सामाजिक समरसता व सद्भाव से ऊंच-नीच जाति भेद खत्म होंगे:वक्ता बोले- पारिवारिक एकता से समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है
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आरएसएस शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। जिले में एक ही दिन में 10 सम्मेलनों का आयोजन हुआ, इसे लेकर कलश व शोभायात्राएं निकाली गई। जिला मुख्यालय पर आयोजित सम्मेलन को लेकर प्रभात फेरी व बाइक रैली निकाली गई। वक्ताओं ने पंच परिवर्तन की बातों को प्रत्येक घर तक पहुंचाने की बात कही। वहीं सिकंदरा क्षेत्र के बहरावण्डा में आयोजित सम्मेलन में बडी संख्या में लोग शामिल हुए। परिवार एक होंगे तो बड़ा परिवर्तन होगा जिला कार्यवाह चंद्रशेखर ने कहा कि स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण, सामाजिक समरसता एवं कुटुम्ब प्रबोधन को लागू कर समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। स्व के बोध से नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होंगे। नागरिक कर्तव्य बोध से राष्ट्र समृद्ध व उन्नत होगा। सामाजिक समरसता व सद्भाव से ऊंच-नीच जाति भेद समाप्त होंगे। पर्यावरण से सृष्टि का संरक्षण होगा तथा कुटुम्ब प्रबोधन से परिवार बचेंगे और बच्चों में संस्कार बढ़ेंगे। जिले में यहां हुए सम्मेलन
पट्टी किशोरपुरा मंडल में जिला संघचालक भगवान सहाय सैनी, लालसोट शहर की शिवाजी बस्ती में घुमंतू कार्य संयोजक महावीर प्रसाद शर्मा, दौसा की श्रीराम बस्ती में कैलाश गोठडा, आदर्श बस्ती में धर्म जागरण संयोजक प्रदीप पारीक, भगतसिंह बस्ती में गणपत लाल, बहरावंडा में समरसता संयोजक उम्मेद सिंह, पीचूपाड़ा में विहिप के विभाग मंत्री परमानंद शर्मा, बांदीकुई की प्रताप बस्ती में सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार अड्डानिया और गुढाकटला में विभाग संघचालक डॉ.सोहनलाल ने सम्मेलनों को सम्बोधित किया।
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