्चेज ने भी माना है कि टीम को टर्निंग पिचों और बड़े मैदानों के लिए बेहतर रणनीति बनाने की जरूरत है। भारत का स्कोरिंग रेट बेहद कम
टूर्नामेंट में भारत ने ऑफ स्पिन के खिलाफ सबसे ज्यादा 102 गेंदें खेलीं। 6 से ज्यादा ओवर ऑफ स्पिन खेलने वाली 13 टीमों में भारत का रन रेट केवल 6.23 रहा है। इस मामले में भारत से खराब प्रदर्शन सिर्फ नेपाल और ओमान का रहा। बाकी सभी टीमों ने ऑफ स्पिन के खिलाफ 8 या उससे ज्यादा के रन रेट से बल्लेबाजी की। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में 3 लेफ्ट हैंडर्स हैं। ऑफ स्पिन को टैकल करने के लिए नंबर-3 पर तिलक वर्मा की जगह कप्तान सूर्यकुमार यादव को बैटिंग करनी चाहिए। लेफ्टी बैटर्स के खिलाफ ऑफ स्पिन हथियार
भारतीय टीम में ईशान किशन, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा जैसे लेफ्टी बैटर्स ने विपक्षी कप्तानों का काम आसान कर दिया है। नीदरलैंड के आर्यन दत्त ने 4 ओवर में 19 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को पवेलियन पर भेजकर टीम इंडिया को शुरुआत में ही मुश्किल में डाल दिया था। अभिषेक बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए थे, जबकि ईशान किशन 7 गेंदों में 18 रन बना कर आउट हुए। वहीं नामीबिया के जेरार्ड इरास्मस ने भी भारतीय टॉप ऑर्डर को काफी परेशान किया। भारत का ऑफ स्पिन के खिलाफ औसत भी मात्र 13.25 का रहा है। यानी टीम इंडिया ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ 14 रन बनाने में एक विकेट गंवा दे रही है। अभिषेक शर्मा की खराब शुरुआत
अभिषेक शर्मा ने अपने वर्ल्ड कप करियर की शुरुआत बेहद खराब की। वे लगातार तीन पारियों में जीरो पर आउट हुए। इनमें से दो बार वे ऑफ स्पिनर के खिलाफ अटैकिंग शॉट खेलने के चक्कर में विकेट गंवा बैठे। वहीं, नंबर-3 पर खेलने वाले तिलक वर्मा ने अब तक सबसे ज्यादा 31 गेंदें ऑफ स्पिनर की खेली हैं, लेकिन वे केवल 26 रन ही बना पाए। सूर्या और तिलक के बैटिंग ऑर्डर में बदलाव पर चर्चा
पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि ऑफ स्पिन के खतरे से बचने के लिए भारत को नंबर-3 पर तिलक वर्मा की जगह सूर्यकुमार यादव को भेजना चाहिए। टीम इंडिया में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज होने की वजह से टीमें शुरुआती ओवरों में ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। टीमों की प्लानिंग रहती है कि पावरप्ले के शुरुआती 4 ओवर ऑफ स्पिन से कराए जाएं। अगर तीसरे नंबर पर सूर्यकुमार यादव बल्लेबाजी के लिए आते हैं, तो टीमों को अपनी स्ट्रैटजी बदलनी पड़ेगी। इससे भारत काफी हद तक ऑफ स्पिन के दबाव से बाहर निकल सकता है। सूर्या ने भी संघर्ष किया
सूर्यकुमार यादव भी इस टूर्नामेंट में ऑफ स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने 27 गेंदों में सिर्फ 28 रन बनाए। टीम मैनेजमेंट फिलहाल तिलक को नंबर-3 पर इसलिए बनाए हुए है, क्योंकि वे पावरप्ले में तेज गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन बना रहे हैं। वहीं, सूर्यकुमार का प्रदर्शन डेथ ओवरों में ज्यादा प्रभावी रहा है, जहां वे लगभग 150 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं। अभिषेक शर्मा को लेकर भी सलाह
आकाश चोपड़ा का मानना है कि अभिषेक को ऑफ स्पिन के खिलाफ सीधे शॉट खेलने पर ध्यान देना चाहिए। अगर अभिषेक शुरुआत में एक-दो रन बनाकर खाता खोल लेते हैं, तो उनका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और वे जल्द ही अपनी लय हासिल कर लेंगे। पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान की भी यही राय है। उनका मानना है कि अभिषेक को अपने मेंटर युवराज सिंह से बात करनी चाहिए और ऑफ स्पिन के खिलाफ सीधे शॉट खेलने की स्ट्रैटजी अपनानी चाहिए, जिससे वे इस चुनौती के सामने बेहतर तरीके से निपट सकें। टेन डोश्चेट ने कहा कि अभिषेक अपनी काबिलियत जानते हैं। मैच से पहले उन्होंने नेट्स पर 90 मिनट तक पसीना बहाया और अपनी लय हासिल की। उन्हें बस थोड़े आत्मविश्वास की जरूरत है, उनका पिछला रिकॉर्ड ही उनकी ताकत है। सुपर-8 में चुनौती और बढ़ेगी
भारत के ग्रुप की अन्य टीमें इस कमजोरी को भांप चुकी हैं। सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के पास ऐडन मार्करम, जिम्बाब्वे के पास सिकंदर रजा और वेस्टइंडीज के पास रोस्टन चेज जैसे अनुभवी ऑफ स्पिनर्स हैं। ये टीमें भारत के खिलाफ नई गेंद से भी ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर सकती हैं।



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Pakistan vs New Zealand Super 8 Match Preview – T20 World Cup 2026, Head-to-Head & Playing XI


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स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले

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टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 स्टेज का पहला मैच आज पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा। दोनों टीमें ग्रुप स्टेज में अपना आखिरी मैच जीतकर इस राउंड में पहुंचीं।

ग्रुप स्टेज में दोनों ही टीमों ने 3-3 मैच जीते और 1-1 मुकाबला गंवाया। पाकिस्तान ने नीदरलैंड, अमेरिका और नामीबिया को हराया। वहीं न्यूजीलैंड ने अफगानिस्तान, यूएई और कनाडा को हराया। पाकिस्तान को भारत ने हराया, वहीं न्यूजीलैंड को साउथ अफ्रीका ने हराया।

हेड टू हेड में लगभग बराबरी टी-20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच हार-जीत का अंतर लगभग बराबर रहा। दोनों टीमों के बीच 49 टी-20 खेले गए। 24 में पाकिस्तान और 23 में न्यूजीलैंड को जीत मिली। 2 मुकाबले बेनतीजा भी रहे।

टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान का पलड़ा न्यूजीलैंड पर पूरी तरह भारी रहा। टूर्नामेंट में दोनों के बीच 7 मुकाबले हुए, 5 में पाकिस्तान और महज 2 में कीवी टीम को जीत मिली।

टिम साइफर्ट न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर इस वर्ल्ड कप में टिम साइफर्ट ने न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उनके नाम 4 मैचों में 167.96 के स्ट्राइक रेट से 173 रन हैं। इस दौरान 89 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा। वहीं बॉलिंग में लॉकी फर्ग्यूसन न्यूजीलैंड के टॉप विकेट टेकर रहे। उन्होंने 3 मैचों में 9.67 की इकोनॉमी से रन देते हुए 4 विकेट लिए।

साहिबजादा फरहान पाकिस्तान के बेस्ट बैटर रहे नामीबिया के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच में सेंचुरी बनाने वाले साबिहजादा फरहान ने पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा 220 रन बनाए। वे टूर्नामेंट के टॉप रन स्कोरर भी रहे। बॉलिंग एक्शन की वजह से चर्चा में रहे उस्मान तारिक ने पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। उनके नाम 3 ही मैच में 8 विकेट हैं।

पिच कंडीशन स्पिनर्स के लिए मददगार आर प्रेमदासा स्टेडियम पर इस टी-20 वर्ल्ड कप में चेज करने वाली टीमें ज्यादातर मैच हारी हैं। इस टूर्नामेंट में यहां 5 मैच खेले गए, 4 में पहले बैटिंग करने वाली टीमों को जीत मिली। वहीं महज एक बार जिम्बाब्वे टारगेट का पीछा करते हुए श्रीलंका को हरा सका।

ओवरऑल यहां 53 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए। 29 बार चेज करने वाली टीमें जीतीं, जबकि 23 बार पहले बैटिंग करते हुए टीमों को सफलता मिली। एक मैच बेनतीजा रहा।

वेदर कंडीशन कोलंबो में शनिवार को दिन तक हवाएं चलने के साथ बादल छाए रहेंगे। बारिश की संभावना 30% से 40% है। अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।

दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11

पाकिस्तान: सलमान आगा (कप्तान), साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, बाबर आजम, उस्मान खान (विकेटकीपर), ख्वाजा नफी, शादाब खान, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, सलमान मिर्जा और उस्मान तारिक।

न्यूजीलैंड: फिन एलन, टिम साइफर्ट ( विकेटकीपर), रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चापमन, डेरिल मिचेल (कप्तान), कोल मैकोंची, जिमी नीशम, मैट हेनरी, काइल जैमीसन और जैकब डफी।

कहां देख सकते हैं मैच?

इस मैच की LIVE स्ट्रीमिंग स्टार स्पोर्ट्स पर होगी। इसे जियोहॉटस्टार एप पर भी देखा जा सकता है। आप दैनिक भास्कर एप पर मैच का LIVE कवरेज फॉलो कर सकते हैं।

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स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढें… सुपर-8 के मैचों का पूरा शेड्यूल:21 फरवरी से शुरुआत, 3 डबल हेडर होंगे, भारत 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका से खेलेगा

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की सुपर-8 टीमें तय हो चुकी है। ग्रुप ए से भारत और पाकिस्तान ने अगले दौर में प्रवेश किया है। लेकिन, इन टीमों के मुकाबले कब और कहां होंगे? किस टीम को कौन से ग्रुप में रखा गया है और उसका मैच कब होगा। पूरी खबर पढ़ें…

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ED Seizes ₹32.5K Cr Assets in 9 Months


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नई दिल्ली3 मिनट पहलेलेखक: मुकेश कौशिक

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पिछले 12 साल में ईडी के मामलों में साढ़े सात गुना और जब्त की गई संपत्ति में 12 गुना बढ़ोतरी हुई है। - Dainik Bhaskar

पिछले 12 साल में ईडी के मामलों में साढ़े सात गुना और जब्त की गई संपत्ति में 12 गुना बढ़ोतरी हुई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस वित्त वर्ष के पहले 9 महीने में ही 32,500 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर चुकी है। मोदी सरकार के दस साल का रिकॉर्ड देखें तो अटैच की गई जमीन-जायदाद में 8 गुना से अधिक बढ़ोतरी हो चुकी है।

इस साल सबसे बड़ी गाज अनिल अंबानी समूह पर गिरी है, जिसकी 5600 करोड़ रु की संपत्ति अटैच हुई है। इसके अलावा क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में 4190 करोड़ रु., पर्ल ग्रुप पोंजी के 3436 करोड़ रु. और यूनाइटेड रियल एस्टेट के 1000 करोड़ रु. की संपत्तियां भी दायरे में आई हैं।

पिछले साल की तुलना में इस बार 141% अधिक संपत्ति अटैच की गई है। एजेंसी कुल मिलाकर अब तक 1.55 लाख करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुकी है, जो एक साल के गृह मंत्रालय के बजट के बराबर है। इसमें बैंक खाते, एफडी, शेयर, वाहन, लग्जरी आइटम, कॉर्पोरेट प्रॉपर्टी और इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो शामिल हैं।

अदालती प्रक्रिया में लगने वाला वक्त बड़ी चुनौती

पीएमएलए की आरंभिक जांच के बाद संपत्ति जब्त की गईं और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर कोर्ट में अटैचमेंट सही भी पाए गए। पर, बड़ी बाधा अदालती प्रक्रिया लगातार खिंचते जाने की है और मामले पर फैसला आने तक संपत्ति फ्रोजन हालत में रहती है।

2012-13 में 2347 करोड़ रु. की संपत्ति की गई थी जब्त

पिछले 12 साल में ईडी के मामलों में साढ़े सात गुना और जब्त की गई संपत्ति में 12 गुना बढ़ोतरी हुई है। कभी 2012-13 में 62 मामलों में 2347 करोड़ रु की संपत्ति जब्त की गई थी, जिसमें से अदालतों में 325 करोड़ रुपए सही पाए गए थे।

15 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति वापसी का आदेश

आर्थिक अपराधियों के खिलाफ ईडी की रोज रोज होने वाली कार्रवाई और संपत्तियां जब्त करने की खबरों की पड़ताल के बाद भास्कर ने पाया कि अदालतों से एक लाख 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति को सही माना है। वहीं, 30 मामलों में अदालतों ने 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति वापस करने का भी आदेश दिया है।

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I-Pac रेड विवाद- ED सुप्रीम कोर्ट में बोली-CM के फायदे के लिए पुलिस ने काम में रुकावट डाली

केंद्रीय जांच एजेंसी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट(ED) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि CM और राज्य की मशीनरी कथित कोयला चोरी स्कैम के सिलसिले में I-PAC ऑफिस और उसके डायरेक्टर के ठिकानों पर रेड के दौरान गैर-कानूनी तरीके से घुसे। पूरी खबर पढ़ें…

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गुजरात HC बोला-मायके गई पत्नी को थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं:पति को आरोपों से बरी किया; अत्याचार साबित करने को मारपीठ के ठोस सबूत चाहिए




गुजरात हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि पत्नी के बिना बताए मायके में रात रुकने पर पति द्वारा थप्पड़ मारने की एक घटना को क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने एक पुराने मामले में पति को आरोपों से बरी कर दिया। जस्टिस गीता गोपी ने आदेश में कहा कि क्रूरता साबित करने के लिए लगातार और असहनीय मारपीट के ठोस सबूत जरूरी हैं। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में यह भी दिखाना होगा कि आरोपी के कृत्य और आत्महत्या के बीच नजदीकी कारण संबंध था। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में ऐसा संबंध साबित नहीं हुआ। अब जानिए क्या है पूरा मामला यह फैसला दिलीपभाई मंगलाभाई वरली की अपील पर आया। उन्होंने सेशंस कोर्ट के 2003 के फैसले को चुनौती दी थी। सेशंस कोर्ट ने मई 1996 में पत्नी की आत्महत्या के मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए धारा 306 में सात साल और धारा 498ए में एक साल की सजा सुनाई थी। अपीलकर्ता की ओर से धवल व्यास ने दलील दी कि आरोप सामान्य थे और दहेज मांग या उकसाने का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि विवाद पति के रात में बैंजो बजाने के लिए बाहर जाने और देर से लौटने को लेकर होता था। राज्य की ओर से ज्योति भट्ट ने सजा बरकरार रखने की मांग की। हाई कोर्ट ने कहा कि अभियोजन लगातार क्रूरता, मेडिकल रिकॉर्ड या पूर्व शिकायतें पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट ने पर्याप्त सबूत के बिना सजा दी थी। —————- ये खबर भी पढ़ें… बिना वजह पति से दूरी बनाना मानसिक क्रूरता: 10 साल से मायके में पत्नी पत्नी ने बिना पर्याप्त कारण वैवाहिक जीवन से दूरी बनाई, यह पति के प्रति मानसिक क्रूरता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ​​​​​पारिवारिक विवाद में फैसला सुनाते हुए पति की तलाक मंजूर कर ली है। पत्नी पिछले 10 साल से मायके में रह रही है। पूरी खबर पढ़ें…



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West Bengal Voter List Row


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कोलकाता7 मिनट पहले

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2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। - Dainik Bhaskar

2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो-तीन माह ही बचे हैं। यहां अभी भाषण और रैलियों का शोर नहीं है। लेकिन, सियासत भरपूर गर्म है। कोलकाता के न्यू मार्केट से चांदनी चौक, न्यू टाउन से जेसप बिल्डिंग और मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से बर्द्धमान तक करीब 600 किमी के सफर में साफ हो गया कि अभी वोटर लिस्ट ही चुनावी रणभूमि बनी हुई है।

कोलकाता के एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि ममता बनर्जी ने SIR की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट ले जाकर अपनी जुझारू छवि फिर हाईलाइट की है। टीएमसी उनके सुप्रीम कोर्ट के वीडियो वायरल कर रही है। जगह-जगह ममता की काले कोट में होर्डिंग लगे हैं। भाजपा SIR को घुसपैठियों के खिलाफ लड़ाई बता रही थी। पर, ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ यानी विसंगति के आधार पर जारी सवा करोड़ बंगाली लाइन में लग गए हैं। हर सीट पर औसतन 19 हजार से ज्यादा नाम हटे हैं।

टीएमसी बोली- ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में खड़ा कर दिया

टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष कहते हैं, भाजपा ने SIR से हमारी लड़ाई आसान कर दी। 15 साल की सत्ता की कुछ एंटी-इंकंबेंसी होगी, तो खत्म हो गई। एसआईआर भाजपा के लिए उल्टा तीर हो गया। वे फील्ड में नहीं जा पा रहे। ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में लगवा दिया।

भाजपा का आरोप- ममता अपने ‘घोस्ट वोटर्स’ के नाम कटने से डर में हैं

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष समिक भट्टाचार्य कहते हैं कि ममता ‘घोस्ट’ वोटर्स और घुसपैठियों के नाम कटने से डरी हैं। वह इनकी बदौलत जीतती थीं। मैं ऐसे लोगों को जानता हूं, जो कई साल पहले गुजर चुके, लेकिन उनके वोट पड़ते थे। सिर्फ वोटर लिस्ट की सफाई नहीं हो रही, यह ममता के विसर्जन का रास्ता बन रहा है।

एनालिस्ट ने बताया नाम कटने से जीत-हार का गणित

एक पार्टी के लिए काम कर रहे डेटा एनालिस्ट बताते हैं कि 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। इनमें टीएमसी 102 और भाजपा 64 सीट जीती थी। एसआईआर के तहत ड्राफ्ट सूची से प्रति सीट औसतन 19,795 नाम हटे हैं। जहां जीत का अंतर कम था, वहां मतदाता सूची में बदलाव का असर ज्यादा दिख सकता है।

वे यह भी कहते हैं कि टीएमसी 68 सीटें 25,001 से 50,000 के अंतर से जीती थी, जबकि भाजपा को ऐसी 12 ही सीटें मिली थीं। 50 हजार से ज्यादा अंतर से टीएमसी 43 और भाजपा सिर्फ एक सीट जीती थी। यानी जहां मुकाबला करीबी था, वहां अंतिम सूची की बारीकी राजनीतिक रूप से ज्यादा मायने रखेगी।

‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के तहत ज्यादातर नोटिस

SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख 20 हजार 898 नाम हटे हैं। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ तथा ‘अनमैप्ड’ श्रेणियों को मिलाकर करीब 1.26 करोड़ नोटिस जारी हुए हैं। निर्वाचन आयोग के दफ्तरों में दस्तावेज अपलोड करने और जांच की आपाधापी है। कोलकाता नॉर्थ के जिला निर्वाचन ऑफिस जेसप बिल्डिंग में 14 फरवरी को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ की सुनवाई में मूल रूप से बिहार के रहने वाले एक बुजुर्ग पत्नी और बेटे के साथ आए।

वे लंबे समय से कोलकाता में हैं, पहले वोट दे चुके हैं, लेकिन इस बार नोटिस मिला। कोलकाता की बबीता ने बताया कि वोटर लिस्ट में उनके पिता के नाम में ‘कुमार’ है, लेकिन 2002 की लिस्ट में ‘KR’ लिखा है। इसलिए मेरा नाम लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में आ गया। एक अन्य महिला के पति का नाम ‘Ashok’ लिखा है लेकिन लिस्ट में नाम ‘Asoke’ है। इसलिए सुनवाई में आना पड़ा। देवी की स्पेलिंग ‘Devi’ या ‘Debi’ होना, गांगुली और गंगोपाध्याय, चटर्जी और चट्टोपाध्याय को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस मिले हैं।

वोटर लिस्ट से नाम हटने पर क्या करें?

चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम जरूर जांच लें। मतदाता eci.gov.in पर जाकर अपना नाम और EPIC नंबर देखकर पुष्टि कर सकते हैं। अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया 6 आसान सवाल-जवाब में पढ़ें…

सवालः फॉर्म-6 कहां से मिलेगा?

जवाबः फॉर्म-6 आप अपने नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से ले सकते हैं। यह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके अलावा तहसील, SDM कार्यालय या इलेक्शन ऑफिस से भी फॉर्म-6 मिल जाता है।

सवालः फॉर्म-6 कैसे भरें?

जवाबः फॉर्म-6 भरते समय अपना पूरा नाम, सही पता, उम्र और मोबाइल नंबर ध्यान से लिखें। अगर पहले कहीं आपका नाम वोटर लिस्ट में था और उसकी जानकारी याद हो तो वह भी दर्ज करें। फॉर्म पूरा भरने के बाद अंत में अपना हस्ताक्षर करना न भूलें।

सवालः कौन-से दस्तावेज लगेंगे?

जवाबः फॉर्म के साथ पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी लगानी होगी। पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, बिजली का बिल या बैंक पासबुक की कॉपी दी जा सकती है। उम्र के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट की कॉपी लगानी होगी।

सवालः फॉर्म जमा कहां करें?

जवाबः फॉर्म आप अपने इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दे सकते हैं। चाहें तो इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी इलेक्शन ऑफिस में जाकर भी फॉर्म जमा किया जा सकता है।

सवालः जांच और सुनवाई कैसे होगी?

जवाबः फॉर्म जमा होने के बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपके बताए पते पर आकर जांच करेगा। अगर किसी जानकारी को लेकर जरूरत पड़ी, तो आपको सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है।

सवालः नाम कब तक जुड़ेगा?

जवाबः जांच पूरी होने के बाद अगर सब जानकारी सही पाई जाती है, तो आपका नाम अंतिम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा।

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तमिलनाडु में SIR से 97 लाख वोटर के नाम कटे: गुजरात में 73 लाख नाम हटाए; राजस्थान-बंगाल में 1 करोड़ से ज्यादा नाम कट चुके

चुनाव आयोग ने शुक्रवार शाम तमिलनाडु, गुजरात में कराए गए स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की। तमिलनाडु में 97 लाख से ज्यादा नाम काटे गए हैं। SIR से पहले राज्य में वोटर्स की संख्या 6.41 करोड़ थी। अब घटकर 5.43 करोड़ हो गई है। राज्य में अब 2.66 करोड़ पुरुष, 2.77 करोड़ महिलाएं और 7,191 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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Parents Get WhatsApp Alert, Certificate in 40 Days


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अहमदाबाद6 घंटे पहले

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गुजरात सरकार ने विधानसभा में विवाह पंजीकरण नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट पेश किया है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, अब लव-मैरिज के लिए आवेदन करने पर लड़के-लड़की के माता-पिता को व्हाट्सएप के जरिए सूचित किया जाएगा और आवेदन के 40वें दिन शादी का प्रमाण-पत्र मिलेगा।

डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने कहा कि हमें प्रेम विवाह से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर कोई सलीम सुरेश बनकर हमारी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाए, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे।

संघवी ने कहा कि राज्य में एक ऐसी व्यवस्था बनाई गई है, जिससे माता-पिता की अनुमति से विवाह करने वालों को और प्रेम विवाह में अपनी झूठी पहचान न दिखाने वालों को कोई परेशानी न हो। नई व्यवस्था में नोटरी का काम सभी की उपस्थिति में करना होगा।

ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की तैयारी डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने आगे बताया कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में प्रेम विवाहों के पंजीकरण के लिए एक अलग ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की तैयारी कर रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम हो सके। इसमें पंजीकरण के लिए आवेदन जमा होते ही, बेटी द्वारा विवाह पंजीकरण के लिए दी गई जानकारी माता-पिता को व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दी जाएगी।

इस संबंध में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सदन में कहा कि राज्य सरकार प्रेम विवाह के खिलाफ नहीं है, लेकिन लड़कियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए विवाह पंजीकरण नियमों में संशोधन आवश्यक हो गया है।

नए नियमों के तहत, दूल्हा-दुल्हन के साथ आने वाले गवाहों का पूरा विवरण, उनकी तस्वीरें और आधार कार्ड की प्रतियां देना अनिवार्य कर दिया गया है। अदालत में सरकार के साथ पंजीकरण कराना भी अनिवार्य होगा।

दहेज या संपत्ति को लेकर उत्पीड़न होने पर कड़ी कार्रवाई हर्ष संघवी ने कहा कि अगर शादी के बाद किसी लड़की को दहेज या संपत्ति को लेकर परेशान किया जाता है तो गुजरात पुलिस ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करेगी। सरकार का उद्देश्य लड़कियों की सुरक्षा और कानूनी संरक्षण सुनिश्चित करना है। सदन में इस संशोधन को पेश किए जाने पर बहस हुई और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और चर्चा होने की संभावना है।

विवाह पंजीकरण पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित गुजरात विधानसभा में उपमुख्यमंत्री ने नियम 44 के तहत जनहित के एक महत्वपूर्ण विषय पर एक महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्राप्त विभिन्न अभ्यावेदनों पर विचार करते हुए, राज्य सरकार ने गुजरात विवाह पंजीकरण नियमों के अंतर्गत विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए नियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया है।

इन संशोधनों पर जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे और प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद, अंतिम नए नियम लागू किए जाएंगे, ताकि विवाह पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम हो सके।

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लव मैरिज के लिए पेरेंट्स की परमिशन जरूरी हो:गुजरात और हरियाणा के बाद अब एमपी में मांग

गुजरात के पाटीदार समाज के बाद अब एमपी में करणी सेना ने भी लव मैरिज में माता-पिता की सहमति को अनिवार्य किए जाने की मांग उठा दी है। करणी सेना 21 दिसंबर को 21 सूत्रीय मांगों को लेकर जनक्रांति न्याय आंदोलन करने जा रही है। इन मांगों में सबसे अहम तीन मांगे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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5 मिनट पहले

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महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में करेले की सब्जी बनाने से नाराज एक शख्स ने अपनी 65 साल की मां की हत्या कर दी। पीड़ित की पहचान सुमित्रा पेटकुले (65) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी जगदीश पेटकुले (37) को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक जगदीश शराब का आदी था। उसकी पत्नी दो महीने पहले घर छोड़कर चली गई थी जिसके बाद से वह अपनी मां के साथ रह रहा था। घटना वाली रात, वह नशे में घर लौटा और करेला पकाने को लेकर अपनी मां से बहस करने लगा। फिर उनकी हत्या कर दी।



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Bhiwadi Firecracker Factory Blast Case; Patna Workers Vs Owner


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ये कहना है 16 फरवरी को भिवाड़ी में अवैध पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट से बचने वाले नितेश कुमार पासवान का। नितेश फैक्ट्री का कांच तोड़कर बाहर निकला था, जिससे उसकी जान बच गई। नितेश ने बताया कि धमाके वाले दिन फैक्ट्री में 700 पेटी तैयार माल और 4200 पेटी जितना कच्चा माल रखा था।

नितेश ने बताया कि वह फैक्ट्री में धमाका होने के बाद कांच तोड़कर बाहर निकला था।

नितेश ने बताया कि वह फैक्ट्री में धमाका होने के बाद कांच तोड़कर बाहर निकला था।

दीवार के कारण मैं बच गया-नितेश नितेश ने बताया-मैं सुबह 9 बजे कंपनी में गया था। इसके बाद मशीन पर काम करने लगा। थोड़ी देर बाद ही जोरदार धमाका हुआ। कुछ समझ पाते उससे पहले ही चारों ओर धुंआ-धुआं हो गया। मैं गेट से निकलने की बजाय कांच तोड़कर बाहर निकला। मेरे पीछे मेरे ही जिले का एक और लड़का बाहर निकल आया। जहां धमका हुआ, उस जगह और मेरे बीच में दीवार थी। उसके ऊपर कांच लगे थे। इसकी वजह से मैं बच गया। मेरे सामने दो लोग जलती हालत में बाहर आए। जो अंदर 7 लोग फंस गए थे, वह जलकर मर गए।

फैक्ट्री के दरवाजे बंद कर देते थे, जिससे हम बाहर ना जा सकें श्रमिक ने बताया कि हमें कपड़ा फैक्ट्री में काम दिलाने के बहाने बिहार से भिवाड़ी लाया गया था। मैनेजर ने अच्छी मजदूरी और सुविधाओं का लालच दिया था। लेकिन फैक्ट्री पहुंचे तो पटाखों के काम में लगा दिया। काम के दौरान फैक्ट्री के दरवाजे बंद कर दिए जाते थे। इस दौरान कोई भी फैक्ट्री के बाहर नहीं जा सकता था। दिन का खाना भी वहीं बनाकर खिलाया जाता था।

रोजाना 40 पेटी माल तैयार होता था नितेश ने बताया- कंपनी में रोजाना 8 से 10 घंटे काम कराया जाता था। हर दिन करीब 40 पेटियां तैयार माल बनाया जाता था। जिस दिन हादसा हुआ, उस दिन लगभग 700 पेटी तैयार माल और 4,200 पेटी के बराबर कच्चा माल फैक्ट्री में था।

गोदाम के अंदर पटाखों को पैक करके रखा जाता था। इसके बाद गाड़ियों में अलग-अलग जगह सप्लाई किया जाता था।

गोदाम के अंदर पटाखों को पैक करके रखा जाता था। इसके बाद गाड़ियों में अलग-अलग जगह सप्लाई किया जाता था।

तैयार माल को 5-7 दिन में गोदाम में शिफ्ट करते थे फैक्ट्री में तैयार होने वाले माल को 5 से 7 दिनों के भीतर गोदाम में शिफ्ट किया जाता था। गोदाम से हर रोज 3 से 4 छोटी बंद बॉडी गाड़ियों के जरिए माल की सप्लाई की जाती थी। तैयार माल दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, एनसीआर समेत अन्य इलाकों में भेजा जा रहा था।

सील की गई फैक्ट्री में तैयार होता था दोगुना माल नितेश ने दावा किया कि जिस दूसरी फैक्ट्री को घटना के अगले दिन सील किया गया, वहां 50 से 60 बोरी बारूद का स्टॉक रखा हुआ था। इस फैक्ट्री में ब्लास्ट वाली फैक्ट्री से दोगुना माल तैयार किया जाता था। दोनों फैक्ट्रियां एक ही मालिक की हैं।

17 फरवरी को पुलिस ने फैक्ट्री और गोदाम से बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे जब्त किए थे।

17 फरवरी को पुलिस ने फैक्ट्री और गोदाम से बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे जब्त किए थे।

डीएसपी बोले-बरामद माल की जांच चल रही हालांकि मामले की जांच कर रहे डीएसपी शिवराज सिंह ने कहा कि सील की गई कंपनी में बरामद सामग्री की जांच जारी है। प्राथमिक जांच में अभी तक इतनी बड़ी मात्रा में बारूद मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

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भिवाड़ी विस्फोट कांड की ये खबरें भी पढ़िए…

राजस्थान में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका,7 लोग जिंदा जले:4 गंभीर झुलसे, पॉलीथीन में ले जाने पड़े शव; मैनेजर हिरासत में, फैक्ट्री सील

राजस्थान के भिवाड़ी में 16 फरवरी को केमिकल फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ था। इसमें 7 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए थे। शव कंकाल बन गए थे। (पढ़ें पूरी खबर)

फैक्ट्री में धमाके के साथ लगी आग, ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो, लोगों के कंकाल बचे

राजस्थान के भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में धमाके से 7 लोग जिंदा जल गए थे। आग इतनी भीषण थी कि इसकी लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं। (पढ़ें पूरी खबर)

पटाखा फैक्ट्री में 7 लोग जिंदा जले थे, मालिक-मैनेजर गिरफ्तार:प्लॉट मालिक के घर पहुंची पुलिस, एक आरोपी भिवाड़ी DST के हेड कॉन्स्टेबल का भाई

राजस्थान के भिवाड़ी के अवैध पटाखा फैक्ट्री के मालिक हेमंत कुमार शर्मा और मैनेजर अभिनंदन को गिरफ्तार कर लिया गया। हेमंत भिवाड़ी पुलिस की DST टीम में तैनात हेड कॉन्स्टेबल योगेश कुमार शर्मा का भाई है। (पढ़ें पूरी खबर)



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किरोड़ी बोले-पार्टी नहीं छोड़ सकता, चाहे तोप से उड़ा दो:कांग्रेस विधायक ने मेरी तारीफ ऐसी-तैसी करने के लिए की या भलाई के लिए, नहीं पता




अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा की तारीफ पर तंज कसा। किरोड़ी ने कहा-उपनेता प्रतिपक्ष जब बोल रहे थे तब मैं सदन में नहीं था, स्पीकर के पास था। मैं समझ नहीं पाया कि उन्होंने मेरी तारीफ ऐसी तैसी करने के लिए की है या भलाई के लिए। मुझे नहीं पता। रामकेश मीणा कह रहे थे टुकर- टुकर हमारी तरफ देख रहे हैं। सपने देख लो, मैं मेरा दल और विचारधारा छोड़कर नहीं जा सकता, चाहे तोप के गोले से उड़ा दो। विधानसभा में बहस के बाद सहकारिता और कृषि की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही शनिवार तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले उप-नेता प्रतिपक्ष और गंगापुर से कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा ने डॉ किरोड़ीलाल मीणा की तारीफ करते हुए कई सियासी टिप्पणियां की थी। रामकेश मीणा ने यहां तक कह दिया कि अगर डॉ. किरोड़ीलाल गंगापुर आएं तो मैं सीट खाली कर दूंगा और दूसरी जगह चला जाऊंगा। रामकेश मीणा ने कहा- डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने बीजेपी के लिए जितना काम किया, उनकी बीजेपी में जो हैसियत है उसके हिसाब से उनको पद नहीं मिला। उन्हें मुख्यमंत्री होना चाहिए था। हमें उम्मीद थी कि वे राजस्थान के मुख्यमंत्री बनेंगे, मुख्यमंत्री नहीं तो उपमुख्यमंत्री या गृहमंत्री बनेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्हें कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री बनाकर उनके विभागों के टुकड़े कर दिए। उनके खिलाफ यह षड्यंत्र किए जा रहे हैं।
मंत्री के जवाब से नाराज कांग्रेस-विधायकों का सदन से वॉकआउट इससे पहले प्रश्नकाल में प्रदेश में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के काम पूरे होने में देरी से जुड़े सवाल पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के जवाब से नाराज कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। यूडीएच मंत्री ने पिछली सरकार के समय हुए टेंडर की खामियां गिनाई। इस पर विपक्षी विधायकों ने आपत्ति की तो स्पीकर ने अगला सवाल पुकार लिया। इसके बाद नाराज कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि खुद के अनुकूल जवाब नहीं आने पर कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट किया, यह निंदनीय है। इससे पहले बसपा विधायक मनोज न्यांगली ने भी आपत्ति करते हुए कहा कि इनके हंगामे, वॉकआउट की वजह हमारा वक्त खराब ​होता है। शिक्षा मंत्री बोले- टीचर के 72 हजार पद भरने की प्रक्रिया जारी प्रदेश के स्कूलों में खाली पदों से जुड़े सवाल पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- पिछली सरकार ने 6264 स्कूल क्रमोन्नत किए। एक भी नया पद सृजित नहीं किया। अंग्रेजी स्कूल क्रमोन्नत किए, उनमें भी एक नया पद नहीं बनाया। कांग्रेस ने लाखों बच्चों का भविष्य अंधकारमय किया। बच्चों को कक्षा में बैठा दिया, लेकिन पढ़ाने वाला कोई नहीं था। दिलावर ने कहा- हम स्कूलों में खाली पदों को भर रहे हैं। अभी तक 72 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस ने पदों को भरा नहीं। दिलावर के जवाब के दौरान बीच में टोकने पर स्पीकर ने विधायक को फटकार लगाई। स्पीकर ने कहा कि जिन्होंने सवाल लगाया है, पहले वे पूरक सवाल पूछेंगे। किरोड़ी बोले- यूरिया-डीएपी की कमी नहीं कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि यूरिया-डीएपी की कोई कमी नहीं है। इस बार खाद के लिए कई जगह किसानों की लाइनें लगीं, लेकिन उतनी नहीं लगी। कोई अनहोनी नहीं हुई। कहीं लाठीचार्ज नहीं हुआ, जैसा पिछले राज के दौरान हुआ करता था। केंद्र सरकार से हमें मांग के अनुसार यूरिया-डीएपी मिला। कहीं भी कमी नहीं है। डॉ. किरोड़ी ने कहा- कई जगह किसानों की लाइनें लगीं, उसके कुछ कारण थे। एक तो इस बार मानसून लंबा चला और जमीन में लंबे समय तक नमी बनी रही। इससे रकबा बढ़ा और खाद की जरूरत ज्यादा हुई। किरोड़ी ने कहा- पिछले राज में रिटेलर ट्रेडर्स की आदत बिगड़ गई थी। हमने नकली खाद-बीज बेचने और बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 27 फैक्ट्री सीज की। उन पर अब भी ताले लगे हुए हैं। वहीं, शनिवार को भी विधानसभा चलेगी, जिसमें सरकार के दो साल के कामकाज पर बहस होगी। दो साल बनाम पांच साल पर बहस के बाद कल शाम को सीएम भजनलाल शर्मा जवाब देंगे। … पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…



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Dausa Rape Murder | Two Sentenced to Death


कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को लेकर जाती पुलिस।

दौसा के लालसोट में महिला से रेप और हत्या के दो दोषियों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। एडीजे ऋतु चौधरी ने शुक्रवार को ये फैसला सुनाया। एडीजे ने गुरुवार को सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने बताया- 23 अप्रेल 2022 को जयपुर निवासी महिला पीहर आ रही थी। वह बस से स्टैंड पर उतरी थी। वहां से पैदल घर जा रही थी। एक नाबालिग (14) भी पैदल जा रहा था।

इसी दौरान संजू मीणा (23) और कालू मीणा (27) कार में आए। उन्होंने दोनों को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठा लिया। नाबालिग आरोपियों के गांव का ही था।

दोनों युवकों ने महिला को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाया था।

दोनों युवकों ने महिला को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाया था।

सुनसान इलाके में रेप किया, हत्या कर शव कुएं में फेंका

रास्ते में नाबालिग का घर आने पर उसे उतार दिया। महिला को आगे छोड़ने की बात कहते हुए बैठे रहने के लिए कहा। दोनों युवक कार को 5 किलोमीटर दूर एक गांव में ले गए।

वहां नदी क्षेत्र में सुनसान इलाका देखकर दोनों ने महिला के साथ रेप किया। दोनों ने महिला के जेवर और पैसे भी ले लिए। महिला के घरवालों को बताने की बात कहने पर स्कॉर्फ से गला घोंटकर हत्या कर दी।

इसके बाद शव को जलाने का प्रयास किया। सफल नहीं होने पर एक अन्य गांव में शव कुएं में फेंक गए।

रेप और हत्या के बाद शव कुएं में फेंक दिया था।

रेप और हत्या के बाद शव कुएं में फेंक दिया था।

नाबालिग ने फोटो देखकर पिता को बताया

महिला के पीहर नहीं पहुंचने पर लोगों ने गुमशुदगी के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले और पुलिस को भी सूचना दी। जब महिला के साथ कार में मौजूद नाबालिग ने ये पोस्ट देखी तो उसने अपने पिता से कहा कि ये महिला मेरे साथ कार में आई थी। उसने अपने पिता को गांव के रहने वाले कार सवारों के बारे में भी बताया।

बच्चे के पिता ने ये जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के साथ आए मोबाइल नंबर पर महिला के भाई को दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने 24 अप्रेल 2022 की देर शाम संजू मीणा और कालू मीणा को पकड़ लिया। आरोपियों की निशानदेही पर महिला का शव कुएं से बरामद कर लिया गया।

कोर्ट ने 45 गवाहों के बयान दर्ज किए। सभी गवाहों ने बयान दिए। नाबालिग गवाह ने राज खोला और कोर्ट में बयान दिए।

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उदयपुर में 8 साल की बच्ची से रेप, हत्या और शव के 10 टुकड़े करने के मामले में फांसी की सजा सुनाने वाले जज ने अपने फैसले में एक कविता भी लिखी है। (पूरी खबर पढ़ें…)



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