गैंगस्टर सुभाष बानूड़ा की सीकर कोर्ट में पेशी:ठेहट गैंग के मनोज ओला फायरिंग मामले में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से लाया गया,9 को आ सकता है फैसला




सीकर की एससी एसटी कोर्ट में 8 साल पुराने फायरिंग मामले में आज गैंगस्टर सुभाष बानूड़ा और उसके साथी सीताराम सेवदा की पेशी हुई। इस मामले में फैसला 9 फरवरी को आ सकता है। दरअसल, साल 2018 में सीकर के झुंझुनूं बायपास पर राजू ठेहट गैंग का मनोज ओला एक दुकान में बैठा हुआ था। इसी दौरान सामने से एक गाड़ी आई। गाड़ी में से बदमाश नीचे उतरे। जिन्होंने दुकान में जाकर मनोज ओला पर फायरिंग कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करके कोर्ट में चालान पेश कर दिया। कोर्ट ने दोनों को फरार घोषित किया था कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी रामनिवास,पवन, नटवर और संदीप को बरी कर दिया था। लेकिन 2 आरोपी सुभाष बानूड़ा और सीताराम सेवदा कोर्ट में तारीख पर नहीं जाते थे। उन्हें कोर्ट ने फरार घोषित कर दिया था। दोनों अलग-अलग केस में जेल में बंद इस बीच नवंबर में सुभाष बानूड़ा ने खुद ने ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उसे पहले तो सीकर के सदर थाने में आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया। फिर आनंदपाल को पुलिस कस्टडी से फरार करवाने के मामले में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में भेज दिया गया। वहीं, सीताराम सेवदा को पिछले दिनों सीकर की सदर थाना पुलिस ने टोल मैनेजर को धमकाने के मामले में गिरफ्तार किया था। उसे भी जेल से कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। सुभाष बानूड़ा के एडवोकेट रघुनाथ राम सुला ने बताया कि आज कोर्ट में सुभाष और सीताराम की पेशी हुई। अब केस की अगली तारीख 9 फरवरी है। इस दिन मामले में फैसला आने की भी संभावना है। कौन है सुभाष बानूड़ा जब सुभाष बानूड़ा नाबालिग था। तब ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। पिता की मौत का बदला लेने के लिए उसने आनंदपाल गैंग ज्वाइन की थी। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड और राजू ठेहट मर्डर में भी उसका नाम सामने आया था। लेकिन दोनों ही मामलों में पुलिस ने उसे आरोपी नहीं माना।



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