Smriti Mandhana; RCB Vs DC WPL 2026 Final LIVE Score Update


स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले

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विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का फाइनल मुकाबला आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच खेला जाएगा। मैच वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

RCB ने 2024 में पहली बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा था और अब दूसरी बार फाइनल में पहुंची है, जबकि दिल्ली कैपिटल्स लगातार चौथी बार खिताबी मुकाबले में उतर रही है और उसे अब भी अपने पहले खिताब का इंतजार है।

दोनों टीमें इससे पहले 2024 के फाइनल में आमने-सामने आई थीं, जहां RCB ने DC को 8 विकेट से हराकर फाइनल जीता था। RCB ने लीग स्टेज में पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रहते हुए सीधे फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। वहीं, DC ने एलिमिनेटर मुकाबले में गुजरात जायंट्स को 7 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

DC ने RCB के खिलाफ 66% मैच जीते

WPL 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच अब तक कुल 9 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें दिल्ली कैपिटल्स ने 6 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को सिर्फ 3 बार सफलता मिली है।

मौजूदा सीजन के लीग स्टेज में दोनों टीमें दो बार आमने-सामने आई थीं, जहां एक मुकाबले में RCB ने 8 विकेट से जीत हासिल की, जबकि दूसरे मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने 7 विकेट से बाजी मारी थी।

स्मृति को मिल सकती है ऑरेंज कैप

RCB की कप्तान स्मृति ने अब तक इस सीजन में 8 मैचों में 48.33 के औसत से कुल 290 रन बनाए हैं और वे अभी तीसरे नंबर पर हैं। इस लिस्ट में पहली पोजिशन पर मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर हैं, जिन्होंने 342 रन बनाए हैं। ऐसे में स्मृति को उन्हें पीछे छोड़ने के लिए फाइनल मैच में 53 रन और बनाने होंगे। स्मृति RCB की टॉप स्कोरर हैं। बॉलिंग में नदीन डी क्लर्क टॉप पर हैं।

नंदिनी पर्पल कैप की रेस में दूसरे नंबर पर

दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाज नंदिनी शर्मा पर्पल कैप की रेस में दूसरे नंबर पर हैं। गुजरात जायंट्स की सोफी डिवाइन 17 विकेट के साथ टॉप पर हैं। नंदनी के अभी 16 विकेट हैं और उन्हें पहली पोजिशन पर पहुंचने के लिए सिर्फ 2 विकेट और हासिल करने हैं। नंदनी DC की टॉप विकेट टेकर हैं। बैटिंग में लिजेल ली ने 9 मैचों 283 रन बनाए हैं।

वडोदरा में चेज करना आसान

वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम की पिच सीजन की शुरुआत में स्लो थी। यहां रन बनाना मुश्किल था और लो-स्कोरिंग मैच देखे गए। लेकिन पिछले कुछ मैचों से यह पिच बेहतर हो गई है और अब बल्लेबाजों को भी मदद मिल रही है।

रन आसानी से बन रहे हैं, और चेज करना आसान हो गया है। औसत पहली इनिंग स्कोर करीब 150-160 के आसपास रहा है। स्पिनर्स को अभी भी कुछ मदद मिल रही है, लेकिन बैटर्स ज्यादा फ्रीली खेल पा रहे हैं। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी कर सकती है।

बारिश की आशंका नहीं

आज वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में मौसम काफी गर्म रहने की संभावना है। तेज धूप के साथ हल्की धुंध भी देखने को मिल सकती है। न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अच्छी बात यह है कि बारिश की कोई संभावना नहीं है।

दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI

RCB: स्मृति मंधाना (कप्तान), ग्रेस हैरिस, दयालन हेमलता, नदीन डी क्लर्क, ऋचा घोष (विकेटकीपर), गौतमी नायक, लिंसी स्मिथ, श्रेयांका पाटिल, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव और लॉरेन बेल।

DC: जेमिमा रॉड्रिग्ज (कप्तान), शेफाली वर्मा, लिजेल ली (विकेटकीपर), लौरा वोल्वार्ट, मरीजन कैप, निकी प्रसाद, अलाना किंग, मिन्नू मणि, स्नेह राणा, श्री चरणी, नंदनी शर्मा।

मैच कहां देखें?

मैच का सीधा प्रसारण टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार एप पर किया जाएगा। इसके अलावा, दैनिक भास्कर एप पर भी मैच से जुड़े लाइव अपडेट्स पढ़ सकते हैं।

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शिविर में 200 से अधिक व्यक्तियों ने करवाई जांच



भास्कर न्यूज | बाड़मेर बाड़मेर में प्रथम बार बिना दवाई घुटनों, कमर, पीठ आदि के दर्द निवारण को लेकर बुधवार को एन एच -68 अहमदाबाद मार्ग स्थित वांकल धाम में वैद्यराज जिग्नेश भाई पटेल, वगतावरमल लूणिया व मुकेश बोहरा अमन की उपस्थिति में दो दिवसीय निशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर का शुभारम्भ हुआ। आयोजक वगतावरमल लूणिया ने बताया कि वर्तमान समय की भाग-दौड़ व भौतिकवादी संस्कृति में बढ़ती उम्र के साथ तमाम प्रकार की बीमारियां व शारीरिक समस्याएं व्यक्ति को जकड़ती जा रही है। ऐसे में आमजन की सेवा व राहत को लेकर दो दिवसीय निशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर गुरुवार को भी रहेगा। समाजसेवी मुकेश बोहरा अमन ने कहा कि स्वास्थ्य मनुष्य ही नहीं बल्कि सभी जीवों के लिए सर्वोच्च धन है। स्वस्थ व्यक्ति ही संसार का सबसे सुखी व्यक्ति माना जाता है। अमन ने कहा कि निरोगी काया मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा धन और सुख है। शिविर के प्रथम दिवस 200 से अधिक व्यक्तियों की जांच कर उन्हें परामर्श प्रदान किया गया। इस दौरान वगतावरमल लूणिया, गौतमचन्द सिंघवी, पारसमल गोठी, गौतमचन्द छाजेड़, भोमाराम, जगदीशचन्द छाजेड़, मदनलाल सिंघवी, चम्पालाल बोथरा, मदनलाल बोथरा, एडवोकेट दीक्षित बोथरा, राजू लूणिया, मनीष मामतोरा सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरूष उपस्थित रहे।



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ICC भारत-पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में क्यों रखती है:34 साल में 22 वर्ल्ड कप मुकाबले हुए, 28 करोड़ लोगों ने हर मैच देखा




पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया है। इसके बावजूद टीम इंडिया 15 फरवरी को कोलंबो रवाना होगी। जहां मैच खेला जाना है। टीम प्रैक्टिस भी करेगी, लेकिन मैच होगा या नहीं, इसका फैसला मैच रेफरी ही करेंगे। वर्ल्ड कप के बीच इस विवाद से भी बड़ा सवाल यह है कि पिछले 12-13 साल से भारत-पाकिस्तान को हर ICC टूर्नामेंट के एक ही ग्रुप में क्यों रखा जाता है? 1992 में पहली बार दोनों टीमें वर्ल्ड कप के स्टेज पर आमने-सामने हुईं थीं। तब से 34 साल में 9 वनडे वर्ल्ड कप, 9 टी-20 वर्ल्ड कप और 9 चैंपियंस ट्रॉफी हुईं। 27 टूर्नामेंट में 22 बार भारत-पाकिस्तान मैच हुआ। 18 में भारत और महज 4 में पाकिस्तान को जीत मिली। अक्सर इस पैटर्न को राजनीति से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं आगे जाती है। व्युअरशिप, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और टूर्नामेंट डिजाइन जैसे कई कारणों के चलते ICC भी हर बार भारत-पाकिस्तान मैच कराना चाहती है। अब 5 कारणों से समझिए … 1. एक मैच 27 से 28 करोड़ लोग देखते हैं भारत-पाकिस्तान का मुकाबला अब सिर्फ क्रिकेट नहीं रहा, यह एक ग्लोबल इवेंट बन चुका है। आंकड़े बताते हैं कि क्रिकेट इतिहास के टॉप-10 सबसे ज्यादा देखे गए मैचों में 6 भारत-पाक के ही हैं। भारत में इन मुकाबलों को औसतन 20 से 22 करोड़ लोग देखते हैं, जबकि दुनिया भर में यह आंकड़ा 27 से 28 करोड़ तक पहुंच जाता है। यही वजह है कि ICC हर बड़े टूर्नामेंट में कम से कम एक भारत-पाक मुकाबला तो शेड्यूल करने की कोशिश करती ही है। इसे एग्जाम्पल से समझिए- 2019 वनडे वर्ल्ड कप में कुल 48 मैच हुए, जिन्हें टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलाकर 70.60 करोड़ दर्शकों ने देखा, यानी प्रति मैच करीब 1.47 करोड़ दर्शक। उसी टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला सबसे अलग रहा। इस इकलौते मुकाबले को 27 करोड़ दर्शकों ने देखा, जो वर्ल्ड कप की कुल व्युअरशिप का लगभग 35% था। हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच अब तक का सबसे ज्यादा देखा गया मैच 2011 के वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल था। इसे 49.50 करोड़ लोगों ने देखा था। ICC की सोच यही रहती है कि बड़े नंबर सिर्फ फाइनल या सेमीफाइनल तक सीमित न रहें। अगर लीग स्टेज में ही हाई व्युअरशिप मिल जाए, तो टूर्नामेंट शुरुआत से ही हाई गियर में दौड़ने लगता है। इसीलिए भारत-पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा जाने लगा है।
2. ब्रॉडकास्टर्स का दबाव ICC की भारत-पाक नीति के पीछे सबसे बड़ा फैक्टर पैसा है। 2024 से 2027 के मीडिया राइट्स को ICC ने 3 बिलियन डॉलर (करीब 24 हजार करोड़ रुपए) में बेचा है। इतनी बड़ी रकम चुकाने वाले ब्रॉडकास्टर्स यह रिस्क नहीं लेना चाहते कि भारत-पाक मुकाबला सिर्फ नॉकआउट पर निर्भर रहे, जहां एक टीम के जल्दी बाहर होने से पूरा प्लान फेल हो सकता है। ग्रुप स्टेज में भारत-पाक मैच रखने से ICC और ब्रॉडकास्टर्स को हाई TRP मिलती है। इसी सोच के तहत टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भी भारत-पाकिस्तान मैच रविवार, 15 फरवरी को रखा गया। शेड्यूलिंग पूरी तरह व्युअरशिप को ध्यान में रखते हुए की गई। रविवार को ज्यादा से ज्यादा दर्शक मैच देखने के लिए जुटते हैं, जिससे व्युअरशिप तेजी से बढ़ जाती है। 3. क्रिकेट टूरिज्म से होस्ट सिटी को फायदा भारत-पाकिस्तान मैच का मतलब होता है हाउसफुल स्टेडियम। टिकट की डिमांड इतनी ज्यादा रहती है कि इस मुकाबले के टिकट कई बार फाइनल के टिकट से भी महंगे बिकते हैं। इसके बावजूद फैंस बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंच जाते हैं। ब्रॉडकास्टिंग राइट्स, विज्ञापन और डिजिटल व्युअरशिप हर पैमाने पर भारत-पाक मुकाबला बाकी मैचों से आगे रहता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कई बार एक अकेला भारत-पाक मैच पूरे टूर्नामेंट के रेवेन्यू ग्राफ को ऊपर खींच देता है। इस कमाई का क्रिकेट टूरिज्म के रूप में होस्ट सिटी को सीधा फायदा मिलता है। भारत और पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से फैंस उस शहर में पहुंचते हैं, जहां यह मैच खेला जाता है। इसका बड़ा उदाहरण 2015 का वर्ल्ड कप मुकाबला है, जो मेलबर्न में खेला गया था। सिर्फ इस मैच के लिए करीब 30 हजार भारतीय और पाकिस्तानी फैंस मेलबर्न पहुंच गए थे। नतीजा- होटल बुकिंग फुल, फ्लाइट्स महंगी, लोकल ट्रांसपोर्ट, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों की चांदी। 4. इमोशंस जो मैच को मस्ट वॉच बना देते हैं भारत-पाकिस्तान मुकाबले को खास बनाने वाली सबसे बड़ी ताकत उसका इमोशनल कनेक्शन है। 1992 वर्ल्ड कप में जावेद मियांदाद का किरण मोरे की नकल करना हो या 1996 वर्ल्ड कप में वेंकटेश प्रसाद का आमिर सोहेल को आउट करने के बाद सेंडऑफ, ऐसे सीन इस राइवलरी की पहचान बन चुके हैं। इस इमोशनल एंगेजमेंट का सीधा फायदा ICC को मिलता है। स्पॉन्सरशिप और ग्लोबल अटेंशन के चलते भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ क्रिकेट का खेल नहीं, बल्कि कमाई और क्रेज दोनों के लिहाज से सबसे बड़ा मस्ट वॉच इवेंट बन जाता है। 5. क्रिकेट का एल क्लासिको जैसे फुटबॉल में रियल मैड्रिड-बार्सिलोना या ब्राजील-अर्जेंटीना की राइवलरी दुनिया भर में एक अलग पहचान रखती है, वैसे ही क्रिकेट में भारत-पाकिस्तान मुकाबला भी एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है। इसलिए शेड्यूल चाहे जैसा हो, भारत-पाकिस्तान की टक्कर को बाहर रखना अब लगभग नामुमकिन हो चुका है। भारत-पाक मैच से जुड़े 3 फैक्ट्स… 1. 2012 के बाद हर ICC इवेंट में भारत-पाक मैच 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट बंद हो गया। हालात कुछ बेहतर होने पर 2012 में पाकिस्तान टीम आखिरी बार भारत दौरे पर आई, लेकिन उसके बाद से दोनों देशों के बीच कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं हो सकी। नतीजा यह रहा कि भारत और पाकिस्तान की टक्कर अब सिर्फ मल्टीनेशन टूर्नामेंट्स तक सीमित रह गई। इस मजबूरी को ICC ने धीरे-धीरे कमर्शियल अवसर में बदल दिया। 2011 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें अलग-अलग ग्रुप में थीं, लेकिन सेमीफाइनल में आमने-सामने आ गईं। इसके बाद लगभग हर बड़े ICC टूर्नामेंट में किसी न किसी स्टेज पर भारत-पाक मुकाबला देखने को मिला। 2012 के बाद से अब तक ICC इवेंट्स में भारत और पाकिस्तान 12 बार भिड़ चुके हैं। इन मुकाबलों में भारत का दबदबा रहा। टीम ने 10 मैच जीते, जबकि पाकिस्तान सिर्फ 2 बार जीत पाया। हालांकि, इनमें एक 2017 चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल भी रहा। 2. 34 साल में 22 ICC मुकाबले ICC टूर्नामेंट्स में भारत-पाकिस्तान की पहली भिड़ंत 1992 वनडे वर्ल्ड कप में हुई थी। इसके बाद पिछले 34 सालों में ICC के तीन बड़े इवेंट्स वनडे वर्ल्ड कप, टी-20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी को मिलाकर दोनों टीमें 22 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। हालिया टक्कर 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में हुई, जहां भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया था। 3. पहलगाम हमले के बाद भी पैटर्न नहीं बदला पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और इसका असर स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी पर भी दिखा। BCCI ने औपचारिक तौर पर आपत्ति दर्ज कराई कि भविष्य के ICC टूर्नामेंट्स में भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में न रखा जाए। इसके बावजूद हालात में कोई बदलाव नहीं हुआ। एशिया कप के दौरान तर्क दिया गया कि टूर्नामेंट ACC के तहत होता है, इसलिए ग्रुपिंग में बदलाव संभव नहीं है। इसके बाद टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भी वहीं पुराना पैटर्न देखने को मिला, जहां भारत और पाकिस्तान को फिर एक ही ग्रुप में रखा गया। एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और ACC प्रमुख मोहसिन नकवी ने टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं दी, जिससे आयोजन पर भी सवाल उठे। इस पूरे एशिया कप में भारतीय टीम ने पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ भी नहीं मिलाया था।



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खबर हटके- चुनाव जीतने के लिए बेटी की जान ली:19 साल तक खुद को लड़की समझता रहा लड़का; पेड़ों से गिर रही छिपकलियां




सरपंच का चुनाव लड़ने की चाह में एक पिता ने अपनी ही बेटी की जान ले ली। वहीं, अमेरिका में एक शख्स 19 साल तक खुद को लड़की समझता रहा। उधर, ठंड बढ़ते ही पेड़ों से छिपकलियां गिरने लगीं। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… ************* रिसर्च सहयोग: किशन कुमार खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…



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Abhishek Bachchan Birthday Interesting Facts; Aishwarya Rai | Will Smith


6 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय

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अभिषेक बच्चन ने फिल्म ‘ब्लफ़मास्टर’ के मशहूर गाने ‘राइट हियर राइट नाउ’ में प्लेबैक सिंगिंग भी की है। - Dainik Bhaskar

अभिषेक बच्चन ने फिल्म ‘ब्लफ़मास्टर’ के मशहूर गाने ‘राइट हियर राइट नाउ’ में प्लेबैक सिंगिंग भी की है।

एक्टर अभिषेक बच्चन आज अपना 50वां बर्थडे मना रहे हैं। अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के घर जन्मे अभिषेक की पहचान सिर्फ एक सुपरस्टार के बेटे तक सीमित नहीं रही। उम्मीदों, असफलताओं, आलोचनाओं और फिर सफलता के चक्र से गुजरते हुए उन्होंने अपनी खुद की पहचान बनाई और युवा, धूम, गुरु जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीता।

अभिषेक ने मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश और जमनाबाई नरसी स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित मॉडर्न स्कूल और फिर स्विट्जरलैंड के ऐग्लॉन कॉलेज में शिक्षा हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए वह बोस्टन यूनिवर्सिटी पहुंचे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पिता की कंपनी अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड (ABCL) के दिवालिया होने पर मुश्किल वक्त में परिवार का साथ देने के लिए उन्होंने डिग्री पूरी होने से पहले ही कॉलेज छोड़ दिया और भारत लौट आए।

अवॉर्ड फंक्शन में बहन की शादी की शेरवानी पहनी थी

गलगाटा प्लस मेगा हिंदी राउंडटेबल 2023 में अभिषेक ने बताया था कि एक अवॉर्ड फंक्शन में मजबूरी में वह अपनी बहन की शादी में पहनी गई शेरवानी पहनकर पहुंचे थे, क्योंकि उस कठिन दौर में उनके पास नए कपड़े खरीदने तक के पैसे नहीं थे।

अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की बेटी तथा अभिषेक बच्चन की बड़ी बहन का नाम श्वेता बच्चन नंदा है।

अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की बेटी तथा अभिषेक बच्चन की बड़ी बहन का नाम श्वेता बच्चन नंदा है।

सेट साफ किया, फर्श पोंछा

कॉलेज छोड़ने के बाद अभिषेक ने ABCL में काम शुरू किया। वहां वह ऑफिस के रिसेप्शन पर बैठते थे, रजिस्टर संभालते थे और आने-जाने वाले हर व्यक्ति से साइन करवाते थे। इसके बाद उन्होंने प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में भी काम किया। वहां वह एक तरह से प्रोडक्शन बॉय बन गए।

अभिषेक ने मैशेबल इंडिया को दिए इंटरव्यू बताया था कि इस दौरान उन्होंने चाय बनाई, शूटिंग शुरू होने से पहले सेट की सफाई की, फर्श साफ किया, लाइट्स उठाईं और ट्रॉली तक धकेली। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग की ओर कदम बढ़ाया।

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के बेटे होने के कारण अभिषेक से लोगों की उम्मीदें शुरू से ही काफी ज्यादा रही हैं। दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री को उनसे भी वैसी ही दमदार एक्टिंग और वैसा ही शानदार काम देखने की उम्मीद थी, जिसका प्रेशर भी करियर की शुरुआत में अभिषेक पर था।

अभिषेक बच्चन को बचपन में डिस्लेक्सिया (सीखने की बीमारी) थी, जिसका जिक्र फिल्म तारे जमीन पर में भी किया गया है।

अभिषेक बच्चन को बचपन में डिस्लेक्सिया (सीखने की बीमारी) थी, जिसका जिक्र फिल्म तारे जमीन पर में भी किया गया है।

मैशेबल इंडिया को दिए इंटरव्यू में जब उनसे सवाल पूछा गया था कि जब आपके पिता एक ओवरअचीवर रहे हैं, तो क्या उनकी तरह कुछ नया और बड़ा कर दिखाने का प्रेशर आप पर भी रहता है, तो इस पर अभिषेक ने कहा था कि करियर की शुरुआत में यह प्रेशर जरूर था। उन्होंने माना था कि तब उनके मन में अक्सर यह ख्याल आता था कि लोग क्या कहेंगे और क्या सोचेंगे।

एक्टर ने बताया था कि जब वह अपनी पहली फिल्म रिफ्यूजी की शूटिंग कर रहे थे और अपना पहला ही शॉट देने वाले थे, तो उस दिन शूटिंग देखने के लिए काफी लोग जमा हो गए थे। सबको यह जानने की उत्सुकता थी कि अमिताभ बच्चन का बेटा कैमरे के सामने कैसा प्रदर्शन करता है। आसपास के गांवों से लेकर पूरी स्टारकास्ट तक, सभी लोग यह देखने आए थे कि अभिषेक अपने पहले शॉट में क्या करते हैं?

अभिषेक बच्चन ने साल 2000 में जे.पी. दत्ता की फिल्म रिफ्यूजी में करीना कपूर के अपोजिट काम किया था।

अभिषेक बच्चन ने साल 2000 में जे.पी. दत्ता की फिल्म रिफ्यूजी में करीना कपूर के अपोजिट काम किया था।

अभिषेक ने बताया था कि उस सीन में उन्हें मटके से पानी निकालकर जरी कैन में डालना था, लेकिन माहौल का प्रेशर इतना ज्यादा था कि वह पूरी तरह घबरा गए। घबराहट में उनसे कई मटके टूट गए और वह लगातार यही सोचते रहे कि वह कितना खराब काम कर रहे हैं। उनके मन में डर बैठ गया था कि लोग होटल लौटकर उनके पिता को फोन करेंगे और कहेंगे कि उन्हें फिल्म से हटा दिया जाए।

उस वक्त उन्हें लगा था कि वह सबको निराश करेंगे, लेकिन उस समय फिल्म के डायरेक्टर जेपी दत्ता उनके लिए सहारा बनकर खड़े रहे। अभिषेक ने कहा था कि जेपी दत्ता ने पूरे सीन के दौरान उनका हाथ थामे रखा, उन्हें सहज महसूस कराया और वही शॉट निकलवाया जो वह चाहते थे।

अभिषेक की पहली फिल्म रिफ्यूजी एवरेज रही, लेकिन उनकी एक्टिंग को सराहा गया था। इसके बाद उन्होंने लगातार कई फिल्में कीं, लेकिन ज्यादातर बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। उनकी तेरा जादू चल गया, ढाई अक्षर प्रेम के, बस इतना सा ख्वाब है, शरारत, हां मैंने भी प्यार किया, ओम जय जगदीश, मुंबई से आया मेरा दोस्त और कुछ ना कहो जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाईं।

महिला ने गुस्से में थप्पड़ मार दिया था

एक बार अभिषेक की एक्टिंग से निराश एक महिला ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था। साल 2018 में अभिषेक ने जागरण फिल्म समिट में इसके बारे में बताया था।

दरअसल, यह घटना साल 2002 की है, जब उनकी फिल्म शरारत रिलीज हुई थी। वह फिल्म देखने के लिए मुंबई के गैटी-गैलेक्सी थिएटर पहुंचे थे। जब वह थिएटर से बाहर निकल रहे थे, तभी एक महिला उनके पास आई और बिना कुछ कहे उन्हें थप्पड़ मार दिया था। उस महिला ने गुस्से में कहा, ‘तुम अपने परिवार के नाम को बदनाम कर रहे हो, एक्टिंग छोड़ दो।

2002 की फिल्म शरारत में अभिषेक बच्चन ने राहुल खन्ना का किरदार निभाया था।

2002 की फिल्म शरारत में अभिषेक बच्चन ने राहुल खन्ना का किरदार निभाया था।

घर से निकलने में भी शर्म आती थी

वहीं, साल 2010 में BAFTA को दिए इंटव्यू में अभिषेक ने बताया था कि जब उनकी कई शुरुआती फिल्में नहीं चलीं, इससे वह काफी निराश हो गए थे। उन्होंने कहा था कि जब हर हफ्ते सार्वजनिक तौर पर आलोचना झेलनी पड़े, तो इंसान अंदर से टूटने लगता है। बार-बार यह महसूस कराया जाए कि आप काफी अच्छे नहीं हैं, तो धीरे-धीरे वही बात सच लगने लगती है। आत्मविश्वास इतना गिर जाता है कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें भी मुश्किल लगने लगती हैं। हालात ऐसे हो जाते हैं कि घर से बाहर निकलने में भी शर्म महसूस होती है। लोगों की नजरों और बातों से डर लगने लगता है।

अभिषेक ने बताया था कि भारतीय दर्शक बहुत खुलकर अपनी राय रखते हैं। वह चाहे तारीफ हो या आलोचना-सीधे दिल तक पहुंचती है। यही वजह थी कि एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने खुद से सवाल करना शुरू कर दिया कि क्या उन्हें सच में उन्हें एक्टिंग करनी चाहिए।

उन्होंने कहा था कि उस दौर में वह कुछ सीख भी नहीं पा रहे थे। फिर एक दिन उन्हें लगा कि यह तरस भी बेकार है और शायद वह वाकई नाकाबिल हैं।

अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन ने बंटी और बबली, सरकार, कभी अलविदा ना कहना और पा जैसी फिल्मों में साथ काम किया है।

अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन ने बंटी और बबली, सरकार, कभी अलविदा ना कहना और पा जैसी फिल्मों में साथ काम किया है।

इसी टूटे मन के साथ वह अपने पिता अमिताभ बच्चन के पास गए और कहा था, “मुझे लगता है मैंने गलती कर दी। मैंने हर तरह की फिल्म की, बड़े-बड़े निर्देशकों के साथ काम किया, लेकिन सबको असफलता ही दी।”

इस पर अमिताभ बच्चन ने उनसे कहा था, “मैंने तुम्हें हार मानने के लिए नहीं पाला है। मैंने तुम्हें लड़ना सिखाया है। तुममें काबिलियत है। हर फिल्म के साथ तुम बेहतर हो रहे हो। अभी मंजिल दूर है, लेकिन काम करते रहो। कैमरे के सामने जितना हो सके उतना वक्त बिताओ।”

अभिषेक के लिए यही शब्द ताकत बन गए। कुछ समय बाद जब फिल्म युवा आई, तो उस फिल्म ने उन्हें यह भरोसा दिया कि वह अभी मंजिल पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन सही दिशा में चल जरूर पड़े हैं। फिल्म युवा में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्हें पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

युवा के बाद धूम, सरकार, कभी अलविदा ना कहना, बंटी और बबली, गुरु जैसी फिल्मों ने उन्हें खास पहचान दिलाई। साल 2004, 2005 और 2006 में उन्होंने लगातार तीन बार बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता।

विल स्मिथ का रिकॉर्ड तोड़ा था

बता दें कि अभिषेक के नाम हॉलीवुड एक्टर विल स्मिथ के नाम दर्ज गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने का भी रिकॉर्ड है। दरअसल, अभिषेक के नाम 12 घंटे में सबसे ज्यादा पब्लिक अपीयरेंस करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने यह रिकॉर्ड विल स्मिथ को पीछे छोड़ते हुए बनाया था। स्मिथ ने साल 2004 में अपनी फिल्म आई, रोबोट के प्रमोशन के दौरान 2 घंटे में 3 पब्लिक अपीयरेंस की थीं।

वहीं, अभिषेक बच्चन ने 22 फरवरी 2009 को अपनी फिल्म दिल्ली-6 के प्रमोशन के दौरान सिर्फ 12 घंटे में गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़ और मुंबई समेत 7 शहरों में अलग-अलग प्रमोशनल इवेंट्स में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने करीब 1,800 किलोमीटर का सफर किया, जिसमें ज्यादातर यात्रा प्राइवेट जेट और कार से की गई।

ओटीटी ने करियर को नई दिशा दी

हाल ही के कुछ सालों में ओटीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्मों ने अभिषेक के करियर को नई दिशा दी है। खुद अभिषेक भी मजाकिया अंदाज में खुद को ‘ओटीटी का बच्चन’ कह चुके हैं। उन्होंने डिजिटल दुनिया में कदम वेब सीरीज ब्रीद: इंटू द शैडोज से रखा था। इसमें एक पिता और ग्रे शेड वाले किरदार अविनाश सभरवाल के रूप में उनकी एक्टिंग स्किल्स को दर्शकों ने खूब पसंद किया।

इसके बाद अनुराग बसु की फिल्म लूडो में अभिषेक का बिट्टू वाला किरदार दर्शकों को उनकी फिल्म युवा की याद दिला गया। इस रोल के लिए भी उनकी एक्टिंग की तारीफ हुई। वहीं फिल्म दसवीं में एक अनपढ़ नेता गंगा राम चौधरी के किरदार ने उनके ओटीटी करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म के लिए अभिषेक को फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड (बेस्ट एक्टर ) भी मिला और यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर टॉप ट्रेंड्स में शामिल रही।

इसके अलावा फिल्म बॉब बिस्वास में भी अभिषेक की एक्टिंग को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला। हालिया प्रोजेक्ट्स की बात करें तो फिल्म बी हैप्पी (2025) में उनकी परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ हुई। यह फिल्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज के बाद नंबर वन पर ट्रेंड कर चुकी है।

जीनत से शादी की बात कही थी

सिमी गरेवाल के शो में जब सिमी ने अभिषेक से पूछा था कि उन्हें पहली बार प्यार कब हुआ था, तो अभिषेक ने बताया था कि वह उस समय 6 साल के थे। एक्टर ने यह भी कहा था कि वह एक्ट्रेस जीनत अमान की फिल्मों के दीवाने थे। उन्होंने बताया कि जीनत अमान और उनके पिता की साथ में की गई कई फिल्में उन्होंने देखी थीं और तभी से वह उन्हें बेहद पसंद करने लगे थे।

अमिताभ बच्चन और जीनत अमान ने डॉन, लावारिस, द ग्रेट गैम्बलर, दोस्ताना जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया।

अमिताभ बच्चन और जीनत अमान ने डॉन, लावारिस, द ग्रेट गैम्बलर, दोस्ताना जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया।

अभिषेक ने यह भी बताया था कि बचपन में उन्होंने जीनत अमान से एक बार शादी करने तक की बात कह दी थी, लेकिन वह इतने छोटे थे कि ज़ीनत ने उन्हें बस एक शरारती बच्चे की तरह नजरअंदाज कर दिया।

इस पर सिमी ने एक दिलचस्प बात शेयर की थी। उन्होंने बताया था कि उन्होंने जीनत अमान से एक रात पहले ही बात की थी। एक्ट्रेस ने कहा कि अभिषेक बहुत शांत और शर्मीले बच्चे थे, लेकिन उनकी आंखें बेहद बड़ी और भावनाओं से भरी हुई थीं। जीनत ने यह भी कहा था कि जब भी वह आसपास होती थीं, अभिषेक अक्सर अपनी मां जया बच्चन के पीछे छिप जाया करते थे और वहीं से उन्हें चुपचाप देखा करते थे।

अभिषेक ने मुस्कुराते हुए माना था कि वह सच में बहुत शर्मीले थे। उन्होंने कहा कि जब लोग उनका मजाक उड़ाते थे, तो उनकी मां कहती थीं कि वह जीनत अमान को बहुत मानते हैं, इसलिए शर्माते हैं।

अभिषेक और ऐश्वर्या की लव स्टोरी

अभिषेक और ऐश्वर्या की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की पहली मुलाकात साल 2000 में फिल्म ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ के सेट पर हुई थी। इसके बाद दोनों ने कुछ ना कहो, उमराव जान और धूम 2 जैसी फिल्मों में साथ काम किया।

वहीं, अभिषेक ने फिल्म गुरु के प्रीमियर के दौरान ऐश्वर्या को शादी के लिए प्रपोज किया था। जनवरी 2007 में न्यूयॉर्क की एक बेहद ठंडी बालकनी में उन्होंने ऐश्वर्या से शादी के लिए पूछा। खास बात यह थी कि जिस अंगूठी से उन्होंने प्रपोज किया था, वह कोई महंगी हीरे की अंगूठी नहीं थी।

दरअसल, वह अंगूठी फिल्म गुरु के सेट की एक प्रॉप रिंग थी। प्रॉप रिंग का मतलब होता है शूटिंग में इस्तेमाल की जाने वाली नकली अंगूठी। यही वही अंगूठी थी, जिसका इस्तेमाल उन्होंने फिल्म गुरु में भी किया था।

अभिषेक और ऐश्वर्या की बेटी आराध्या का जन्म 16 नवंबर 2011 को हुआ।

अभिषेक और ऐश्वर्या की बेटी आराध्या का जन्म 16 नवंबर 2011 को हुआ।

ऐश्वर्या के प्यार में पूरी तरह डूबे अभिषेक ने टोरंटो में गुरु के प्रीमियर से लौटने के बाद अचानक ही उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया और ऐश्वर्या ने बिना देर किए हां कह दी। इसके बाद 20 अप्रैल 2007 को अभिषेक और ऐश्वर्या पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शादी के बंधन में बंधे।

अभिषेक बच्चन के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स

साल 2026 की बात करें तो इस साल अभिषेक रितेश देशमुख द्वारा निर्देशित ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म राजा शिवाजी में एक महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। यह फिल्म 1 मई 2026 (महाराष्ट्र दिवस) को रिलीज होगी।

इसके अलावा फिल्म किंग में विलेन के तौर पर नजर आएंगे, जिसमें शाहरुख खान लीड रोल में हैं। यह फिल्म साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। इसमें शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान भी पहली बार उनके साथ काम करती नजर आएंगी। यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को क्रिसमस के मौके पर रिलीज होगी।

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प्रीति जिंटा@51; अखबार से मिली पिता की मौत की खबर: अंडरवर्ल्ड डॉन के खिलाफ गवाही देने वाली इकलौती सेलिब्रिटी, मुफ्त के ₹600 करोड़ ठुकराए

फिल्म ‘दिल से’ से करियर की शुरुआत करने वाली प्रीति ने दिल चाहता है, कल हो ना हो, कोई… मिल गया, वीर-जारा और कभी अलविदा ना कहना जैसी कई फिल्मों में काम किया। प्रीति का जन्म एक राजपूत परिवार में हुआ। उनके पिता दुर्गानंद जिंटा भारतीय सेना में अधिकारी थे। पूरी खबर पढ़ें….

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शब्बे बारात के मौके पर खुदा की बारगाह में सज्दा-ए-अकीदत पेश कर गुनाहों से तौबा की



शब्बे-बारात के मुबारक मौके पर शहर की जामा मस्जिद में अकीदत, इबादत और रूहानियत का अनूठा नजारा देखने को मिला। इस पाक रात में हजारों की तादाद में मोमीन भाईयों ने शिरकत कर खुदा की बारगाह में सज्दा-ए-अकीदत पेश किया। मस्जिद परिसर में देर शाम से ही रोजेदारों और नमा​िजयों का आना-जाना शुरू हो गया। मोमीन भाईयों ने शब्बे-बारात की रात को खास अहमियत देते हुए देर रात तक नफील नमाजें अदा की और कुरआन की तिलावत में मशगूल रहे। इस दौरान मुल्क की खुशहाली, अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे, समाज में मोहब्बत और इंसानियत के लिए खास दुआएं की गई। पूरी मस्जिद या अल्लाह की सदाओं से गूंज उठी। कार्यक्रम में गुजरात के कांडला पोर्ट के मुख्य मुकर्रर मौलाना सिद्दीक सिद्दीकी ने शब्बे-बारात के फजाइल और महत्व पर विस्तार से रोशनी डालते हुए शब्ब ए बारात को तकदीर बदलने वाली रात बताया। मौलाना सिद्दीकी ने कहा कि शब्बे-बारात रहमत, मगफिरत और निजात की रात है, जिसमें अल्लाह तआला अपने बंदों की दुआएं कुबूल फरमाता है। उन्होंने लोगों से गुनाहों से तौबा कर नेक अमल की राह पर चलने की अपील की। इस अवसर पर जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी लाल मोहम्मद सिद्दीकी ने नात-ए-पाक पेश कर मोमीनों के दिलों को छू लिया और माहौल को और भी खुशनुमा व रूहानी बना दिया। नात के दौरान बड़ी संख्या में लोग झूमते हुए नजर आए। कार्यक्रम में मौलाना मुख्तियार अशफाकी, मौलाना उर्स सिद्दीकी, मौलाना निजामुद्दीन, मौलाना आमीन, दावते इस्लामी के बरकत अली व मोजीन कारी अलीम ने शब्बे-बारात की फजीलत पर अपने बयानात पेश कर इस्लाम में इबादत, सब्र, तकवा और इंसानियत की अहमियत पर जोर दिया। इस दौरान दौरान मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर हाजी गुलामनबी तेली, नायब सदर मुख्तियार नियारगर, सचिव अबरार मोहम्मद व खजांची मोहम्मद इलियास तेली ने शब्ब ए बारात की मोमीन भाईयों को मुबारकबाद पेश की। इस दौरान मुस्लिम इंतजामिया कमेटी की ओर से कांडला पोर्ट गुजरात से आए मुख्य मुकर्रर मौलाना सिद्दीकी सहित स्थानीय उलेमाओं का गुलपोशी कर सम्मान बहुमान किया। इस दौरान कमेटी के सदर हाजी गुलामनबी तेली, पूर्व सदर हाजी असलम खान तंवर, नायब सदर मुख्तियार नियारगर, सचिव अबरार मोहम्मद, खजांची मोहम्मद इलियास तेली, पूर्व प्रचार मंत्री शाह मोहम्मद सिपाही, जाकिर हुसैन, हाजी अयूब तेली, हाजी यासीन राठौड़, हाजी अल्फाज लोहार, बच्चू खान कुम्हार, मास्टर बहादुर अली शीपा मौजूद रहे।



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दौसा शहर में गर्मी से पहले लगेंगे 20 ट्रांसफार्मर



भास्कर संवाददाता | दौसा जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से गर्मी से पहले दौसा शहर में 20 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। ये ट्रांसफार्मर लगने के बाद शहर में कम वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या नहीं रहेगी। निगम की ओर से आरडीएसएस योजना के तहत 10 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही बिजली सिस्टम सुधार के तहत 10 ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव है। गर्मी के दिनों में कई कॉलोनियों में बिजली वोल्टेज की समस्या को देखते हुए निगम की ओर से नए ट्रांसफार्मर लगाने के लिए जगह चिह्नित की है। जिन कॉलोनियों में कम वोल्टेज की समस्या है, वहां भी नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। ट्रांसफार्मर लगाने से बिजली लाइनें छोटी हो जाएंगी। इससे इन कॉलोनियों में बार-बार ट्रिपिंग की समस्या नहीं रहेगी। अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने से फाल्ट आने पर कम एरिया की ही बिजली बंद रह सकेगी। गौरतलब है कि ट्रांसफार्मरों पर लोड होने से आए दिन फाल्ट की समस्या रहती है। अब नए ट्रांसफार्मर रखने से गर्मी में समस्या से राहत मिल सकेगी। पुनीत अग्रवाल, एईएन, जयपुर डिस्कॉम दौसा ने बताया कि शहर में 40 ट्रांसफार्मर लगा दिए। अब गर्मी से पहले 20 ट्रांसफार्मर और लगाए जाएंगे। ये ट्रांसफार मार्च तक लगा दिए जाएंगे। इससे इन कॉलोनियों में अच्छे वोल्टेज मिल सकेंगे। इन कॉलोनियों में लगाए जाएंगे ट्रांसफार्मर : जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से ट्रांसफार्मरों पर लोड को देखते हुए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने के लिए जगह चिह्नित की है। शहर में आगरा रोड प्रथम फीडर में बीचलवास रोड, सवाईभोज नगर, गिरिराज मंदिर के समीप, आगरा रोड द्वितीय फीडर में करणी नगर, सूरजपुरा रोड, गिरिराज कृपा नगर, सत्कार कॉलोनी, सोमनाथ नगर, फलसा वाले बालाजी के समीप, अशोक नगर विस्तार में ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।



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शिविर में 65 प्रकरण निस्तारित




पेंशनर्स की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर कोषाधिकारी कार्यालय में पेंशनर समस्या समाधान शिविर लगाया गया। अतिरिक्त निदेशक पूनम मेहता की मौजूदगी में कुल 65 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इनमें 57 प्रकरण नाम एवं जन्म तिथि संशोधन से संबंधित थे, जबकि 8 प्रकरणों का त्वरित समाधान किया गया। इसके अलावा 15 प्रकरण काल्पनिक वेतन वृद्धि से जुड़े रहे, जिनका शीघ्र समाधान किए जाने का आश्वासन दिया गया। जिलाध्यक्ष घनश्याम दुबे के नेतृत्व में अतिरिक्त निदेशक का स्वागत कर आभार जताया गया। लंबित एरियर और 30 जून की अतिरिक्त वेतन वृद्धि से संबंधित प्रकरणों पर भी चर्चा की गई। पेंशनर मंच के कार्यकारी अध्यक्ष बृजसुंदर शर्मा, उपसभाध्यक्ष गोपाललाल मेघवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र चतुर्वेदी ने सहयोग किया। महामंत्री शंभूदयाल मेहरा ने बताया कि जिले में अभी भी 619 पेंशनर्स ने जीवित प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए हैं। समय पर प्रमाण पत्र अपडेट नहीं कराने पर आगामी माह में पेंशन रोकी जा सकती है। शिविर में सभाध्यक्ष रामनिवास मीणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामप्रसाद बैरवा, उपाध्यक्ष छोटूलाल बैरवा और प्रदेश संयुक्त मंत्री रविशंकर गौतम भी शामिल रहे।



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पंचारिया दल ने दी भोपाल में प्रस्तुति



भास्कर न्यूज | बाड़मेर भोपाल मध्यप्रदेश में आयोजित लोकरंग महोत्सव में बाड़मेर के सांस्कृतिक दल जगदीश पंचारिया एंड पार्टी के कलाकारों की ओर से लोक नृत्य भवाई,चरी, घूमर की प्रस्तुति दी गई। रविन्द्र मंच पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, आन्ध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों व सूफी गायकों ने प्रस्तुतियां दी।



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भामाशाह ने स्कूल में इन्वर्टर, टीवी व फर्नीचर भेंट किया




कस्बे में मंगलवार को नीम की ढाणी पाबूथल में राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय में भामाशाह समान कार्यक्रम का आयोजन रखा गया इस दौरान विद्यालय में सीसीटीवी कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक बेल, छात्रों की बैठक के लिए टेबल स्टूल, इनवर्टर, एलईडी टीवी, रसोई के लिए पानी की टंकी, म्यूजिक साउंड सिस्टम आदि भेंट किया गया इस दौरान अध्यापक बजरंग लाल, अध्यापक हनुमान राम, विद्यालय की पूर्व अध्यापिका अलका हटीला, निहालचंद, युवा क्लब टीम आदि भामाशाह का सम्मान और उपकरणों का उद्घाटन समारोह रखा गया, जिसमें मुख्य अतिथि सीबीईओ अनीता बागड़ी, बासनी प्रधानाचार्य राधेश्याम पीईईओ अब्दुल रहमान डायट प्रिंसिपल मनोहर लाल ने समारोह की अध्यक्षता की। विद्यालय के हेड टीचर पूनम चंद, इमरान मौजूद रहे।



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