'33% से ज्यादा फसल खराबा, फिर भी मुआवजा नहीं':देवासी बोले-अफसर वसूली कर रहे, निवेश करने आए प्रवासी कागज लेकर भटक रहे




विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने कहा कि इसमें किसी भी तरह का स्पष्ट रोडमैप नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले अभिभाषण में जो रोडमैप बताया गया था, उसका भी अब तक सही तरीके से इंप्लीमेंटेशन नहीं हो पाया है। सरकार ने मौजूदा अभिभाषण में राइजिंग राजस्थान और प्रवासी राजस्थान दिवस मनाने की बात तो कही है, लेकिन इससे जुड़े ठोस कदम नजर नहीं आते। देवासी ने कहा कि अगर प्रवास में रहकर बर्तन, स्टील, मोबाइल जैसे व्यापार करने वाले उद्यमियों को नहीं बुलाया जाएगा, तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। उन्होंने ऐसे उद्यमियों को राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित करने की जरूरत बताई। राइजिंग राजस्थान के तहत निवेश करने आए प्रवासी उद्यमियों की हालत रीको ने बिगाड़ रखी है। जालोर के बीठन और सिरोही के आबूरोड क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां व्यापारी प्रोडक्शन शुरू कर चुके हैं, लेकिन अब अधिकारी उनके प्लॉट कैंसिल करने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसद और पूर्व विधायक तक लिखित रूप से बता चुके हैं कि इन अलॉटमेंट को गलत तरीके से कैंसिल किया जा रहा है। इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे हैं। सीएम ऑफिस के दखल के बाद भी प्रवासी उद्यमी कागजात लेकर दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। एसोसिएशन ने भी शिकायत की है कि प्लॉट ट्रांसफर, समयावधि विस्तार और उप-विभाजन के नाम पर भारी रकम वसूली जा रही है। रीको के अधिकारी जमकर उगाही कर रहे हैं। बीठन में कई लोग व्यापार शुरू करने को तैयार हैं, लेकिन कागजी प्रक्रियाओं में उलझे हुए हैं। मुआवजे को लेकर मोबाइल ऐप की खामियों का मुद्दा उठाया देवासी ने अतिवृष्टि से हुए नुकसान और मुआवजे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जालोर जिले में 33 प्रतिशत से अधिक फसल खराबा हुआ है, लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जहां 550 एमएम बारिश हुई है, वहां 92 प्रतिशत खराबा और जहां 1100 एमएम बारिश हुई है, वहां केवल 47 प्रतिशत खराबा कैसे दिखाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि किसान संघ ने धरनों के दौरान कहा है कि उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। देवासी ने मुआवजा निर्धारण में इस्तेमाल हो रहे मोबाइल ऐप की खामियों को दूर करने की मांग की है।



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