PM Narendra Modi CSPOC 2026 Speech Update; Samvidhan Sadan


नई दिल्ली5 मिनट पहले

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संसद परिसर में 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सम्मेलन का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कार्यक्रम संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में होगा। यह सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक चलेगा।

पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहुंच गए हैं। नामीबिया के डिप्टी स्पीकर और मॉन्टसेराट का प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन स्थल पर पहुंच चुका है।

सम्मेलन की कमान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संभाल रहे हैं। इसमें कॉमनवेल्थ के 42 देशों से 61 स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर पहुंचे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर पहुंचे।

नामीबिया के डिप्टी स्पीकर और मॉन्टसेराट का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंच चुका है।

नामीबिया के डिप्टी स्पीकर और मॉन्टसेराट का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंच चुका है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मौके पर पहुंच चुके हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मौके पर पहुंच चुके हैं।

संसद से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा

CSPOC में संसद से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा होगी। मकसद लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और संसद के कामकाज को बेहतर बनाना है। चर्चा में स्पीकर्स की भूमिका, संसद में तकनीक का इस्तेमाल और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषय शामिल होंगे।

AI, सोशल मीडिया और नागरिक भागीदारी पर सत्र

सम्मेलन के प्रमुख सत्रों में मलेशिया की अगुवाई में “संसद में AI: नई तकनीक और निगरानी के बीच संतुलन”, श्रीलंका की ओर से “सांसदों पर सोशल मीडिया का असर” और नाइजीरिया व दक्षिण अफ्रीका के साथ “मतदान से आगे नागरिक भागीदारी बढ़ाने के तरीके” पर चर्चा होगी।

अन्य सत्रों में सांसदों और संसदीय कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही संसद की भूमिका को मजबूत करने पर एक विशेष पूर्ण सत्र भी रखा गया है।

14 से 16 जनवरी तक चलेगा सम्मेलन

सम्मेलन से पहले बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी। 28वां CSPOC सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक भारतीय संसद की मेजबानी में हो रहा है। भागीदारी के लिहाज से इसे अब तक का सबसे बड़ा CSPOC सम्मेलन बताया जा रहा है।

ज्यादातर काम ऑनलाइन, कागज का इस्तेमाल नहीं

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओम बिरला ने कहा था कि सम्मेलन में साझा संसदीय मूल्यों, लोकतांत्रिक शासन और सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन से जुड़ा ज्यादातर काम ऑनलाइन हुआ है और कागज का इस्तेमाल नहीं किया गया।

पाकिस्तान शामिल नहीं, बांग्लादेश में स्पीकर नहीं

सवालों के जवाब में ओम बिरला ने बताया कि पाकिस्तान इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहा है। वहीं, बांग्लादेश में इस समय स्पीकर का पद खाली है और वहां अगले महीने आम चुनाव होने हैं।

CSPOC का पिछला यानी 27वां सम्मेलन जनवरी 2024 में युगांडा में हुआ था। इस बार 28वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है।

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