पाली में जुटे छह जिलों के टीचर:एक्सपर्ट बोले- नई और सरल टीचिंग से बच्चों को पढ़ाएं, स्टूडेंट से भावनात्मक जुड़ाव रखे




राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर निर्देश पर अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा पाली के तत्वावधान में पीएम श्री बाल वाटिका में पढ़ाने वाले शिक्षकों का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर जय अम्बे रिज़ॉर्ट, जाडन रोड पाली में हुआ। इस प्रशिक्षण में पाली, जालोर, सिरोही, झुंझुनूं, बारां एवं झालावाड़ जिलों के कुल 187 बाल वाटिका शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम अधिकारी (प्रशिक्षण) कल्याण सिंह टेवाली ने बताया कि प्रशिक्षण के समापन समारोह में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश मीणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समापन अवसर पर अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक राहुल कुमार राजपुरोहित, सहायक परियोजना समन्वयक प्रवीण कुमार चारण, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार जांगिड़, कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मण कुमार चौधरी, पंकज पंवार एवं लेखाधिकारी अभिषेक सोनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश मीणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक शिक्षक को अपने पेशे को ईमानदारी एवं ऊर्जा के साथ निभाना चाहिए। प्रशिक्षण में प्राप्त नवीन शिक्षण विधियों को कक्षा-कक्ष तक पहुंचाना और बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखना शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण के दौरान प्रधानाचार्य रमेश खमराना, मनोज बोराणा एवं भरत देवासी ने शिविर प्रभारी की भूमिका निभाई। राज्य संदर्भ व्यक्तियों शक्ति सिंह तंवर, सरोज मीणा, सुमन हल्किया, गीता चौधरी, मिश्रीलाल जांगिड़, सुरेश कुमार देशबंधु, नितेश कुमार एवं थानाराम देवासी ने विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के अंतिम संयुक्त सत्र में डॉ. हजारी मल चौधरी (फिजिशियन), डॉ. हेमंत चौधरी (शिशु रोग विशेषज्ञ) एवं आयुर्वेदाचार्य डॉ. अखिल व्यास ने बाल स्वास्थ्य एवं पोषण पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. हजारी मल चौधरी ने बच्चों में फास्ट फूड एवं तली-भुनी चीजों के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए विद्यालयों में न्यूट्रीशियन कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता बताई।



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