कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग के कड़े तेवर:बोले- 'सुबह 9:15 बजे तक चाहिए अस्पताल स्टाफ की फोटो के साथ अटेंडेन्स, जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लापरवाही पर बरती सख्ती
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जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने और सरकारी अस्पतालों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग अब ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक में कलेक्टर ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि चिकित्सा संस्थानों में समय की पाबंदी और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपस्थिति पर डिजिटल स्ट्राइक: 9:15 बजे की ‘डेडलाइन’
बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने चिकित्सा कर्मियों की लेटलतीफी पर कड़ा रुख अपनाया। पीएमओ को पाबंद किया गया है कि वे प्रतिदिन सुबह 9:15 बजे तक सभी चिकित्सकों और स्टाफ की उपस्थिति की फोटो अनिवार्य रूप से कलेक्टर को भिजवाएं। सीएमएचओ को निर्देश दिए गए कि वे अन्य सभी फील्ड अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के स्टाफ की उपस्थिति फोटो भी इसी समय सीमा के भीतर प्राप्त कर रिपोर्ट करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उपस्थिति को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डिजिटल और जमीनी सुधार कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि बकाया आभा आईडी (ABHA ID) बनाने का काम युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने सभी अस्पतालों में क्यूआर कोड (QR Code) प्रदर्शित करने को कहा ताकि मरीज आसानी से अपनी आईडी बना सकें और उसी से पर्ची कटवा सकें। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने परिवहन राशि के भुगतान की जानकारी ली। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि जिले में प्रसूताओं को दूरी के अनुसार (125 रुपये से लेकर 7 रुपये प्रति किमी तक) परिवहन राशि का भुगतान सुचारू रूप से किया जा रहा है। भ्रूण परीक्षण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ लिंगानुपात में सुधार के लिए कलेक्टर ने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के तहत कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को ‘मुखबिर योजना’ का व्यापक प्रचार करने और संदिग्ध केंद्रों पर डिकॉय ऑपरेशन करने की जिम्मेदारी सौंपी। योजनाओं की पेंडेंसी पर तीन दिन का अल्टीमेटम बैठक में सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और लाडो प्रोत्साहन योजना की समीक्षा की। उन्होंने उन संस्थानों को फटकार लगाई जहाँ टीआईडी (TID) बुकिंग कम है। साथ ही, जेएसवाई (JSY) और लाडो प्रोत्साहन योजना के अटके हुए भुगतानों को मात्र 3 दिन के भीतर दस्तावेज़ पूरे कर निस्तारित करने का अल्टीमेटम दिया गया। टीबी मुक्त भारत अभियान का आगाज डीटीओ डॉ. विजय मांजू ने बताया कि 1 फरवरी से जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू हो चुका है। इसके तहत पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के जरिए अधिक से अधिक स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में आरसीएचओ डॉ. दयानंद सिंह, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. भंवर लाल सर्वा, डॉ. अरुण अग्रवाल, डीपीसी डॉ. जितेंद्र सिंह, बीडीके अस्पताल पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांबू, नवलगढ़ पीएमओ डॉ. महेंद्र सबलानिया सहित जिले के तमाम वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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