राठौड़ बोले- केंद्रीय बजट विकसित भारत का विजन:भावी पीढ़ी के लिए विकास का ब्लू प्रिंट; कमियां दूर करना हमारी जिम्मेदारी




जिला प्रभारी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने केन्द्रीय बजट को विकास का ब्लू प्रिंट बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए इस बजट में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष बल दिया है, जिसके लिए 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। जिला प्रभारी मंत्री सोमवार शाम को कलक्ट्रेट सभागार में बजट को लेकर आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में पत्रकारों को केन्द्रीय बजट की जानकारी दी। विकास विज़न को साकार करेगा बजट उन्होंने कहा कि पहली बार ‘कर्तव्य भवन’ से बना यह बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों पर जोर देता है। पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना, दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना तथा तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विज़न को साकार करना है। उन्होंने कहा कि इन्हीं कर्तव्यों के अनुरूप यह बजट हर नागरिक के सपनों, आकांक्षाओं और भविष्य की मजबूत नीव रखने वाला है, जो गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमी के सशक्तिकरण की स्पष्ट दिशा दिखाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने भावी पीढ़ियों के विकास के विजन के साथ यह बजट प्रस्तुत किया है, जो 2047 में ‘विकसित भारत’ बनाने का रोड मेप देता है। हर जिले में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल खुलेंगे मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बजट में तकनीक और आधारभूत विकास पर विशेष जोर दिया है। सेमी कंडक्टर और माइक्रो चिप के उत्पादन की पूरी सप्लाई चेन विकसित करने के लिए बजट में खास प्रावधान किए गए हैं। 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। यूनिवर्सिटी टाउन, हर जिले में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल खोलने व दिव्यांगजन के लिए टेक्नोलॉजी इनेबल सपोर्ट सिस्टम बनाया जाएगा। किसानों के लिए भी की घोषणाए जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि बजट में किसानों के लिए कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है, जिससे किसान को खेती से जुड़े प्रश्न करने पर तुरंत जवाब मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि मछली पालन एवं पशुपालन के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना की घोषणा की गई है। साथ ही, किसान उत्पाद संगठन की तर्ज पर पशुपालकों के लिए भी उत्पाद संगठन बनाए जाएंगे। महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग एवं फाइनेंसिंग के लिए सी-मार्ट बनाने की घोषणा की गई है, जो ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने में मदद करेगा। इस अवसर पर कलेक्टर देवेन्द्र कुमार, एडीएम अरविन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रेला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।



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