फूल सागर तालाब को पाटने के खिलाफ प्रदर्शन:होटल निर्माण के लिए खोदी जा रही मिट्टी डाली जा रही, आंदोलन की चेतावनी दी
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बूंदी के बोरखंडी और रामपुरिया गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर फूल सागर तालाब को अवैध रूप से पाटने और प्राकृतिक जल स्रोत को नष्ट करने से रोकने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि एक बिल्डर द्वारा पेटा कास्त भूमि की खुदाई कर डंपरों से मिट्टी भरकर तालाब को भरा जा रहा है। ज्ञापन में बताया गया है कि हिंडोली तहसील के रामपुरिया और बोरखंडी में स्थित फूल सागर पैलेस एक ऐतिहासिक धरोहर है। इसके पास स्थित फूल सागर तालाब में वर्षभर पानी भरा रहता है, जिससे आसपास की कृषि भूमि की सिंचाई होती है। यह तालाब देसी-विदेशी पक्षियों का भी महत्वपूर्ण बसेरा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सिंफोनिया कंपनी के निदेशक अक्षय हाड़ा ने ग्राम रामपुरिया में 7770 वर्ग फीट भूमि खरीदी है, जिसे होटल और रिजॉर्ट निर्माण के लिए परिवर्तित कराया गया है। अपने होटल के निर्माण के लिए हाड़ा तालाब की पेटाकास्ट भूमि और आसपास की अन्य भूमि से जेसीबी लगाकर मिट्टी की खुदाई करवा रहे हैं। यह खोदी गई मिट्टी डंपरों के माध्यम से फूल सागर तालाब में डाली जा रही है, जिससे तालाब को अवैध रूप से भरा जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 10 से 15 डंपर इस कार्य में लगे हुए हैं और यह काम पिछले 15 से 20 दिनों से लगातार जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके विरोध करने के बावजूद यह अवैध कार्य बंद नहीं किया जा रहा है। इसके बजाय उन्हें जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। ज्ञापन देने वालों में तालाब गांव प्रशासक अनीता मेघवाल, उपसरपंच कयामुद्दीन, वार्ड पंच गिरिराज, महेश गुर्जर, देवीलाल, मदनलाल, खेमराज गुर्जर, प्रेमराज, द्वारका लाल, मोहन, भगवान, रामलाल, देवलाल सैनी, प्रभु सैनी, मोहनलाल, ग्यारसी लाल, विनोद गोस्वामी सत्यनारायण आदि ग्राम वासी मौजूद रहे।
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