चित्तौड़गढ़ में एक साथ दो थाना क्षेत्रों में चोरी:दो दुकानों से सिर्फ कैश ले गया चोर, कीमती सामानों को नहीं लगाया हाथ
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चित्तौड़गढ़ शहर में गुरुवार अलसुबह चोरी की दो वारदातों ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी। कोतवाली और सदर थाना क्षेत्र में हुई इन घटनाओं से साफ है कि चोरों के हौसले काफी बुलंद हैं। एक ही रात में अलग-अलग इलाकों में दुकानों को निशाना बनाया गया, जिससे शहर के व्यापारी वर्ग में आक्रोश और असुरक्षा की भावना गहराती नजर आई। खास बात यह रही कि दोनों ही जगह पुलिस गश्त, कोर्ट और थाना बहुत पास होने के बावजूद चोर आराम से वारदात को अंजाम देकर निकल गए। हलचल शोरूम में फिल्मी अंदाज में चोरी पहली वारदात कोतवाली थाना क्षेत्र के चामटी खेड़ा रोड पर स्थित हलचल मेंस एंड किड्स वियर शोरूम में हुई। चोर ने बड़ी ही चालाकी और योजना के साथ चोरी की। जानकारी के अनुसार चोर पहले शोरूम की बजाय पास की एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में सीढ़ी के सहारे ऊपर चढ़ा। वहां से वह एक इमारत को पार करते हुए चॉइस फाइनेंस के ऑफिस तक पहुंचा। चॉइस फाइनेंस का कांच तोड़कर अंदर घुसने के बाद वह वहां से कूदकर हलचल शोरूम की छत पर पहुंचा। इसके बाद शोरूम की दीवार में छैनी के सहारे बड़ा छेद कर अंदर दाखिल हुआ और सीढ़ी के सहारे नीचे उतर गया। 15 हजार नकद और कपड़े लेकर फरार शोरूम के अंदर पहुंचते ही चोर ने ड्रॉअर तोड़े और करीब 15 हजार नकद निकाल लिए। इसके बाद उसने टॉर्च की रोशनी में अपने नाप के कपड़े तलाशे और कुछ कपड़े भी चोरी कर लिए। हैरानी की बात यह रही कि शोरूम में मौजूद अन्य सामान को उसने हाथ तक नहीं लगाया। चोरी करने के बाद वह उसी रास्ते से वापस निकल गया। शोरूम के मालिक अमित जैन ने सुबह चोरी का पता चलते ही अपने मित्र सुधीर जैन को सूचना दी, जिन्होंने तुरंत कोतवाली थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस पहुंची, व्यापारियों ने उठाए सवाल सूचना मिलते ही डीएसपी शहर बृजेश सिंह और कोतवाली थाना अधिकारी तुलसीराम जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर आसपास के व्यापारी भी इकट्ठा हो गए और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना था कि चोरी वाली जगह से महज 10 कदम की दूरी पर चौराहा है, जहां रात में पुलिस की गश्ती गाड़ी खड़ी रहती है। इसके बावजूद करीब तीन घंटे तक चोर आराम से चोरी करता रहा और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इस लापरवाही को लेकर व्यापारियों ने सवाल खड़े किए। लैपटॉप छोड़ गया चोर, रहस्य बरकरार इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। सुधीर जैन ने बताया कि चोर हलचल शोरूम से एक लैपटॉप उठा जरूर था, लेकिन उसने उसे पास ही स्थित चॉइस फाइनेंस की दुकान में छोड़ दिया। चॉइस फाइनेंस के अंदर भी एक लैपटॉप पड़ा हुआ था, जिसे चोर ने हाथ तक नहीं लगाया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि चोर को आखिर किस चीज की तलाश थी और वह चुनिंदा सामान ही क्यों ले गया। सदर थाना क्षेत्र में नाकोड़ा कार डेकोर बना निशाना दूसरी बड़ी चोरी की वारदात सदर थाना क्षेत्र के चित्तौड़गढ़-निंबाहेड़ा रोड पर स्थित नाकोड़ा कार डेकोर में हुई। दुकान मालिक रवि विरानी ने बताया कि चोर पास में लगी एक थड़ी के ऊपर रखे टीनशेड के सहारे पहली मंजिल तक पहुंचा। वहां से बड़ा ग्लास तोड़कर वह दुकान के अंदर घुसा। इसके बाद सीढ़ियों के सहारे नीचे उतरकर ड्रॉअर खोले और करीब 50 हजार नकद चोरी कर लिए। यहां भी लैपटॉप और अन्य कीमती सामान मौजूद था, लेकिन चोर ने उन्हें नहीं छुआ। कोर्ट और थाने के पास चोरी, सुरक्षा पर सवाल रवि विरानी ने बताया कि उनकी यह दुकान कोर्ट के ठीक सामने स्थित है, जहां रात में गार्ड भी तैनात रहता है। इसके बावजूद चोरी हो गई और किसी को भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं, सदर थाना भी यहां से केवल 300 मीटर की दूरी पर है। इसके बाद भी चोरों ने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। इससे साफ है कि चोरों को पुलिस या सुरक्षा व्यवस्था का कोई डर नहीं रहा। लगातार नाकोड़ा दुकानों को बनाया जा रहा निशाना रवि विरानी ने यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है। कोतवाली थाना क्षेत्र में भी गुरुवार अलसुबह ही नाकोड़ा ऑटोमोबाइल की एक दुकान का ताला तोड़ने की कोशिश की गई थी, जो उनकी ही थी। इसके अलावा चार दिन पहले रविवार को भी भीलवाड़ा बाइपास रोड पर स्थित नाकोड़ा ऑटोमोबाइल शॉप में चोरी की वारदात हुई थी। लगातार एक ही परिवार की दुकानों को निशाना बनाए जाने से यह आशंका जताई जा रही है कि चोर पूरी रेकी कर वारदात कर रहा है। व्यापारियों में डर, पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से शहर के व्यापारियों में डर का माहौल है। उनका कहना है कि अगर पुलिस गश्त और रात्रि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती थीं। व्यापारियों ने मांग की है कि चोरी की इन वारदातों का जल्द खुलासा किया जाए और रात की गश्त को प्रभावी बनाया जाए, ताकि शहर में व्यापार करने वालों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।
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