रक्षा बजट में 15% भारी बढ़ोतरी सेना को बनाएगी मजबूत:प्रेम सिंह बाजौर बजट को बताया 'विकसित भारत की नींव', विपक्ष के दावों को किया खारिज




केंद्र सरकार के बजट को लेकर सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम सिंह बाजौर ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बजट की सराहना करते हुए इसे ‘हर वर्ग का बजट’ और ‘विकसित भारत की नींव’ करार दिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुल्हरी, विधायक राजेंद्र भांबू और पूर्व विधायक सुभाष पूनियां सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। रक्षा बजट में 15% की भारी बढ़ोतरी: सेना होगी और भी मजबूत सैन्य कटौती के विपक्ष के दावों को सिरे से खारिज करते हुए बाजौर ने स्पष्ट किया कि इस बार रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि युद्ध जैसी स्थितियों में हमें पता चला था कि हमारे पास कुछ इंस्ट्रूमेंट्स की कमी थी। 15% की यह वृद्धि सेना को आधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग के लिए सौगात बाजौर ने बजट की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए इसे समावेशी बताया। स्वरोजगार और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना इस बजट की प्राथमिकता है। महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजट में नई दिशा तय की गई है। मध्यम वर्ग को राहत: टैक्स स्लैब और अन्य रियायतों के जरिए मध्यम वर्ग के बोझ को कम करने का प्रयास किया गया है। अर्थव्यवस्था की रीढ़ और व्यापार में सुगमता उन्होंने कहा कि यह बजट कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाकर अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करता है। इसके साथ ही ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने में आसानी) पर जोर दिया गया है, जिससे छोटे और बड़े व्यापारियों को समान रूप से लाभ होगा। स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना भी इस बजट का मुख्य स्तंभ है। बामनवास शहीद आंदोलन पर स्पष्टीकरण बामनवास में शहीद की प्रतिमा को लेकर चल रहे आंदोलन पर बोलते हुए बाजौर ने कहा कि यह मामला मूर्ति से नहीं बल्कि जमीन विवाद से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि यह जमीन पर कब्जे का मामला है और इस संदर्भ में उन्होंने जिला कलेक्टर से बात कर निष्पक्ष जांच और समाधान के निर्देश दिए हैं। विपक्ष पर प्रहार विपक्ष द्वारा की जा रही आलोचनाओं पर पलटवार करते हुए बाजौर ने कहा कि विपक्ष का काम केवल निराधार आरोप लगाना है, जबकि सरकार का ध्यान केवल देश के ठोस विकास और जनता के कल्याण पर केंद्रित है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *