राजसमंद में संविदकर्मी नहीं लगाने को लेकर प्रदर्शन:बोले- अस्थाई नियुक्ति करने से शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा
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नाथद्वारा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान इकाई के आह्वान पर सेठ मथुरादास बिनानी महाविद्यालय में राज सेस (Raj-CES) महाविद्यालयों की वर्तमान संकल्पना एवं संचालन व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर तथा मांगों से संबंधित प्ले-कार्ड हाथों में लेकर विरोध दर्ज कराया। संविदाकर्मी न लगाने की मांग संगठन के सचिव डॉ. शंकर शर्मा ने बताया कि राज सेस योजना के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना के विपरीत है। संविदा एवं अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, बहुविषयकता एवं अकादमिक निरंतरता को प्रभावित कर रही है। प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन उन्होंने बताया कि राज्य में 303 नवीन महाविद्यालय खोले गए, वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 71 अतिरिक्त महाविद्यालय प्रारंभ हुए हैं, जिससे कुल संख्या 374 हो गई है। इनमें से लगभग 260 महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थायी संकाय सदस्य कार्यरत नहीं है, जो नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। प्रदर्शन के पश्चात संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी रक्षा पारीक के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
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