हरसौर विस्फोटक मामला:10 टन बारूद के पीछे मैगजीन संचालकों का खेल, रिकॉर्ड में हेराफेरी कर सुलेमान को बेचा था बारूद, अब रद्द होंगे लाइसेंस




नागौर जिले के थांवला थाना क्षेत्र में 24 जनवरी को हरसौर में बरामद 10 टन विस्फोटक के मामले में SIT द्वारा मामले की जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी सुलेमान से पूछताछ के बाद टीम ने चार और आरोपियों भरत कुमार, बंसीलाल बंजारा, देवराज मेड़तिया और महेंद्र पाल सिंह को गिरफ्तार किया है। ये चारों आरोपी अलग-अलग क्षेत्रों में मैगजीन का संचालन करते हैं। जांच में सामने आया कि ये लाइसेंस धारक अपनी मैगजीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी करते थे और कानूनी तौर पर मिली विस्फोटक सामग्री को अवैध तरीके से सुलेमान खान जैसे व्यक्तियों को ऊंचे दामों पर बेच देते थे। चारों आरोपियों से फिलहाल पुलिस की पूछताछ चल रही है।

इस मामले में एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि हरसौर में बरामद 10 टन विस्फोटक महज एक जब्ती नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सुरक्षा चूक और संगठित अपराध का हिस्सा है। आरोपी सुलेमान खान इस सामग्री को आगे कहां और किन उद्देश्यों के लिए सप्लाई करने वाला था, पुलिस अब उस रूट की गहनता से जांच कर रही है। एसपी ने कहा कि लाइसेंस की आड़ में अवैध व्यापार करने वाले इन संचालकों के खिलाफ केवल आपराधिक मामला ही दर्ज नहीं किया गया है, बल्कि पुलिस प्रशासन अब इनके मैगजीन लाइसेंस स्थाई रूप से रद्द करवाने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने पुलिस मुख्यालय को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजने की बात कही है, जिसमें विस्फोटक अधिनियम के नियमों में सुधार और लाइसेंस धारकों की सख्त मॉनिटरिंग के सुझाव शामिल होंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति को बेनकाब किया जाएगा और जिले में अवैध विस्फोटक के कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।



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