ऑनलाइन जमाबंदी के रिकॉर्ड में गड़बड़ी:जमाबंदी में बदला खातेदारों का धर्म… हुसैन व रमजान को बता दिया माली




नाम- हुसैन और जाति-माली। सुनकर चौंक गए ना। लेकिन सिर्फ हुसैन ही नहीं, ऐसे 64 खातेदारों की जमाबंदी में भू-राजस्व अधिकारियों ने जाति ही बदल दी। मंडोर तहसील के करवड़ हलका क्षेत्र के सरकारी रिकॉर्ड में मुस्लिम खातेदारों ने जब अपने नाम के आगे माली और जाट जाति देखी तो दंग रह गए। एक साल से वे चक्कर काटकर थक गए, लेकिन अभी तक उनकी जाति बदलकर सही नहीं की गई। डीबी स्टार की पड़ताल में पता चला कि करवड़ में कई बीघा खातेदारी जमीन है और खातेदारों के नाम व जमीन का उल्लेख जमाबंदी में हैं। ऑनलाइन जमाबंदी में करीब 64 मुस्लिम खातेदारों के नाम के आगे उनकी जाति बदलकर माली और जाट कर दिया गया। इस सबंध में जब अफसरों को शिकायत की तो एक साल बाद भी गलती नहीं सुधारी गई। खातेदारों का आरोप है कि उनकी एक-एक बीघा जमीन है, लेकिन जमाबंदी में जाति बदलने के साथ जमीन भी ज्यादा हो गई। अफसर अपनी गलती छिपाने में लगे हैं। वहीं, स्थानीय पटवारी ने स्वीकार किया कि त्रुटिवश ऐसा हुआ है।
खातेदारों ने बताया, एक साल से चक्कर काट रहे, जमाबंदी में नहीं हो रहा सुधार
सूचना पर डीबी स्टार टीम कुछ खातेदारों के पास पहुंची और जमाबंदी देखी। मो. हुसैन पुत्र उस्मान की एक बीघा जमीन करवड़ में ग्राम देसुरिया खारोलान के खसरा नंबर 6 में आई हुई है। उन्होंने बताया, नई जमाबंदी में मेरा नाम तो सही रखा लेकिन जाति माली कर दी गई और मेरा पता भी बदल दिया है। ऐसे ही मुन्ना उर्फ रमजान को भी माली बना दिया। हुसैन ने बताया कि वे एक साल से पटवारी, तहसील कार्यालय के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। अफसर गलती छिपाने में लगे हैं। मेरे जैसे 60 से ज्यादा मुस्लिम खातेदारों की जाति बदली गई है। हमारी जमीन भी एक बीघा है, लेकिन नई जमाबंदी में ज्यादा दिखा दी है। ऐसे में कोई और दावेदार आ गए तो हम कहां जाएंगे? वे भी परेशान हैं और आशंकित है कि उनकी जमीन ना चली जाए। ऑपरेटर ने डेटा कॉपी-पेस्ट किया, अफसरों ने देखा ही नहीं
पड़ताल में पता चला कि ऑनलाइन जमाबंदी का काम कंप्यूटरऑपरेटर कर रहे हैं। वे जल्दबाजी के चक्कर में नाम और पते कॉपी-पेस्ट कर देते हैं। बाद में नाम, पता व जाति बदलते हैं लेकिन कई केस में ऑपरेटर कॉपी-पेस्ट के बाद सही करना भूल गया। हैरानी की बात यह है कि इस महत्वपूर्ण डेटा को किसी ने जांचा तक नहीं। इससे यह गलत जमाबंदी रिकॉर्ड में चढ़ गई और खातेदारों तक पहुंची। सीधी बात- माधुरी, पटवारी, त्रुटिवश ऐसा हो गया, जल्दी सुधार कर देंगे
सवाल : करवड़ में खातेदारों का आरोप है कि जमाबंदी में उनका धर्म ही बदल दिया गया, क्या मामला है?
जवाब : जी, जमाबंदी के दौरान ऐसा हुआ है। कुछ मुस्लिम खातेदारों की जाति अलग प्रिंट हो गई। सवाल : ऐसा कैसे हो गया? ये गंभीर चूक है। इसके बावजूद इसमें सुधार क्यों नहीं रहे?
जवाब : दरअसल, ये त्रुटिवश हो गया और हम इसमें सुधार कर रहे हैं। सवाल : लेकिन खातेदारों का आरोप है कि एक साल बाद भी सुधार नहीं किया, जमीन भी ज्यादा कर दी?
जवाब : हां, वे कल भी आए थे और शुद्धिकरण पत्र भर दिया है। जल्दी सुधार हो जाएगा।



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