डॉ मंजू बाघमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस:यूनियन बजट को बताया भविष्य संवारने और विकसित भारत की नींव रखने वाला दस्तावेज




जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सार्वजनिक निर्माण राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने केंद्रीय बजट 2025-26 को देश के भविष्य को संवारने वाला और ‘विकसित भारत’ की नींव रखने वाला दस्तावेज बताया। उन्होंने प्रेस के माध्यम से बजट के विभिन्न पहलुओं पर सरकार का पक्ष रखते हुए इसे समावेशी और दूरदर्शी करार दिया।
​स्वास्थ्य सेवाओं का लोकतंत्रीकरण और आमजन को राहत ​प्रेस वार्ता में डॉ. बाघमार ने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज को सस्ता बनाने के लिए 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क (Customs Duty) घटाने का जो निर्णय लिया है, वह मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक धन के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। इसी कड़ी में बायो-फार्मा क्षेत्र के लिए आवंटित भारी बजट और आयुष केंद्रों के विस्तार को उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, जिससे पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा का लाभ हर गांव तक पहुंचेगा।

​युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास का नया रोडमैप ​मंत्री ने बजट को “युवाओं की आकांक्षाओं का बजट” बताते हुए कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे कौशल विकास से जोड़ा गया है। उन्होंने प्रेस को जानकारी दी कि देशभर के हजारों स्कूलों और कॉलेजों में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग (AVGC) जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए लैब स्थापित की जाएंगी, जिससे भारतीय युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें। इसके अतिरिक्त, युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ऋण प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नई स्टार्टअप नीति के तहत मिल रही छूटों का भी उन्होंने विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 10 हजार गाइडों के प्रशिक्षण जैसी योजनाएं पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेंगी।
​मध्यम वर्ग को प्रशासनिक और वित्तीय संबल ​प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. मंजू बाघमार ने मध्यम वर्ग और वेतनभोगी तबके के लिए किए गए सुधारों पर भी जोर दिया। उन्होंने टैक्स प्रक्रियाओं के सरलीकरण और टीडीएस (TDS) रिफंड की प्रक्रिया को नियम-आधारित और स्वचालित बनाने के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे मध्यम वर्ग को होने वाली कागजी और प्रशासनिक परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर किए जा रहे निवेश का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सड़कों और रेल नेटवर्क के विस्तार से न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी, जिसका सीधा लाभ छोटे और मध्यम व्यापारियों को मिलेगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *