चित्तौड़गढ़ में प्रॉपर्टी विवाद में हिंसा, फायरिंग से युवक घायल:आराधना होटल के सुरक्षा गार्ड चलाई गोली, 9 लोगों को शांतिभंग में किया गिरफ्तार
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चित्तौड़गढ़ शहर में जिला हॉस्पिटल के सामने स्थित आराधना होटल के बाहर शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रॉपर्टी विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया। इस झगड़े में एक ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, वहीं उसे बचाने के दौरान होटल मालिक के सुरक्षा गार्ड ने फायरिंग कर दी, जिसमें एक युवक को गोली लग गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। दोनों घायलों को तुरंत जिला हॉस्पिटल लाया गया, जहां से गोली लगने वाले घायल को उदयपुर रेफर किया गया। पिता-पुत्र के बीच संपत्ति बंटवारे का विवाद एडिशनल एसपी सरिता सिंह ने बताया कि आराधना होटल के मालिक भंवर सिंह नरधारी और उनके बेटे वी.पी. सिंह के बीच लंबे समय से संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। शनिवार रात वी.पी. सिंह अपने साथियों दीपक काटां और राजकुमार जायसवाल के साथ होटल पहुंचा। वहां होटल में काम करने वाले माधु मेघवाल, पीरु मेघवाल और चमकोर सिंह के साथ कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान होटल में तोड़फोड़ भी की गई और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। धारदार हथियार से हमला, ड्राइवर गंभीर घायल झगड़े के दौरान वी.पी. सिंह ने कथित तौर पर धारदार हथियार से चमकोर सिंह के सिर पर वार कर दिया। हमले में चमकोर सिंह बुरी तरह घायल हो गया और मौके पर ही खून बहने लगा। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए तुरंत सांवरिया हॉस्पिटल ले जाया गया। बाद में डॉक्टरों ने उसके सिर में करीब 10 टांके लगाए और उसे भर्ती किया गया। सुरक्षा गार्ड की फायरिंग, जांघ में लगी गोली स्थिति बिगड़ती देख होटल मालिक भंवर सिंह के सुरक्षा कर्मी यादेवेन्द सिंह सरदार ने हस्तक्षेप किया। उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से वी.पी. सिंह पर फायरिंग कर दी। गोली वी.पी. सिंह की जांघ के आर-पार निकल गई, जिससे वह भी घायल हो गया। दोनों घायलों को इलाज के लिए पहले सांवरिया हॉस्पिटल ले जाया गया। बाद में गोली लगने से घायल वी.पी. सिंह को जिला हॉस्पिटल लाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। उसके साथ सुरक्षा जाप्ता भी भेजा गया। हॉस्पिटल में हंगामा, 9 लोग हिरासत में घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह, सीओ शहर बृजेश सिंह, ग्रामीण सीओ दिनेश सुखवाल, कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम, सदर थाना प्रभारी प्रेम सिंह सहित पुलिस जाप्ता अस्पताल पहुंचा। हॉस्पिटल के बाहर दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ने लगे, जिससे फिर से तनाव की स्थिति बन गई। शांति भंग की आशंका को देखते हुए पुलिस ने भंवर सिंह नरधारी, देवेन्द्र सिंह, रणविजय सिंह, मोहम्मद जिशान, माधु मेघवाल, पीरु मेघवाल, दीपक काटां, राजकुमार जायसवाल और यादेवेन्द सिंह सहित कुल 9 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस जांच जारी, दोनों पक्षों से रिपोर्ट ली जाएगी एडिशनल एसपी सरिता सिंह ने बताया कि फायरिंग करने वाला सुरक्षा गार्ड पूर्व सैनिक है और वह करीब 17 साल तक आर्मी में सेवा दे चुका है। सुरक्षा गार्ड का कहना है कि उसने यह फायरिंग केवल बचाव में की, क्योंकि अगर वह गोली नहीं चलाता तो चमकोर सिंह और उसकी जान जा सकती थी। उसका दावा है कि आर्मी में अनुभव होने के कारण उसने जान को खतरा न हो, इस तरह से गोली चलाई। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से रिपोर्ट ली जाएगी। पूरे मामले की जांच हो रही है और आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी। फिलहाल उदयपुर हॉस्पिटल में युवक स्वस्थ बताया जा रहा है।
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