
उदयपुर के गोगुंदा निवासी चतरा पांचवीं पास हैं। कभी सेना में नौकरी नहीं की, लेकिन पूर्व सैनिकों के पुनर्वास के लिए बनी संस्था रेक्सो में पंजीकृत हैं। चतरा के पास CISF का आईडी कार्ड, पीपीओ नंबर, डिस्चार्ज बुक समेत तमाम कागज हैं। बेमला गांव के इंद्र सिंह किसान हैं। इंद्र को सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त दिखाया गया है। इनके पास भी सभी दस्तावेज हैं। पेंशन कार्ड पर सीआरपीएफ के महानिदेशक की ‘मुहर व हस्ताक्षर’ भी हैं। दरअसल, यह फर्जीवाड़ा भूतपूर्व सैनिक के तौर पर बैंक, कोर्ट व सरकारी दफ्तरों में मिलने वाली सुरक्षा गार्ड की नौकरी के लिए है। भास्कर के पास 150 लोगों के दस्तावेज हैं, जो फर्जी तरीके से भूतपूर्व सैनिक बनाए गए। उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा समेत कई जिलों के 300 लोगों को फर्जी तरीके से भूतपूर्व सैनिक बनाकर रेक्सो में रजिस्ट्रेशन करा दिया गया। इन लोगों ने 10 से 15 साल तक बैंक, डिपो, कोर्ट, रेलवे समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा गार्ड की नौकरी भी कर ली। सबसे बड़ा सवाल है कि फर्जी दस्तावेजों पर रेक्सो में इनका रजिस्ट्रेशन कैसे हुआ? फर्जीवाड़ा – आईडी कार्ड, पीपीओ नंबर, डिस्चार्ज बुक, पेंशन प्रमाण सहित सभी दस्तावेज फर्जी, दैनिक भास्कर के पास 150 से ज्यादा लोगों के दस्तावेज केस-1: चतरा, गोगुंदा
5वीं पास है, दस्तावेजों में दसवीं दिखाया। सिटी (कांस्टेबल), CISF से रिटायर्ड दिखा 8 साल सरकारी विभाग में नौकरी की। केस-2: इंद्र सिंह, बेमला
किसान है, लेकिन सिटी (कांस्टेबल), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से सेवानिवृत्त दिखाया। 6 साल से सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहे। केस-3: चंपालाल, डिगली
निरक्षर, पूर्व में मजदूरी का कार्य। इनके पास जवान के फर्जी दस्तावेज, जिनसे 6 साल से लोक कला मंडल में नौकरी कर रहे हैं। 12 साल तक कैश वैन में नौकरी की, बंदूक का लाइसेंस भी पिता के नाम
वाजनी रोड, उदयपुर के रहने वाले माधव सिंह ने फर्जी तरीके से 12 साल तक बैंक की कैश वैन में गार्ड की नौकरी की। इनके पास CISF में हवलदार के फर्जी प्रमाणपत्र हैं। इनके पिता के नाम पर जारी बंदूक लाइसेंस पर ही रेक्सो में गार्ड का रजिस्ट्रेशन है। डिगली के रहने वाले चंपालाल निरक्षर हैं। इन्होंने पूर्व सैनिक बनकर 6 साल तक विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी की। वल्लभनगर के दूल्हे सिंह ने सेना में नौकरी नहीं की, लेकिन इनके पास राजपूत रेजिमेंट-17 के दस्तावेज हैं। 7 साल से बैंक व अन्य जगहों पर नौकरी कर चुके। इन सभी के पास सेना की यूनिट से लेकर PPO नंबर तक सब फर्जी हैं। किसी से भी गलती हो जाती है, जांच कर रहे हैं : एमडी
“हमने कोई गलती की है तो निकाले जाने वाले लोग हमारे खिलाफ रिपोर्ट करें। जिंदगी में किसी से भी गलती हो जाती है, क्या उसे सुधार नहीं सकते? अब जांच कर रहे हैं, जो गलत है, उसको निकाल रहे हैं।”
-हरीश खंगारोत, महाप्रबंधक (सिक्योरिटी), रेक्सो, राजस्थान घोषणा पत्र में लिखा- पूर्व सैनिक आते ही नौकरी छोड़ देंगे… क्या पहले पता था फर्जी है?
इन लोगों से रेक्सो में रजिस्ट्रेशन के समय घोषणा पत्र भरवाया गया, जिसमें साफ लिखा है कि कोई पूर्व सैनिक आते हैं, तो ये लोग अपने आप नौकरी छोड़ देंगे। इससे प्रतीत होता है कि इनके फर्जी कागज बनाने में रेक्सो अधिकारियों की मिलीभगत रही है।
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