Bhilwara Mother Murders Two Children Brutally


11 जनवरी को भीलवाड़ा के मांडलगढ़ इलाके में हुई दो बच्चों की हत्या ने सबको चौंका दिया था। मासूमों की हत्या का आरोप उनकी मां पर ही है।

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इतना कहते-कहते 38 साल के राजू की आंखें फिर छलक उठती हैं। किसी तरह खुद को संभालते हैं और कहते हैं- ये घटना मेरी समझ से परे है। मुझे यकीन नहीं हो रहा। एक मां इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है।

भीलवाड़ा के मांडलगढ़ इलाके के मानपुरा गांव में 11 जनवरी को कुछ ऐसा हुआ, जिसपर किसी को यकीन नहीं होता। आरोप है कि संजू (राजू की पत्नी) ने अपनी 11 साल की बेटी नेहा और 7 साल के बेटे भैरू की जान ले ली। पहले रस्सी से गला घोंटा, फिर टेंट गाड़ने वाली कील से उनके गले और पेट पर तब तक वार किए।

कुछ घाव तो ऐसे थे, जो गले से आर-पार हो चुके थे। कुछ घाव बॉडी में डेढ़ से 2 इंच की गहराई तक चले गए थे। लहूलुहान बच्चे मां के सामने 15 से 20 मिनट तक तड़पते रहे, इसके बाद दम तोड़ा।

उस दिन हुआ क्या था, पढ़िए पति राजू की जुबानी… आम दिनों की तरह ही 11 जनवरी की सुबह भी मेरे लिए सामान्य थी। नेहा और भैरू दोनों बच्चे सो रहे थे। मुझे और मेरे पिताजी को मार्केट में टेंट लगाने जाना था। हम जल्दी निकलने की तैयारी में थे।

पिताजी ने खाना खाया उसके बाद मैंने और मेरी पत्नी संजू ने साथ में खाना खाया था। वह बिल्कुल नाॅर्मल थी। उसके हाव-भाव से कहीं ऐसा नहीं लग रहा था कि वो तनाव में है।

पिता की बात सुन मेरे तो होश उड़ गए मैं घर से सुबह 9:30 बजे निकला था। करीब 2 घंटे बीते होंगे। 11:23 बजे मेरे पिता का मोबाइल बजा। उन्होंने कॉल उठाया। कुछ देर तक तो पिता को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। वो मेरे पास भागे-भागे आए। उन्होंने जो कुछ मुझसे कहा, वह मेरे होश उड़ाने के लिए काफी थे।

पिता को संजू ने फोन किया था। उसने पिता को बताया था कि दोनों बच्चों को मार दिया है। खुद भी अपनी जान दे रही है। संजू ने पिता से कहा था- मुझे कैंसर है, इसका कोई इलाज नहीं है।

मेरे बच्चों का कोई ध्यान नहीं रख सकता इसलिए उन्हें मार दिया और मैं भी मर रही हूं।

मैंने फौरन खुद को संभाला और पड़ोसियों को कॉल किया। मैंने उन्हें अपने घर जाने के लिए बोला। फोन काटते ही मैंने अपनी बाइक घर की तरफ दौड़ा दी।

16 जनवरी को अपने ही बच्चों की हत्या की आरोपी मां संजू को पुलिस मौका मुआयना करवाने उसके घर ले गई थी। आरोप है कि यहीं पर उसने अपने दोनों बच्चों की हत्या की है।

16 जनवरी को अपने ही बच्चों की हत्या की आरोपी मां संजू को पुलिस मौका मुआयना करवाने उसके घर ले गई थी। आरोप है कि यहीं पर उसने अपने दोनों बच्चों की हत्या की है।

सबसे बुरा मेरे बच्चों के साथ हुआ मैं (राजू) घर पहुंचा। घर के बाहर काफी भीड़ थी। अंदर लहूलुहान बच्चे पड़े थे। मेरा तो पूरा परिवार खत्म हो गया। संजू को अगर कोई समस्या थी तो वो मुझे बता देती। मेरे पिताजी को बताती या अपने परिवार में किसी को बता देती, लेकिन उसने किसी से कुछ नहीं कहा। उसने खुद के साथ गलत किया। मेरे साथ गलत किया और मेरे दोनों मासूम बच्चे, जिन्होंने दुनिया देखी भी नहीं थी, उनके साथ गलत किया।

वह बच्चों को कितना प्यार करती थी, उन्हीं पर रील बनाती थी। वह बच्चों को अपने पास ही सुलाती थी।

मुझे तो अब भी यकीन नहीं आता कि जो मां अपने बच्चों को अपने हाथों से खाना खिलाती हो, अपने हाथों से तैयार करके स्कूल भेजती हो, वही मां भला उन मासूमों की जान कैसे ले सकती है।

मैंने उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करवाया है। कानून अपना काम करे, लेकिन अब मैं उसके साथ नहीं रहूंगा। क्या पता वो मुझे भी मार डाले।

11 जनवरी को संजू ने अपने दोनों बच्चों की हत्या कर देने की सूचना फोन पर दी थी। इतना सुनते ही पति राजू घर की ओर भागे। घर के बाहर भीड़ लगी थी।

11 जनवरी को संजू ने अपने दोनों बच्चों की हत्या कर देने की सूचना फोन पर दी थी। इतना सुनते ही पति राजू घर की ओर भागे। घर के बाहर भीड़ लगी थी।

बच्चों को मारने का पैटर्न एक जैसा था एफएसएल टीम के अनुसार, दोनों बच्चों को मारने का पैटर्न एक जैसा था। बच्चों के गले और पेट पर 8 से 10 घाव थे। बच्चों पर कील से वार करने से पहले गला घोंटा गया था।

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