चोरी का मामला:दंपती को कमरे में बंद कर चुराए थे 70 लाख के गहने,1 गिरफ्तार, दूसरा फरार




भारत-पाक बॉर्डर से सटे बाखासर इलाके में करीब 14 दिन पहले एक घर में घुसे चोरों ने एक दंपती को कमरे में बंद कर करीब 70 लाख से ज्यादा के जेवरात चुराकर फरार हो गए थे। एसपी नरेंद्रसिंह मीना ने इस मामले का मंगलवार को खुलासा करते हुए चोरी के एक आरोपी और एक खरीददार को गिरफ्तार किया। चोरी का दूसरा आरोपी वीरमाराम फरार है। वीरमाराम की उम्र 35 वर्ष है, लेकिन उसके खिलाफ 40 मुकदमे है। इसी तरह नकबजन भगाराम 25 वर्ष का है, लेकिन 27 मुकदमे है। दोनों आदतन शातिर चोर है।आरोपी पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। बाखासर थाने में 20 जनवरी को पीड़ित शेषकरण चारण निवासी सुहागी ने मामला दर्ज करवाया था कि वे रात्रि में परिवार सहित एक कमरे में सो रहे थे। इस दौरान रात में अज्ञात चोर आए और उनके कमरे की बाहर से कुंडी लगा बंद कर दिया। इसके बाद दूसरे कमरे के ताले को तोड़कर अंदर घुसे और आलमारी तोड़ कर 280 ग्राम सोना, 600 ग्राम चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की। चोरी के तरीकों से सुराग मिला, ऐश-मौज की जिंदगी ​जीने के लिए करते थे चोरी दोनों शिव थाने के हिस्ट्रीशीटर, मिलकर करते थे चोरियां सुहागी गांव में चोरी की वारदात के बाद पुलिस को सिर्फ पदचिन्ह ही मिले थे। आसपास न तो कोई ​सीसीटीवी था और न ही किसी ने उन्हें देखा था। ऐसे में आरोपियों का सुराग लगाना चुनौती था। इस बीच पुलिस ने चोरी के मामलों में शातिर बदमाशों के रिकार्ड को खंगाला। इसके बाद सुराग मिला कि ये ही दोनों बदमाश थे, जिन्होंने पूर्व में भी रात में सो रहे परिवार के लोगों के कमरों की कुंडी बंद कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। इसके बाद इन आरोपियों के रिकार्ड खंगालने के साथ लोकेशन ट्रेस की गई तो उसी इलाके में सामने आई। जोधपुर रेंज आईजी टीम की मदद से आरोपी भगाराम पुत्र कानाराम जाट निवासी चितरोली चोचरा शिव को जोधपुर से गिरफ्तार किया। दूसरा आरोपी वीरमाराम पुत्र राणाराम मेघवाल निवासी गुजरो का बेरा कानासर गोलाई शिव फरार हो गया। भगाराम से पूछताछ के बाद चोरी के गहनों के खरीददार गणपत उर्फ गणेश सोनी निवासी चौहटन को गिरफ्तार किया है। गणपत के खिलाफ भी 3 मामले दर्ज है। भगाराम और वीरमाराम शिव पुलिस थाने के हिस्ट्रीशीटर है। बार-बार लोकेशन बदली, फिर भी पकड़े गए चोर बाखासर थानाधिकारी राजूराम मय पुलिस टीम और आईजी रेंज टीम प्रभारी देवाराम विश्नोई ने शातिर बदमाश भगाराम को जोधपुर से गिरफ्तार किया। वारदात के बाद आरोपी लोकेशन बदलते रहे। पुलिस ने जोधपुर, नागौर, बीकानेर सहित कई जिलों में तलाश की। आरोपियों की ओर से जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उसके तरीकों को लेकर सुराग मिल गया था। इसके बाद इनके घर या संदिग्ध​ ठिकानों पर दबिश दी तो ये गायब मिले। इसके बाद संदिग्ध भगाराम को जोधपुर से पकड़ा। पूछताछ में सुहागी में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी ने चोरी का माल चौहटन के गणपत सोनी को बेचना बताया। फरार आरोपी वीरमाराम की तलाश की जा रही है। एसपी नरेंद्रसिंह मीना के अनुसार दोनों आदतन चोर ऐश-मौज की​ जिंदगी जीने के लिए चोरी करते थे और फिर चोरी के माल को कम दाम पर बेच कर उससे मिलने वाले रुपए से ऐश मौज करते थे।



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राजस्थान में 4 डिग्री तक गिरा तापमान, कोहरे का अलर्ट:सर्द हवा बढ़ाएगी परेशानी, कई जिलों में बादल छाने से बदलेगा मौसम




राजस्थान में वेस्टर्न डिर्स्टबेंस का प्रभाव खत्म होने के साथ ही सर्दी फिर से बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने अगले तीन-चार दिन प्रदेश में सर्द हवा, कोहरा और बादल छाने की संभावना जताई है। मंगलवार को जयपुर, सीकर, पिलानी, चूरू समेत कई शहरों में उत्तरी हवा के असर से पारा 4 डिग्री तक गिर गया। शेखावाटी के इलाकों में न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट (10 डिग्री से नीचे) में दर्ज हुआ। जबकि दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। बादल छाए और कोहरा भी रहा पिछले 24 घंटे में जोधपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, फलोदी, नागौर, सीकर, बीकानेर समेत उत्तर-पश्चिम के जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए। इधर जयपुर, कोटा, भरतपुर के संभाग के जिलों में हल्की धुंध रही। इस कारण मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में धूप कमजोर रही और तापमान में गिरावट हुई। जयपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पाली, सीकर, नागौर सबसे ठंडा इलाका इससे पहले मंगलवार को राज्य में शेखावाटी के एरिया में सर्द हवा के असर से सुबह-शाम की सर्दी तेज हो गई। कल सबसे ज्यादा ठंडा इलाका सीकर, नागौर, फतेहपुर (सीकर), पाली का रहा। इन शहरों में न्यूनतम तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस नागौर में दर्ज हुआ। अब आगे क्या? जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में अगले दो-तीन दिन मौसम साफ रह सकता है। इस दौरान कुछ शहरों में हल्के बादल छा सकते हैं, जबकि उत्तरी राजस्थान के कुछ शहरों में कोहरा भी देखने को मिल सकता है। इस दौरान तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिलेगा।



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राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित 159 पेड काटने का मामला:वन विभाग–रेवेन्यू भूमि विवाद में उलझी पुलिस, 12 में से एक भी गिरफ्तार नहीं




बयाना के थाना सदर के गांव नया नगला में 2 हेक्टेयर भूमि पर राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित 159 पेड़ काटने के मामले में मंगलवार को भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि वन विभाग की ओर से 12 लोगों के नाम से एफआईआर कराई गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक एक भी गिरफ्तारी न कर भूमि वन विभाग की है या रेवन्यू बोर्ड की इस मामले में पुलिस उलझी पड़ी हुई है। ऐसे में जॉइन्ट सर्वे होने के बाद ही आगे की कार्रवाई का हवाला दिया जा रहा है। गांव वालों का साफ कहना है कि यह भूमि उनकी खेती की है न कि वन विभाग की, जो वन विभाग कार्रवाई करने की बात कह रहा है। एसीएफ भरतपुर सुरेश चौधरी को सौंपी जांच वन विभाग के बयाना रेंज में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ कटने के मामले में सहायक वनपाल कुंवर सिंह व वनरक्षक नीरज कुमार अवैध कटाई रोकने में नाकाम होने व राजकार्य में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया था, जिन्हें निलंबित किया गया। रेंजर हरभान सिंह को भी कारण बताओ नोटिस दिया था, जिसकी जांच एसीएफ भरतपुर सुरेश चौधरी को सौंपी गई है। उन्हें एक हफ्ते में जांच पूरी करनी है। 12 नामजद आरोपी, फॉरेस्ट एक्ट में केस- पेड़ों की कटाई में गांव नया नगला निवासी कुंवर सिंह, बहादुर, लच्छी, समय सिंह, अतर सिंह, रामप्रसाद, रामराज, मलखान, भीम सिंह, हरि सिंह, तथा श्यामपुरा निवासी लाखन और खानखेड़ा निवासी जोगेंद्र सिंह को नामजद किया गया है। सदर थाना एसएचओ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पेड़ काटने के मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।



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कृषि सेक्टर और कपड़ा उद्योग से मुंह मोड़ रहे श्रमिक:निर्माण क्षेत्र में 2 साल में 48 प्रतिशत श्रमिक बढ़े, क्योंकि मजदूरी तत्काल मिल रही




प्रदेश में श्रमिकों का रुझान अब कृषि के बजाय निर्माण जैसे असंगठित और सक्रिय क्षेत्र की ओर अधिक है। कुल पंजीकरण की संख्या में पिछले साल के मुकाबले कमी के बावजूद निर्माण कार्यों में असंगठित श्रमिक ज्यादा रोजगार तलाश रहे हैं। पिछले दो सालों में इनकी संख्या में 48 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। जबकि कृषि सेक्टर और कपड़ा उद्योग में इसमें गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी 2024 से फरवरी 2026 के बीच ई–श्रम पोर्टल पर अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है। जहां फरवरी 2024-25 के दौरान कुल पंजीकरण 9.24 लाख से अधिक हुए, वहीं फरवरी 2025-26 के दौरान यह संख्या घटकर लगभग 7.77 लाख रह गई है। मुख्य रूप से कृषि और टेक्सटाइल इंडस्ट्री में ज्यादा कमी दर्ज की गई है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष कृषि क्षेत्र में 4.83 लाख श्रमिकों ने पंजीकरण कराया था, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा गिरकर 3.44 लाख पर आ गया। वस्त्र उद्योग में भी पंजीकरण की रफ्तार धीमी हुई है, जो 87 हजार से घटकर 55 हजार के करीब आ गई है। वहीं, सबसे ज्यादा रोजगार निर्माण क्षेत्र में पा रहे हैं। पिछले एक साल में निर्माण कार्यों में श्रमिकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। फरवरी 2024-25 में जहां इस क्षेत्र में 1.35 लाख रजिस्ट्रेशन हुए थे, वहीं फरवरी 2025-26 में यह संख्या 2 लाख से पार हो गई है। इसका कारण सरकारी व गैर सरकारी परियोजनाओं और रियल एस्टेट में तेजी और तत्काल मजदूरी मिल जाना है। दूसरी ओर घरेलू कामगारों में भी इस वर्ष गिरावट दर्ज की गई है, जो 28 हजार से घटकर करीब 17 हजार हुई है। अन्य श्रेणियों में भी पंजीकरण 61 हजार से कम होकर 51 हजार के आसपास सिमट गया है। पंजीकरण को लेकर श्रमिकों में जागरूकता भी आई है। आंकड़ों के अनुसार अधिकांश ने खुद पंजीकरण करवाया है। इसके बाद कॉमन सर्विस सेंटर की मदद लेने वाले श्रमिक हैं। इनमें सर्वाधिक 69 प्रतिशत महिला श्रमिक हैं। जबकि 30% के करीब पुरुष हैं। 80 प्रतिशत से ज्यादा श्रमिक 18 से 40 आयु वर्ग के हैं। एक ही जगह समाधान, 14 योजनाओं का फायदा असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का फायदा दिलाने के लिए ई–श्रम पोर्टल शुरू किया गया था। इस पर अब तक राजस्थान के डेढ़ करोड़ से ज्यादा श्रमिकों ने पंजीकरण करवाया है। इसके जरिए 14 सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है। जिनमें स्ट्रीट वेंडर्स, बीमा योजना, मनरेगा, आवास योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वन नेशन वन राशन कार्ड और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि शामिल हैं।



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3.71 hectares of land has been identified, compensation has not yet been received.



आगरा–बांदीकुई रेलमार्ग पर सिंगल रेलवे लाइन के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों की लेटलतीफी और यात्रियों को हो रही असुविधा से राहत दिलाने के लिए रेलवे लाइन दोहरीकरण का कार्य शुरू किया गया है। इसके तहत नदबई क्षेत्र में जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी

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विभागीय सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में नदबई कस्बा द्वितीय हल्का सर्किल सहित कबई, महरमपुर, सैडोली और बरौलीरान पटवार सर्किल के अंतर्गत कुल 53 खसरा नंबरों की करीब 3.71 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इस भूमि के काश्तकारों को मुआवजा राशि के रूप में लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपए का भुगतान किया जाना है।

इसके लिए नदबई एसडीएम कार्यालय की ओर से रेलवे विभाग को बजट आवंटन का पत्र भी भेजा गया, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के चलते मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हो सका। इससे रेलवे को जमीन सौंपने की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई है। हालांकि, दूसरे चरण में नदबई कस्बा प्रथम एवं द्वितीय हल्का सर्किल के साथ रायसीस और महरमपुर पटवार सर्किल में चिन्हित की जाने वाली जमीन की सर्वे प्रक्रिया जारी है।

दिसंबर तक दोहरीकरण होने की उम्मीद

विभागीय सूत्रों के अनुसार, फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 987 करोड़ रुपए की लागत से आगरा–बांदीकुई के बीच लगभग 150 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्य का वर्चुअल शुभारंभ किया था। आगरा रेल मंडल के अधिकारी ईदगाह–अछनेरा (करीब 6 किमी) और विभाई–घोसराना (करीब 24 किमी) के बीच आगामी दो माह में दोहरीकरण कार्य पूर्ण होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि दो साल बाद भी करीब 120 किलोमीटर रेलखंड में कहीं भूमि अवाप्ति नहीं हो सकी है तो कहीं केवल जमीन समतलीकरण का कार्य चल रहा है। ऐसे में दिसंबर तक पूरे सेक्शन में दोहरीकरण कार्य पूरा होने की उम्मीद औपचारिक ही नजर आ रही है।

दोहरीकरण से यात्रियों को मिलेगी राहत

गौरतलब है कि आगरा–बांदीकुई रेलखंड पर प्रतिदिन करीब दो दर्जन मालगाड़ियों के साथ एक दर्जन से अधिक पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है। सिंगल रेलवे लाइन होने के कारण क्रॉसिंग के समय ट्रेनों को अलग-अलग लूप लाइन पर रोका जाता है, जिससे यात्रियों को लेटलतीफी और अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। रेलवे लाइन का दोहरीकरण पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन निर्धारित समय पर संभव हो सकेगा और यात्रियों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।

एसडीएम ने कहा- रेलवे को पत्र भेजा है

“नदबई क्षेत्र में जमीन चिन्हिृत कर अवार्ड राशि को लेकर रेलवे प्रशासन को पत्र भेज दिया। बजट उपलब्ध होने पर नियमानुसार काश्तकारों को अवार्ड राशि का भुगतान किया जाएगा। बजट मिलने के बाद चिन्हिृत जमीन को रेलवे विभाग को हैंड ओवर करने की प्रक्रिया होगी।”

-सचिन यादव, एसडीएम नदबई।

बजट की डिमांड नहीं मिल है

“दौसा व अलवर जिले में शामिल क्षेत्र की भूमि अवाप्ति को लेकर रेलवे की ओर से प्रदेश सरकार को बजट भेज दिया गया। भरतपुर जिले से भूमि अवाप्ति बजट की अभी डिमांड नही मिली। डिमांड मिलने पर रेलवे की ओर से बजट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया होगी।” -प्रशस्ति श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी आगरा रेल मंडल।



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'छोटी मजारें हम तोड़ रहे, बड़ी प्रशासन तोड़ेगा':देवभूमि काली सेना प्रमुख बोले- उत्तराखंड में 99% मजारें अवैध; हम मुकदमों से नहीं डरते




उत्तराखंड के हिंदूवादी संगठन देवभूमि काली सेना के प्रदेश प्रमुख भूपेश जोशी ने दैनिक भास्कर एप से की गई बातचीत में कहा- “छोटी अवैध मजारों पर हमारा संगठन खुद कार्रवाई कर रहा है, जबकि बड़ी मजारों को प्रशासन बुलडोजर से हटाएगा। हम सरकारी जमीन पर बनी किसी भी मजार को बख्शने वाले नहीं हैं और इस कार्रवाई में दर्ज होने वाले मुकदमों से हमें कोई डर नहीं।” उन्होंने कहा कि मुकदमे योद्धाओं के गहने होते हैं। उनका दावा है कि प्रदेश की 99 प्रतिशत मजारें अवैध हैं और उनकी संगठन बिना डर कार्रवाई करता रहेगा। उन्होंने मसूरी, देहरादून और कोटद्वार की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रशासन की भूमिका, अवैध अतिक्रमण और अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को लेकर बात की। अब सवाल जवाब में पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: उत्तराखंड में मजारों को तोड़ने और दुकानों के नाम बदलने के वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं। क्या इससे प्रदेश का माहौल तनावपूर्ण नहीं हो रहा? जवाब: अचानक कुछ नहीं हुआ है। यह सब सालों से चल रहा था, फर्क सिर्फ इतना है कि अब लोग चुप नहीं बैठ रहे। हम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन देवभूमि में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह मजार हो या कुछ और। निजी जमीन पर कोई कुछ बनाता है, वह उसका मामला है। सवाल: मसूरी और देहरादून में मजार तोड़ने की घटनाओं को लेकर कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई चोरी-छुपे की गई? जवाब: यह आरोप गलत है। मसूरी और देहरादून में जिन मजारों की बात हो रही है, वे निजी या सरकारी जमीन पर कब्जे के इरादे से बनाई गई थीं। कार्रवाई दिनदहाड़े हुई, रात के अंधेरे में नहीं। अगर मजार बनानी है तो अपने बाप-दादा की जमीन पर बनाइए, सरकारी जमीन पर नहीं। सवाल: आपका संगठन देवभूमि काली सेना महज 6 महीने पुराना है, फिर भी इतनी आक्रामक कार्रवाई क्यों? जवाब: संगठन नया है, लेकिन मैं पिछले 6-7 साल से हिंदू संगठनों से जुड़ा हूं। अवैध मजारों के खिलाफ पहले भी अभियानों में रहा हूं। अब तो गिनती भी छोड़ दी है। हम वही मजारें तोड़ते हैं जो अवैध और सरकारी जमीन पर बनी होती हैं। सवाल: वन विभाग की जमीन पर बनी मजारों के लिए आप किसे जिम्मेदार मानते हैं? जवाब: इसके लिए वन विभाग खुद जिम्मेदार है। अगर कोई गढ़वाल या कुमाऊं का लड़का विभाग की जमीन पर दुकान लगा दे, तो 10 मिनट में हटा दिया जाता है, फिर ये मजारें कैसे बन जाती हैं? इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए। सवाल: मसूरी में बाबा बुल्ले शाह की मजार को लेकर भी विवाद हुआ। आपका तर्क क्या है? जवाब: इतिहास साफ है- बाबा बुल्ले शाह की मौत पाकिस्तान में हुई थी, तो मजार भी वहीं होनी चाहिए थी। मसूरी में एक नहीं, 10-10 मजारें बना दी गईं। इसे ही हम लैंड जिहाद कहते हैं। सवाल: आपका दावा है कि ज्यादातर मजारें अवैध हैं। यह किस आधार पर कह रहे हैं? जवाब: अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं कि 99 प्रतिशत मजारें अवैध होती हैं। हमारे पास इतना वक्त नहीं कि हर बार प्रशासन को सूचना दें। छोटी मजारों पर हम खुद कार्रवाई करते हैं, बड़ी मजारों पर सरकार बुलडोजर चलाती है। सवाल: कोटद्वार में दुकानों के नाम बदलने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब: हमारा विरोध साफ है, काम करो, लेकिन अपने असली नाम से करो। बाहर लिखा होता है ‘दीपक हेयर ड्रेसर’ और अंदर काम करता है अब्दुल, यह नाम जिहाद है। भारत लोकतांत्रिक देश है, लेकिन धोखे का विरोध होगा। सवाल: आप कह चुके हैं कि अब तक 110 दुकानों के नाम बदलवाए गए हैं। इस दौरान हमले भी हुए? जवाब: हां, दो बार हमले हुए, लेकिन हम रुके नहीं। जब ‘केरल फाइल्स’ रिलीज हुई थी, तो मैंने अपने खर्चे पर 10 हजार महिलाओं को फिल्म दिखवाई थी। जो मुझे सही लगा, वो किया। सवाल: कोटद्वार की घटना में बजरंग दल की भूमिका पर आपका क्या रुख है? जवाब: बजरंग दल ने जो किया, हम उसका समर्थन करते हैं। विशेष समुदाय के लोग लैंड जिहाद, लव जिहाद, नाम जिहाद कर रहे हैं। इसका विरोध होगा और आगे भी होता रहेगा। सवाल: आप और आपके कार्यकर्ताओं पर लगातार मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। डर नहीं लगता? जवाब: बिल्कुल नहीं। मुकदमा हमारा गहना है, योद्धाओं का गहना। जो काम करेगा उसी पर केस होगा। घर बैठे आदमी पर कोई मुकदमा नहीं होता। मुझ पर भी कई केस हैं, गिनती अब याद नहीं। सवाल: आगे की रणनीति क्या है? जवाब: रणनीति एक ही है देवभूमि में अवैध अतिक्रमण नहीं चलेगा। चाहे कितने ही मुकदमे क्यों न हों, हम पीछे नहीं हटेंगे। 2 बड़े मामले, जिनसे उत्तराखंड का माहौल गरमाया… 1. कोटद्वार ‘बाबा शॉप’ नाम विवाद
26 जनवरी को कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ के नाम को लेकर विवाद शुरू हुआ। जिसमें बीते 30 वर्षों से दुकान चला मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद पर बजरंग दल से जुड़े युवकों ने नाम हटाने का दबाव बनाया। मामले में दीपक नाम का युवक दुकानदार के समर्थन में आया। जिसके बाद काफी बवाल हुआ। इस मामले में अब तक तीन FIR दर्ज हो चुकी हैं। मामला राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंचा, जहां राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। 2. मसूरी बुल्ले शाह मजार तोड़फोड़ मामला
मसूरी के बाला हिसार क्षेत्र में 24 जनवरी 2026 को सूफी कवि बाबा बुल्लेशाह के नाम से बनी एक मजार को खुद को हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता बताते हुए कुछ लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सामने आए वीडियो में कुछ लोग हथौड़े से मजार तोड़ते और जय श्री राम के नारे लगाते दिखाई दिए। यह मजार वाइनबर्ग एलन स्कूल की भूमि पर स्थित बताई गई है। सईद बाबा बुल्ले शाह समिति की शिकायत पर मसूरी कोतवाली में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। ———————– यह खबर भी पढ़ें : अंकिता भंडारी हत्याकांड- सीबीआई की अज्ञात VIP पर FIR: अफसरों का देहरादून-हरिद्वार में डेरा; फोरेंसिक सबूत-डिजिटल फुट प्रिंट से जुटाएगी सबूत अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब जांच की कमान पूरी तरह CBI के हाथों में आ गई है। CBI की दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच ने इस मामले में ‘अज्ञात VIP’ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वीआईपी एंगल की गहन जांच के लिए सीबीआई की टीम के दो सदस्य उत्तराखंड पहुंच चुके हैं, जो हरिद्वार में इस केस की जांच कर रही एसआईटी टीम से मुलाकात करेंगी और अब तक के सभी दस्तावेजों और सबूत को अपनी कस्टडी में लेगी। (पढ़ें पूरी खबर)



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