करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश:5000 का इनामी बदमाश समेत 3 गिरफ्तार, ऑनलाइन नौकरी, लोन और गेमिंग के नाम पर देशभर में फैला रखा था जाल
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पुलिस ने करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बगड़ थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी सूचनाओं के आधार पर गिरोह के तीन मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में 5,000 का इनामी अपराधी सचिन चौधरी उर्फ ‘ड्यूड’ भी शामिल है, जो लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। करोड़ों का ट्रांजेक्शन और ‘किराये के बैंक खाते’ जांच में सामने आया है कि यह गिरोह एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था। आरोपी भोले-भले लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते किराये पर लेते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धन को खपाने (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए किया जाता था। गिरोह मुख्य रूप से तीन तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाता था। वर्क फ्रॉम होम: ऑनलाइन नौकरी लगाने का झांसा देकर।
लोन फ्रॉड: कम ब्याज दर पर आसान लोन दिलाने के नाम पर। गेमिंग फ्रॉड: ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के जरिए निवेश का लालच देकर। कैसे चढ़े पुलिस के हत्थे नेशनल साइबर पोर्टल और समन्वय पोर्टल पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने एक विशेष टीम का गठन किया। साइबर सेल और बगड़ पुलिस ने जब संदिग्ध बैंक खातों के ट्रांजेक्शन खंगाले, तो कड़ियां आपस में जुड़ती गईं। बगड़ थानाधिकारी हरजिन्द्र सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने पंकज सिंह (29) पुत्र प्रवीण सिंह निवासी कालीपहाड़ी, बगड़, राहुल कुमार (25 ) दयाराम कुमावत निवासी ईस्लामपुर, बगड़ और सचिन चौधरी उर्फ ‘ड्यूड’ पुत्र बीरबल सिंह निवासी गणपति नगर को गिरफ्तार किया गया।
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