बाजरा का उत्पादन बढ़ाने के लिए अब किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक घर बैठे मार्गदर्शन करेंगे। खेती संबंधी समस्याओं को सुनते हुए उनका समाधान बताएंगे। सीधे वैज्ञानिकों से जुड़ने के लिए किसान सारथी 2.0 पोर्टल पर कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। इसी के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकी जानकारी घर बैठे उपलब्ध कराई जाएगी। राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान जयपुर में प्रयोगशाला से शोध और सरकार से नीति को धरातल तक लाने के लिए राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के सौ से ज्यादा वैज्ञानिकों ने इस पर चर्चा की। वर्तमान में पायलट प्रोजेक्ट उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल में संचालित है। अब राजस्थान में यह बाजरा उत्पादक किसानों के लिए शुरू किया जाएगा। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बाजरा राजस्थान की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। एक–दो जिलों को छोड़कर पूरे प्रदेश में बाजरा की खेती हो रही है। बारानी क्षेत्रों में आमदनी का स्रोत यही है। ऐसे में पोर्टल के माध्यम से कृषि वैज्ञानिक सटीक जानकारी किसानों को उपलब्ध कराएंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान की ओर से वैज्ञानिकों को तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। ताकि उनकी और किसानों के बीच की दूरी को डिजिटल माध्यम से कम किया जा सके। किसान सारथी कोष बाजरे से जुड़ी तकनीकी सामग्री से ही तैयार किया गया है। यह कोष एक कृषि ज्ञान भंडार के रूप में काम करेगा। बाजरे की उन्नत किस्मों, पोषक तत्व, रोग नियंत्रण, कम पानी में खेती और ज्यादा भाव पाने में मददगार सामग्री इस एप पर मिलेगी। इसमें दो प्रमुख डिजिटल टूल्स किसान एप और विशेषज्ञ एप हैं। किसान एप के जरिए किसान सीधे वीडियो परामर्श और स्थानीय भाषा में व्यक्तिगत सलाह ले सकेगा। वहीं, विशेषज्ञ एप में प्रश्न, सलाह और फोन करने की सुविधा है। इसमें भाषिणी एआई के सहयोग से कई भाषाओं का विकल्प दिया गया है। कृषि वैज्ञानिक एआई के उपयोग पर किसानों को सावधानी बरतने की भी सलाह देंगे। वे पूरी तरह तकनीक पर निर्भर न हों। एक सवाल के जवाब के लिए मिलेंगे छह मिनट प्रदेश में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विश्वविद्यालयों के 47 कृषि विज्ञान केंद्र संचालित हो रहे हैं। इस पोर्टल पर वैज्ञानिकों से संपर्क करने के लिए किसान को ऐप डाउनलोड के बाद रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। उसी आधार पर अलग-अलग वैज्ञानिक एक समय में ऑनलाइन उपस्थित होंगे। वैज्ञानिक एक पंजीकृत सवाल को औसत छह मिनट में जवाब देकर किसान को संतुष्ट करेंगे। आने वाले समय में बाजरा के अलावा अन्य फसलों को भी धीरे–धीरे शामिल किया जाएगा।
तरनतारन के लॉ कॉलेज में छात्रा की गोली मारकर हत्या करने के बाद छात्र के सुसाइड केस में 3 ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हो गई हैं। जिसमें दावा किया जा रहा है कि ये मृतक छात्रा संदीप कौर की हैं। इन वायरल रिकॉर्डिंग में लड़की कहते हुए सुनाई दे रही है कि मेरे ऊपर सबकी नजर रहती है। प्रिंस के नजदीक होती हूं तो लोग ज्यादा बातें बनाते हैं। वह ये भी कहती है कि राजवीर धमकी देता है। अगर तुम और उलझोगे तो मामला बढ़ जाएगा। छोटी-मोटी धमकियों से डरना नहीं चाहिए। 4 दिन पहले कॉलेज के क्लासरूम में प्रिंसराज सिंह बैग में पिस्टल छिपाकर लाया। इसके बाद उसने छात्रा संदीप कौर को बातचीत के बहाने क्लासरूम के पीछे बुलाया। जहां पहले उसे गोली मारी। फिर खुद को भी गोली मार दी। संदीप कौर की वहीं मौके पर मौत हो गई। वहीं प्रिंसराज करीब 3 दिन तक अमृतसर के अस्पताल में भर्ती रहा लेकिन गोली उसके ब्रेन में घुसने की वजह से उसकी भी मौत हो गई। जिसके बाद छात्र और छात्रा के परिजन एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि परिवार या पुलिस ने इन कॉल रिकॉर्डिंग के संदीप कौर से जुड़े होने को लेकर कुछ नहीं कहा। दैनिक भास्कर भी रिकॉर्डिंग को लेकर किए दावों की पुष्टि नहीं करता। जानिए, 3 कॉल रिकॉर्डिंग में क्या बातचीत हो रही पहली रिकॉर्डिंग: लड़की कहती है- ये नहीं है कि राजवीर धमकी दिला रहा। उसे कहो कि और दिला लो। कोई चक्कर ही नहीं है। हम बैठे हैं यहां। कोई हमारा क्या कर लेगा। ठीक है ना, छोटी-मोटी धमकियों से नहीं डरते होते। छोटा सा बदमाश है वह, ठीक है ना। कुछ नहीं जानती मैं उनको। बाकी ये है कि थोड़ी लिमिट में रहते हैं हम, ताकि सबको भी ठीक लगे। क्योंकि मुझ पर सारे निगाह रखते हैं कि ये और तो किसी को बुलाती नहीं है। ये प्रिंस के क्लोज रहती है। राजवीर की बात हो गई तो हमने सबकी निगाह में आ जाना है। दूसरी रिकॉर्डिंग: कॉलेज में यही शो कराना है कि अपनी टूट गई है। अपनी कोई बात नहीं है। ठीक है ना। मैंने पहले भी तुझे ये बात कही थी और हमने यही शो करना है कि हमारा कोई रिश्ता नहीं है, ठीक है। तीसरी रिकॉर्डिंग: इसने जब कहना ना कि संदीप भुक्की चाहिए, उसी वक्त इसे भुक्की, जब इसने कहना अफीम चाहिए, उसी समय अफीम, पता नहीं कितनी बार मैंने इसे घर से भुक्की और अफीम लाकर दी है। संदीप से रिश्ते पर प्रिंस की मां ने क्या कहा… प्रिंस से रिश्ते पर संदीप की मां ने क्या कहा प्रिंस ने संदीप का कत्ल कर सुसाइड कैसे किया
यह घटना 9 फरवरी की है। प्रिंस नीले रंग के बैग में पिस्टल लेकर क्लासरूम में आया। फिर संदीप को बुलाकर लाया। संदीप के साथ एक छात्रा भी आई। संदीप खड़ी रही लेकिन उसकी सहेली और प्रिंस आमने-सामने बैठ गए। इस दौरान करीब 17 सेकेंड तक उनके बीच बातचीत हुई। माना जा रहा है इस दौरान युवक ने आखिरी बार शादी का प्रपोजल दिया लेकिन संदीप ने इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी अपनी जगह से खड़ा हुआ और बैग के भीतर ही पिस्टल लोड कर बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसने पिस्टल को संदीप कौर के सिर से सटाकर गोली मार दी। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले उसने खुद को भी गोली मार दी। **************
ये खबर भी पढ़ें… पंजाब में एकतरफा प्यार में लॉ स्टूडेंट की हत्या, VIDEO:छात्र ने क्लासरूम में घुसकर छात्रा के सिर में गोली मारी; खुद को भी शूट किया पंजाब के तरनतारन स्थित लॉ कॉलेज में सोमवार को छात्र ने क्लासरूम में घुसकर छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने वहीं पर खुद को भी गोली मार ली। मृतक छात्रा संदीप कौर (20) है, वह लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। वहीं, आरोपी छात्र तरनतारन का प्रिंसराज सिंह है, वह भी छात्रा के साथ पढ़ता था (पढ़ें पूरी खबर)
मथुरा दास माथुर अस्पताल में इलाज के दौर पुष्पेंद्र सिंह सिसोदिया मौत हो गई थी। इस मामले में निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के ICU में कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और प्रशासन से पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने का आग्रह किया। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे जोधपुर शहर की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। आमजन ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि इस गंभीर विषय में शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान नागरिकों ने शांतिपूर्ण ढंग से न्याय की मांग उठाई और प्रशासन से भरोसा दिलाने की अपील की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
PM Modi Assam Visit | Air Show Inauguration At Emergency Landing Facility
गुवाहाटी18 मिनट पहले
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20 दिसंबर 2025 को असम दौरे के दौरान पीएम ने राज्य के पहले सीएम लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई की मूर्ति का अनावरण किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर रहेंगे। अपने दौरे की शुरुआत वे डिब्रूगढ़ के पास मोरान बाइपास स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) से करेंगे, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र की अपनी तरह की पहली सुविधा है।
प्रधानमंत्री को लेकर विमान इसी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर उतरेगा। पीएम की मौजूदगी में इसी लैंडिंग फैसिलिटी पर राफेल और सुखोई एक स्पेशल एरियल डेमो करेंगे। इसमें विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकऑफ दिखाएंगे। डेमो करीब 30-40 मिनट का होगा।
पिछले तीन महीने में पीएम मोदी का यह तीसरा असम दौरा है। राज्य में आगामी कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होना है। असम में 2016 से लगातार दो बार NDA की सरकार बनती आ रही है। इससे पहले 2001–2016 तक कांग्रेस की सरकार थी।
मोरान एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई ELF
असम में बनी पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी मोरान एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई है। यह भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है, जो सेना और सिविल विमानों दोनों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
ELF का मतलब है कि युद्ध या आपात स्थिति में विमान हाईवे पर उतर या उड़ान भर सकते हैं। इससे सड़क का दोहरा फायदा होता है। रोजमर्रा की ट्रैफिक के साथ-साथ सैन्य जरूरतों के लिए। यह एयरस्ट्रिप पूर्वोत्तर की रणनीतिक महत्व को बढ़ाती है, क्योंकि यह क्षेत्र चीन की सीमा से सटा है।
पुल में बेस आइसोलेशन तकनीक और हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स का उपयोग किया गया है।
3,030 करोड़ की लागत से बने छह-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट
करीब ₹3,030 करोड़ की लागत से बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु पूर्वोत्तर का पहला छह-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल है। ब्रह्मपुत्र नदी पर बना 1.24 किमी लंबा यह पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ेगा है। इसके शुरू होने से दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा समय घटकर लगभग सात मिनट रह जाएगा।
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में बेस आइसोलेशन तकनीक और हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स का उपयोग किया गया है। साथ ही ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) भी लगाया गया है, जिससे पुल की स्थिति की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।
कामरूप जिले के अमिंगांव में नेशनल डेटा सेंटर।
मोदी कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए नेशनल डेटा सेंटर का भी उद्घाटन करेंगे। 8.5 मेगावॉट की स्वीकृत क्षमता और प्रति रैक औसतन 10 किलोवॉट क्षमता वाला यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर विभिन्न सरकारी विभागों के महत्वपूर्ण डिजिटल अनुप्रयोगों की मेजबानी करेगी और अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में भी काम करेगी।
इससे पूर्वोत्तर राज्यों में नागरिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी का उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में उच्च और प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे प्रधानमंत्री पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत गुवाहाटी (100), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) में कुल 225 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इस योजना से 50 लाख से अधिक लोगों को स्वच्छ, किफायती और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे शहरी गतिशीलता और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
4 दिन पहले ही असम में फाइनल वोटर लिस्ट जारी हुआ था
PMमोदी का असम दौरा 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर अहम माना जा रहा है। यह दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं है, बल्कि चुनावी बिगुल और समर्थन जुटाने का भी एक बड़ा मंच माना जा रहा है।
चुनाव आयोग ने 10 फरवरी को ही असम में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी की है। इसमें कुल लगभग 2.49 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं। SIR के दौरान लगभग 2.43 लाख नाम हटा दिए गए हैं।
असम विधानसभा चुनाव में NRC- CAA बड़ा मुद्दा
असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में NRC (National Register of Citizens) और CAA (Citizenship Amendment Act) का मुद्दा फिर से राजनीतिक केंद्र में है, क्योंकि राज्य की राजनीति लंबे समय से नागरिकता और पहचान के सवालों के इर्द-गिर्द घूमती रही है।
1985 के असम समझौते के अनुसार 24 मार्च 1971 के बाद राज्य में आए लोगों को अवैध प्रवासी माना जाना था। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में NRC अपडेट किया गया और 2019 में जारी अंतिम सूची से लगभग 19 लाख लोगों के नाम बाहर रह गए।
इसमें हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों के लोग शामिल थे। इससे लोगों में काफी असंतोष पैदा हुआ। आलोचकों ने कहा कि गरीब, ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों के लोगों के लिए 50 साल पुराने दस्तावेज जुटाना बेहद कठिन था। कई परिवारों में एक सदस्य का नाम शामिल हुआ, तो दूसरे का बाहर रह गया।
विवाद तब और बढ़ा जब 2019 में CAA लागू हुआ। यह कानून 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने का रास्ता देता है। असम में इसे NRC की भावना के विपरीत माना गया, क्योंकि राज्य में पहले 1971 कट-ऑफ को सख्ती से लागू करने की मांग रही है।
NRC की सूची को अभी तक औपचारिक रूप से अधिसूचित (notified) नहीं किया गया है। सुधार/पुनरीक्षण और कानूनी प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे यह मुद्दा अब भी राजनीतिक बहस के केंद्र में है।
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पीएम मोदी के असम दौरे से जुड़ी ये खबरे भी पढ़ें…
असम में मोदी बोले- बांग्लादेशी घुसपैठिए कांग्रेस ने ही बसाए:उन्हें बचा भी रही, इसलिए SIR का विरोध
असम दौरे के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़ में अमोनिया-यूरिया प्लांट का उद्घाटन किया, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 12.7 लाख टन होगी। यह यूनिट 2030 तक चालू हो जाएगी। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ती थीं। पूरी खबर पढ़ें…
मोदी बोले- कांग्रेस ने घुसपैठियों से जमीन पर कब्जा कराया:ये कांग्रेस के कट्टर वोटर, हिमंता सरकार कब्जे हटाकर घुसपैठियों को खदेड़ रही
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम में कहा कि कांग्रेस असम को अपना नहीं मानती। आजादी के बाद असम के सामने कई चुनौतियां थीं। कांग्रेस ने समस्या का समाधान नहीं निकाला। जब जरूरत अपने लोगों के जख्म भरने, उनकी सेवा करने की थी तब कांग्रेस ने घुसपैठियों की सेवा की। पूरी खबर पढ़ें…
उच्चैन थाना क्षेत्र के गांव पिचूना के जंगलों में लेपर्ड का मूवमेंट देखने को मिला। शुक्रवार सुबह लेपर्ड गरूणजी मंदिर के पास एक खेत में दिखाई दिया। एक ग्रामीण ने दूर से लेपर्ड का एक फोटो खींचा है। लेपर्ड ने जंगली श्वानों का शिकार भी किया है। जंगली श्वान के शव जंगल में पड़े मिले हैं। लेपर्ड के मूवमेंट से ग्रामीणों में काफी दहशत है।
लेपर्ड का मूवमेंट पिछले दो-तीन दिन से देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी है। लेपर्ड के मूवमेंट के बाद से ग्रामीण खेतों की तरफ जाने में कतरा रहे हैं। गांव पिचूना निवासी आकाश, दिगंबर बघेल, हरिओम, गुल्ला पंचोली ने बताया कि गांव के पास गरुण मंदिर है, जहां पर वे नहा रहे थे। इस दौरान उन्हें खेतों में लेपर्ड दिखाई दिया। जिसके बाद उन्होंने मंदिर की दीवार से छिपकर लेपर्ड का फोटो खींच लिया। जिसके बाद उसने लेपर्ड के मूवमेंट की जानकारी ग्रामीणों को दी। कुछ ग्रामीण अपने खेतों पर गए तो उन्हें जंगली श्वानों के शव पड़े मिले। जिसे देखकर लग रहा है कि लेपर्ड ने ही जंगली श्वानों का शिकार किया। इसके बाद से ग्रामीण खेतों और जंगल की तरफ नहीं जा रहे।
देश के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 13 से 16 फरवरी तक दो विस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं। इससे अगले दो दिन में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। वहीं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ में दिन का तापमान 30°C के पार हो चुका है।
मध्य प्रदेश में शुक्रवार को 15 से ज्यादा शहरों में दिन का टेम्पेरेचर 30 डिग्री पार पहुंच चुका है। रात में भी पारा 10 डिग्री से ज्यादा है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पारा 30°C के पार हो चुका है। बांदा में अधिकतम तापमान 31.2°C और प्रयागराज में 30.4°C दर्ज किया गया।
छत्तीसगढ़ में औसतन तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया। राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को हल्के बादल छाने से न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई।
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर साफ दिख रहा है। प्रदेश के सात शहरों का न्यूनतम तापमान -10°C से नीचे है। मुनस्यारी में सबसे कम पारा -26°C, गंगोत्री में -21°C और बद्रीनाथ में -19°C दर्ज किया गया।
झारखंड में पिछले 24 घंटों में चार जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड किया गया। इसमें डाल्टेनगंज, खूंटी, लोहरदगा और गुमला शामिल है। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में अभी हल्की बर्फबारी का दौर चल रहा है। कश्मीर को जम्मू से जोड़ने वाली मुगल रोड पर कई फीट बर्फ जमी है, इसके कारण यह अभी भी बंद है।
मौसम की तस्वीरें…
हिमाचल प्रदेश के शिमला में बर्फबारी रुकने से टूरिस्ट और स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में कोहरा छाया रहा।
अगले दो दिन का मौसम…
15 फरवरी- हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर घना कोहरा। अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश की आशंका। 16 फरवरी- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश-बर्फबारी की संभावना।
डीग जिले के कामां कस्बे में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां देवकी पत्नी वेदप्रकाश ने आरोप लगाया है कि नसबंदी ऑपरेशन से पहले की गई प्रेग्नेंसी जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव होने के बावजूद उसे नेगेटिव दर्शाकर ऑपरेशन कर दिया गया। अब महिला 4 महीने की गर्भवती पाई गई है। पीड़िता ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। देवकी के अनुसार 15 नवंबर 2025 को कामां उप जिला अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन से पहले लैब में प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया था। जांच रिपोर्ट में गर्भावस्था नेगेटिव बताई गई, इसी आधार पर डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर दिया। लेकिन 9 फरवरी 2026 को पेट दर्द होने पर डीग के सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी कराई गई। इसमें महिला को करीब 4 महीने की गर्भवती बताया गया। इसके बाद परिवार ने कामां थाना पुलिस में शिकायत दी है। ऑपरेशन के बाद महिला ने नसबंदी का विरोध कर मांगा क्लेम, डॉक्टर बोले– ‘फेल नहीं है ऑपरेशन’
कामां के उप जिला अस्पताल कामां से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, वीडियो में अस्पताल के चिकित्सक डॉ बीएस सोनी से महिला क्लेम की मांग कर रही है। इस पर डॉक्टर जवाब देते हैं— “लाली, तुझे जो उकसा रहे हैं, लालच में डाल रहे हैं, उनको जानकारी नहीं है। बच्चा ऑपरेशन से पहले का है, ऑपरेशन फेल नहीं है। तू परेशान होगी तो होगी… तेरे लिए इतना हो सकता है कि सरकारी अस्पताल में सफाई हो जाएगी।”महिला का कहना था कि जब रिपोर्ट पॉजिटिव थी तो फिर ऑपरेशन क्यों किया गया? इस पर डॉक्टर ने इसे “मानवीय भूल” बताया। महिला ने इसे अवैधता करार देते हुए आपत्ति जताई, तो डॉक्टर ने कहा कि संबंधित कार्मिक को सामने डांट नहीं सकते, लेकिन बाद में डांट लगा दूंगा। “मामला संज्ञान में आया है संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट लेकर जांच कराएंगे।”
-उत्सव कौशल, कलेक्टर डीग “गर्भवती महिला का अगर नसबंदी ऑपरेशन किया गया है तो यह गलत है। किसकी लापरवाही रही है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।”
-विजय सिंघल, सीएमएचओ डीग
पंजाब की सिख फैमिली के नाम से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से घूम रहा है। वीडियो में पिता से एक महिला बच्चा ले रही है। बच्चा पिता की गोद से उतरने को तैयार नहीं है। चॉकलेट का लालच भी उसे पिता के पास जाने से नहीं रोक पा रहा है। बच्चा बुरी तरह रो रहा है, छटपटा रहा है। लोग पिता के साथ हमदर्दी जता रहे हैं। वह कह रहे हैं कि इनका तलाक हो गया, इसलिए मां बच्चे को ले जा रही है लेकिन वह पिता के साथ रहना चाहता है। दैनिक भास्कर ने इस पूरे वीडियो की पड़ताल की तो पता चला कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह तलाक का मामला नहीं है। बल्कि दंपती का आपसी झगड़ा है। पति गुरलाल सिंह व पत्नी सोमप्रीत कौर ने भी इसकी पुष्टि की। वायरल हुआ यह वीडियो मध्य प्रदेश के ग्वालियर का है। जहां महिला ने पुलिस थाने में अर्जी देकर बच्चे की कस्टडी ली। वायरल वीडियो के पीछे की पूरी कहानी क्या है, दंपती के बीच किस बात को लेकर झगड़ा हुआ, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़ें… सबसे पहले जानिए, वायरल वीडियो में क्या दिख रहा 33 सेकेंड के वायरल वीडियो में पिता बच्चे को गोद में लेकर खड़ा है। उसके एक हाथ में कोई कागज है। इतने में बच्चे की मां उसके पास आती है। इसके बाद पिता उसे कागज पकड़ा देता है। यह शायद बच्चे की कस्टडी का लेटर है। इसके बाद मां का परिजन पिता से बच्चे को लेने के लिए कहता है। इसके बाद मां बच्चे के लिए हाथ आगे बढ़ाती है और पिता भी बच्चे को उसको देने के लिए आगे बढ़ा देता है। यह देख बच्चा एक झटके से पिता से चिपक जाता है और रोने लग जाता है। मां उसे फिर पकड़ने की कोशिश करती है तो वह अपने नन्हें हाथों से पिता की बांह पकड़ लेता है। हालांकि मां जोर से खींचकर उसे अपनी गोद में ले लेती है। इस दौरान मां कहती है- मैं मम्मा हूं। मां का परिजन चॉकलेट देने की कोशिश करता है लेकिन बच्चा उस तरफ कोई ध्यान नहीं देता। मां की गोद में आकर भी बच्चा रोते हुए छटपटाता रहता है। मां बच्चे को लेकर खुश हो जाती है लेकिन पिता बहुत बेबस दिखाई देता है। मां बच्चे को लेकर बाहर की तरफ चली जाती है। पिता बेबसी में खड़ा होकर देखता रह जाता है। इस दौरान वहां बैठे पुलिसवाले भी उदास नजर आते हैं। पति से विवाद पर पत्नी की 5 अहम बातें पति ने पत्नी को लेकर क्या कहा पत्नी ने कहा- पति झूठ बोल रहा
इन आरोप पर पत्नी ने कहा कि फोन कॉल करने और माफी मांगने वाली सारी बातें कोरा झूठ हैं। मैं अपने बेटे जगप्रीत से प्यार करती हूं। उसके बिना नहीं रह पा रही थी इसलिए थाने में उसकी कस्टडी ली। बच्चे के लिए मुझे घर वापस जाने में कोई बुराई नहीं लगती, मैं तो ससुराल में रहना चाहती हूं। ससुर बोले- दामाद ने मुझसे डायरेक्ट कभी जमीन नहीं मांगी
पीड़िता के पिता ने बताया कि बेटी को जमीन के लिए पीटा जाता था। बेटी ने कई बार ये बात उसे बताई, लेकिन दामाद ने उससे कभी डायरेक्ट जमीन नहीं मांगी। पिता ने कहा कि लड़के वालों के पास भी 17 बीघा जमीन है। बड़ी बेटी की 2023 में शादी की तो स्विफ्ट गाड़ी दहेज में दी। 2026 में दूसरी बेटी की शादी की तो उसे दहेज में स्कॉर्पियो दी। इससे बड़ा दामाद दहेज का कंपीटिशन करने लगा। उसके साले ने ये रिश्ता करवाया था इसलिए मैंने साले को भी समस्या सुलझाने भेजा। वहां पर दामाद ने जमीन लेने की बात कही। मैंने हर बार अपनी बेटी को यह कहकर ससुराल भेज दिया कि तेरे पति का घर ही तेरा घर है। हमने पिटाई के बावजूद बेटी को कई बार गलत ठहराया। बेटी को समझाया कि 8 साल बेटा है, इसे लेकर कहां जाओगी। पिता ने कहा कि कुछ लोगों ने बिना सोचे समझे थाने की वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दी। मैं बताना चाहता हूं कि अभी तक तलाक नहीं हुआ है और मामला कोर्ट में भी नहीं है, थाने में है।
बांसवाड़ा| यौन शौषण के आरोपों से चर्चा में आए पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने अपना पहला और मुख्य आश्रम बांसवाड़ा में खोला था। उदयपुर रोड पर रवींद्र ध्यान केंद्र नाम से खोले इस आश्रम का उद्घाटन 22 जुलाई 2013 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर खुद उत्तम स्वामी ने किया था। बाद में इसका नाम उत्तम सेवा धाम कर दिया गया। इस आश्रम के खुलने के बाद धीरे-धीरे हरिद्वार, उज्जैन सहित देश के विभिन्न तीर्थ और धार्मिक स्थलों पर आश्रम शुरू किए। आश्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार बांसवाड़ा में जब मुख्य आश्रम शुरू किया, तब उत्तम स्वामी को ‘महर्षि’ कहा जाता था। इसके बाद ध्यानयोगी कहलाने लगे। हरिद्वार महाकुंभ में सनातनी अखाड़ा परिषद के प्राचीनतम एवं प्रतिष्ठित श्री पंच अग्नि अखाड़ा ने 10 अप्रैल 2021 को उत्तम स्वामी को महामंडलेश्वर की पदवी से अलंकृत किया। इस दौरान पट्टाभिषेक समारोह में संतों ने उन्हें नया नाम ईश्वरानंद दिया। इसके बाद उत्तम स्वामी को महामंडलेश्वर ईश्वरानंद महाराज के नाम जाना जाने लगा। पिछले वर्ष महाकुंभ में उत्तम स्वामी को विश्व की प्रतिष्ठित संस्था श्री काशी विद्वत परिषद के संरक्षक पद पर नियुक्त किया गया। उत्तम स्वामी महाराज के देश-विदेश में लाखों अनुयायी हैं। जबलपुर में कथा स्थगित, बांसवाड़ा में महाशिवरात्रि की तैयारियां ठंडी जानकारी के अनुसार उत्तम स्वामी की जबलपुर के सहजपुर में श्रीमद् भागवत कथा चल रही थी लेकिन शुक्रवार को कथा कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। श्रद्धालु कथा सुनने के लिए इंतजार करते रहे लेकिन उत्तम स्वामी कथा वाचन करने नहीं पहुंचे। इधर, बांसवाड़ा स्थित मुख्य आश्रम ‘उत्तम सेवा धाम’ में शिवरात्रि की तैयारियों पर भी असर पड़ा है। मुख्य आश्रम होने से यहां आश्रम से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है लेकिन शुक्रवार को आश्रम में सन्नाटा ही नजर आया। महाशिवरात्रि के विशेष पूजन-अनुष्ठान की तैयारियां भी थमती नजर आई। टेंट लगाने के लिए सामान तो लाकर रख दिया गया लेकिन टेंट लगाने वाला कोई नहीं दिखा। बांसवाड़ा में उत्तम स्वामी का आश्रम।
आमेर में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान हंगामा हो गया। नगर निगम टीम जैसे ही महिला की चाय की दुकान से सामान उठाने लगी तो महिला ने रोकने की कोशिश की। इसी बीच निगम टीम की महिला होमगार्ड्स ने महिला को पीटना शुरू कर दिया। गार्ड्स ने महिला को सड़क पर उलटा गिरा दिया। इस दौरान मौजूद अन्य लोगों ने महिला को छुड़वाकर समझाइश का प्रयास किया, लेकिन निगम टीम ने नहीं छोड़ा। लोगों ने निगम टीम द्वारा महिला को सड़क पर गिराकर मारपीट करना गलत बताया। महिला से मारपीट का वीडियो दिनभर सोशल मीडिया पर वायरल रहा। आरोप- हफ्ता वसूलने आती है निगम टीम, नहीं देने पर सामान उठा लेती है पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर निगम दस्ते पर हफ्ता वसूली का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि निगम अधिकारी आए दिन परेशान करते हैं। हफ्ता मांगते हैं, नहीं देने पर सामान ले जाते हैं। 6 कैंटर सामान जब्त निगम सतर्कता शाखा ने अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की। उपायुक्त सतर्कता अजय कुमार ने बताया कि चित्रकूट स्टेडियम इलाके में अस्थायी अतिक्रमण हटवाए गए और 6 कैंटर सामान जब्त कर गोदाम में भेजा गया। कार्रवाई के दौरान सतर्कता टीम ने अतिक्रमियों को मौखिक पाबंद भी किया।