सरकार के बजट से पहले उठी मांग:पड़ोसी राज्य हरियाणा में सस्ता, राजस्थान में महंगा, पेट्रोल डीजल पर वैट हो कम




प्रदेश की भजनलाल सरकार का बजट 11 फरवरी को पेश होगा। इस बजट को लेकर सभी वर्ग सरकार से मांग कर रहे हैं। खासतौर पर बजट में पेट्रोल और डीजल के दामों पर वेट कम करने की मांग की गई है।
मरुधरा टैक्स बार एसोसिएशन वेस्टर्न राजस्थान के अध्यक्ष ओर डायरेक्ट टैक्स कमेटी और GST कमेटी के मेंबर PM चौपड़ा ने बताया कि प्रदेश सरकार बजट पेश करेगी। इस बजट में कई मांगे हैं जिन्हें पूरा किया जाए तो इसका लाभ जनता को मिलेगा। प्रदेश में पड़ोसी राज्यों हरियाणा और गुजरात के मुकाबले यहां वैट ज्यादा है। जिसे कम किया जाए तो यहां के लोगों को इसका फायदा मिल सकेगा। सस्ता पेट्रोल डीजल मिल सकेगा।
राज्यवार- पेट्रोल दरें- डीजल दरें राजस्थान- 104.72 रुपए- 90.21 रुपए गुजरात- 94.84 रुपए- 90.51 रुपए उत्तर प्रदेश- 94.68 रुपए- 87.80 रुपए। हरियाणा- 95.99 रुपए- 88.42 रुपए मध्यप्रदेश- 106.52 रुपए- 91.89 रुपए बजट में ये भी मांग चोपड़ा ने कहा कि राजस्थान सरकार के बजट में वेट की पुरानी डिमांड हैं जो एक करोड़ रुपए तक की है उस पर निर्णय किया जाना चाहिए। पुरानी GST की डिमांड को एमनेस्टी स्कीम में लाकर खत्म किया जाना चाहिए जिससे छोटे व्यापारियों को राहत मिल सकें।
अन्य राज्य गुजरात, महाराष्ट्र में GST ऑडिट डिवीजन लेवल पर होती है, लेकिन राजस्थान में सब सेंट्रलाइज हो चुका है। इन्हें गुजरात महाराष्ट्र की तर्ज पर किया जाना चाहिए। इसके अलावा राजस्थान के बाहर से जो उपज आती है उस पर मंडी टेक्स लगाया जाता है। जबकि जो उपज मंडी में ही नहीं आती है उस पर टैक्स क्यों लगे। इसलिए सरकार को इसमें राहत देनी चाहिए। पिछले 2 वर्ष से राज्य सरकार ने GST ट्रिब्यूनल को लेकर घोषणा की थी, लेकिन ट्रिब्यूनल के पास जोधपुर में इन्फ्रास्ट्रक्चर तक नहीं है। केंद्र सरकार ने इसमें सदस्यों की नियुक्ति कर दी है, लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक इसमें पूरे सदस्यों को नियुक्त नहीं किया है। कार्यालय भी पूरी तरह से शुरू नहीं हुए हैं। जोधपुर के सर्किट हाउस के पास इनकम टैक्स की जमीन पर सरकार ध्यान दें तो यहां इससे संबंधित विभिन्न कार्यालय सुचारू रूप से संचालित किए जा सकेंगे। पश्चिमी राजस्थान में DRT ट्रिब्यूनल नहीं है। इसके चलते इससे संबंधित मामलों में पैरवी के लिए जयपुर जाना पड़ता है। जबकि जोधपुर के हाईकोर्ट की मुख्य पीठ है। ऐसे में यहां पर इस ट्रिब्यूनल की पीठ की स्थापना की जाए तो जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, भीलवाड़ा, सिरोही, बालोतरा, जैसलमेर सहित कई जिलों को लाभ मिल सकेगा।
चौपड़ा ने कहा कि बजट में सरकार को पुरानी अपीलों को निपटाने के लिए स्कीम लानी चाहिए। वहीं NGO में जिनका 2 करोड़ रुपए तक का टर्न ओवर है उनके लिए नियम सरल किए जाने चाहिए।



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