Celina jately gets help from delhi high court, order foreign ministry to help his brother major vikrant who is jail in UAE for 16 months
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18 मिनट पहले
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बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली के भाई रिटायर्ड मेजर विक्रांत जटली सितंबर 2024 से UAE की हिरासत में हैं। उनकी हिरासत के 16 महीने बीत चुके हैं और एक्ट्रेस लगातार भाई की रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को हुई सुनवाई में विदेश मंत्रालय को आदेश दिया है कि वो जल्द ही एक फर्म बनाकर मेजर विक्रांत जेटली की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें कानूनी सहायता दें।
सेलिना जेटनी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी देते हुए लिखा है, आज दिल्ली हाई कोर्ट ने एक सैनिक के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया। कई महीनों की लगातार कोशिशों के बाद, मैंने अपने भाई मेजर विक्रांत कुमार जैटली (रिटायर्ड) के लिए वकीलों की व्यवस्था कर ली है, जो पिछले 16 महीनों से यूएई में हिरासत में हैं।

एक्ट्रेस ने पोस्ट के जरिए बताया है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि भारत सरकार का विदेश मंत्रालय ऐसी व्यवस्था करे जिससे हिरासत में रह रहे एक्ट्रेस के भाई विक्रांत जेटली की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनसे संपर्क हो।

कोर्ट के आदेश के बाद UAE की बड़ी लीगल फर्म खालिद अलमर्री एंड पार्टनर्स एडवोकेट्स को रिटायर्ड मेजर विक्रांत का केस हैंडल करने लिए हायर किया गया है। ये फर्म बिना फीस लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली के अधिकारों के लिए काम करेगी।
सेलिना जेटली ने इसकी जानकारी देने के साथ-साथ विदेश मंत्रालय को धन्यवाद कहा है, विदेश मंत्रालय के मजबूत सहयोग के साथ, मुझे पूरा भरोसा है कि हम अपने उस सैनिक को वापस लाएंगे जिसने अपनी पूरी जवानी देश की सेवा में लगा दी।

16 महीनों से हिरासत में हैं सेलिना के भाई
सेलिना जेटली के भाई मेजर विक्रांत जेटली रिटायरमेंट के बाद साल 2016 से दुबई में रह रहे थे। सितंबर 2024 में उन्हें नेशनल सिक्योरिटी केस में UAE सिक्योरिटी टीम द्वारा हिरासत में लिया गया था। इसके बाद से ही उनका परिवार से संपर्क टूट गया था। सेलिना जेटली ने भाई की रिहाई के लिए कानूनी सहायता ली, लेकिन दूसरे देश के कानून के तहत वो भारत में रहते हुए भाई की मदद नहीं कर सकीं। जब लंबी कोशिश के बावजूद उनका भाई से संपर्क नहीं हो सका, तो उन्होंने याचिका दायर कर विदेश मंत्रालय से मदद मांगी थी।


