मेधावी छात्राओं को मिलने वाली नई स्कूटियों की सीटें उधड़ी:प्रिंसिपल बोले-कुत्तों ने फाड़ दी, सरकारी मीरा गर्ल्स कॉलेज में बिना रखरखाव कबाड़ होती स्कूटियां
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राज्य सरकार की ओर से मेधावी छात्राओं को मिलने वाली स्कूटियां सरकारी मीरा गर्ल्स कॉलेज परिसर में धीरे-धीरे कबाड़ हो रही हैं। इनमें से कई स्कूटियों की सीटें उधड़ चुकी हैं तो कुछ एक के तकनीकी पार्ट्स भी खराब होते दिख रहे हैं। अनदेखी के चलते इन पर धूल और मिट्टी की परत जम चुकी है। यहां कुल 112 स्कूटी हैं। इनमें से करीब 25 स्कूटियां करीब 3 साल से और बाकी 87 कई महिनों से यहां धूल फांक रही हैं। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि चयनित छात्राओं से फोन पर कॉन्टेक्ट नहीं होने से स्कूटी वितरण में देरी हो रही है। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि इतने सालों से खुले आसमान के नीचे खड़ी स्कूटियों का रखरखाव क्यों नहीं किया गया। जिन स्कूटियों की सीटें फांड़ी, उन्हें चेंज करवाकर देंगे: प्राचार्य
मामले में कॉलेज प्राचार्य ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि कॉलेज परिसर में आवारा कुत्ते बहुत हैं, उन्होंने स्कूटियों की सीटें फाड़ दी हैं। अब इन स्कूटियों की सीटें चेंज करवाई जाएगी। कुत्तों को पकड़ने के लिए हमने कई बार नगर निगम को लेटर लिखा है। प्राचार्य ने बताया कि करीब 25 स्कूटियां तीन-चार साल से खड़ी हैं और बाकी 87 स्कूटियां 24 जनवरी 2026 को आईं। उन्होंने बताया कि स्कूटी के लिए चयनित छात्राओं के मोबाइल नंबर बदलने, गलत देने या चेंज होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो रहा है, जिसके कारण ये देरी हो रही है। इन होनहार छात्राओं को मिलती है स्कूटी
होनहार छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत स्कूटी का वितरण हर साल किया जाता है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में 10वीं, 12वीं में 65 प्रतिशत और सीबीएसई में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं से आवेदन मांगे जाते हैं। इसमें मेरिट में चयनित छात्राओं को स्कूटी देने का प्रावधान है।
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