Rajasthan Govt Lifts Two-Child Norm Ban for Local Body Polls


पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों में अनपढ़ों के चुनाव लड़ने पर सरकार रोक नहीं लगाएगी। निकाय, पंचायत चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने का प्रावधान लागू नहीं होगा। साथ ही 2 से ज्यादा संतान वालों के निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने पर लगी

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कांग्रेस विधायक पूसाराम गोदारा के सवाल के जवाब में दोनों मामलों में सरकार ने लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी है। सरकार ने पहली बार लिखित में दोनों मुद्दों पर जवाब दिया है।

पूसाराम गोदारा ने सवाल किया था कि क्या सरकार नगर निकायों के चुनाव में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता और संतान संबंधी प्रावधानों में संशोधन करने का विचार रखती है? इस पर सरकार की तरफ से जवाब में लिखा है- सरकार का नगर निकायों के चुनाव में उम्मीदवारों की योग्यता के संबंध में वर्तमान में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 21 में प्रावधान हैं, जिसमें शैक्षणिक योग्यता के संबंध में कोई नियम नहीं है।

शैक्षणिक योग्यता के लिए नियमो में संशोधन किए जाने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 2 से ज्यादा संतान वालों को चुनाव लड़ने की छूट देने वाले प्रावधान के सवाल के जवाब में लिखा है- राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 के प्रावधानों में संशोधन के लिए विधि विभाग को फाइल भेजी गई है, जो प्रक्रियाधीन है।

साल 1994-95 में लगी थी रोक 1994-95 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत की सरकार में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 बना था। इसके मुताबिक जिन जनप्रतिनिधियों के दो से अधिक बच्चे होंगे, वो पंचायत और निकाय चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसमें चुनाव जीतने के बाद तीसरा बच्चा पैदा होने पर पद से हटाने का भी प्रावधान किया गया था। तब से अब तक इसमें कोई शिथिलता नहीं दी गई है।

कर्मचारियों को मिल चुकी राहत साल 2002 में 2 से ज्यादा बच्चे होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलने का कानून लाया गया। इसमें प्रावधान किया गया कि सरकारी नौकरी लगने के बाद भी तीसरा बच्चा होता है तो उसका 5 साल तक कोई प्रमोशन नहीं होगा।

नौकरी में रहते हुए तीन से ज्यादा बच्चे पैदा किए तो कंपलसरी रिटायरमेंट देने का नियम भी बनाया गया। हालांकि तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने 2018 में इस नियम को खत्म करने की घोषणा की थी। 5 साल तक प्रमोशन रोकने के नियम में भी शिथिलता देकर इसे 3 साल कर दिया था।

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राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की बाध्यता ​हटाई जा सकती है। विभिन्न संगठनों, नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मांग पर सरकार ने इस पर मंथन शुरू कर दिया है। पंचायतीराज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग से अनौपचारिक रूप से रिपोर्ट भी मंगवाई जा चुकी है। फिलहाल दो से ज्यादा संतान वाले पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर



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