10वीं की छात्रा ने की सुसाइड की कोशिश:सुसाइड नोट में लिखा- सॉरी मम्मी और भैया, मैं आपकी उम्मीद पर सही साबित नहीं हो पाई
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अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में बोर्ड एग्जाम से पहले 10वीं की छात्रा के सुसाइड की कोशिश का मामला सामने आया है। मां के मोबाइल पर स्कूल द्वारा भेजे गए नोटिस को पढ़ने के बाद छात्रा ने घर में पड़े फिनायल को पी लिया। बड़ा भाई घर पहुंचा तो बहन को एक देखकर चिल्लाया और आवाज सुनकर अन्य परिवार के लोग इकट्ठा हो गए। छात्रा को एंबुलेंस के जरिए जेएलएन अस्पताल भिजवाया गया। जहां छात्रा का आईसीयू में उपचार जारी है। छात्रा ने सुसाइड करने से पहले एक पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है। पीड़ित छात्रा की मां ने बताया कि उनकी बेटी गुरुकुल स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। जनवरी में प्री बोर्ड एग्जाम होने के बाद पीटीएम हुई थी। जिसमें टीचर्स ने उसकी 60% अटेंडेंस बताई थी। लेकिन करीब चार-पांच दिन पहले बेटी की 50% अटेंडेंस बताकर एडमिट कार्ड नहीं देने का बोलकर उन्हें नोटिस भेज दिया। इसे लेकर वह करीब चार दिन से उसे स्कूल के चक्कर भी लगा रहे थे। नोटिस पढ़ने के बाद पिया फिनाइल मां ने बताया कि मंगलवार को भी स्कूल की तरफ से एक व्हाट्सएप पर उपस्थिति कम होने पर एडमिट कार्ड नहीं देने का नोटिस भेजा था। जिसे बेटी ने पढ़ लिया। वह जब घर के पास स्थित फार्म पर काम करने गई थी तो पीछे से बेटी ने घर पर फिनायल को पी लिया था। बेटा जब घर पर पहुंचा तो बेटी अचेत अवस्था में थी। बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनकर वह घर पहुंची और उसे एंबुलेंस के जरिए जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां बेटी का उपचार जारी है। परेशान करने का लगाया आरोप मां ने बताया कि उसकी लगातार स्कूल के चक्कर लगा रहे थे। लेकिन इसके बावजूद भी उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया। आरोप लगाया कि स्कूल में भी उसे परेशान किया जा रहा था। टीचर्स ने अन्य बच्चों और उसके उनके पेरेंट्स को बेटी से बात करने के लिए भी मना कर दिया। उसके दोस्तों और पेरेंट्स को उससे दूर रहने के लिए कहा जाता था। मां ने आरोप लगाया कि टीचर्स ने उसके दोस्तों के पेरेंट्स को यह तक कह दिया कि लड़की की संगत ठीक नहीं है। आपके बच्चों के मार्क्स उसके कारण काम आ रहे हैं। जिसके कारण वह डिप्रेशन में आ गई। एक पेज का सुसाइड नोट लिखा छात्रा ने सुसाइड की कोशिश से पहले एक पेज का सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें उसने लिखा- सॉरी मम्मी और भैया मैं आपकी उम्मीद पर सही नहीं साबित हो पाई… आई एम सॉरी की मुझे यह करना पड़ रहा है..क्योंकि मुझे स्कूल जाना अच्छा नहीं लगता था… वहां पर सब मुझे टॉर्चर करते थे मेरे से कोई भी बात नहीं करता था और अगर कोई करता था उसको बोलते की वह अच्छी लड़की नहीं है.. मेरी स्कूल और क्लास में सिर्फ एक दोस्त थी… उसके भी घर वालों को बुलाकर टीचर्स बोलते थे कि यह अच्छी लड़की नहीं और हमको बात भी नहीं करने देते हैं… मुझे नहीं पसंद अब स्कूल जाना… दसवीं स्टार्टिंग से ही सब टीचर्स मुझे वर्बल्ली टॉर्चर करते थे और अब मेरी अटेंडेंस कम है, इसलिए यह लोग मेरा फ्यूचर बर्बाद कर रहे हैं.. मैं यह सब और नहीं झेल सकती.. मम्मी आई एम सॉरी मेरे सारे दोस्त मुझे चीढ़ाएंगे की मेरे दसवीं नहीं हुई इसलिए मैं नहीं जीना चाहती अपना ख्याल रखना और ध्यान रखना…
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