पानी की किल्लत:नहरबंदी में पेयजल संकट से निपटने की तैयारी में जुटा प्रशासन
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पंजाब और राजस्थान ने इस साल भी इंदिरा गांधी मुख्य नहर की नहरबंदी की तैयारी शुरू कर दी है। मार्च माह के अंतिम सप्ताह में नहरबंदी होनी है। इसको लेकर पीएचईडी शहर में पिछले दो माह से हर दस दिन में शटडाउन लेकर कायलाना और तखतसागर में वाटर स्टोरेज कर रहा है। यहां से पीएचईडी पंद्रह दिन का पानी स्टोर करेगा, जबकि बीस दिन का पानी नहर में पोंडिंग से सप्लाई होगा। क्लोजर के शुरूआती तीस दिनों तक नहर से पानी सप्लाई होगा। 24 से 26 मार्च के बीच होना तय है। क्लोजर और गर्मी दोनों साथ रहने से जल संकट जैसी स्थितियां उत्पन्न ना हो। ताकि पंजाब में नहर का पानी खाली हो सके, जबकि कायलाना और तखतसागर में स्टोर रहने वाले कुल पानी में से पांच दिन का पानी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए रखा जाएगा। पंजाब और राजस्थान सरकार ने पिछले साल 26 मार्च से 24 मई तक नहर का क्लोजर लिया था। इस नहर से फलौदी-जैसलमेर और जोधपुर से जुड़े करीब 80 लाख लोगों को पीने का पानी सप्लाई होता है। इस बार भी पंजाब सरकार ने राजस्थान सरकार को मार्च माह के अंतिम सप्ताह में क्लोजर लेने का संकेत दे दिया है। जो इसलिए पीएचईडी ने गत दिसंबर माह से हर दस दिन में शटडाउन लेना शुरू कर दिया, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में साप्ताहिक शटडाउन शुरू कर दिया है।
पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता नक्षत्रसिंह चारण के अनुसार आगामी 25 मार्च के आसपास क्लोजर लेना प्रस्तावित है। इसके लिए अभी से डिग्गियों को भरने के साथ कायलाना व तखतसागर में भी वाटर लेवल बढ़ाने का काम शुरू कर दिया है। कायलाना तखतसागर में नौ दिन का पानी स्टोरेज
353 एमसीएफटी कुल भराव क्षमता वाले कायलाना व तखतसागर में 233 एमसीएफटी यानी शहरवासियों के लिए नौ दिन का पानी स्टोर किया हुआ है, जबकि आगामी 3 फरवरी से लेकर 26 मार्च तक पीएचईडी कुल छह शटडाउन लेकर पंद्रह दिन का पानी स्टोर करेगा। इसलिए प्लान बनाया
पंजाब में फसलों मार्च माह तक फसलों की सिंचाई के लिए पानी लिया जाता है, जबकि बीकानेर, जैसलमेर और जोधपुर जिले के लिए यह पानी पीने के लिए उपयोग में आता है। सर्दियों की सीजन में यहां क्लोजर इसलिए नहीं लिया जाता कि पंजाब में फसलों की सिंचाई होती है। गर्मियों में क्लोजर लेने पर यहां दिक्कत होती है। चूंकि इंदिरा गांधी मुख्य नहर पंजाब से होकर गुजरती है। वहां पर आईजीएनपी की मरम्मत व रखरखाव का कार्य चलता है। इसलिए पंजाब सरकार साठ दिन का क्लोजर लेती है। सात दिन लगते है पानी को जोधपुर पहुंचने में
हिमाचल के पोंग बांध से जोधपुर तक पानी को पहुंचने में सात दिन का समय लगता है। यह पानी इंदिरा गांधी मुख्य नहर से राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल तक पहुंचने में पांच दिन और इसके बाद मदासर फलौदी से जोधपुर तक पानी पहुंचने में दो दिन का समय लेता है। वर्तमान में पीएचईडी 13 से 14 एमसीएफटी पानी शहर के 2.10 लाख उपभोक्ताओं को सप्लाई करता है। अप्रैल माह में यह मांग बढ़कर 15 से 16 एमसीएफटी प्रतिदिन पर चली जाएगी। इन डिग्गियों को भरने का काम जारी
1. माणकलाव डिग्गी में माणकलाव-दईजर-बनाड़ और माणकलाव-खांगटा योजना
2. दांतीवाड़ा डिग्गी में माणकलाव-दांतीवाड़ा-पीपाड़-बिलाड़ा योजना
3. मांडियाई डिग्गी में तिंवरी-मथानिया-ओसियां-बावड़ी-भोपालगढ़ योजना
4. गगाड़ी डिग्गी में पांचला-घेवड़ा-चिराई योजना
5. जाखड़ों की ढाणी डिग्गी में कैरू, बैरू-जोलियाली योजना
6. देवानिया आरडी 134 डिग्गी में देवानियां-नाथड़ाऊ योजना
7. पीलवा आरडी 109 डिग्गी में पीलवा-सदरी-लोहावट योजना
8. गगाड़ी डिग्गी में आगोलाई-जीया बेरी योजना
9. फलौदी-खींवसर डिग्गी में बावड़ी-जालोड़ा-फलौदी शहर योजना
10. घाटोर-कानासर डिग्गी में घाटोर-कानासर-बाप योजना
11.मलार आरडी 67 डिग्गी में मलार-जोड़-हिंडागोल-जांबा-घंटियाली-बूगड़ी योजना
12. कानसिंह की सीड आरडी 38 डिग्गी में कानसिंह की सीड-खिदरत-मंडोर योजना
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