लेबोरेट्री-जांच में 5 फर्मो के घी, दूध-दही, मिठाई में मिलावट:कार्रवाई के लिए मामले कोर्ट में पेश; फूड इंस्पेक्टर ने बाड़मेर में लिए थे सैंपल
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बाड़मेर स्वास्थ्य विभाग शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है। मिठाई, दूध, दही, घी, केक और लाल मिर्च के सैंपल लैबोरेट्री जांच के लिए भेंजे गए। जिनकी रिपोर्ट में इन खाद्य पदार्थो में मिलावट पाई गई। अब हेल्थ विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए केस कोर्ट में पेश किए गए। न्यायालय इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। दरअसल, आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर टी शुभ मंगला एवं जिला कलेक्टर बाड़मेर टीना डाबी के निर्देशन में शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार जांगिड़ की ओर से बीते दिनों में फर्म मैसर्स जनता जोधपुर स्वीट्स धोरीमन्ना से मावा बर्फी मिठाई, फर्म मैसर्स श्री मां भवानी बीकानेर स्वीट होम सेड़वा से मिल्क केक मिठाई के सैंपल लिए गए। इसी तरह फर्म मैसर्स रामदेव भोजनालय और दाल बाटी चूरमा बाड़मेर से दही, फर्म मैसर्स कमलेश दूध डेयरी रोहिल्ला धोरीमन्ना से गाय का दूध, फर्म मैसर्स सुनील कुमार रामलाल माहेश्वरी बाड़मेर से लाल मिर्च पाउडर लूज, फर्म मैसर्स महावीर सेल्स कॉरपोरेशन बाड़मेर से घी ब्रांड वास्तु के दो व घी ब्रांड सोनेरी के नमूने लिए गए। जांच के लिए लेबोरेट्री में भेजें गए। कोर्ट में कार्रवाई के लिए किए गए पेश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम बिश्नोई ने बताया- नमूनों को जांच के लिए लैब भेजे गए थे। लैब की जांच रिपोर्ट में में मिठाई, केक, घी, लाल मिर्च, दही में मिलावट पाई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार जांगिड़ की ओर से मामलों में जांच पूरी कर न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट बाड़मेर के समक्ष प्रस्तुत किए गए। यह खाद्य पदार्थ हेल्थ के लिए हो सकता है हानिकारक खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में अमानक पाए गए मावा बर्फी, मिल्क केक, दही, दूध, लाल मिर्च पाउडर एवं घी जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है। इनमें मिलावट होने पर फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, लिवर और किडनी पर असर पड़ सकता है। सिंथेटिक दूध या खराब गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पादों से आंतों में संक्रमण, एलर्जी, बच्चों में पाचन संबंधी समस्याएं और इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। मिलावटी घी में ट्रांस फैट या केमिकल तत्व होने से हृदय रोग, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और लंबे समय में कैंसर का खतरा भी रहता है। इसमें रंग या ईंट पाउडर जैसी मिलावट से पेट में जलन, गैस, एसिडिटी, आंखों व त्वचा में एलर्जी की शिकायत हो सकती है।
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