बीकानेर से अमृतसर जा रही ट्रेन संख्या 14803 (भगत की कोठी) में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ किन्नरों ने पीलीबंगा के पास ट्रेन में हंगामा और तोड़फोड़ कर दी। घटना का वीडियो यात्रियों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक किन्नर वातानुकूलित कोच के फाटक में लगा कांच तोड़ता नजर आ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ किन्नर सूरतगढ़ से ट्रेन में सवार हुए थे और अलग-अलग कोच में जाकर यात्रियों से रुपयों की मांग करने लगे। विरोध करने पर वे एसी कोच में पहुंच गए और वहां भी शोर-शराबा शुरू कर दिया। पीलीबंगा पहुंचने से पहले एक किन्नर ने कथित रूप से बदसलूकी करते हुए कोच के दरवाजे का कांच तोड़ दिया। सूचना मिलते ही टीटी हीरा लाल सुथार मौके पर पहुंचे और हनुमानगढ़ स्थित आरपीएफ थाने को रिपोर्ट दी। बीकानेर कंट्रोल रूम को भी घटना से अवगत कराया गया। राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को शारीरिक चोट नहीं आई, हालांकि रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
सेंट्रल जेल में प्रहरी से धक्का-मुक्की और हत्या की धमकी देने का मामला सामने आया है। प्रहरी ने जानलेवा हमले के मामले में बंद हिस्ट्रीशीटर कैदी के खिलाफ ऊपरी मंजिल पर जाने से रोकने पर अभद्र व्यवहार करने और राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस के अनुसार सेंट्रल जेल के प्रहरी देवी सहाय शर्मा ने सूरजपोल थाने में रिपोर्ट दी। बताया कि शुक्रवार को वह बैरक नंबर 1 से 4 पर तैनात थे। सुबह 11:20 बजे कैदी अरदीन उर्फ लाला सजा वार्ड के गेट पर आया और ऊपरी मंजिल पर जाने लिए अड़ गया। उन्होंने जुवेनाइल वार्ड इंचार्ज को साथ लाने के लिए बोला। इस पर कैदी ने उनसे गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। जेल से बाहर आने पर हत्या करवाने और वर्दी उतरवाने की धमकी दी। फिर बताया कि 2-3 दिन पहले ही उसका हिस्ट्रीशीटर भाई फरदीन जेल से बाहर निकला है। उसके जरिए हत्या करवा देगा। अब सूरजपोल पुलिस आरोपी को जेल से ही गिरफ्तार करेगी। भास्कर इनसाइट- मामा पर फायरिंग में 5 माह से जेल में है बदमाश कैदी अरदीन उर्फ लाला हिस्ट्रीशीटर है। पिछले साल सितंबर में उसने और भाई फरदीन उर्फ गांजा ने अपने मामा मोहम्मद अनीस रजा के बरकत कॉलोनी स्थित मकान पर कब्जा कर लिया था। रोकने पर बदमाशों ने मामा पर फायर कर दिया था। गोली उनकी कमर में लगी। पुलिस ने 22 सितंबर को दोनों को गिरफ्तार किया था। तब से अरदीन जेल में है। इसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, लूट, चोरी, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं।
मेवाड़ में उच्च शिक्षा के केंद्र मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (सुविवि) की शैक्षणिक अव्यवस्थाएं अब केवल प्रशासनिक समस्या नहीं रहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बनती जा रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुसार तीन वर्षीय
.
दैनिक भास्कर ने पड़ताल की। सामने आया कि सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं, और न ही परिणाम समय पर घोषित किए जा रहे हैं। मसलन- तीन साल की स्नातक डिग्री चार साल में और दो साल की पोस्टग्रेजुएट डिग्री ढाई साल में पूरी हो रही है।
अभी सुविवि प्रशासन ने यूजी के 5वें सेमेस्टर और पीजी के किसी भी सेमेस्टर का परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं किया है। मार्च-अप्रैल में नगर निकाय और पंचायतीराज चुनाव के कारण परीक्षाओं का आयोजन चुनौतीपूर्ण रहेगा। स्थिति ये है कि पाठ्यक्रम पूरे नहीं हो पा रहे हैं। परीक्षाएं समय पर नहीं होने से परिणाम भी घोषित नहीं हो रहे। कुल मिलाकर सीधा असर छात्रों के भविष्य, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आगे की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
बड़ा नुकसान : पिछड़ रहे विद्यार्थी, कॅरिअर प्लान अस्त-व्यस्त -सुविवि में प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। -वर्ष 2023 में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले छात्रों की पंचम सेमेस्टर की परीक्षा तिथियां अब तक घोषित नहीं हुई हैं। एनईपी-2020 के अनुसार इनकी डिग्री मई-2026 तक पूरी हो जानी चाहिए।
राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र वर्ष 2026 में प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठ सकेंगे, जबकि सुविवि के छात्र 2027 तक पात्र नहीं होंगे। पीजी छात्रों की परीक्षाएं 7-8 महीने की देरी से चल रही हैं। एमबीए, कैट, मैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र 2026 में पात्र नहीं बन पाएंगे, जिससे करियर प्लान अस्त-व्यस्त हो गया है।
वसूली पूरी, हर छात्र पर यूजी में 18 हजार, पीजी में 12 हजार का ज्यादा बोझ -सेमेस्टर सिस्टम लागू होने से हर छात्र यूजी में औसतन 18 हजार और पीजी में 12 हजार रुपए अधिक खर्च कर रहा है। -वार्षिक परीक्षा पद्धति के दौरान शुल्क वर्ष में एक बार लिया जाता था, अब दो-दो बार वसूला जा रहा है। -सभी संघटक और संबद्ध कॉलेजों में 1.50 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 1.25 लाख यूजी और पीजी में पढ़ रहे हैं। -औसत परीक्षा शुल्क 15 हजार प्रति विद्यार्थी होने के कारण सालाना 187.50 करोड़ अतिरिक्त वसूली हो रही है। राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों से तुलना ….. न आरयू से सबक, न जीजीटीयू से, इनमें सबकुछ समय पर -राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने एनईपी-2020 के अनुसार अपना अकादमिक कैलेंडर समय पर जारी किया है। यहां परीक्षाएं दिसंबर-जनवरी में पूरी कर ली गईं। -गुरु गोविंद जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा भी स्टाफ की कमी के बावजूद सत्र और परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार संचालित हो रहा है। -अधिकांश विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं दो-तीन पारियों में आयोजित कर एक-डेढ़ महीने में पूरी कर ली जाती हैं, जिससे शेष समय शिक्षण के लिए मिलता है। यहां ये : सुविवि में प्रत्येक सेमेस्टर की परीक्षाएं 5-6 महीने तक चलती हैं, परिणामस्वरूप शिक्षण केवल एक माह के लिए बचता है। ……… सिस्टम को समय पर लाएंगे“सेमेस्टर सिस्टम को समय पर लाएंगे। इसके लिए रणनीति के साथ तैयारियों में जुटे हैं। विद्यार्थियों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। मैं हाल ही परीक्षा नियंत्रक बना हूं।”-मुकेश बारबर, परीक्षा नियंत्रक, सुविवि
देश के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 13 से 16 फरवरी तक दो विस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं। इससे अगले दो दिन में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में दिन का तापमान 30°C के पार हो चुका है।
वहीं यूपी और राजस्थान में 16 फरवरी से बारिश की संभावना है। राजस्थान के जयपुर, बीकानेर संभाग के जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में के कई जिलों में बारिश की आशंका है। नए वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के सबसे ज्यादा असर 17 और 18 फरवरी को रहेगा।
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर समेत 17 शहरों में दिन में गर्मी बढ़ गई है, जबकि पचमढ़ी, खजुराहो और कटनी की रातें ठंडी बनी हुई है। छत्तीसगढ़ में दिन के तापमान में 2 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को रायपुर का तापमान 32.5°C रहा।
हिमाचल प्रदेश के मंडी में तापमान में सामान्य की तुलना में 6.8 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया और यहां का पारा 26.4 डिग्री पहुंच गया है। 16 फरवरी से लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
उत्तराखंड में 16 फरवरी को 5 जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इनमें शामिल है। वहीं राज्य के 3 शहरों का तापमान -20°C से नीचे बना हुआ है। मुनस्यारी में पारा गिरकर -28°C, बद्रीनाथ में -20°C, गंगोत्री में -22°C रहा।
देश में मौसम की तस्वीर…
उत्तराखंड के बागेश्वर में ठंडी हवाएं चल रही हैं।
अगले दो दिन का मौसम…
16 फरवरी- अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश की आशंका।
17 फरवरी- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश-बर्फबारी की संभावना।
पंजाबी सिंगर और एक्टर परमीश वर्मा एक बार फिर विवादों में हैं। दिल्ली में एक लाइव शो के दौरान वो अपने फैन से भिड़ गए। गाते-गाते वो अचानक रुके और मंच से उसे थप्पड़ दिखाने लगे। इसके बाद दोनों में बहस बढ़ गई, जिसके बाद पुलिस और परमीश वर्मा के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड को बीच-बचाव करना पड़ा। परमीश वर्मा की बहस का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में परमीश वर्मा बहस करते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उसमें आवाज साफ नहीं है। परमीश वर्मा और फैंस के बीच यह बहस करीब एक मिनट से ज्यादा देर तक होती रही। परमीश वर्मा और फैंस के बीच बवाल के PHOTOS… अब जानिए क्या है पूरा मामला… 5 महीने पहले परमीश घायल हुए थे
5 महीने पहले हरियाणा के अंबाला में परमीश वर्मा शूटिंग के दौरान गाड़ी पर गोली लगने से घायल हो गए थे। घटना के बाद उन्हें तुरंत प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उनका उपचार हुआ। दरअसल, उस समय परमीश अपनी आगामी फिल्म शेरा की शूटिंग के लिए अंबाला आए हुए थे, सोमवार को मिलिट्री एरिया में स्थित चर्च के पास एक टेक के दौरान परमीश की गाड़ी पर नकली गोली फायर की गई, जिससे गाड़ी का शीशा टूट गया। चूंकि, परमीश इस दौरान गाड़ी के अंदर ही बैठे थे, इसलिए शीशा टूट कर परमीश के चेहरे पर जा लगा, इससे उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। पंजाबी फिल्म शेरा दुनियाभर के सिनेमाघरों में 15 मई 2026 को रिलीज होगी। इस फिल्म में परमीश वर्मा लीड एक्टर के रोल में नजर आएंगे। फिल्म में वो शेरा के मजबूत किरदार में नजर आएंगे। 2018 में फायरिंग में लगी थी गोली
भास्कर न्यूज | अलवर नगर निगम की ओर से शहर से निकलने वाले कचरे को एकत्रित करने के लिए बनाए गए कचरा निस्तारण प्लांट और सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में कचरा व धूल को उड़ने से रोकने के उद्देश्य से पौधे लगाए है। पौधे लगाने और उनकी देखभाल के लिए ठेका दिया गया है। दोनों प्लांटों के परिसर में कुल मिलाकर 3 हजार पौधे लगाए गए हैं। दोनों स्थानों का ठेका 50 लाख रुपए में दिया गया है। ठेकेदार पौधे लगाने के बाद तीन साल तक उनकी देखभाल करेगा। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकैप) के तहत पौधरोपण कराया जा रहा है। नगर निगम की ओर से संचालित इस पहल का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण, दुर्गंध में कमी और हरित वातावरण का निर्माण करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्थानों पर हरियाली विकसित करने से पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नगर निगम में एनकैप प्लानर योगेश पूनिया ने बताया कि दोनों स्थानों पर पौधरोपण कराया गया है। पौधे बड़े होकर पेड़ के रूप में विकसित होंगे और धूल को उड़ने से रोकेंगे। साथ ही हवा के साथ उड़ने वाला कचरा भी रोका जा सकेगा। हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा: कचरा प्लांट में रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा आता है। इसके निस्तारण के दौरान धूल, दुर्गंध और गैसों का उत्सर्जन होता है। पेड़-पौधों से इन हानिकारक प्रभावों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। इसके अलावा, हरियाली से आसपास के क्षेत्रों में तापमान संतुलित रहता है। इसके साथ ही सी एंड डी वेस्ट प्लांट में भी धूल प्रदूषण को रोका जा सकेगा। नगर निगम के एईएन हेमंत यादव ने बताया कि दोनों स्थानों पर पौधरोपण प्रदूषण की रोकथाम के लिए योजना बनाकर किया गया है। ^कचरा निस्तारण प्लांट और सी एंड डी प्लांट के कारण होने वाले धूल व अन्य प्रकार के प्रदूषण को रोकने के लिए पौधे लगाए गए हैं। इससे हवा को स्वच्छ रखा जा सकेगा। -सोहन सिंह नरूका, आयुक्त, नगर निगम।
हरियाणा के CM नायब सैनी के पंजाब दौरों ने विरोधियों की टेंशन बढ़ा दी है। हफ्ते के 7 दिन में से एवरेज एक दिन उनका पंजाब में या पंजाबियों के बीच बीत रहा। सैनी ट्रेडिशनल नेताओं की तरह तूफानी दौरे नहीं करते बल्कि माइक्रो मैनेजमेंट की तर्ज पर छोटे टूर करते
.
बाहरी तौर पर लोगों को यह भले ही 2027 के लिए पड़ोसी राज्य के CM से पार्टी के लिए प्रचार कराने की BJP की रणनीति लगती हो। लेकिन पॉलिटिकल सिनेरियो में इसके मायने बड़े हैं। पंजाब की जट्ट सिख वर्सेज दलित राजनीति के उलट CM सैनी के जरिए भाजपा पंजाब में OBC वर्ग का नया वोट बैंक खड़ा कर रही है। इनकी संख्या पंजाब में करीब 30% मानी जाती है।
खास बात ये है कि OBC वर्ग किसी एक धर्म में नहीं हैं। यह सिखों और हिंदुओं, दोनों में हैं। वहीं सैनी समुदाय के भी 5% वोट हैं, जो 7 जिलों की कई सीटों पर निर्णायक असर रखते हैं। सैनी के जरिए भाजपा उन लोगों तक पहुंचना चाहती है जो अब तक बड़े राजनीतिक घरानों की लड़ाई में खुद को अलग-थलग महसूस करते रहे हैं। सैनी की सॉफ्ट इमेज और पंजाबी में बातचीत पंजाब के वोटरों के साथ इमोशनल कनेक्शन बनाने की कोशिश है।
यही वजह है कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब सीधे सैनी पर अटैक करते हुए उन पर ऑपरेशन लोटस चलाने का आरोप लगा दिया। कांग्रेस उन्हें हरियाणा पर ध्यान देने की नसीहत दे रही है। हमने 2 पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. केके रत्तू और कॉलमनिस्ट विंकलजीत सरां से बात की तो वह भी मानते हैं कि सैनी का दौरा 30 से 35 सीटों को इफेक्ट करेगा।
CM सैनी को पंजाब में एक्टिव करने की क्या वजह, इससे भाजपा चुनाव में क्या समीकरण खड़ा कर रही, सैनी से पंजाब में कितना असर पड़ेगा, इन सब सवालों के जवाब के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
पंजाब के दौरे के दौरान किसानों से मिलते हरियाणा सीएम नायब सैनी।- फाइल फोटो
हरियाणा CM के पंजाब दौरों के 6 सियासी समीकरण
सैनी के फोकस में पंजाब के डेरे, OBC समाज: हरियाणा CM नायब सिंह सैनी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। सैनी अपने दौरों के दौरान गुरुद्वारों में जा रहे हैं। सैनी का फोकस भाजपा के लिए डेरों, गैर-जट्ट सिख और ओबीसी वोटर्स को भाजपा से जोड़ना है। जालंधर, होशियारपुर, गुरदासपुर में भी बड़ी संख्या में सैनी वोटर हैं। राजनीति माहिरों का मानना है कि नायब सिंह सैनी का पंजाब में बढ़ता दखल यह संकेत देता है कि 2027 का चुनाव केवल स्थानीय मुद्दों पर नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक बदलाव के नैरेटिव पर लड़ा जाएगा।
जट्ट सिख पॉलिटिक्स की जगह नया समीकरण: पॉलिटिकल एक्सपर्ट मानते हैं कि हरियाणा CM को पंजाब में एक्टिव करना भाजपा की उसी गेमचेंजर चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसे 2024 के चुनाव में हरियाणा में आजमाया गया। भाजपा पंजाब में जट्ट सिख के दबदबे की राजनीति के मुकाबले नया सामाजिक समीकरण ओबीसी+दलित+गैर सिख का बनाना चाहती है। सैनी खुद हरियाणा के OBC वर्ग से आते हैं और उनका परिवार सिख परंपराओं से जुड़ा है।
हरियाणा मॉडल के बहाने किसानी मुद्दों पर बात: सैनी अपनी रैलियों में हरियाणा की तर्ज पर बिना खर्ची-पर्ची की नौकरी और सुशासन का वादा कर रहे हैं। हरियाणा मॉडल का प्रचार करते हुए नायब सिंह सैनी भ्रष्टाचार मुक्त शासन और खेती-किसानी की बात कर रहे हैं। अपने सभी दौरों में सैनी ने बताया कि कैसे हरियाणा में बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के मेरिट पर सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। इसके अलावा वे 24 फसलों पर MSP, महिलाओं को पैसे देने का वादा पंजाब से पहले पूरा करने और नशे के खिलाफ सख्त कानून बनाने की बात बता रहे हैं।
पंजाब चुनाव से पहले 1984 दंगा पीड़ितों को नौकरी: हरियाणा की सैनी सरकार ने पंजाब में चुनाव से ऐन पहले 1984 के सिख दंगा पीड़ितों के परिवारों के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया। सरकार ने दंगों में जान गंवाने वाले 121 परिवारों के 1-1 सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। ये नियुक्तियां हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिए दी जा रही हैं। राजनीतिक माहिरों का कहना है कि सिख दंगा पीड़ितों के लिए पहली बार किसी स्टेट ने ये काम किया है। पंजाब भी इसे देख रहा है। पंजाब के लोगों के इस मुद्दे को कोई नहीं उठा पा रहा है। सैनी अपने इस एतिहासिक फैसले से पंथक वोटर्स को भी प्रभावित कर रहे हैं।
BJP का CM कैसा होता है, ये पंजाबियों को बता रहे: पंजाब में अक्सर जनता के साथ घुलने-मिलने वाली लीडरशिप पसंद की जाती है। जब भी कोई नेता सत्ता का अहंकार दिखाता है तो उसे सत्ता से बाहर फेंकने में पंजाबी ज्यादा टाइम नहीं लगाते। ऐसा पिछले चुनावों में कई बार दिख चुका है। मौजूदा AAP सरकार और खासकर CM भगवंत मान पर विपक्षी आरोप लगाते हैं कि वह अहंकार दिखा रहे हैं।इसके उलट सैनी सिर्फ पंजाब ही नहीं बल्कि हरियाणा में भी बहुत सिंपल तरीके से वर्किंग करते हैं। अपने सरकारी आवास पर लोगों से मिलना हो या राह चलते हुए काफिला रुकवा देना, वह ऐसा कई बार कर चुके हैं। सैनी के जरिए भाजपा पंजाबियों को बता रही है कि उनका मुख्यमंत्री बनने का मतलब कहीं से भी अहंकार नहीं बल्कि भाजपा के लिए सेवा होगी।
सिरसा डेरा प्रेमियों पर भी असर: डेरा सच्चा सौदा सिरसा के भी पंजाब के मालवा क्षेत्र में बहुत प्रेमी (श्रद्धालु) हैं। सैनी के हरियाणा CM होने के नाते प्रेमियों में भी इसको लेकर मैसेज जाएगा। जिसका असर बठिंडा, मानसा समेत आसपास के जिलों में जाएगा। हरियाणा सरकार पर डेरा मुखी राम रहीम को बार-बार पैरोल देने के आरोप पहले ही लगते रहे हैं।
पंजाब में पानी, SYL नहर समेत कई मुद्दों पर अक्सर CM नायब सैनी और पंजाब के सीएम भगवंत मान के बीच तनातनी देखी गई है।
CM सैनी पर हमलावर विपक्षी दल क्या कह रहे…
आप बोली- CM सैनी डेपुटेशन पर भेजा, ऑपरेशन लोटस का हिस्सा AAP ने नायब सिंह सैनी के पंजाब में बढ़ते दौरों को भाजपा के आपरेशन लोटस का हिस्सा बताया है। पंजाब सरकार ने इन दौरों को लेकर हरियाणा सीएम पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। AAP विधायक नरिंदर कौर भराज और प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे भाजपा ने सैनी को हरियाणा से पंजाब में डेपुटेशन पर भेजा है ताकि वे यहां जोड़-तोड़ कर सकें।
पार्टी ने आरोप लगाया कि सैनी का असली मकसद धार्मिक दौरा नहीं, बल्कि ऑपरेशन लोटस के जरिए AAP विधायकों को लालच देना है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाबियों के सम्मान को खरीदना चाहती है, जो कभी संभव नहीं होगा। AAP नेताओं ने कहा कि सैनी को पंजाब की चिंता छोड़ देनी चाहिए और अपने राज्य हरियाणा पर ध्यान देना चाहिए।
मीडिया से बात करते AAP के नेता बलतेज पन्नू और उनके साथ संगरूर से MLA नरिंदर कौर भराज।- फाइल फोटो
वड़िंग बोले- पंजाब आने की बजाय अपनी स्टेट पर ध्यान दें सैनी पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी सैनी के दौरों पर निशाना साधा। वड़िंग ने कहा कि हरियाणा सीएम को पंजाब में दखल देने के बजाय अपने राज्य के किसानों और युवाओं की समस्याओं को सुलझाना चाहिए। भाजपा पंजाब में पूरी तरह जमीन खो चुकी है, इसलिए वह पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री को लाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब का वोटर बाहरी नेताओं के बहकावे में नहीं आने वाला। भाजपा और अकाली दल अंदरूनी तौर पर मिले हुए हैं और सैनी का आना इस गठबंधन को फिर से जिंदा करने की कोशिश है।
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।- फाइल फोटो
सैनी के दौरों पर एक्सपर्ट्स क्या कह रहे…
1984 दंगा पीड़ितों की आवाज केंद्र तक पहुंचाने में कामयाब पॉलिटिकल कॉल्मनिस्ट विंकलजीत सिंह सरा ने नायब सिंह सैनी के पंजाब के बढ़े अचानक दौरों पर कहा कि पंजाबियों की शुरू से आदत रही है कि जो भी इनके बारे में थोड़ा सा सोचता है, ये उसी के हो जाते हैं। चाहे वो किसी भी स्टेट का क्यों न हो। भाजपा में सैनी का रुतबा है, केंद्र सरकार उनकी बात मानती है, इसलिए उनको पंजाब में प्रोजेक्ट किया गया है।
सैनी के दौरों का 3 जिलों में सीधा असर राजनीतिक विश्लेषक और पॉलिटिकल साइंस के प्रोफैसर रह चुके डॉ. कृष्ण कुमार रत्तू ने हरियाणा सीएम के पंजाब दौरों को लेकर कहते हैं कि पटियाला, फाजिल्का, बठिंडा के साथ अंबाला से जुड़े जिलों में इसका भाजपा को फायदा मिल सकता है।
सैनी बहुत सॉफ्ट हार्टेड नेता हैं, लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याएं समझते हैं। पंजाब में आकर पंजाबियत की बात कर खुद के साथ लोगों को जोड़ते हैं। सैनी सरनेम का भी कुछ असर दिखेगा। पंजाब का वोटर सेंटिमेंटल है। कई पंथक मुद्दों, कुछ डेरों के प्रभाव तो कुछ जाति को देख वोट करते हैं।
पंजाब के चुनाव तो ऐसे हैं कि यहां जो जितनी ज्यादा फाइट करेगा, उतना ही जीत के करीब जाएगा, चाहे वह कोई भी पार्टी क्यों न हो, जो फाइट करेगा, वो जीतेगा। एक बात और है कि BJP पंजाब में दोआबा में ज्यादा जोर लगा रही है, अगर यहां कि 23 में से 15 सीटों पर भी कोई चमत्कार दिखा जाती है और मालवा-माझा में 4 से 5 सीटें निकालती है तो किसी के साथ भी सरकार बना सकती है।
अकाली दल को पंथक वोट का सहारा है। गांवों में आज भी लोग कहते सुने जाते हैं कि हमारा वोट पंथ के लिए होगा।
*************
ये खबरें भी पढ़ें…
MLA भराज बोलीं- हरियाणा CM पंजाब में विधायक खरीद रहे, मुझे कहा- बंद कमरे में मिलो, टिकट दूंगा; AAP बोली- BJP का ऑपरेशन लोटस-2
पंजाब में 2027 के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP पर पंजाब में ऑपरेशन लोटस पार्ट-2 चलाने का गंभीर आरोप लगाया। आप के प्रवक्ता बलतेज पन्नू व संगरूर से विधायक नरिंदर कौर भराज ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा के CM नायब सैनी पर विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया। (पढ़ें पूरी खबर)
डेरा ब्यास मुखी ने पंजाब के नेताओं को चौंकाया, पहले मजीठिया को क्लीन चिट, फिर सीक्रेट मीटिंग; अचानक एक्टिव क्यों हुए, चुनाव पर क्या इंपैक्ट पड़ेगा
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले डेरा ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर ढिल्लों की सक्रियता ने सबको चौंका दिया है। सीनियर अकाली नेता बिक्रम मजीठिया से नाभा जेल में उनकी मुलाकात की टाइमिंग चर्चित रही। सुबह वह मजीठिया से मिले, बाहर आकर आरोप गलत बताए। दिन चढ़ते ही मजीठिया को जमानत मिल गई। (पढ़ें पूरी खबर)
भीलवाड़ा प्राचीनतम जनबसावट का क्षेत्र है। यहां आगूंचा तालाब किनारे सागर महादेव शिवलिंग करीब 2200 वर्ष पुराना माना गया है। विशेषज्ञ इसे प्री-कुषाणकाल (100 बीसी) का मानव निर्मित शिवलिंग बताते हैं, जो देश के प्राचीनतम शिवलिंगों में गिना जाता है। रायपुर क्षेत्र के नांदसा में मिले 1800 साल पुराने यूप स्तंभ और पातलियास में 40 हजार वर्ष पुराने पत्थर के औजारों ने भी क्षेत्र की ऐतिहासिक महत्ता सिद्ध की है।
जलधारा विकास संस्थान के अध्यक्ष महेश नवहाल के अनुसार आगूंचा प्री-हिस्टोरिक साइट रही है। मानसी नदी के पास और खारी नदी के समीप बसे इस क्षेत्र में प्राचीनकाल से बसावट के प्रमाण मिले हैं। 1967 के शोध में यहां गहरे गड्ढे मिले, जिनमें 120 फीट नीचे लकड़ी के तख्ते व्यवस्थित रूप से मिट्टी रोकने के लिए लगाए गए थे। कार्बन डेटिंग में ये तख्ते भी करीब 2200 वर्ष पुराने पाए गए। 1991 में यहां जिंक खनन शुरू हुआ, जिससे क्षेत्र की पुरातात्विक महत्ता और उजागर हुई।
आगूंचा के कमलकिशोर नगला बताते हैं कि गांव के गणेशलाल असावा को तालाब किनारे स्वप्न में शिव प्रतिमा होने का संकेत मिला। खुदाई में शिवलिंग प्रकट हुआ और निर्देश मिला कि गांव खुशहाल होने तक छत न बने। बरगद गिरने व चबूतरा टूटने के बाद परिवार ने सेवा जारी रखी। बाद में मंदिर निर्माण हुआ, जिसे ग्रामीण द्वारपाल मानते हैं। इधर University of Oxford के शोध में क्षेत्र में चांदी खनन के प्रमाण मिले। बताया गया कि चांदी चंद्रगुप्त मौर्य व चाणक्य के काल में पाटलीपुत्र भेजी जाती थी। राजस्थान यूनिवर्सिटी के आर्कियोलॉजी प्रोफेसर तमेघ पंवार का कहना है कि यह शिवलिंग दक्षिण भारत के गुड्डीमल्लम शिवलिंग की तर्ज पर हो सकता है, जिसके नीचे मानव स्वरूप की आकृति मिलती है। उनके अनुसार यह स्थल शैव मतावलंबियों का प्रमुख केंद्र रहा होगा।
डेक्कन कॉलेज, पुणे के सहायक आचार्य गोपाल जोगी ने इसे भारत के प्राचीनतम शिवलिंगों में एक बताया। उनका कहना है कि आसपास खुदाई से मानव बसावट और प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिल सकते हैं। पुरा अन्वेषी ओमप्रकाश कुकी ने इसके संरक्षण की मांग की। फोटो: सुखदेव गाडरी
पंचायतीराज विभाग के कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार (छींपा) को निलंबित कर दिया गया है। उनके पांच ठिकानों पर एसीबी की सर्च में मिले सोना-चांदी, नकदी और बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। अचल संपत्ति का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए शुक्रवार को बीकानेर में पूनरासर निवासी और फलोदी की ग्राम पंचायत कानासर हाल बाप पंचायत समिति की उदट ग्राम पंचायत में पदस्थापित कनिष्ठ सहायक शुभकरण छींपा के पांच ठिकानों पर सर्च की थी। इस दौरान उसके पास 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति का पता चला, जबकि एसीबी ने 15 सालों में उसकी नौकरी से अर्जित वैध आय करीब 17 लाख रुपए माना। आरोपी के जयपुर रोड स्थित मातेश्वरी एन्क्लेव, व्यास कॉलोनी, गंगाशहर रोड छींपों का मोहल्ला, मूल निवासी श्रीडूंगरगढ़ के पूनरासर गांव और फलोदी में कानासर व उदट से सर्च में मिला सोना, चांदी, नकदी, बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। उसके अलग-अलग जगह मिले मकान, जमीनों का आकलन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए अनुसंधान अधिकारी एसीबी की बीकानेर चौकी के एएसपी विनोद कुमार ने शनिवार को सर्वेयर की टीमों को आरोपी के ठिकानों पर भेजा गया है। इसके अलावा आरोपी के तीन बैंक खाते सीज किए गए हैं जिनकी छानबीन की जाएगी। सर्वे, बैंक खातों और जमीनों व अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद कुल संपत्ति का आकलन किया जाएगा। उसके बाद रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी जाएगी। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने भ्रष्ट तरीकों से करोड़ों रुपयों की अवैध संपत्तियां अर्जित की हैं। बड़ा सवाल : इतनी दौलत कैसे हासिल की एसीबी को पंचायतराज विभाग के एलडीसी के पास से अब तक 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की चल-अचल संपत्तियों का पता चला है। इससे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि वर्ष, 10 में नौकरी लगे कर्मचारी की अब तक वैध आय 17 लाख रुपए मानी गई, उसने करोड़ों रुपए की अवैध दौलत कैसे हासिल कर ली। इसमें आरोपी के अलावा विभागीय कामकाज का सिस्टम भी जांच के घेरे में आ गया है। आरोपी ने भ्रष्ट तरीके से अकेले ही करोड़ों रुपए की संपत्तियां हासिल की या उसके साथ अन्य लोगों की मिलीभगत है, यह भी जांच का विषय है। “आरोपी से मिली चल-अचल संपत्तियों और दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है। अचल संपत्तियों का सर्वे कराया है। सभी संपत्तियों का आकलन करने के बाद संपत्तियों की कुल कीमत का पता चल पाएगा। आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज है जिसकी विस्तृत जांच होगी।”
– भुवन भूषण यादव, डीआईजी एसीबी बीकानेर
भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में शास्त्रीनगर स्थित निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 18 वर्षीय कॉलेज छात्रा की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, रेणवास निवासी छात्रा (18) रवीना पुत्री भंवरलाल बलाई भीलवाड़ा में हॉस्टल में रहकर एक प्राइवेट कॉलेज में फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रही थी। शुक्रवार रात पेट दर्द हुआ। सहेलियों ने वार्डन को सूचना दी, जिसके बाद उसे शास्त्रीनगर स्थित अरिहंत अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार सुबह परिजन अस्पताल पहुंचे। छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट किया। दोपहर बाद इलाज के दौरान रीना ने दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया व धरने पर बैठ गए। परिजनों ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। कोतवाली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। प्रतापनगर सीआई राजपाल सिंह ने भी समझाइश की। दोनों पक्षों के बीच रात तक वार्ता चलती रही। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।