Budget 2026 | Nirmala Sitharaman Income Tax ; Narendra Modi Govt
नई दिल्ली7 मिनट पहले
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026 का बजट पेश किया। संसद में 85 मिनट के भाषण में उन्होंने अब तक के सबसे बड़े रक्षा बजट, टैक्स फाइल में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी बातें कहीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद के पहले बजट में देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.84 लाख करोड़ किया गया। यानी कुल डिफेंस बजट में 15.2% की बढ़ोतरी हुई। हथियार खरीदी, सेना के आधुनिकीकरण पर पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ के मुकाबले ₹2.19 लाख करोड़ खर्चे जाएंगे। यह पूंजीगत खर्च में सीधे 22% की बढ़ोतरी है।
वहीं इस साल पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में चुनाव होना है। सीतारमण के भाषण में राज्यों पर सीधा असर डालने वाली कोई भी घोषणा नहीं रही, लेकिन तमिलनाडु-बंगाल को हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात मिली है।
बजट में सिटी इकोनॉमिक रीजंस (CIR) के तहत अगले 5 साल के लिए हर शहर के लिए ₹5,000 करोड़ का फंड के लिए रखा गया है। इनका उद्देश्य भोपाल, जयपुर, पटना जैसे टियर-2/3 शहरों में आर्थिक विकास, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना है।
बजट की घोषणाएं पढ़ने से पहले संदीप पाल का कार्टून देखिए…

बजट 2026: चुनाव वाले राज्यों को क्या मिला
- वाराणसी-सिलीगुड़ी, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-हैदराबाद के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेगा। इससे पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को फायदा होगा।
- केरल और तमिलनाडु में डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनेगा। इस साल दोनों राज्यों में विधानसभा सभा चुनाव हैं।
- नारियल संवर्धन योजना का ऐलान किया गया है, जिससे तमिलनाडु और केरल के किसानों को फायदा होगा।
- मत्स्य पालन योजना का ऐलान हुआ है। इससे समुद्री किनारे वाले राज्यों को फायदा है।
- पूर्वोत्तर के राज्यों में बुद्ध सर्किट बनेगा। असम को फायदा होगा।
बजट 2026: सबसे बड़ी 20 घोषणाएं…
- इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं।
- रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़।
- कैंसर की 17 दवाओं समेत अन्य मेडिसिन से आयात शुल्क हटाया।
- 3 आयुर्वेदिक AIIMS, मेडिकल टूरिज्म बढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब।
- करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल।
- महिलाओं की इनकम बढ़ाने के लिए SHE-मार्ट (शी-मार्ट)।
- देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर।
- बैटरी बनाने की मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ी।
- रेयर अर्थ कॉरिडोर।
- खेती और पशु-मछली पालन के लिए योजना।
- नेशनल फाइबर स्कीम, खादी को प्रोत्साहन।
- टूरिज्म के लिए पायलट प्रोजेक्ट।
- विदेश खर्च पर TCS राहत
- 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स।
- टियर-2,टियर-3 सिटी के डेवलपमेंट के लिए ₹12.2 लाख करोड़ खर्च का ऐलान।
- सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
- स्वास्थ्य सेक्टर के लिए मानव संसाधन
- वित्तीय अनुशासन पर जोर
- मोटर दुर्घटना क्लेम पर मिलने वाला ब्याज अब टैक्स-फ्री
- स्टॉक एक्सचेंज से खरीदी SGB पर टैक्स छूट खत्म
बजट 2026: सेक्टर वाइज समझिए
1. इनकम टैक्स: स्लैब में बदलाव नहीं, रिटर्न फाइलिंग के लिए 3 महीने एक्स्ट्रा इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, ताकि आम लोग उसे आसानी से भर सकें।
2. रक्षा बजट: 15% बढ़ा, फोर्सेस के आधुनिकीकरण पर 22% ज्यादा खर्च

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले बजट में सीतारमण ने जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों की बात कही और देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ किया। यानी कुल डिफेंस बजट में 15.2% की बढ़ोतरी हुई है।
डिफेंस बजट की खास बात यह है कि इसमें हथियार खरीदी और आधुनिकीकरण पर पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस साल ₹2.19 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह पूंजीगत खर्च में सीधी 22% की बढ़ोतरी है।
विमान और एयरो इंजन डेवलपमेंट के लिए ₹64 हजार करोड़ और नौसेना बेड़े के लिए ₹25 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं। पेंशन के लिए ₹1.71 लाख करोड़ अलग रखे गए हैं।
3. स्वास्थ्य: कैंसर की दवाओं से कस्टम ड्यूटी हटेगी, इलाज सस्ता होगा कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। ये एडवांस कैंसर की इंपोर्ट होने वाली दवाएं हैं। अभी 5% कस्टम ड्यूटी लगती थी। हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री कर दी गई हैं।
4. गर्ल्स एजुकेशन: 789 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल, हर जिले में एक हॉस्टल देश में 789 जिले हैं। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। गर्ल स्टूडेंट्स के लिए STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
5. महिलाएं: लखपति दीदी मॉडल पर रोजगार और आय बढ़ाने की स्कीम लखपति दीदी की तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए SHE-मार्ट (शी-मार्ट) बनाए जाएंगे। इन दुकानों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के समुदाय ही चलाएंगे। यहां महिलाओं के बनाए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय उत्पाद सीधे बेचे जाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को अपने कारोबार पर मालिकाना हक मिलेगा।
6. आयुर्वेद: भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी बजट में 3 आयुर्वेदिक एम्स बनाने का ऐलान किया गया है। आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाई जाएंगी। भारत को ग्लोबल लेवल पर बायोफार्मा प्रोडक्ट के उत्पादन का हब बनाया जाएगा। अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार होंगे। इसके लिए ₹10,000 करोड़ के निवेश करने की बात कही गई है।

7. ग्रीन एनर्जी: बैटरी बनाने की मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ी सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है। अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल सस्ते होंगे। वहीं, सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा।
8. खनिज: रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाया जाएगा केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले। रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मोटर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।
9. खेती और पशु-मछली पालन: आय और रोजगार के मौके बढ़ाने पर फोकस नारियल प्रोत्साहन योजना से करीब 3 करोड़ लोगों को जोड़ा जाएगा। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों का विकास किया जाएगा। पशुपालन के क्षेत्र में नए व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि ज्यादा लोगों के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर बनें। राज्यों के साथ मिलकर भारतीय चंदन उद्योग तंत्र को फिर से स्थापित किया जाएगा। काजू-कोको को 2030 तक दुनिया में पहचान दिलाने का टारगेट है।
10. हैंडलूम: नेशनल फाइबर स्कीम, खादी को प्रोत्साहन नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद देने की तैयारी है। मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। मैन मेड फाइबर का उत्पादन बढ़ेगा। एडवांस्ड फाइबर के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन का सिस्टम तैयार किया जाएगा। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन के तहत खादी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग पर जोर होगा। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जाएगा।
11. रेल-जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर: 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ये मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच बनेंगे। अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनेंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

12. पर्यटन: 20 टूरिस्ट प्लेस पर 10 हजार गाइड्स ट्रेंड किए जाएंगे 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10,हजार गाइड्स को ट्रेंनिंग दी जाएगी। इसके लिए पायलट योजना शुरू की जाएगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरणीय रूप से ऐसे रास्ते बनाए जाएंगे जो ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए आसान हों।
13. विदेश खर्च पर TCS राहत 2026-27 में विदेश पैसा भेजने (LRS) पर लगने वाले TCS (टैक्स कलेक्टेड एड सोर्स) को कम करने का ऐलान किया है। अब विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए साल में 10 लाख रुपए से ज्यादा भेजे तो TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
14. 500 कॉलेजों और 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बजट में डिजिटल शिक्षा और क्रिएटिव स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए 500 कॉलेजों और 15,000 सेकेंडरी स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने की घोषणा की गई है। इन लैब्स में छात्रों को वीडियो, पॉडकास्ट, एआई-आधारित कंटेंट और डिजिटल मीडिया टूल्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो सकें।

15. टियर-2 और टियर-3 शहरों पर बड़ा निवेश 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के समग्र विकास के लिए ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत खर्च का ऐलान किया गया है। इस राशि का उपयोग शहरी बुनियादी ढांचे, आवास, परिवहन, जल-निकासी और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा, ताकि महानगरों पर दबाव कम हो और संतुलित शहरी विकास हो सके।
16. सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 भारत में चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और टेक इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी।
17. स्वास्थ्य सेक्टर के लिए मानव संसाधन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1 लाख नए अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल को ट्रेंड किया जाएगा। इससे अस्पतालों और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता बढ़ेगी।
18. वित्तीय अनुशासन पर जोर सरकार ने राजकोषीय घाटा GDP के 4.3% तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया, ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे और निवेशकों का भरोसा मजबूत हो।
19. मोटर दुर्घटना क्लेम पर मिलने वाला ब्याज अब टैक्स-फ्री होगा मोटर दुर्घटना क्लेम के मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज पर अब टीडीएस नहीं कटेगा। अभी 10% टीडीएस काटा जाता था, जिससे पीड़ितों को दिक्कत होती थी। सरकार का कहना है कि यह ब्याज पीड़ितों को राहत देने के लिए होता है, इसलिए इसे पूरी तरह टैक्स-फ्री किया गया है।
20. स्टॉक एक्सचेंज से खरीदी SGB पर टैक्स छूट खत्म
अब स्टॉक एक्सचेंज (स्टॉक एक्सचेंज) से खरीदे गए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी। पहले मैच्योरिटी पर रिडेम्पशन से मिलने वाले मुनाफे पर टैक्स नहीं लगता था, लेकिन सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए SGB पर यह छूट अब खत्म कर दी गई है। सरकार के अनुसार यह फैसला टैक्स समानता (tax parity) लाने और टैक्स नियमों को स्पष्ट करने के लिए किया गया है।
केंद्र के बजय में राज्यों को क्या मिला
राजस्थान
- राजस्थान में 41 जिले हैं। इस तरह केंद्र की योजना के तहत राजस्थान में 41 गर्ल्स हॉस्टल खोले जाएंगे। केंद्रीय करों (टैक्स) से हिस्सेदारी के तौर पर 90 हजार 445 करोड़ रुपए मिलेंगे। राजस्थान को इस बार केंद्रीय करों से पिछले बजट की तुलना में ₹6505.40 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे।
उत्तर प्रदेश
- 500 KM के 2 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और शिप मरम्मत सेंटर के अलावा घोषित तौर पर कुछ खास नहीं मिला। पहला कॉरिडोर दिल्ली से वाराणसी के बीच होगा। दूसरा वाराणसी से सिलीगुड़ी (प.बंगाल) के बीच बनेगा। बजट में काशी पर खास फोकस किया गया है। जहां काशी से दो कॉरिडोर शुरू होंगे। वहीं पोर्ट भी बनाया जाएगा।
बिहार
- पटना में विशेष शिप रिपेयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। 8 शहरों को विकास के लिए अतिरिक्त फंड दिया जाएगा। इससे पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, बेगूसराय, नालंदा, पूर्णिया और गया को फायदा होगा।
गुजरात
- केंद्र की योजनाओं से राज्य को इनडायरेक्ट फायदा मिलेगा। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, रेयर अर्थ कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल नेटवर्क, ₹12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स निवेश और राष्ट्रीय जलमार्ग विस्तार से गुजरात के उद्योग, लॉजिस्टिक्स, टेक और पोर्ट-आधारित इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य, डिजिटल स्किल्स, महिला उद्यमिता और कृषि-संबद्ध योजनाएं गुजरात के शहरी और ग्रामीण विकास को गति देंगी।
मध्य प्रदेश
- केंद्र की योजनाओं से राज्य को इनडायरेक्ट फायदा मिलेगा। भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए ₹10 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें से कुछ हिस्सा मध्य प्रदेश के पीथमपुर में बन रहे फार्मा हब को भी मिलेगा।
- केंद्रीय टैक्स से हिस्सेदारी के तौर पर एमपी को ₹1.12 लाख करोड़ मिलेंगे। ये पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले ₹7500 करोड़ कम हैं। साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट के लिए करीब ₹2 हजार करोड़ मिलेंगे।
- एमपी सरकार ने साल 2026 को किसान कल्याण वर्ष के तौर पर घोषित किया है। केंद्रीय बजट में किसानों की आय बढ़ाने के संबंध में जो प्रावधान किए गए हैं, उनको मध्य प्रदेश में भी लागू किया जाएगा।
- केंद्रीय बजट में हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की घोषणा की गई है। एमपी के 55 जिलों में भी ये हॉस्टल खुलेंगे। MP के 10 शहर टियर 2 और टियर 3 श्रेणी में आते हैं। केंद्र के विकास पैकेज का इनको फायदा मिलेगा।
सरकार की कमाई, कर्ज और घाटे का पूरा हिसाब
कुल कर्ज को GDP के 50% तक लाने का टारगेट सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030-31 तक देश का कुल कर्ज, जीडीपी के 50% (±1) के बराबर लाया जाए। 2025-26 में यह कर्ज 56.1% था, जो अब 2026-27 में घटकर 55.6% रहने का अनुमान है। यह कर्ज कम होगा तो सरकार को ब्याज कम देना पड़ेगा, जिससे वो पैसा स्कूल, अस्पताल और सड़कों पर खर्च हो सकेगा।

राजकोषीय घाटा GDP के 4.5% से नीचे आया राजकोषीय घाटा मतलब सरकार की कमाई और खर्च के बीच का अंतर। सरकार ने कहा है कि वह घाटे को जीडीपी के 4.5% से नीचे ले आई है। 2025-26 में यह घाटा 4.4% रहा, और अगले साल (2026-27) के लिए इसे और घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य है।

पिछले साल कमाई ₹34 लाख करोड़, खर्च ₹49.6 लाख करोड़ सरकार की कुल कमाई ₹34 लाख करोड़ रही। इसमें से ₹26.7 लाख करोड़ टैक्स से आए। वहीं कुल खर्च ₹49.6 लाख करोड़ रहा। पूंजीगत खर्च यानी लगभग ₹11 लाख करोड़ नए ब्रिज, हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में खर्च हुआ।

अगले साल कुल कमाई ₹36.5 लाख करोड़ रहने का अनुमान सरकार ने ₹36.5 लाख करोड़ कुल कमाई का अनुमान है। जिसमें टैक्स से ₹28.7 लाख करोड़ आएंगे। वहीं लगभग ₹53.5 लाख करोड़ कुल खर्च रहने का अनुमान है। खर्च कमाई से ज्यादा है, इसलिए सरकार बाजार से ₹11.7 लाख करोड़ का उधार लेगी। बाकी पैसा छोटी बचत योजनाओं से आएगा।



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