कलेक्टर ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी:बाल विवाह रोकथाम का दिया संदेश, बोले-ये समाज की सामूहिक जिम्मेदारी




सलूम्बर जिले मे बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ सलूम्बर जिले में सशक्त जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत चलाए जा रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान में मंगलवार को बाल विवाह मुक्त रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया। रथ यात्रा को जिला कलेक्टरअवधेश मीना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बाल विवाह की रोकथाम समाज की सामूहिक जिम्मेदारी-कलेक्टर इस अवसर पर जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने कहा- बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब तक समाज के हर वर्ग की भागीदारी नहीं होगी, तब तक इस सामाजिक बुराई पर पूर्ण रोक संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि 100 दिन के विशेष अभियान के माध्यम से आमजन को जागरूक कर बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से खत्म किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगा जागरूकता का संदेश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन चावला ने बताया कि यह जागरूकता रथ यात्रा ग्रामीण स्तर तक जाकर बाल विवाह की रोकथाम को लेकर जन-जागरूकता फैलाएगी। अभियान के दौरान बाल विवाह की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बाल अधिकारिता विभाग के निदेशक सुभाष ने बताया कि अभियान के दौरान लोगों को बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी जा रही है, ताकि समाज स्वयं आगे आकर बाल विवाह को रोक सके। यह जन-जागरूकता रथ यात्रा बाल अधिकारिता विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, गायत्री सेवा संस्थान एवं जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में मानव तस्करी विरोधी यूनिट के एएसआई रणजीत सिंह, ममता सलूम्बर एसीईओ दिनेश पाटीदार, डिप्टी सेजल शेखावत, सलूम्बर थाना अधिकारी हेमंत चौहान, झल्लारा तहसीलदार मयूर शर्मा, झल्लारा थाना अधिकारी जयकिशन फुलवारिया, गायत्री सेवा संस्थान की जिला समन्वयक पायल कनेरिया, रमेश चौबीसा, नारायण आहारी, सरदारमल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



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