यूनुस खान ने राज्यपाल अभिभाषण पर सरकार को घेरा:रोजगार, शिक्षा, निष्क्रान्त भूमि और पेयजल संकट पर उठाए सवाल




राजस्थान विधानसभा के 16वीं विधानसभा के पंचम सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के दौरान डीडवाना विधायक यूनुस खान ने प्रदेश के युवाओं के रोजगार, शिक्षा व्यवस्था, कस्टोडियन (निष्क्रान्त) भूमि और पेयजल-सीवरेज जैसी ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। सदन में बोलते हुए विधायक खान ने कहा कि राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिभाषण में प्रस्तुत आंकड़े यदि विभागीय समन्वय और गहन अध्ययन के साथ तैयार किए जाते तो वे अधिक स्पष्ट और विश्वसनीय होते। उन्होंने 31 जनवरी 2025 और 28 जनवरी 2026 के अभिभाषणों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करते हुए रोजगार सृजन, भर्तियों, विभागीय रिपोर्टों और विधानसभा में दिए गए उत्तरों के आंकड़ों में विसंगतियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने सरकार के सकारात्मक प्रयासों का स्वागत करते हुए तथ्यों की प्रस्तुति में पारदर्शिता और सटीकता की आवश्यकता पर जोर दिया। शिक्षा पर चर्चा करते हुए विधायक ने राजस्थान की साक्षरता दर को चिंताजनक बताया। उन्होंने सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के आंकड़ों में भारी असमानता का मुद्दा उठाया और मांग की कि निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी सरकारी योजनाओं का समान लाभ मिलना चाहिए। उच्च शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की कमी, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से जुड़े आंकड़ों में असंगति तथा युवाओं के लिए स्पष्ट रोजगार नीति के अभाव पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की।
चर्चा के दौरान यूनुस खान ने कस्टोडियन (निष्क्रान्त) भूमि के लंबे समय से लंबित मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि 2008 में संबंधित कानून निरस्त होने के बाद यह भूमि सिवायचक घोषित हो गई थी, जिस पर वर्षों से गरीब परिवार निवास और खेती कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से नया कानून लाकर ऐसे परिवारों को विधिसम्मत भूमि आवंटन कर स्थायित्व प्रदान करने की मांग की। पेयजल संकट पर बोलते हुए विधायक खान ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत फेस-2, सीडीएस-03 योजना में शामिल 240 ढाणियों और 34 गांवों के टेंडर पर 2022 से निर्णय लंबित है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि डीडवाना शहर के लिए अमृत 2.0 योजना का कार्य आदेश भी लंबित है। इसके अलावा, सीवरेज व्यवस्था खराब होने से शहर में जलभराव और रिवर्स फ्लो जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अंत में विधायक ने सरकार से इन सभी जनहित के मुद्दों पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई करने की मांग की, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल सके।



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