नया नगला का मामला:वनकर्मियों की लापरवाही से तीन बीघा जंगल उजड़ा माफियाओं ने राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित 159 पेड़ काटे




एक ओर जहां बीकानेर में खेजड़ी के पेड़ों को बचाने के लिए जनआंदोलन हो रहा है। खेजड़ी के पेड़ को बचाने के लिए सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल रखा है। वहीं दूसरी ओर भरतपुर के बयाना रेंज में वनकर्मियों की कमी के चलते लगभग 50 लोगों ने मिलकर राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित 159 हरे पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया। जिसकी सूचना मिलने पर वन विभाग ने प्राथमिक विभागीय जांच में सहायक वनपाल कुंवर सिंह और वनरक्षक नीरज कुमार को अवैध कटाई रोकने में नाकाम रहने और राजकार्य में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोनों को निलंबित कर दिया गया है। बयाना सदर थाना क्षेत्र के तहत गांव नया नगला में वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर 2 हेक्टेयर फॉरेस्ट भूमि से राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित 159 हरे पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया। डीएफओ प्रमोद धाकड़ ने बताया कि ग्रामीणों ने हस्तचालित आरा मशीनों से पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को पिकअप वाहनों में भरकर ले जाया। इसके साथ ही दो जेसीबी मशीनों की मदद से जंगल की जमीन को खेती के लिए समतल कर दिया गया। इस कार्रवाई से न केवल वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक वनस्पति और वन्यजीवों के आवास भी नष्ट हो गए। सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एडिशनल बोले-दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, 8 आरा मशीनों को किया सीज एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही घटनास्थल का मौका मुआयना किया गया है। वन विभाग की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की सूचना पर नायब तहसीलदार खरैरी वैशाली धाकड़, गिरदावर और पटवारी भी मौके पर पहुंचे। चारागाह भूमि से कटाई के आरोपों को लेकर सीमाज्ञान कराने की बात कही गई। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, क्योंकि चारागाह भूमि पहले ही पंचायत को हस्तांतरित की जा चुकी है। यह मामला न सिर्फ जंगल के विनाश का है, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और कथित मिलीभगत पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। 12 खेजड़ी, 71 सफेद खैर, 48 रोझ के हरे पेड़ कटे, 12 के खिलाफ मामला दर्ज रेंजर हरभान सिंह ने बताया कि कटे पेड़ों में 12 राज्य वृक्ष खेजड़ी, 71 सफेद खैर, 48 रोझ,10 बबूल, 6 पापड़ी, 9 बिरबिरी, 2 पीलू और 1 हिंगोट का पेड़ शामिल है। वहीं पेड़ों की कटाई में गांव नया नगला निवासी कुंवर सिंह, बहादुर, लच्छी, समय सिंह, अतर सिंह, रामप्रसाद, रामराज, मलखान, भीम सिंह, हरि सिंह, तथा श्यामपुरा निवासी लाखन और खानखेड़ा निवासी जोगेंद्र सिंह को नामजद किया गया है। वन विभाग की ओर से सभी आरोपियों के खिलाफ फॉरेस्ट एक्ट के तहत बयाना सदर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। भास्कर इनसाइट – रेंजर अपने उच्चाधिकारियों को कर रहा गुमराह घटना स्थल पर करीब पांच घंटे देरी से पहुंचा वन विभाग के क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई होने पर रेंजर हरभान सिंह को भी विभाग ने नोटिस दिया है। नोटिस में उल्लेख किया कि रेंजर अपनी रेंज में मॉनटरिंग न करने के अलावा अपने ही उच्चाधिकारियों को गुमराह करते रहे। कि विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी कि नाका क्षेत्र में लगभग 3 बीघा वन भूमि पर करीब 50 लोगों द्वारा अतिक्रमण कर पेड़ों की कटाई की जा रही है। शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। रेंजर घटना स्थल पर करीब पांच घंटे देरी से पहुंचे। इससे वन क्षेत्र में मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। उप वन संरक्षक ने नोटिस में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह कृत्य कर्तव्य के प्रति उदासीनता और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है। अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वह 2 दिन के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो सीसीए नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है। इसके साथ ही बयाना रेंजर में पेड़ों की इतने बड़े स्तर कटाई होने पर 8 आरा मशीनों की सीज किया गया।



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