भ्रष्टाचार के आरोपों से गर्माया माहौल:बामलास-हुकुमपुरा में खनन के खिलाफ आंदोलन तेज, SDM और तहसीलदार पहुंचे जांच के लिए, आंदोलनकारियों से की चर्चा, बेनतीजा रही वार्ता




पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले बामलास और हुकुमपुरा क्षेत्र में अवैध खनन के विरुद्ध चल रहा जन-आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार को धरने के 36वें दिन जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता न केवल बेनतीजा रही, बल्कि भ्रष्टाचार के आरोपों और लीजधारकों की कथित धमकियों ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। SDM की मौजूदगी में हुई बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। एडवोकेट जयंत मूण्ड ने तहसीलदार पर भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए। लीजधारकों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने खनन क्षेत्र के रास्ते बंद किए, छोटे समूहों में महापड़ाव शुरू। . प्रशासन ने देखा मंजर: 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा
मंगलवार को उपखण्ड अधिकारी (SDM) कौशल्या विश्नोई, तहसीलदार कुलदीप भाटी और थानाधिकारी सुरेश रोलन भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए क्षेत्र में हो रहे विनाश की गाथा सुनाई। SDM ने स्वयं मौके का मुआयना किया। एसडीएम ने क्षेत्र के ‘जियोलॉजिकल सर्वे’ और एक विशेष कमेटी द्वारा जांच कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही, तहसीलदार को गौचर भूमि से अतिक्रमण तुरंत हटाने के निर्देश दिए।
भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप: तहसीलदार के व्यवहार पर सवाल वार्ता के दौरान उस समय सन्नाटा पसर गया जब एडवोकेट जयंत मूण्ड ने SDM के सामने ही तहसीलदार कुलदीप भाटी पर भ्रष्टाचार के सीधे आरोप लगाए। मूण्ड ने कहा कि प्रशासन दोहरा मापदंड अपना रहा है। तहसीलदार एक तरफ कांटली नदी में अतिक्रमण हटाकर वाहवाही लूट रहे हैं, तो दूसरी तरफ ‘गैर मुमकिन नदी’ की जमीनों की रजिस्ट्री कर रहे हैं। अब्दुल रहमान प्रकरण के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं मूण्ड ने आरोप लगाया कि तहसीलदार कथित तौर पर “ऊपर तक रुपए भेजने” की बात कहकर अवैध नामांतरण (म्यूटेशन) खोल रहे हैं। हालांकि, SDM और तहसीलदार ने इन आरोपों का कड़ा विरोध किया, लेकिन ग्रामीणों ने इन नामांतरणों को तुरंत निरस्त करने की मांग पर अड़ गए हैं।



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