श्रीगंगानगर के गर्ल्स कॉलेज में शिक्षकों का विरोध-प्रदर्शन:बोले- संविदा भर्ती पर तत्काल रोक लगाई जाए
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चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय, श्रीगंगानगर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से कॉलेजों में संविदा पर नियुक्तियां करने के विरोध में विरोध-प्रदर्शन किया गया।शिक्षकों ने प्रस्तावित चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने, सोडाणी समिति की सिफारिशों को लागू करने और सभी राज-सीईएस महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों की तरह संचालित करने की मांग की। संगठन के प्रदेश सचिव प्रो. श्याम लाल ने कहा- राज-सीईएस योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप NEP-2020 की मूल भावना के खिलाफ है। यहां स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव है, अधोसंरचना और संसाधन अपर्याप्त हैं, शोध-नवाचार की कोई गुंजाइश नहीं और पूरी अध्यापन व्यवस्था संविदा एवं अस्थायी शिक्षकों पर टिकी है। इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, बहुविषयकता और अकादमिक निरंतरता खतरे में पड़ रही है। उन्होंने कहा- सत्र 2020-21 से 2022-23 के बीच 303 नए महाविद्यालय खोले गए, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 2023-24 और 2024-25 में 71 अतिरिक्त जोड़े गए। अब कुल संख्या 374 पहुंच गई है। इनमें से करीब 260 महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थाई संकाय सदस्य नहीं है, जो NEP-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में सोडाणी समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू करने की मांग की गई, जो विधानसभा चुनाव-2023 के बाद गठित हुई थी लेकिन अब तक सार्वजनिक नहीं की गईं। महासंघ ने भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 के तहत राज-सीईएस नियम-2023 में बदलाव कर 5 साल के लिए 28,500 रुपये फिक्स वेतन पर संविदा टीचिंग एसोसिएट की भर्ती शुरू करने के प्रयास की कड़ी निंदा की। संगठन का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी, असुरक्षित और नीति-विरोधी है। अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को भेजी गई अभ्यर्थना को तत्काल रोका जाए। यदि समय रहते कोई फैसला नहीं लिया गया तो संगठन लोकतांत्रिक और आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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