बाली-मैदला गैंग ने अब खुलेआम रंगदारी का नेटवर्क फैलाना शुरू कर दिया है। गैंग के निशाने पर स्पा सेंटर, रेस्टोरेंट और होटल संचालक हैं। बुधवार शाम बदमाशों ने गोपालपुरा स्थित बजाज नगर थाने की चौकी से महज 300 मीटर दूर एक स्पा सेंटर पर पहुंचकर रंगदारी मांगी। बदमाशों ने संचालकों को धमकाते हुए कहा कि पुलिस उनका मकान नहीं तोड़ेगी, लेकिन पैसा नहीं देने पर स्पा चलाना भारी पड़ जाएगा। सूचना मिलते ही चेतक पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस वाहन को देखकर बदमाश बोलेरो में सवार होकर फरार हो गए। बोलेरो छोड़ अंधेरे का फायदा उठाकर फरार भागते समय आरोपियों ने शहर की रिहायशी कॉलोनियों में करीब 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ी दौड़ाई। पीछा करने के दौरान वे त्रिवेणी नगर, कीर्ति नगर, बरकत नगर और अर्जुन नगर की संकरी गलियों से होकर भागे। गनीमत रही कि तेज रफ्तार के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। आखिरकार बदमाश अर्जुन नगर रेलवे लाइन के पास बोलेरो कार छोड़कर अंधेरे और नाले का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने हरियाणा नंबर की बोलेरो जब्त कर ली है। प्रारंभिक जांच में वाहन में आरव चौधरी, टीटी चौधरी और अंकित यदुवंशी उर्फ बाली के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में दबदबा गैंग ने मालवीय नगर, लाल कोठी, ज्योति नगर और गांधी नगर क्षेत्रों के स्पा सेंटरों और होटलों को भी निशाना बनाया है, जहां रंगदारी नहीं मिलती, वहां तोड़फोड़ और मारपीट कर दहशत फैलाने की रणनीति अपनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि यही गैंग पहले प्रताप नगर इलाके में एक होटल के बाउंसरों पर गाड़ी चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश कर चुका है। उस मामले में जेल जाने के डर से आरोपियों ने समझौता कर कोर्ट में माफी मांग ली थी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
संसद का बजट सत्र का शुक्रवार को 13वां दिन है। यह बजट सत्र दो चरणों में होना है। आज पहले चरण का आखिरी दिन भी है। सत्र का दूसरा हिस्सा 9 मार्च से शुरू होगी, जो 2 अप्रैल तक चलेगा।
गुरुवार को इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (अमेंडमेंट) बिल, 2026 लोकसभा और बाद में राज्यसभा से पास हुआ। इस बिल का मकसद औद्योगिक संबंध संहिता 2020 में संशोधन करना है।
इससे पहले BJP सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में सब्सटेंसिव मोशन पेश किया है। राहुल पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। दुबे ने राहुल की संसद सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर लाइफटाइम बैन लगाने की मांग की है।
संसद में पिछले 12 दिन की कार्यवाही पढ़ें…
12 फरवरी : राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा:भाजपा सांसद ने राहुल की सदस्यता खत्म करने का नोटिस दिया
मीडिया सूत्रों के मुताबिक, सरकार राहुल के खिलाफ सदन में उनकी स्पीच के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं लाएगी। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि मोदीजी ने छाती 56 इंच की नपवाई थी। उनके खिलाफ भी प्रस्ताव आना चाहिए।
हालांकि, बीजेपी उनके (राहुल) भाषण से आपत्तिजनक हिस्से हटाने को लेकर अब भी अड़ी हुई है, क्योंकि उन्होंने अब तक अपने आरोपों को लेकर सबूत पेश नहीं किए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
11फरवरी :राहुल गांधी बोले- अडाणी पर केस मोदी पर दबाव बनाने के लिए, सीतारमण बोलीं- बंगाल में पेट्रोल दिल्ली से ₹10 ज्यादा महंगा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। वित्त मंत्री सीतारमण ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के GST को लेकर आरोपों पर कहा- अभिषेक ने कहा कि जन्म से लेकर मरने तक लोग GST दे रहे हैं। वह ये बातें कहां से ला रहे हैं। दूध के ऊपर कब जीएसटी लगा, पढ़ाई पर कब लगा? पूरी खबर पढ़ें…
10 फरवरी : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश
विपक्ष ने संसद की कार्यवाही के 10वें दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
9 फरवरी: लोकसभा केवल 13 मिनट चली, विपक्ष की मांग राहुल गांधी को बोलने दें
बजट सत्र के 9 वें दिन लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा था। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। पूरी खबर पढ़ें…
6 फरवरी: लोकसभा हंगामे के कारण पूरे दिन स्थगित, केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे
संसद में शुक्रवार को भी लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
केंद्रीयमंत्री रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा- उन्हें कल सबने बालक कहा। आज PM की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होना बताया गया। अगर राहुल भी पीएम की पाठशाला में चले जाएं तो जिंदगी में कामयाब हो जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में पीएम ने 97 मिनट का भाषण दिया
बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। वहीं प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया। विपक्षी सांसदों ने स्पीच की शुरुआत में यहां भी हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर गए। पूरी खबर पढ़ें…
4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं
लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा
लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, ‘कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें…
2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया
लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें…
1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
29 जनवरी : देश का ‘आर्थिक रिपोर्ट कार्ड’ संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का ‘आर्थिक रिपोर्ट कार्ड’ यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है।
पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें…
28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया
संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
जयपुर। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट में प्रदेश में 15 नए आैद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की घोषणा की है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास करने के लिए एक हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बजट प्रावधानों को जयपुर के फागी, चौमूं, मौजमाबाद व दूदू, अजमेर के भिनाय, डीडवाना-कुचामन के परबतसर, टोंक के निवाई, फलौदी के आऊ व फलौदी, खैरथल तिजारा के मुंडावर, कोटपूतली बहरोड़ के नीमराणा, कोटा के राजगंजमंडी व लाडपुरा, धौलपुर के बिजौली तथा सीकर के दातारामगढ़ तहसील क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। वहीं, जयपुर के बिचून, कुंज बिहारीपुरा, विश्वकर्मा, ईपीआईपी, सीतापुरा, भिवाड़ी के कहरानी, चौपानकी-खैरथल सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। वीकेआई में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा वीकेआई एसोसिएशन के महासचिव पुष्प कुमार स्वामी का कहना है कि विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य कराए उद्योगों को राहत मिलेगी। थारप्योर ऑर्गेनिक के डायरेक्टर सुरेंद्र अवाना का कहा कि प्रदेश के डेयरी क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं हैं, लेकिन ज्यादातर योजनाओं का लाभ आरसीडीएफ के तहत ही पशुपालकों को मिलेगा, निजी डेयरी क्षेत्र को भी बजट में प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
हरियाणा मेडिकल ऑफिसर (ग्रुप-A) के 450 पदों पर एग्जाम का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। पंडित भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, रोहतक (UHSR) की ओर से जारी शेड्यूल में परीक्षार्थियों के लिए बाली और मंगलसूत्र समेत सभी तरह के गहने बैन रहेंगे। अभ्यर्थी डॉक्टरों के लिए जारी की गई इस गाइडलाइन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ डॉक्टर अभ्यर्थियों ने इसको लेकर ऑब्जेक्शन उठाया है। उन्होंने दैनिक भास्कर एप की टीम से बात करते हुए बताया कि 20 जनवरी को ही हरियाणा सरकार ने आदेश जारी कर सिख अभ्यर्थियों के लिए कृपाण और विवाहित महिलाओं के लिए मंगलसूत्र पहनने की छूट दी थी। सरकार का वही आदेश मेडिकल ऑफिसर (MO) एग्जाम में भी लागू किया जाना चाहिए। कई ऐसी डॉक्टर महिलाएं हैं, जो शादीशुदा हैं और वह मंगलसूत्र पहनती हैं। दरअसल, हरियाणा सरकार राज्य भर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में 450 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती कर रही है। इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित करने का दायित्व UHSR को सौंपा गया है। अब यहां पढ़िए…परीक्षा में क्या रहेगा बैन UHSR द्वारा जारी किया गया लेटर… एग्जाम के लिए और क्या नियम बने
रोहतक जिले के सभी एग्जाम सेंटरों की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों और फ्लाइंग टीम का गठन किया गया है। रोहतक जिला प्रशासन को भी आवश्यक सहयोग देने के लिए सूचित कर दिया गया है। परीक्षा आयोग ने आगे बताया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक उम्मीदवार की फोटो और वीडियो ली जाएगी। उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड और सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य है। इनके बिना अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
लॉगिन-आईडी पर भेजे एडमिट कार्ड
कैंडिडेट्स को उनकी लॉगिन आईडी के माध्यम से रोल नंबर भेजे गए हैं। इसे लॉगिन करके कैंडिडेट्स अपना रोल नंबर डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर, उम्मीदवारों को 14 फरवरी को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच यूएचएसआर, रोहतक स्थित परीक्षा शाखा से संपर्क करने के लिए कहा गया है। यहां ये एडमिट कार्ड की डुप्लीकेट कॉपी ले सकेंगे। पढ़िए क्या कहता है हरियाणा सरकार का ऑर्डर
हरियाणा सरकार ने 20 जनवरी को आदेश जारी किया था। जिसमें प्रतियोगी या भर्ती परीक्षाओं में सिख छात्रों को कृपाण और विवाहिताओं को मंगलसूत्र पहनकर एग्जाम देने में छूट दी। यह आदेश स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लागू होगा।
हालांकि, सरकार ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। सिख छात्रों को सिर्फ तय लंबाई की कृपाण ले जाने की इजाजत होगी। वहीं, विवाहित महिलाओं को मंगलसूत्र पहनकर परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना होगा। सरकारी लेटर, जिसमें परीक्षा में मंगलसूत्र पहनने की छूट दी गई… —————– यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा में महिलाएं परीक्षाओं में मंगलसूत्र पहन सकेंगी: सिख छात्रों को कृपाण ले जाने की छूट; सरकार ने दोनों पर शर्त भी लगाई हरियाणा सरकार ने सिख और विवाहित महिलाओं को परीक्षाओं में छूट दी है। अब सिख छात्र कृपाण पहनकर और विवाहित महिलाएं मंगलसूत्र पहनकर परीक्षा दे सकती हैं। सरकार ने इस बारे में एक आदेश भी जारी किया है। यह आदेश स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लागू होंगे। (पूरी खबर पढ़ें)
जयपुर | महिला उद्यमियों के लिए राज्य बजट में 350 करोड़ रुपए का प्रावधान और मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण की सीमा 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए तक करने की घोषणा पर बोलते हुए फोर्टी वूमन विंग की अध्यक्ष नीलम मित्तल का कहा कि सरकार का यह कदम अच्छा है, लेकिन ऋण मंजूरी की प्रक्रिया सरल और तेज करने की जरूरत है। महिला स्टार्टअप के लिए अनुसंधान एवं विकास के लिए विशेष अनुदान और जैविक उत्पादों के विकास के लिए अलग से बजट आवंटन की भी जरूरत है। सरकार को महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों के लिए कर राहत और विशेष कानूनी सहायता डेस्क की स्थापना भी करनी चाहिए। इससे अनुपालन में आसानी होगी। औपचारिक मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू करे फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि अनुभवी महिला व्यवसायियों के नेतृत्व में औपचारिक मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू करना चाहिए, जो हस्तशिल्प, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नई उद्यमियों को मार्गदर्शन दे सके। ग्रामीण स्तर पर काम करने वाली महिला कारीगरों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ‘शार्क टैंक’ की तर्ज पर विशेष निवेश कार्यक्रम शुरू कर सकती है। हालांकि, बजट में मार्केटिंग पर ध्यान दिया गया है, लेकिन राज्य स्तर पर महिला उद्यमियों के उत्पादों के लिए विशिष्ट ई-कॉमर्स पोर्टल या ‘राजस्थान महिला ब्रांड’ की स्थापना अधिक प्रभावी हो सकती है।
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह की याद आ गई है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने गुरूवार को कहा कि कैप्टन अगर कांग्रेस में आना चाहें तो हाईकमान विचार कर सकता है।
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बघेल के इस बयान से एक तरफ राजनीतिक गलियारों में हलचल हो गई तो दूसरी तरफ कांग्रेस में CM कुर्सी पर नजरें टिकाए बैठे सीनियर लीडरशिप में हड़कंप मच गया।
कांग्रेस के कैप्टन पर डोरे डालने की बड़ी वजह पार्टी में चुनाव से पहले चल रही गुटबाजी है। जिसमें कोई भी एक-दूसरे के अंडर काम करने को तैयार नहीं। राहुल गांधी की चेतावनी के बाद भी किसी पर फर्क नहीं पड़ा।
वहीं कांग्रेस ये भी जानती है कि पंजाब में जब बादलों का गोल्डन टाइम चल रहा था तो उसका तोड़ कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ही निकाला और 2 बार कांग्रेस की सरकार बनाई।
ऐसी कौन सी वजहें, जिनसे कांग्रेस को कैप्टन की याद आई, क्या कैप्टन कांग्रेस जॉइन करेंगे, कैप्टन के आने से कांग्रेस में क्या असर पड़ेगा, जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट…
कैप्टन को कांग्रेस का न्योता ऐसे टाइम पर आया है, जब वह घुटनों के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं इसके बाद खबर सामने आई कि ED ने उन्हें व उनके बेटे को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। फोटो में हरियाणा के मंत्री अनिल विज उनसे मुलाकात कर रहे हैं।
पहले जानिए, कैप्टन ने कांग्रेस क्यों छोड़ी थी कैप्टन की अगुआई में कांग्रेस ने पंजाब में 2017 में 117 में से 77 सीटें जीतीं और सरकार बनाई। कैप्टन ही मुख्यमंत्री भी बने। हालांकि कैप्टन ने पंजाब में अपने स्टाइल में सरकार चलाई। वह हाईकमान कल्चर को ज्यादा तरजीह नहीं देते थे। इसके चलते कांग्रेस हाईकमान उनसे खुश नहीं था।
इसी वजह से कांग्रेस के कैप्टन विरोधी खेमे ने साल 2021 में नवजोत सिद्धू को एक्टिव किया। हाईकमान तक पैरवी कर सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रधान बना दिया। सिद्धू ने कैप्टन के खिलाफ बगावत का मोर्चा खोल दिया।
कैप्टनको बिना बताए हाईकमान ने विधायक दल की मीटिंग बुलाई। इसका पता चलते ही कैप्टन ने इस्तीफा देकर कांग्रेस छोड़ दी। कैप्टन ने इसे कांग्रेस की गलती करार दिया था कि पार्टी उनकी अगुआई में आराम से सरकार बना सकती थी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 18 सितंबर 2021 को इस्तीफा दिया था।- फाइल फोटो
कैप्टन के जाने से कांग्रेस को क्या नुकसान हुआ, 5 पॉइंट में जानिए…
कांग्रेस 2022 में सत्ता से बाहर हुई: कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को 2022 के चुनाव से 3 महीने पहले CM कुर्सी से हटा दिया था। जिसके बाद कांग्रेस ने दलित नेता चरणजीत चन्नी को CM बनाया। नवजोत सिद्धू को नजरअंदाज कर चन्नी की अगुआई में चुनाव लड़ा। कांग्रेस हाईकमान इसे मास्टरस्ट्रोक समझता रहा लेकिन पंजाबियों ने उनके दावे की हवा निकाल दी। 92 सीटें जीतने वाली AAP की आंधी में कांग्रेस 117 में से 18 सीटें ही जीत सकी।
संगठनात्मक बिखराव और गुटबाजी बढ़ी: कैप्टन के इस्तीफे के बाद पार्टी लीडरशिप में बिखराव आ गया। नवजोत सिद्धू एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर हो गए। पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच तनातनी हो गई। कई बड़े नेता राजा वड़िंग की अगुआई में काम करने को राजी नहीं हैं। नवजोत कौर सिद्धू ने तो वड़िंग को प्रधान मानने से इनकार करते हुए चुनाव से पहले पार्टी छोड़ दी।
हिंदु-सिख वोटर्स को साधने वाला चेहरा नहीं बचा: कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के उन गिने-चुने नेताओं में से हैं, जिनकी हर वर्ग के वोटरों में साख है। माझा, मालवा और दोआबा के मुद्दों की समझ के साथ लोगों को एकजुट करने में कैप्टन राजनीतिक महिर रहे हैं। उनके जाने के बाद कांग्रेस के पास ऐसा कोई विश्वसनीय बड़ा चेहरा नहीं बचा जो हिंदू और सिख दोनों समुदायों को बराबर लेकर चल सके।
जट्ट सिख वोट बैंक हाथ से खिसका: कैप्टन के साथ-साथ उनके कई वफादार नेता और कार्यकर्ता भी पार्टी से अलग हो गए। इससे ग्रासरूट पर कांग्रेस का कैडर कमजोर हुआ और पुराने पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगी। कैप्टन का पंजाब के जट्ट सिख वोटर में सीधा प्रभाव रहा है। पंजाब की कुल जनसंख्या में जट्ट सिखों की आबादी लगभग 21 फीसदी के लगभग है। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से लगभग 80-85 सीटों पर जट्ट सिख मतदाता हार-जीत तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
पंजाब के मुद्दों पर कांग्रेस की पकड़ ढीली हुई- रिटायर फौजी और पटियाला के राजघराने से नाता होने के चलते कैप्टन को बतौर महाराजा भी सम्मान मिलता है। रिटायर्ड फौजी होने की वजह से उनकी सिक्योरिटी पर पूरी पकड़ थी। कैप्टन का कद नेशनल लेवल के लीडर का है। वह मुद्दे उठाते थे तो उसकी गूंज दिल्ली तक जाती थी। अब जिन नेताओं को अगुआई सौंपी गई, वह इतने दमदार तरीके से AAP को नहीं घेर पाए।
पंजाब इंचार्ज को कैप्टन को न्योता इतना महत्वपूर्ण क्यों
बघेल कांग्रेस के रणनीतिकार, कैप्टन के करीबी: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल कांग्रेस को चुनावों में जीत दिलाने के रणनीतिकार हैं। पंजाब के 2022 विधानसभा चुनाव में चीफ आब्जर्वर रहे बघेल पंजाब की समझ रखते हैं। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में बघेल पार्टी को मजबूत करने सहित नेताओं की नाराजगी दूर करने में भूमिका निभा चुके हैं। बघेल कैप्टन के भी नजदीकी माने जाते हैं।
कैप्टन और सिद्धू की कलह सुलझा चुके: साल 2021 में जब पंजाब कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू और बाद में चरणजीत सिंह चन्नी के बीच कलह चल रही थी, तब भूपेश बघेल को विवाद सुलझाने के लिए चंडीगढ़ भेजा गया था। उन्होंने पार्टी के विभिन्न गुटों के बीच तालमेल बैठाने और कलह को कम करने की कोशिश की थी।
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम जिन्होंने कैप्टन के लौटने पर विचार करने की बात कही।
पंजाब की सियासत में कैप्टन की भूमिका कितनी अहम…
2002 में कैप्टन ने दिलाई सत्ता: पंजाब में 2002 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा और 117 विधानसभा सीटों में से 62 पर जीत दर्ज की। उस समय कैप्टन की लोकप्रियता चरम पर थी और बतौर CM उनके 2002 से 2007 के कार्यकाल को लोग आज भी याद करते हैं। हालांकि सरकार के आखिरी साल में पंजाब में सिटी सेंटर घोटाला उजागर हुआ और कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ी।
मोदी लहर में अरूण जेटली को हराया: 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान देश में नरेंद्र मोदी की लहर चल रही थी। पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन की सरकार थी। अकाली दल के आग्रह पर भाजपा ने अमृतसर से अपने मौजूदा सांसद नवजोत सिद्धू का टिकट काटकर अरुण जेटली को मैदान में उतारा। उस समय कांग्रेस के पास जेटली के सामने कोई दमदार चेहरा नहीं था, इसलिए सोनिया गांधी ने अंतिम समय में कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनाव लड़ने को कहा। कैप्टन ने सोनिया गांधी के आदेश पर न सिर्फ चुनाव लड़ा बल्कि अरुण जेटली को एक लाख से अधिक वोटों से शिकस्त भी दी।
10 साल बाद कैप्टन ने दिलाई कांग्रेस को सत्ता- पंजाब में 2007 से 2017 तक अकाली दल-भाजपा गठबंधन ने 10 साल सरकार चलाई। कांग्रेस पंजाब में सरकार बनाने का पूरा जोर लगा रही थी। तब 2017 के विधानसभा चुनाव से साल भर पहले कैप्टन ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग की। बदले में सरकार बनाने का भरोसा दिया। कांग्रेस हाईकमान ने प्रताप बाजवा को हटाकर कैप्टन को प्रधान बनाया। जिसके बाद कांग्रेस ने 117 में से 77 सीटें जीत लीं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह सोनिया गांधी के करीबी थे।
सोनिया के कहने पर पहले भी कांग्रेस में आ चुके
कांग्रेस से राजनीति शुरू, फिर अकाली दल में गए: कैप्टन ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से ही की थी। पूर्व PM स्व. राजीव गांधी उन्हें सियासत में लाए थे। 1980 में वे पहली बार कांग्रेस की टिकट पर पटियाला से लोकसभा सांसद चुने गए। मगर, 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। लोकसभा से भी इस्तीफा दे दिया और अकाली दल में शामिल हो गए।
दो बार अकाली दल से विधायक बने: कैप्टन ने अकाली दल की टिकट पर बठिंडा की तलवंडी साबो विधानसभा सीट से 2 बार विधायक चुने गए। तत्कालीन अकाली दल की सरकार में कैप्टन मंत्री बने और एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट और पंचायतीराज मंत्रालय संभाला।
बादल ने सीट नहीं दी तो छोड़ दी पार्टी: 1992 में कैप्टन ने शिरोमणि अकाली दल से डकाला विधानसभा सीट मांगी, मगर पार्टी ने वहां से गुरचरण सिंह टोहड़ा के दामाद हरमेल सिंह टोहड़ा को टिकट दे दिया। इसके बाद कैप्टन ने तलवंडी साबो सीट मांगी जहां से वह 2 बार विधायक बन चुके थे, मगर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दबाव में उन्हें वो सीट भी नहीं दी गई। दरअसल बादल नहीं चाहते थे कि कैप्टन मजबूत हों।
अपनी पार्टी फ्लॉप, खुद भी हारे- अकाली दल से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर कैप्टन ने शिरोमणि अकाली दल छोड़कर 1992 में अकाली दल पंथक नाम से नई पार्टी बना ली। 1998 के विधानसभा चुनाव में कैप्टन की पार्टी कुछ खास नहीं कर सकी और खुद कैप्टन को उनकी सीट से महज 856 वोट मिले।
सोनिया के कहने पर कांग्रेस में गए- 1998 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस की कमान संभाली, जिनसे कैप्टन परिवार के अच्छे संबंध थे। सोनिया के आग्रह पर कैप्टन ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया और 1999 में कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब में कांग्रेस का प्रधान बना दिया। फिर 2002 में कैप्टन कांग्रेस को सत्ता में लाए।
कैप्टन खुद भी कह चुके, कांग्रेस को मिस करता हूं कैप्टन ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि आज भी उनके कांग्रेस हाईकमान से अच्छे रिश्ते हैं। कांग्रेस एक फैमिली की तरह है। मैं जब भी फोन करता था, वह मिल लेते थे। मगर, भाजपा में ये सिस्टम नहीं है। दोनों में कई अंतर हैं। कैप्टन ने आगे कहा था- जब से मैं BJP में आया हूं, मुझे नहीं लगता एक-दो बार से ज्यादा बार हाईकमान से मिल पाया हूं।
BJP में नियम बहुत हैं। वो कुछ नहीं बताते। किसी से कुछ नहीं पूछते। अभी 2027 में पंजाब का इलेक्शन होना है। मगर मुझसे एक बार भी नहीं पूछा गया कि कैप्टन साहब किस को कहां से चुनाव लड़वाया जा सकता। मैं BJP में हूं लेकिन कांग्रेस को मिस करता हूं।
कैप्टन के आने से कांग्रेस को क्या फायदा पंजाब में कांग्रेस लीडरशिप की इगो से जूझ रही है। सभी नेता खुद को एक-दूसरे से बड़े कद का समझ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस वर्कर ग्राउंड लेवल पर खुद को लीडरलैस महसूस कर रहे हैं। उन्हें ये समझ नहीं आ रहा कि किसकी अगुआई पर चलना है। एक के साथ चलो तो दूसरा नाराज हो जाता है।
कैप्टन चूंकि पहले भी 2 बार पार्टी प्रधान रह चुके हैं तो वह अगुआई के लिए बैस्ट फेस साबित हो सकते है। दूसरा, कैप्टन ही अकालियों के दबदबे के टाइम में कांग्रेस की सरकार बनाने में कामयाब रहे थे। ऐसे में कांग्रेस सोच रही है कि कैप्टन वह करिश्मा दोबारा कर सकते हैं।
कैप्टन के आने से पिछली बार बदलाव के बहाने AAP के हक में शिफ्ट हुए जट्ट सिख वोट बैंक को कांग्रेस की तरफ झुका सकते हैं। खासकर, 117 में से सबसे ज्यादा 69 सीटों वाले मालवा में कांग्रेस को बैनिफिट हो सकता है। पंजाब में इस वक्त लॉ एंड ऑर्डर को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। कैप्टन के समय में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सख्ती को विरोधी भी मानते हैं।
जयपुर | राज्य बजट में उद्योगों के लिए की गई विभिन्न घोषणाओं से प्रदेश की करीब 20 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन एमएसएमई से लगभग 92 लाख श्रमिकों व कर्मचारियों को रोजगार मिल रहा है। उद्यमियों का कहना है कि एमएसएमई प्रदेश के औद्योगिक विकास की धुरी है। सरकार को एमएसएमई को मजबूत करने के लिए और कदम उठाने चाहिए। राजस्थान वेयर हाउस एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण गुप्ता का कहा कि एमएसएमई के विकास के लिए लॉजिस्टिक सिस्टम को मजबूत करना जरूरी था। ऐसे में पिछले बजट में लॉजिस्टिक और वेयरहाउस पॉलिसी और अब मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की घोषणा से एमएसएमई को लाभ होगा। वहीं, पीएमएआर के अध्यक्ष श्रवण शर्मा का मानना है कि उद्योग कुशल श्रमिकों की कमी से जूझ रहे हैं। इसके मद्देनजर बजट में स्किल डवलपमेंट और वोकेशनल ट्रेनिंग की योजना की घोषणा से उद्योगों में कुशल श्रमिकों की कमी दूर होने की उम्मीद है।
देश में फरवरी के दूसरे हफ्ते में मैदानी राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पारा 25 डिग्री का आंकड़ा पार कर चुका है। वहीं उत्तराखंड के 9 शहर गुरुवार को स्विट्जरलैंड से भी ज्यादा ठंडे रहे। राज्य में सबसे कम तापमान मुनस्यारी में -28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि स्विट्जरलैंड से 28 गुना ज्यादा ठंडा है।
वहीं गंगोत्री में -21 डिग्री, बद्रीनाथ में -18 डिग्री, हर्षिल और हेमकुंड में तापमान -19 डिग्री सेल्सियस रहा। हिमाचल प्रदेश के सात शहरों में गुरुवार को पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का पारा माइनस (-8.3) और ताबो का माइनस (-8.8) डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
बिहार के बगहा में गुरुवार को घना कोहरा छाया रहा, जिससे यहां विजिबिलिटी जीरो हो गई। दिन में भी लोग गाड़ी की लाइट जलाकर ड्राइव कर रहे हैं। इसके अलावा पटना, सुपौल और मोतिहारी में घना कोहरा दिखा।
हरियाणा के 13 जिलों में गुरुवार को तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस पलवल में रिकॉर्ड किया गया। कई जिलों में दिन के समय धूप तेज रही, जिससे दोपहर में गर्मी का एहसास बढ़ा।
मध्य प्रदेश में गुरुवार को वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ के असर से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का टेम्पेरेचर भी कम हो गया। अगले 3 से 4 दिन तक ठंड का असर बरकरार रहेगा।
राजस्थान में सर्दी का असर कम होने लगा है। दिन-रात का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में गुरुवार को चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस फतेहपुर सीकर में दर्ज किया गया।
बर्फबारी के बाद टूरिस्ट स्कीइंग के लिए उत्तराखंड के मुनस्यारी पहुंचे।
अगले दो दिन का मौसम…
14 फरवरी: राजस्थान में मौसम साफ रहने और तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
15 फरवरी: हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हल्की बर्फबारी या बारिश की संभावना बहुत कम, मैदानी और निचले क्षेत्रों में मौसम साफ रह सकता है।
जयपुर | एक्सिस बैंक ने एमएसएमई के लिए गोल्ड लोन योजना शुरू की है। इसके तहत छोटे कारोबारी स्वर्ण आभूषणों के बदले लोन ले सकेंगे। ग्राहकों को यह सुविधा बैंक की देशभर में 3300 से अधिक शाखाओं में मिलेगी। बैंक के ग्रुप एग्जीक्यूटिव बिपिन सराफ ने कहा कि योजना के तहत 50,000 से 1 करोड़ रुपए तक का लोन दिया जाएगा। यह सुविधा स्वर्ण आभूषणों के बदले ओवरड्राफ्ट के रूप में मिलेगी। साथ ही 82% तक लोन टू वैल्यू दिया जाएगा।
टी-20 वर्ल्ड कप का 21वां मैच आज अमेरिका (USA) और नीदरलैंड के बीच खेला जाएगा। मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा। टॅास शाम 6.30 बजे किया जाएगा। दोनों टीमें ग्रुप-ए में हैं।
नीदरलैंड ने पहले मैच में पाकिस्तान से मामूली अंतर से हारने के बाद नामीबिया को हराकर शानदार वापसी की थी। टीम पॉइंट्स टेबल में 2 पॉइंट्स के साथ तीसरे नंबर पर है। वहीं अमेरिका को भारत और पाकिस्तान से हार मिली। टीम चौथे नंबर पर है।
नीदरलैंड को अब तक नहीं हरा सका अमेरिका अमेरिका और नीदरलैंड के बीच अब तक 3 टी-20 खेले गए। सभी में नीदरलैंड को ही जीत मिली। दोनों टीमें वर्ल्ड कप में पहली बार एक दूसरे के सामने होंगी। अमेरिका ने अगर आज का मुकाबला गंवाया तो टीम सुपर-8 स्टेज से बाहर हो जाएगी। वहीं नीदरलैंड हारी तो उनका भी दूसरे राउंड में पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।
गौस USA के टॅाप रन स्कोरर 2024 के बाद से एंड्रीज गौस ने USA के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। वे 27 मुकाबलों में 770 रन बना चुके हैं। तेज गेंदबाज हरमीत सिंह 27 विकेट लेकर टीम के टॅाप बॅालर बने हुए हैं।
लेविट नीदरलैंड के टॅाप रन स्कोरर नीदरलैंड से माइकल लेविट ने 2024 के बाद से 918 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 135 रन हैं। गेंदबाजों में काइल क्लीन 29 विकेट लेकर टॅाप बॅालर हैं।
वेदर कंडीशन चेन्नई में बादल और कुछ समय धूप दिखेगी, मौसम गर्म रहेगा। टेम्परेचर 29 डिग्री सेल्सियस के करीब रहेगा, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है।
पिच रिपोर्ट चेपॉक की पिच धीमी गति के गेंदबाजों के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। हालांकि, इस वर्ल्ड कप में पिच बैटर्स के लिए फायदेमंद साबित हुई है। यहां स्पिनर्स को ज्यादा मदद नहीं मिली। दोनों मुकाबलों में चेज करने वाली टीमों को ही जीत मिली। रात के समय ओस आ सकती है, इसलिए भी टॉस जीतने वाली टीम पहले बॉलिंग चुनेगी।
दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11अमेरिका: साईतेजा मुक्कामाला, एंड्रीज गौस, मोनांक पटेल (कप्तान), मिलिंद कुमार, संजय कृष्णमूर्ति, शुभम रंजने, हरमीत सिंह, मोहम्मद मोहसिन, शैडली वान शाल्कविक, अली खान और सौरभ नेत्रवलकर।
कहां देख सकते हैं मैच? इस मैच की LIVE स्ट्रीमिंग स्टार स्पोर्ट्स पर होगी। इसे जियोहॉटस्टार एप पर भी देखा जा सकता है। आप दैनिक भास्कर एप पर मैच का LIVE कवरेज फॉलो कर सकते हैं।
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टी-20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में हारते-हारते जीता पाकिस्तान
फहीम अशरफ प्लेयर ऑफ द मैच रहे। उन्होंने 11 बॉल पर नाबाद 29 रन की पारी खेली।
2009 का चैंपियन पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में नीदरलैंड से हारते-हारते जीत गया। टीम को जीत के लिए आखिरी 2 ओवर में 29 रन बनाने थे। उसे फहीम अशरफ ने 19वें ओवर में 3 छक्के लगाकर 3 विकेट की जीत दिलाई। पूरी खबर पढ़े…
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत से शुरुआत
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने 3 विकेट झटके। उन्हें मैच से एक दिन पहले हर्षित राणा की जगह टीम में शामिल किया गया था।
भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में जीत से शुरुआत की है। टीम ने शनिवार के आखिरी मैच में USA को 29 रन से हराया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में USA ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। भारत ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 161 रन बनाए। 162 रन का टारगेट चेज करते हुए USA की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी। पूरी खबर पढ़े…