टेंट व्यवसायी ने सांवलियाजी में भेंट किया चांदी का सिंहासन:एक किलो 500 ग्राम का है वजन, बेटे की हुई सगाई
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मेवाड़ के प्रसिद्ध श्रीसांवलिया जी मंदिर में शनिवार को एक टेंट व्यवसायी ने अपने बेटे की सगाई के मौके पर ठाकुर जी को करीब 1 किलो 500 ग्राम चांदी से बना सुंदर सिंहासन भेंट किया। हालांकि मंदिर प्रशासन की ओर से अभी इसका आधिकारिक वजन नहीं किया गया है, लेकिन इसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही है। यह भेंट सांवलिया सेठ के प्रति श्रद्धा और आस्था का प्रतीक मानी जा रही है। मंदिर परिसर में इस दौरान श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ भी देखने को मिली। बेटे की सगाई पर पूरी हुई सालों पुरानी इच्छा सांवलिया जी निवासी और टेंट व्यवसाय से जुड़े सुनील मंडोवरा के बेटे दीपक मंडोवरा की शादी 16 फरवरी को होने वाली है। शनिवार, 14 फरवरी को दीपक की सगाई अंजलि के साथ संपन्न हुई। इसी शुभ अवसर पर सुनील मंडोवरा ने अपनी सालों पुरानी इच्छा पूरी करते हुए ठाकुर जी को 56 भोग अर्पित करने और चांदी का सिंहासन भेंट करने का संकल्प निभाया। उनके छोटे भाई और पूर्व मंदिर मंडल सदस्य संजय मंडोवरा ने बताया कि परिवार की जो भी तरक्की और खुशहाली है, वह सब सांवरा सेठ की कृपा से मिली है। इसलिए इस खुशी के मौके पर भगवान को विशेष भेंट अर्पित करना उनका सौभाग्य है। भक्ति भाव के साथ मंदिर तक पहुंचा परिवार सगाई के बाद चांदी के सिंहासन को एक सजी हुई गाड़ी में रखकर परिवार और अन्य भक्तजन भजन गाते और नाचते हुए मंदिर की ओर रवाना हुए। गांव की गलियों से होते हुए यह श्रद्धा यात्रा मंदिर तक पहुंची। पूरे रास्ते भक्ति का माहौल बना रहा। मंदिर पहुंचने के बाद सबसे पहले भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया और विधि-विधान से चांदी का सिंहासन भेंट किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने भगवान का आशीर्वाद लिया। टेंट व्यवसाय से जुड़ा है सिंहासन, इसलिए किया भेंट सुनील मंडोवरा पिछले कई सालों से टेंट का व्यवसाय कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनका व्यवसाय सांवलिया सेठ की कृपा से लगातार बढ़ता रहा है। शादियों और समारोहों में टेंट व्यवसाय में सिंहासन या विशेष कुर्सी एक जरूरी सामान माना जाता है। इसलिए उन्होंने ठाकुर जी को चांदी का सिंहासन अर्पित किया। उनका मानना है कि जिस सामान से उनका व्यवसाय जुड़ा है, वही भगवान को समर्पित करना सच्ची श्रद्धा का प्रतीक है। मंदिर में चांदी की भेंट की परंपरा जारी श्रीसांवलिया जी मंदिर में चांदी से बनी सामान भेंट करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। यहां श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर सोना-चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं अर्पित करते हैं। शनिवार को भेंट किया गया यह चांदी का सिंहासन भी उसी आस्था की एक कड़ी है।
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