Ajmer Discom SE Arrested Bribery

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अजमेर एसीबी की ओर से पचास हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए अजमेर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता बाबूलाल को सस्पेंड कर दिया है। अजमेर डिस्कॉम की सचिव सीमा शर्मा ने ये आदेश जारी कर दिया है। निलम्बित काल के दौरान उनका मुख्यालय झुन्झुनू किया गया है।

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बता दें कि पिछले माह एसई को उर्जा मंत्री ने सर्कल को डिफेक्टिव मीटर मुक्त होने पर जयपुर में सम्मानित किया था। एसई के खिलाफ पिछले दिनों परेशान करने का आरोप लगाते हुए ठेकेदारों ने कार्य बहिस्कार भी किया लेकिन उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अजमेर डिस्कॉम एमडी ने अब सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।

अजमेर डिस्कॉम एमडी ने अब सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।

दो लाख की डिमांड की, 50 लेते ट्रेप

ACB अजमेर को ठेकेदार से शिकायत मिली थी कि अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) के अधीक्षण अभियंता (सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर) बाबूलाल पुराने वर्क ऑर्डर जारी करने के बदले में 2 लाख रुपए की रिश्वत मांग कर परेशान कर रहा है। ठेकेदार की शिकायत पर एसीबी ने मामले का सत्यापन किया। सोमवार को एसीबी की एक टीम ने अधीक्षण अभियंता बाबूलाल को उनके कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। वर्क ऑर्डर नवंबर-दिसंबर 2025 का था। एसीबी ने अधिकारी के पास से वर्क ऑर्डर की फाइल जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

गत 5 जनवरी को जयपुर में उर्जा मंत्री ने सौंपा था प्रमाण पत्र।

गत 5 जनवरी को जयपुर में उर्जा मंत्री ने सौंपा था प्रमाण पत्र।

उर्जा मंत्री ने सौंपा था प्रमाण पत्र

गत माह 5 जनवरी को अजमेर सर्किल डिफेक्टिव मीटर मुक्त होने पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने विद्युत भवन में अधीक्षण अभियंता बाबूलाल को प्रमाण पत्र सौंपे। इस दौरान डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा व प्रबन्ध निदेशक के.पी. वर्मा भी मौजूद रहे।

ठेकेदारों ने पहले भी जताया विरोध, लेकिन कोई कार्रवाई

सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के खिलाफ पहले भी ठेकेदारों ने प्रदर्शन किया था, यहां तक कि लगभग एक महीने तक काम का बहिष्कार भी किया गया था। प्रबंध निदेशक को भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

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ब्यावर में एसीबी की टीम को मंगलवार को उस समय झटका लगा जब रिश्वत मांगने का आरोपी क्लर्क कार्रवाई से ठीक पहले मौके से फरार हो गया। एसीबी को शिकायत मिली थी कि बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय (वितरण) में कार्यरत आकाश नामक बाबू एक पीड़ित से रिश्वत की मांग कर रहा था। (पूरी खबर पढें)

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