SI भर्ती परीक्षा-2021; SOG पूछताछ में हुआ खुलासा:एडमिट कार्ड सिस्टम की खामी; इसलिए अशोक 4 जगह डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने में सफल रहा




आरोपी को 2 फरवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार 50 हजार रुपए के इनामी डमी अभ्यर्थी अशोक कुमार से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एसओजी जांच में सामने आया है कि अशोक ने एडमिट कार्ड सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर चार जगह डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने में सफल हो गया था। जांच में सामने आया कि अशोक पढ़ाई में तेज था और लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता रहता था। गांव में जो अभ्यर्थी कमजोर थे और खुद परीक्षा पास नहीं कर सकते थे, उनके स्थान पर वह डमी परीक्षार्थी बनकर बैठता था। इसके लिए उसने प्रति अभ्यर्थी से 8 से 10 लाख रुपए लिए थे। इस तरह उसने करीब 35 से 40 लाख रुपए की कमाई की, जिनमें एक परीक्षा जोधपुर के मंडोर सेंटर पर भी शामिल है। मामले की जांच एसओजी में डीआईजी परिस देशमुख की मॉनिटरिंग में एडिशनल एसपी चिरंजीलाल कर रहे हैं। अशोक 2024 से फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। 2 फरवरी को एसओजी ने फलोदी पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार किया है। उसे गुरुवार 5 फरवरी को कोर्ट में पेश कर फिर से पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। एडमिट कार्ड की खामी बनी सबसे बड़ा हथियार पूछताछ में सामने आया कि उस समय परीक्षा प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही थी। उपस्थिति रजिस्टर में परीक्षा हॉल में सिर्फ रोल नंबर दर्ज होता था। एडमिट कार्ड पर खुद की फोटो लगाने के साथ हस्ताक्षर अभ्यर्थी को खुद करने होते थे। अशोक ने इसी कमजोरी का फायदा उठाया। उसने एडमिट कार्ड पर अपनी फोटो चिपकाई, लेकिन मूल अभ्यर्थी के नाम से हस्ताक्षर कर दिए। परीक्षा केंद्र पर परीक्षक ने केवल रोल नंबर मिलाया और उपस्थिति पत्रक पर साइन करवा लिए। फोटो मिलान भी सतही तौर पर हुआ, जिससे वह पकड़ा नहीं गया। जिनकी परीक्षा दी वे पास हो गए; मामले की जांच की गई तो खुलासा हुआ कि 13 सितंबर 2021 को श्याम प्रताप सिंह की जगह, 14 सितंबर 2021 को श्रवण कुमार गोदारा की जगह और 15 सितंबर 2021 को मदनलाल की जगह आरोपी अशोक कुमार ने परीक्षा दी। इस फर्जीवाड़े के चलते श्याम प्रताप सिंह मेरिट 2207 पर उपनिरीक्षक, श्रवण कुमार मेरिट 1708 पर उपनिरीक्षक तथा मदनलाल मेरिट 2188 पर प्लाटून कमांडर पद पर अवैध रूप से चयनित हो गए थे। इन तीनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा पूछताछ में मंडोर जोधपुर में भी एक चौथे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने का भी खुलासा हुआ है, जिसकी जांच जारी है।



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